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कोरबा में मासूम से दरिंदगी पर फूटा जनसैलाब, जनता बोली— “फांसी से कम कुछ मंजूर नहीं!” रायपुर मेडिकल कॉलेज में MBBS छात्रों से हॉस्टल और मेस शुल्क की जबरन वसूली पर नोटिस जारी, 7 दिनों में मांगा स्पष्टीकरण एशियन पैरा गेम्स में चमका छत्तीसगढ़: तोमन कुमार और शीतल देवी ने पैरा तीरंदाजी में जीता स्वर्ण पदक बस्तर दशहरा में राष्ट्रपति मुर्मु: विश्वप्रसिद्ध परंपराओं और जनजातीय संस्कृति की सराहना, माँझियों और चालकियों का मानदेय बढ़ा उत्तर प्रदेश एमएलसी चुनाव: सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल का छलका दर्द, अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप और धर्म परिवर्तन की चेतावनी राहुल गांधी की बढ़ती लोकप्रियता से घबराई बीजेपी, इसलिए कर रही नीचा दिखाने की कोशिश: शशि थरूर

कोरबा में मासूम से दरिंदगी पर फूटा जनसैलाब, जनता बोली— “फांसी से कम कुछ मंजूर नहीं!”

कोरबा 24/10/2026 छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के रजगामार में 7 साल की मासूम  के साथ हुई अमानवीय और घृणित दरिंदगी ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। आरोपी अजय उर्फ अमित चौहान (42 वर्ष) की गिरफ्तारी के बाद भी जनता का खून खौल रहा है। लोगों का गुस्सा इस कदर सातवें आसमान पर है कि कानून और न्याय की लंबी प्रक्रियाओं से मोहभंग हो चुका है। अब जनता की जुबान पर सिर्फ एक ही बात है— “ऐसे राक्षसों के लिए कोर्ट-कचहरी नहीं, सीधा मौत का फंदा या बीच चौराहे पर सजा!” वकीलों का फूटा गुस्सा आरोपी को जब पुलिस ने न्यायालय में पेश किया, तो वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा। वकीलों ने साफ कर दिया है कि इसशीघ्रता और हैवानियत के सौदागर का कोई भी वकील केस नहीं लड़ेगा। वकीलों ने कोर्ट परिसर में ही आरोपी की जमकर धुनाई कर दी, जो जनता के गुस्से का साफ सबूत है। वहीं, कांग्रेस ने कैंडल मार्च निकालकर मासूम भव्या को श्रद्धांजलि दी और पीड़ित परिवार के लिए 50 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की हुंकार भरी है। “लंबी कानूनी प्रक्रिया नहीं, मौके पर मिले सजा!” इस जघन्य घटना ने हर माता-पिता की रूह कंपा दी है। बेटियों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में गहरी दहशत और आक्रोश है। जनता अब सिर्फ फांसी की सजा से संतुष्ट होने वाली नहीं है। आम जनता में सुलग रहे गुस्से की आग इतनी तेज है कि लोग खुलेआम कह रहे हैं— “ऐसी वारदातों के लिए लंबी अदबारी तारीखों की क्या जरूरत?” “ऐसे दरिंदों को बीच चौराहे पर खड़ा कर जिंदा जला देना चाहिए!” यह तीखी प्रतिक्रियाएं उस असहनीय दर्द और चीख का नतीजा हैं, जो उस मासूम ने झेली होगी और आज उसका परिवार भोग रहा है। इंसाफ की मांग: स्पीडी ट्रायल और मिसाल बनने वाली सजा भले ही कानूनी और न्यायिक प्रक्रिया के तहत आरोपी को सजा मिलनी तय है, लेकिन अब जनता का सब्र जवाब दे चुका है। लोगों की सख्त अपेक्षा है कि पुलिस और न्यायपालिका इस केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाए। दोषियों को ऐसी खौफनाक और त्वरित सजा दी जाए, जो देश के हर एक दरिंदे की रूह कंपा दे और भविष्य में ऐसी नापाक हरकत करने से पहले हरशीघ्रता अपराधी कांप उठे!

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रेलवे काउंटर टिकट यात्रियों को भी मिलेगा सफर के दौरान बीमा का फायदा, सुप्रीम कोर्ट का रेलवे बोर्ड को सख्त अल्टीमेटम

नई दिल्ली 18 अक्टूबर 2026 Railway Travel Insurance: भारतीय रेलवे के अनारक्षित और काउंटर टिकट से यात्रा करने वाले करोड़ों आम यात्रियों के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सामने आया

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कोरबा में मासूम से दरिंदगी पर फूटा जनसैलाब, जनता बोली— “फांसी से कम कुछ मंजूर नहीं!”

