Latest News
दिल्ली के छत्तीसगढ़ सदन में बड़ी बैठक: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मिला सर्व आदिवासी समाज का प्रतिनिधिमंडल, केदार कश्यप रहे मौजूद एवरेस्ट विजेता अमिता श्रीवास के स्वास्थ्य को लेकर राज्य सरकार गंभीर; मुख्यमंत्री साय बोले— ‘बिटिया के बेहतर इलाज के लिए सरकार पूरी तरह मुस्तैद’ हसदेव बांगो के विस्थापितों का बुका में ‘महाजुतान’: डॉ. चरणदास महंत बोले- आदिवासियों का हक नहीं मिला तो जाएंगे हाईकोर्ट कटघोरा में भीषण सड़क हादसा: तेज रफ्तार पिकअप ने बाइक को मारी टक्कर, प्रतिष्ठित हार्डवेयर व्यापारी की मौत भिलाई: मारुति सुजुकी शोरूम में भारी हंगामा, महिला कर्मचारियों ने CEO पर फेंकी स्याही, की पिटाई छत्तीसगढ़: थाने में आरोपियों को ‘चाय पार्टी’ कराना पड़ा भारी, दो पुलिसकर्मी तत्काल प्रभाव से सस्पेंड
Home » कोरबा » भीषण गर्मी के बीच त्राहि-त्राहि, कटघोरा में फूटा वार्डवासियों का गुस्सा

भीषण गर्मी के बीच त्राहि-त्राहि, कटघोरा में फूटा वार्डवासियों का गुस्सा

Share:

कोरबा 24 मई। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में भीषण गर्मी के बीच पानी और बिजली का संकट गहराता जा रहा है। कटघोरा के रहमानिया नगर वार्ड में पिछले सात दिनों से पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद है, जिसने स्थानीय निवासियों की मुश्किलों को चरम पर पहुंचा दिया है। रही-सही कसर लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती ने पूरी कर दी है, जिससे पूरे क्षेत्र में हाहाकार मचा हुआ है।

Advt

नगर पालिका का घेराव, अध्यक्ष ने दी चेतावनी

पानी और बिजली की गंभीर किल्लत से परेशान रहमानिया नगर के आक्रोशित निवासियों ने शुक्रवार को नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। वार्डवासियों का कहना था कि इस भीषण तपिश में बिना पानी और बिजली के जीवन बिताना मुहाल हो गया है।

जनता के गुस्से को देखते हुए कटघोरा नगर पंचायत अध्यक्ष राज जायसवाल ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश देते हुए वार्डवासियों को आश्वस्त किया कि शाम से ही पानी की सप्लाई बहाल कर दी जाएगी।

कई बस्तियों में अंधेरा और सूखा, आंदोलन की चेतावनी

पानी-बिजली का यह संकट केवल एक वार्ड तक सीमित नहीं है। कटघोरा के अलावा शहर के मुड़ापार, अमरिया पारा, एसईसीएल रामनगर और बुधवारी समेत कई बस्तियां इस दोहरे संकट से जूझ रही हैं।

शहरी क्षेत्रों में चरमराती बिजली व्यवस्था को लेकर पूर्व एमआईसी (MIC) सदस्य दिनेश सोनी और पूर्व पार्षद महेश अग्रवाल ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली-पानी की व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

बेपटरी हुई पढ़ाई और कारोबार, रातों की उड़ी नींद

लगातार हो रही बिजली कटौती का चौतरफा असर देखने को मिल रहा है:

  • छात्र परेशान: परीक्षाओं और पढ़ाई के इस दौर में बार-बार बिजली गुल होने से छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है।

  • व्यापार ठप: लंबे पावर कट के कारण दुकानों और दफ्तरों के इनवर्टर भी जवाब दे रहे हैं, जिससे छोटे-बड़े व्यापारियों का कारोबार पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।

  • बुजुर्ग और बीमार बेहाल: उमस और गर्मी के कारण बुजुर्गों तथा मरीजों की तबीयत बिगड़ रही है। रात भर बिजली न रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे लोग सो भी नहीं पा रहे हैं।

राजनीति गरमाई: कांग्रेस ने स्मार्ट मीटर और मेंटेनेंस पर उठाए सवाल

इस संकट को लेकर अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गए हैं। ग्रामीण कांग्रेस जिला अध्यक्ष मनोज चौहान ने बिजली विभाग पर सीधा निशाना साधते हुए लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि विभाग मेंटेनेंस के नाम पर रोजाना घंटों कटौती कर रहा है, लेकिन धरातल पर व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही।

इसके साथ ही उन्होंने स्मार्ट मीटर योजना को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि एक तरफ उपभोक्ताओं से भारी-भरकम बिल वसूले जा रहे हैं, और दूसरी तरफ ग्रामीण व शहरी इलाकों में अघोषित बिजली कटौती का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है।

📍

Leave a Comment