क्या है पूरा मामला?
बिलासपुर 24 मई: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। यहाँ अवैध कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय पुलिसकर्मी उनके साथ ‘चाय की चुस्कियां’ लेते नजर आए। इस गंभीर लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए बिलासपुर के पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल निलंबन (लाइन हाजिर) की कार्रवाई का आदेश जारी कर दिया है।
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कोनी थाने का है वाकया
मिली जानकारी के अनुसार, बिलासपुर जिले में अवैध रूप से संचालित कबाड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी कड़ी में कोनी थाना पुलिस ने क्षेत्र में अवैध कबाड़ का व्यवसाय करने वाले दो आरोपियों को पकड़कर थाने लाया था।
लेकिन थाने के भीतर का नजारा इसके बिल्कुल उलट था। आरोपियों को हवालात में डालने या सख्त पूछताछ करने के बजाय, वे थाने के प्रधान आरक्षक (मोहर्रिर) और उनके मददगार आरक्षक के सामने बैठकर आराम से चाय पीते हुए पाए गए।
“लापरवाही अक्षम्य है” – DIG/SSP बिलासपुर
इस घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे बेहद गंभीरता से लिया। जारी आधिकारिक आदेश में स्पष्ट कहा गया है:
“यह कृत्य अपराधियों के विरुद्ध की जा रही कड़ी कार्रवाई को कमजोर दिखाता है और इस तरीके की लापरवाही अक्षम्य (माफ न करने योग्य) है।”
इन पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
कर्तव्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता बरतने के आरोप में निम्नलिखित पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से कोनी थाने से हटाकर रक्षित केंद्र (पुलिस लाइन), बिलासपुर संबद्ध कर दिया गया है:
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प्र.आरक्षक 814 बालेश्वर तिवारी (प्रधान आरक्षक / मोहर्रिर)
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आरक्षक 1263 अनुज जांगड़े (मददगार आरक्षक)
यह आदेश आज दिनांक 24 मई, 2026 को पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जिला-बिलासपुर द्वारा जारी किया गया है, जिसकी प्रतिलिपि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दी गई है। इस कार्रवाई से जिले के बाकी थानों में भी हड़कंप मच गया है।
आदेश

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