कोरबा 24/10/2026 छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के रजगामार में 7 साल की मासूम  के साथ हुई अमानवीय और घृणित दरिंदगी ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। आरोपी अजय उर्फ

राहुल गांधी की बढ़ती लोकप्रियता से घबराई बीजेपी, इसलिए कर रही नीचा दिखाने की कोशिश: शशि थरूर

नई दिल्ली 23 अक्टूबर  2026:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कसे गए तंज का कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने करारा जवाब दिया है। हाल ही

राजनीति

उत्तर प्रदेश एमएलसी चुनाव: सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल का छलका दर्द, अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप और धर्म परिवर्तन की चेतावनी

आगरा 23 अक्टूबर 2026 : उत्तर प्रदेश में शिक्षक और स्नातक एमएलसी

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उत्तर प्रदेश एमएलसी चुनाव: सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल का छलका दर्द, अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप और धर्म परिवर्तन की चेतावनी

आगरा 23 अक्टूबर 2026 : उत्तर प्रदेश में शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव के दौरान कई जगहों पर भारी हंगामा और बवाल देखने को मिला। आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रत्याशी आकाश अग्रवाल मीडिया के सामने ही रो पड़े। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों पर सत्ताधारी दल (भाजपा) की मदद करने और उन्हें व उनके समर्थकों को प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया। प्रेस वार्ता के दौरान सपा प्रत्याशी ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव में व्यापक स्तर पर धांधली और बूथ कैप्चरिंग हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव अधिकारियों के इशारे पर उनके प्रबंधकों और समर्थकों को लगातार परेशान किया जा रहा है और डराया-धमकाया जा रहा है। “मैं पाकिस्तान से आया आतंकवादी नहीं” आकाश अग्रवाल ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि उनके समर्थकों और प्रबंधकों को 12 जिलों में जहां चाहा, वहां उठाया गया। उन्होंने कहा, “मुझे ऐसा महसूस होने लगा है कि मैं पाकिस्तान से आया हुआ कोई आतंकवादी हूं। यदि सरकार पहले ही बता देती कि हमारे लोगों के साथ इस तरह की ज्यादती की जाएगी, तो हम चुनाव ही नहीं लड़ते।” उन्होंने आशंका जताई कि उन्हें फर्जी मामलों में भी फंसाया जा सकता है। धर्म परिवर्तन की चेतावनी प्रशासन और व्यवस्था से क्षुब्ध होकर सपा प्रत्याशी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि वह सनातन धर्म छोड़कर अगले महीने लखनऊ की शाही ईदगाह में जाकर धर्म परिवर्तन कर सकते हैं। हालांकि, पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने यह भी कहा कि वह बौद्ध धर्म अपनाने या गौतम बुद्ध के मार्ग पर चलने के बारे में भी अपने परिवार और साथियों के साथ विचार कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मकसद सिर्फ इतना है कि सरकार तक यह संदेश पहुंचे कि उनके द्वारा की जा रही कार्रवाई पूरी तरह गलत है।

राहुल गांधी की बढ़ती लोकप्रियता से घबराई बीजेपी, इसलिए कर रही नीचा दिखाने की कोशिश: शशि थरूर

नई दिल्ली 23 अक्टूबर  2026:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कसे गए तंज का कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने करारा जवाब दिया है। हाल ही में पीएम मोदी ने राहुल गांधी की बार-बार की जा रही राजनीतिक री-लॉन्चिंग की तुलना श्रीहरिकोटा से होने वाले रॉकेट लॉन्च से करते हुए निशाना साधा था। इस पर पलटवार करते हुए शशि थरूर ने कहा कि बीजेपी राहुल गांधी को लगातार इसलिए नीचा दिखाने का प्रयास कर रही है क्योंकि वह उनकी लगातार बढ़ती लोकप्रियता से घबरा गई है। एनडीटीवी के एक कार्यक्रम में बोलते हुए थरूर ने बीजेपी के इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया कि राहुल गांधी एक गंभीर नेता नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में राहुल गांधी ने देश के युवाओं के भीतर नया उत्साह और ऊर्जा भरी है। बीजेपी को उन्हें नजरअंदाज करने के बजाय इस बदलाव को स्वीकार करना चाहिए। ‘कांग्रेस में मजबूत है आंतरिक लोकतंत्र’ प्रधानमंत्री मोदी के उस दावे पर भी थरूर ने जवाब दिया जिसमें पीएम ने कहा था कि नेहरू-गांधी परिवार कांग्रेस के लिए बोझ बन चुका है और पार्टी के वरिष्ठ नेता बंद कमरों में इसे स्वीकारते हैं। पीएम के इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए शशि थरूर ने खुद का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि कई मौकों पर पार्टी लाइन से अलग विचार रखने के बावजूद वे आज भी कांग्रेस का एक अहम हिस्सा हैं। वे पार्टी के लिए चुनाव प्रचार करते हैं और विदेश मामलों की संसदीय समिति के अध्यक्ष भी हैं। थरूर ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र बेहद मजबूत है और केवल अलग राय रखने भर से किसी को नजरअंदाज या पार्टी से बाहर नहीं किया जाता।

दलबदलुओं की घर वापसी पर कांग्रेस का कड़ा रुख, अब ‘जिला समिति’ की मंजूरी के बिना नहीं मिलेगी एंट्री

दलबदलुओं की घर वापसी पर कांग्रेस का कड़ा रुख, अब ‘जिला समिति’ की मंजूरी के बिना नहीं मिलेगी एंट्री भोपाल 23 अक्टूबर  2026 मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) छोड़कर वापस कांग्रेस में लौटने की उम्मीद लगाए नेताओं के लिए राह आसान नहीं होगी। कांग्रेस ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बीजेपी में जाने के बाद पार्टी में वापसी चाहने वाले नेताओं को अब सीधे प्रवेश नहीं दिया जाएगा। ‘घर वापसी’ से पहले हर नेता को जिला स्तर पर कड़ी जांच-परख की प्रक्रिया से गुजरना होगा। यानी अब शीर्ष नेतृत्व के बजाय स्थानीय संगठन की सहमति सबसे ज्यादा मायने रखेगी। जिला समन्वय समिति करेगी अंतिम फैसला कांग्रेस की नई रणनीति के तहत, वापसी के इच्छुक नेताओं के आवेदन सबसे पहले जिला समन्वय समिति (District Coordination Committee) के पास भेजे जाएंगे। यह समिति नेता के पुराने राजनीतिक रिकॉर्ड, कांग्रेस छोड़ने के कारणों और अब वापस आने की वजहों की गहराई से समीक्षा करेगी। यदि समिति सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास करती है, तभी मामला भोपाल स्थित प्रदेश मुख्यालय भेजा जाएगा। यदि स्थानीय स्तर पर कोई आपत्ति आती है, तो वापसी का रास्ता बंद हो सकता है। जबलपुर कांग्रेस नगर अध्यक्ष सौरभ ‘नाटी’ शर्मा के अनुसार, किसी भी नेता की वापसी से पहले यह देखा जाएगा कि उसने किन परिस्थितियों में पार्टी छोड़ी थी और अब उसके लौटने का उद्देश्य क्या है। स्थानीय कार्यकर्ताओं को तवज्जो देने का संदेश सूत्रों के मुताबिक, वापसी की राह देख रहे कई नेता फिलहाल खुलकर कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। कांग्रेस का यह कदम दलबदलुओं पर लगाम लगाने के साथ-साथ जमीनी कार्यकर्ताओं और स्थानीय संगठन को तवज्जो देने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी की निगाहें जिला समन्वय समिति की आने वाली बैठकों पर टिकी हैं।

फ्रांस में हिंसा और भारत में प्रदर्शनों के तार जुड़े? भाजपा का राहुल गांधी पर ‘गद्दारी’ और ‘सत्ता परिवर्तन’ की साजिश का आरोप; कांग्रेस का पलटवार

नई दिल्ली 23 अक्टूबर 2026 BJP vs Congress : फ्रांस में हाल ही में हुए दंगों और भारत में निर्वाचन आयोग के खिलाफ हुए विरोध-प्रदर्शनों के बीच कथित संबंधों को लेकर एक मीडिया रिपोर्ट के सामने आने के बाद देश में राजनीतिक घमासान मच गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस रिपोर्ट का हवाला देते हुए कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर “अराजकता फैलाने और सत्ता परिवर्तन की विदेशी साजिश” का हिस्सा होने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं, कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा पर जनाक्रोश से ध्यान भटकाने और झूठ फैलाने का आरोप लगाया है। विदेशी पड़ताल और ‘रेड-ग्रीन’ गठबंधन का दावा ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ में प्रकाशित एक खबर के अनुसार, ‘फॉक्स न्यूज’ की एक जांच में यह दावा किया गया है कि फ्रांस के दंगों और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर भारत में हुए प्रदर्शनों के बीच संबंध हैं। भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि विदेशी जांच से पता चलता है कि 9 देशों में फैले लगभग 101 संगठन एक ऐसा तंत्र चला रहे हैं, जिसका मकसद चुनी हुई सरकारों को गिराना है। भाटिया ने इसे ‘रेड-ग्रीन अलायंस’ करार देते हुए कहा कि इसमें लाल रंग कम्युनिस्ट समूहों का और हरा रंग इस्लामी संगठनों का प्रतिनिधित्व करता है। गौरव भाटिया ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि वे देश के सामने अराजकता का मॉडल पेश कर रहे हैं और उन्हें “गद्दार” व “मीर जाफर” तक कह दिया। ‘प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल’ से मुलाकात पर सवाल भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि जांच रिपोर्ट ‘ग्लोबल केऑस इंक ग्रोज टू 101 ग्रुप्स’ से यह साफ होता है कि ‘प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल’ (PI) नामक कम्युनिस्ट संगठन फ्रांस और भारत जैसे देशों में विरोध-प्रदर्शनों के संदेशों का समन्वय कर रहा था। भंडारी ने आरोप लगाया कि अप्रैल 2025 में राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने ‘प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल’ के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी। भाजपा ने कांग्रेस से सवाल किया: क्या कांग्रेस ने देश में हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान इस विदेशी संगठन के साथ समन्वय किया था? क्या राहुल गांधी का वियतनाम दौरा अराजक प्रदर्शनों से संबंधित निर्देश प्राप्त करने के लिए था? कांग्रेस की तीखी प्रतिक्रिया भाजपा के इन तीखे हमलों पर पलटवार करते हुए कांग्रेस ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया। कांग्रेस का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में कथित ‘वोट चोरी’ को लेकर जनता में भारी आक्रोश है। भाजपा अपनी विफलताओं, हताशा और घबराहट को छिपाने के लिए इस तरह की कहानियां गढ़ रही है ताकि मुख्य मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाया जा सके।

भाजयुमो राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा: छत्तीसगढ़ के भूपेंद्र नाग बने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, अनमोल झा को मिला सदस्य का पद

रायपुर 21 अक्टूबर 2026 Bhupendra Nag :भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा (भाजयुमो) की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा कर दी गई है। राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा जारी इस सूची में छत्तीसगढ़ के दो युवा नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी और अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। घोषणा के अनुसार, राज्य के जुझारू युवा नेता भूपेंद्र नाग को भाजयुमो का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि अनमोल झा को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज राष्ट्रीय संगठन में स्थान मिलने से प्रदेश के कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी शुभकामनाएं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई व शुभकामनाएं दी हैं। सोशल मीडिया पर अपना संदेश साझा करते हुए उन्होंने लिखा: “भारतीय जनता युवा मोर्चा के सभी नवनियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्यों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। हमें विश्वास है कि आप सभी युवा साथी ऊर्जा और सेवाभाव के साथ संगठन को सशक्त बनाने तथा विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। आप सभी के सफल एवं यशस्वी कार्यकाल की मंगलकामना करता हूं।” कौन हैं भूपेंद्र नाग? निवासी व जन्म: भूपेंद्र नाग मूलतः छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित कांकेर जिले के रहने वाले हैं। उनका जन्म 4 मई 1991 को हुआ था। सामाजिक पृष्ठभूमियों: वह अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के बल्बा समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। शैक्षणिक योग्यता: उन्होंने बस्तर विश्वविद्यालय से एलएलबी (LLB) की डिग्री हासिल की है। अनुभव: वह पूर्व में भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ के मीडिया पैनलिस्ट के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। 2007 से राजनीति में सक्रिय, संगठन में लंबा अनुभव भूपेंद्र नाग का राजनीतिक और संगठनात्मक सफर काफी लंबा और अनुभवपूर्ण रहा है: शुरुआत: उन्होंने साल 2007 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से अपने छात्र जीवन की राजनीति की शुरुआत की थी। संगठनात्मक पद: वह भाजयुमो छत्तीसगढ़ के प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुके हैं और उन्होंने दुर्ग संभाग के प्रभारी के रूप में भी बेहतरीन काम किया है। सामाजिक व संगठनात्मक कार्यों का मिला पुरस्कार सूत्रों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, बस्तर जैसे संवेदनशील अंचल में उनके द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों और प्रदेश स्तर पर संगठन को मजबूत करने में निभाई गई सक्रिय भूमिका के कारण ही उन्हें यह राष्ट्रीय पहचान मिली है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज इस नियुक्ति के साथ ही छत्तीसगढ़ को भाजयुमो के राष्ट्रीय संगठन में एक सशक्त प्रतिनिधित्व हासिल हुआ है।

छत्तीसगढ़ बीजेपी प्रभारी स्मृति ईरानी की नेताओं को सख्त हिदायत

सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत प्रचार छोड़, सरकारी योजनाओं का करें प्रसार रायपुर 21 अक्टूबर 2026 Smriti Irani : छत्तीसगढ़ बीजेपी की नई प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के आगामी रायपुर दौरे से पहले संगठन में हलचल तेज हो गई है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज अपने पहले दो दिवसीय दौरे (25 और 26 अक्टूबर) पर रायपुर पहुँचने से पहले स्मृति ईरानी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं को कड़ा निर्देश जारी किया है। Advt उन्होंने स्पष्ट किया है कि नेता अपने सोशल मीडिया हैंडल पर निजी प्रचार या व्यक्तिगत तस्वीरों की जगह केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी शेयर करें। IT सेल तैयार करेगी रिपोर्ट कार्ड बीजेपी सूत्रों के अनुसार, पार्टी की आईटी सेल सभी जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर पैनी नज़र रख रही है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज नेताओं द्वारा की जा रही पोस्ट के आधार पर एक विस्तृत ‘रिपोर्ट कार्ड’ तैयार किया जाएगा। माना जा रहा है कि भविष्य में नेताओं को दी जाने वाली संगठनात्मक ज़िम्मेदारियों और पदों का फैसला इसी रिपोर्ट कार्ड के आधार पर होगा। दौरे का मुख्य एजेंडा और समीक्षा बैठकें स्मृति ईरानी छत्तीसगढ़ बीजेपी प्रभारी बनने के बाद पहली बार दो दिवसीय प्रवास पर आ रही हैं। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज इस दौरान वह कई महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लेंगी और सत्ता व संगठन के बीच समन्वय तथा भविष्य की रणनीतियों पर मंथन करेंगी। दौरे के दौरान वह मंत्रियों, विधायकों, सांसदों और पूर्व जनप्रतिनिधियों के साथ ‘वन-टू-वन’ समीक्षा बैठकें भी करेंगी। गौरतलब है कि पद संभालने के बाद हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिल्ली में स्मृति ईरानी से मुलाकात कर राज्य के विभिन्न विषयों पर चर्चा की थी।

टेक्नोलॉजी

क्या AI खत्म कर देगा पारंपरिक बैंकिंग? शेखर कपूर के सवाल पर छिड़ी नई बहस

नई दिल्ली 16 अक्टूबर 2026 Artificial Intelligence : आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बैंकिंग सेक्टर के कामकाज और कारोबार को पूरी तरह से बदल सकता है। मशहूर फिल्म निर्माता शेखर कपूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर एक विचारोत्तेजक पोस्ट शेयर करते हुए सवाल उठाया है—“अगर एआई खुद लोगों के पैसे संभालने, निवेश के बेहतर विकल्प खोजने और अधिक ब्याज दिलाने का काम करने लगे, तो फिर पारंपरिक बैंकों की जरूरत ही क्यों पड़ेगी?” शेखर कपूर की इस पोस्ट ने इंटरनेट पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि एआई बैंकिंग उद्योग को बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है, वहीं अन्य का कहना है कि बैंक बंद नहीं होंगे, बल्कि उनका काम करने का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा। Advt बैंकों की कमाई पर कैसे पड़ेगा असर? शेखर कपूर के अनुसार, बैंक जमाकर्ताओं के पैसे को कर्ज या निवेश में लगाकर बड़ी कमाई करते हैं और उसके बदले ग्राहकों को बहुत कम ब्याज देते हैं। बैंकों का मुनाफा उन ग्राहकों से भी होता है, जो आलस या झंझट के कारण बेहतर ब्याज दरों की तलाश में अपना पैसा दूसरी जगह ट्रांसफर नहीं करते। लेकिन अगर AI एजेंट हर रात ग्राहक के फंड के लिए खुद ही सबसे ज्यादा ब्याज देने वाले विकल्प खोजने लगें, तो ग्राहकों को खुद मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। ऐसे में बैंक ग्राहकों को कम ब्याज दर देकर पहले की तरह आसानी से मुनाफा नहीं कमा सकेंगे। क्या AI पूरी तरह से बैंकों की जगह ले सकता है? बहस में शामिल कई विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ एआई बैंकिंग का विकल्प नहीं बन सकता। सुरक्षा और जिम्मेदारी: लिंक्डइन यूजर अनय महिमकर ने लिखा कि एआई वित्तीय फैसले लेने में मदद तो कर सकता है, लेकिन कर्ज देना, जोखिम उठाना, सरकारी नियमों (Compliance) का पालन करना और भरोसा कायम रखना बैंकों की प्राथमिक जिम्मेदारी रहेगी। सटीक लोन प्रक्रिया: विशेषज्ञ कृष्णा लक्मसानी का कहना है कि एआई ग्राहकों की आमदनी और खर्चों का विश्लेषण करके उधार देने वालों और लेने वालों के बीच सीधा संपर्क बना सकता है। इससे बिचौलियों का असर कम होगा और एआई एजेंट ग्राहकों की ओर से बेहतर ब्याज दरों के लिए बातचीत (Negotiation) भी कर सकेंगे। बैंकों का भविष्य: क्या होंगी नई चुनौतियां? विशेषज्ञों का मानना है कि पैसों की सुरक्षा, डिजिटल पेमेंट और सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए बैंकों की प्रासंगिकता बनी रहेगी। हालाँकि, बैंकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती ग्राहकों को अपने साथ बनाए रखने की होगी। जो बैंक नई तकनीक, बेहतर ब्याज दरें और एआई-आधारित सेवाएं अपनाएंगे, वे ही भविष्य की बैंकिंग रेस में आगे टिक पाएंगे। 📍

व्यापार

उत्तर प्रदेश एमएलसी चुनाव: सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल का छलका दर्द, अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप और धर्म परिवर्तन की चेतावनी

आगरा 23 अक्टूबर 2026 : उत्तर प्रदेश में शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव के दौरान कई जगहों पर भारी हंगामा और बवाल देखने को मिला। आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रत्याशी आकाश अग्रवाल मीडिया के सामने ही रो पड़े। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों पर सत्ताधारी दल (भाजपा) की मदद करने और उन्हें व उनके समर्थकों को प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया। प्रेस वार्ता के दौरान सपा प्रत्याशी ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव में व्यापक स्तर पर धांधली और बूथ कैप्चरिंग हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव अधिकारियों के इशारे पर उनके प्रबंधकों और समर्थकों को लगातार परेशान किया जा रहा है और डराया-धमकाया जा रहा है। “मैं पाकिस्तान से आया आतंकवादी नहीं” आकाश अग्रवाल ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि उनके समर्थकों और प्रबंधकों को 12 जिलों में जहां चाहा, वहां उठाया गया। उन्होंने कहा, “मुझे ऐसा महसूस होने लगा है कि मैं पाकिस्तान से आया हुआ कोई आतंकवादी हूं। यदि सरकार पहले ही बता देती कि हमारे लोगों के साथ इस तरह की ज्यादती की जाएगी, तो हम चुनाव ही नहीं लड़ते।” उन्होंने आशंका जताई कि उन्हें फर्जी मामलों में भी फंसाया जा सकता है। धर्म परिवर्तन की चेतावनी प्रशासन और व्यवस्था से क्षुब्ध होकर सपा प्रत्याशी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि वह सनातन धर्म छोड़कर अगले महीने लखनऊ की शाही ईदगाह में जाकर धर्म परिवर्तन कर सकते हैं। हालांकि, पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने यह भी कहा कि वह बौद्ध धर्म अपनाने या गौतम बुद्ध के मार्ग पर चलने के बारे में भी अपने परिवार और साथियों के साथ विचार कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मकसद सिर्फ इतना है कि सरकार तक यह संदेश पहुंचे कि उनके द्वारा की जा रही कार्रवाई पूरी तरह गलत है।

राहुल गांधी की बढ़ती लोकप्रियता से घबराई बीजेपी, इसलिए कर रही नीचा दिखाने की कोशिश: शशि थरूर

नई दिल्ली 23 अक्टूबर  2026:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कसे गए तंज का कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने करारा जवाब दिया है। हाल ही में पीएम मोदी ने राहुल गांधी की बार-बार की जा रही राजनीतिक री-लॉन्चिंग की तुलना श्रीहरिकोटा से होने वाले रॉकेट लॉन्च से करते हुए निशाना साधा था। इस पर पलटवार करते हुए शशि थरूर ने कहा कि बीजेपी राहुल गांधी को लगातार इसलिए नीचा दिखाने का प्रयास कर रही है क्योंकि वह उनकी लगातार बढ़ती लोकप्रियता से घबरा गई है। एनडीटीवी के एक कार्यक्रम में बोलते हुए थरूर ने बीजेपी के इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया कि राहुल गांधी एक गंभीर नेता नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में राहुल गांधी ने देश के युवाओं के भीतर नया उत्साह और ऊर्जा भरी है। बीजेपी को उन्हें नजरअंदाज करने के बजाय इस बदलाव को स्वीकार करना चाहिए। ‘कांग्रेस में मजबूत है आंतरिक लोकतंत्र’ प्रधानमंत्री मोदी के उस दावे पर भी थरूर ने जवाब दिया जिसमें पीएम ने कहा था कि नेहरू-गांधी परिवार कांग्रेस के लिए बोझ बन चुका है और पार्टी के वरिष्ठ नेता बंद कमरों में इसे स्वीकारते हैं। पीएम के इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए शशि थरूर ने खुद का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि कई मौकों पर पार्टी लाइन से अलग विचार रखने के बावजूद वे आज भी कांग्रेस का एक अहम हिस्सा हैं। वे पार्टी के लिए चुनाव प्रचार करते हैं और विदेश मामलों की संसदीय समिति के अध्यक्ष भी हैं। थरूर ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र बेहद मजबूत है और केवल अलग राय रखने भर से किसी को नजरअंदाज या पार्टी से बाहर नहीं किया जाता।

दलबदलुओं की घर वापसी पर कांग्रेस का कड़ा रुख, अब ‘जिला समिति’ की मंजूरी के बिना नहीं मिलेगी एंट्री

दलबदलुओं की घर वापसी पर कांग्रेस का कड़ा रुख, अब ‘जिला समिति’ की मंजूरी के बिना नहीं मिलेगी एंट्री भोपाल 23 अक्टूबर  2026 मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) छोड़कर वापस कांग्रेस में लौटने की उम्मीद लगाए नेताओं के लिए राह आसान नहीं होगी। कांग्रेस ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बीजेपी में जाने के बाद पार्टी में वापसी चाहने वाले नेताओं को अब सीधे प्रवेश नहीं दिया जाएगा। ‘घर वापसी’ से पहले हर नेता को जिला स्तर पर कड़ी जांच-परख की प्रक्रिया से गुजरना होगा। यानी अब शीर्ष नेतृत्व के बजाय स्थानीय संगठन की सहमति सबसे ज्यादा मायने रखेगी। जिला समन्वय समिति करेगी अंतिम फैसला कांग्रेस की नई रणनीति के तहत, वापसी के इच्छुक नेताओं के आवेदन सबसे पहले जिला समन्वय समिति (District Coordination Committee) के पास भेजे जाएंगे। यह समिति नेता के पुराने राजनीतिक रिकॉर्ड, कांग्रेस छोड़ने के कारणों और अब वापस आने की वजहों की गहराई से समीक्षा करेगी। यदि समिति सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास करती है, तभी मामला भोपाल स्थित प्रदेश मुख्यालय भेजा जाएगा। यदि स्थानीय स्तर पर कोई आपत्ति आती है, तो वापसी का रास्ता बंद हो सकता है। जबलपुर कांग्रेस नगर अध्यक्ष सौरभ ‘नाटी’ शर्मा के अनुसार, किसी भी नेता की वापसी से पहले यह देखा जाएगा कि उसने किन परिस्थितियों में पार्टी छोड़ी थी और अब उसके लौटने का उद्देश्य क्या है। स्थानीय कार्यकर्ताओं को तवज्जो देने का संदेश सूत्रों के मुताबिक, वापसी की राह देख रहे कई नेता फिलहाल खुलकर कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। कांग्रेस का यह कदम दलबदलुओं पर लगाम लगाने के साथ-साथ जमीनी कार्यकर्ताओं और स्थानीय संगठन को तवज्जो देने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी की निगाहें जिला समन्वय समिति की आने वाली बैठकों पर टिकी हैं।

फ्रांस में हिंसा और भारत में प्रदर्शनों के तार जुड़े? भाजपा का राहुल गांधी पर ‘गद्दारी’ और ‘सत्ता परिवर्तन’ की साजिश का आरोप; कांग्रेस का पलटवार

नई दिल्ली 23 अक्टूबर 2026 BJP vs Congress : फ्रांस में हाल ही में हुए दंगों और भारत में निर्वाचन आयोग के खिलाफ हुए विरोध-प्रदर्शनों के बीच कथित संबंधों को लेकर एक मीडिया रिपोर्ट के सामने आने के बाद देश में राजनीतिक घमासान मच गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस रिपोर्ट का हवाला देते हुए कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर “अराजकता फैलाने और सत्ता परिवर्तन की विदेशी साजिश” का हिस्सा होने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं, कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा पर जनाक्रोश से ध्यान भटकाने और झूठ फैलाने का आरोप लगाया है। विदेशी पड़ताल और ‘रेड-ग्रीन’ गठबंधन का दावा ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ में प्रकाशित एक खबर के अनुसार, ‘फॉक्स न्यूज’ की एक जांच में यह दावा किया गया है कि फ्रांस के दंगों और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर भारत में हुए प्रदर्शनों के बीच संबंध हैं। भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि विदेशी जांच से पता चलता है कि 9 देशों में फैले लगभग 101 संगठन एक ऐसा तंत्र चला रहे हैं, जिसका मकसद चुनी हुई सरकारों को गिराना है। भाटिया ने इसे ‘रेड-ग्रीन अलायंस’ करार देते हुए कहा कि इसमें लाल रंग कम्युनिस्ट समूहों का और हरा रंग इस्लामी संगठनों का प्रतिनिधित्व करता है। गौरव भाटिया ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि वे देश के सामने अराजकता का मॉडल पेश कर रहे हैं और उन्हें “गद्दार” व “मीर जाफर” तक कह दिया। ‘प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल’ से मुलाकात पर सवाल भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि जांच रिपोर्ट ‘ग्लोबल केऑस इंक ग्रोज टू 101 ग्रुप्स’ से यह साफ होता है कि ‘प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल’ (PI) नामक कम्युनिस्ट संगठन फ्रांस और भारत जैसे देशों में विरोध-प्रदर्शनों के संदेशों का समन्वय कर रहा था। भंडारी ने आरोप लगाया कि अप्रैल 2025 में राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने ‘प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल’ के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी। भाजपा ने कांग्रेस से सवाल किया: क्या कांग्रेस ने देश में हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान इस विदेशी संगठन के साथ समन्वय किया था? क्या राहुल गांधी का वियतनाम दौरा अराजक प्रदर्शनों से संबंधित निर्देश प्राप्त करने के लिए था? कांग्रेस की तीखी प्रतिक्रिया भाजपा के इन तीखे हमलों पर पलटवार करते हुए कांग्रेस ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया। कांग्रेस का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में कथित ‘वोट चोरी’ को लेकर जनता में भारी आक्रोश है। भाजपा अपनी विफलताओं, हताशा और घबराहट को छिपाने के लिए इस तरह की कहानियां गढ़ रही है ताकि मुख्य मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाया जा सके।

भाजयुमो राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा: छत्तीसगढ़ के भूपेंद्र नाग बने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, अनमोल झा को मिला सदस्य का पद

रायपुर 21 अक्टूबर 2026 Bhupendra Nag :भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा (भाजयुमो) की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा कर दी गई है। राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा जारी इस सूची में छत्तीसगढ़ के दो युवा नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी और अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। घोषणा के अनुसार, राज्य के जुझारू युवा नेता भूपेंद्र नाग को भाजयुमो का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि अनमोल झा को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज राष्ट्रीय संगठन में स्थान मिलने से प्रदेश के कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी शुभकामनाएं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई व शुभकामनाएं दी हैं। सोशल मीडिया पर अपना संदेश साझा करते हुए उन्होंने लिखा: “भारतीय जनता युवा मोर्चा के सभी नवनियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्यों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। हमें विश्वास है कि आप सभी युवा साथी ऊर्जा और सेवाभाव के साथ संगठन को सशक्त बनाने तथा विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। आप सभी के सफल एवं यशस्वी कार्यकाल की मंगलकामना करता हूं।” कौन हैं भूपेंद्र नाग? निवासी व जन्म: भूपेंद्र नाग मूलतः छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित कांकेर जिले के रहने वाले हैं। उनका जन्म 4 मई 1991 को हुआ था। सामाजिक पृष्ठभूमियों: वह अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के बल्बा समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। शैक्षणिक योग्यता: उन्होंने बस्तर विश्वविद्यालय से एलएलबी (LLB) की डिग्री हासिल की है। अनुभव: वह पूर्व में भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ के मीडिया पैनलिस्ट के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। 2007 से राजनीति में सक्रिय, संगठन में लंबा अनुभव भूपेंद्र नाग का राजनीतिक और संगठनात्मक सफर काफी लंबा और अनुभवपूर्ण रहा है: शुरुआत: उन्होंने साल 2007 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से अपने छात्र जीवन की राजनीति की शुरुआत की थी। संगठनात्मक पद: वह भाजयुमो छत्तीसगढ़ के प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुके हैं और उन्होंने दुर्ग संभाग के प्रभारी के रूप में भी बेहतरीन काम किया है। सामाजिक व संगठनात्मक कार्यों का मिला पुरस्कार सूत्रों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, बस्तर जैसे संवेदनशील अंचल में उनके द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों और प्रदेश स्तर पर संगठन को मजबूत करने में निभाई गई सक्रिय भूमिका के कारण ही उन्हें यह राष्ट्रीय पहचान मिली है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज इस नियुक्ति के साथ ही छत्तीसगढ़ को भाजयुमो के राष्ट्रीय संगठन में एक सशक्त प्रतिनिधित्व हासिल हुआ है।

छत्तीसगढ़ बीजेपी प्रभारी स्मृति ईरानी की नेताओं को सख्त हिदायत

सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत प्रचार छोड़, सरकारी योजनाओं का करें प्रसार रायपुर 21 अक्टूबर 2026 Smriti Irani : छत्तीसगढ़ बीजेपी की नई प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के आगामी रायपुर दौरे से पहले संगठन में हलचल तेज हो गई है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज अपने पहले दो दिवसीय दौरे (25 और 26 अक्टूबर) पर रायपुर पहुँचने से पहले स्मृति ईरानी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं को कड़ा निर्देश जारी किया है। Advt उन्होंने स्पष्ट किया है कि नेता अपने सोशल मीडिया हैंडल पर निजी प्रचार या व्यक्तिगत तस्वीरों की जगह केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी शेयर करें। IT सेल तैयार करेगी रिपोर्ट कार्ड बीजेपी सूत्रों के अनुसार, पार्टी की आईटी सेल सभी जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर पैनी नज़र रख रही है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज नेताओं द्वारा की जा रही पोस्ट के आधार पर एक विस्तृत ‘रिपोर्ट कार्ड’ तैयार किया जाएगा। माना जा रहा है कि भविष्य में नेताओं को दी जाने वाली संगठनात्मक ज़िम्मेदारियों और पदों का फैसला इसी रिपोर्ट कार्ड के आधार पर होगा। दौरे का मुख्य एजेंडा और समीक्षा बैठकें स्मृति ईरानी छत्तीसगढ़ बीजेपी प्रभारी बनने के बाद पहली बार दो दिवसीय प्रवास पर आ रही हैं। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज इस दौरान वह कई महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लेंगी और सत्ता व संगठन के बीच समन्वय तथा भविष्य की रणनीतियों पर मंथन करेंगी। दौरे के दौरान वह मंत्रियों, विधायकों, सांसदों और पूर्व जनप्रतिनिधियों के साथ ‘वन-टू-वन’ समीक्षा बैठकें भी करेंगी। गौरतलब है कि पद संभालने के बाद हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिल्ली में स्मृति ईरानी से मुलाकात कर राज्य के विभिन्न विषयों पर चर्चा की थी।

धर्म

चारधाम यात्रा 2026: श्रद्धालुओं का ऐतिहासिक रिकॉर्ड, 60 लाख से अधिक भक्तों ने किए दर्शन

देहरादून 23 अक्टूबर 2026 Char Dham Yatra 2026 : उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस वर्ष अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुकी है। हिमालयी तीर्थस्थलों के दर्शन के लिए इस सीजन में आस्था का जनसैलाब उमड़ा, जिसने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में अब तक 60 लाख (6 मिलियन) से अधिक तीर्थयात्री चारों पवित्र धामों—बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री—के दर्शन कर चुके हैं। बद्रीनाथ धाम शीर्ष पर, केदारनाथ दूसरे स्थान पर प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष श्रद्धालुओं की पहली पसंद बद्रीनाथ धाम रहा, जहाँ सबसे अधिक 20,69,866 तीर्थयात्री पहुँचे। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज वहीं, केदारनाथ धाम 17,75,059 श्रद्धालुओं की उपस्थिति के साथ दूसरे स्थान पर रहा। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2023 में 56 लाख और वर्ष 2024 में 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे, जबकि इस बार यह संख्या 60 लाख के पार पहुँच गई है। 16 नवंबर को कपाट बंद होने के साथ समाप्त होगा ग्रीष्मकालीन चरण 19 अप्रैल 2026 को शुरू हुई यह पवित्र यात्रा आगामी 16 नवंबर को बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही शीतकाल के लिए विश्राम लेगी। हालांकि, इसके बाद शीतकालीन चारधाम यात्रा का शुभारंभ होगा। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि प्रशासन शीतकालीन यात्रा की तैयारियों पर मुस्तैदी से काम कर रहा है। माँ गंगा के मुखबा और माँ यमुना के खरसाली स्थित शीतकालीन निवासों पर विराजमान होने के बाद भक्त वहाँ दर्शन कर सकेंगे। इसी तरह केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद उखीमठ में श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन जारी रख सकेंगे। मानसून और आपदा की चुनौतियों के बीच सुगम संचालन इस वर्ष मानसून के दौरान प्राकृतिक आपदाओं की चुनौतियाँ सामने आईं, लेकिन राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के त्वरित प्रयासों से यात्रा को सुरक्षित रूप से जारी रखा गया। श्रद्धालुओं के लिए मार्गों पर स्वास्थ्य, सुरक्षा, यातायात और आपातकालीन सुविधाओं को मुस्तैद किया गया था। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा: “60 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन उत्तराखंड की पवित्रता और लोगों की अटूट आस्था को दर्शाता है। राज्य सरकार हर श्रद्धालु की यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।”

मां बम्लेश्वरी के भक्तों के लिए बड़ी खबर: डोंगरगढ़ नवरात्रि मेले में 1100 जवानों का पहरा, पदयात्रियों को मिलेंगे 20 हजार रेडियम स्टिकर, जानें सुरक्षा और ट्रैफिक का पूरा प्लान

रायपुर/राजनांदगांव 11 अक्टूबर 2025 Dongargarh Navratri Mela:  शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर

रामदेव पीर जयंती पर भव्य समारोह: गुजराती समाज की नवीन कार्यकारिणी का हुआ शपथ ग्रहण, कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन ने की 20 लाख की घोषणा

समारोह में कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन,जिला भाजपाध्यक्ष गोपाल मोदी एवं निगम सभापति

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