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शराब की खरीदारी पर लागू होगा नया नियम, 1,000 रुपये से अधिक के बिल पर डिजिटल पेमेंट अनिवार्य

शराब की खरीदारी पर लागू होगा नया नियम, 1,000 रुपये से अधिक के बिल पर डिजिटल पेमेंट अनिवार्य चेन्नई: 28/10/2026: तमिलनाडु में शराब खरीदने वाले ग्राहकों के लिए एक नया नियम लागू होने जा रहा है। 1 नवंबर 2026 से राज्य में 1,000 रुपये से अधिक की शराब खरीदने पर कैश (नकद) भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके लिए ग्राहकों को डिजिटल पेमेंट माध्यमों जैसे UPI, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड का उपयोग करना अनिवार्य होगा। यह महत्वपूर्ण निर्णय ‘तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन’ (TASMAC) द्वारा लिया गया है, जो राज्य में शराब की दुकानों का संचालन करता है। क्या है नया नियम? 1,000 रुपये से अधिक की खरीदारी: केवल डिजिटल पेमेंट (UPI, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड) के ज़रिए ही भुगतान संभव होगा। 1,000 रुपये तक की खरीदारी: ग्राहकों को कैश और डिजिटल पेमेंट दोनों में से कोई भी विकल्प चुनने की छूट रहेगी। कहाँ लागू होगा: यह नियम पूरे तमिलनाडु में TASMAC के तहत आने वाली सभी दुकानों पर प्रभावी होगा। नियम लागू करने का मुख्य उद्देश्य TASMAC के अनुसार, इस बदलाव के पीछे मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं: शराब की दुकानों में नकद लेनदेन (Cash Transactions) को कम करना। बिक्री की प्रक्रिया और लेनदेन में पारदर्शिता बढ़ाना। ग्राहकों से निर्धारित कीमत से अधिक रुपये (ओवरचार्जिंग) वसूलने जैसी लगातार आ रही शिकायतों पर रोक लगाना।

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मैच ग्रुप की नई पहल: टिंडर और हिंज पर स्क्रीनशॉट बंद, सुरक्षा के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन और I4C से हाथ मिलाया

नई दिल्ली / डिजिटल डेस्क 21 अक्टूबर 2026 Match Group India :ऑनलाइन डेटिंग प्लेटफॉर्म्स को उपयोगकर्ताओं—विशेषकर महिलाओं—के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में मैच ग्रुप (Match Group) ने

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शराब की खरीदारी पर लागू होगा नया नियम, 1,000 रुपये से अधिक के बिल पर डिजिटल पेमेंट अनिवार्य

शराब की खरीदारी पर लागू होगा नया नियम, 1,000 रुपये से अधिक के बिल पर डिजिटल पेमेंट अनिवार्य चेन्नई: 28/10/2026: तमिलनाडु में शराब खरीदने वाले ग्राहकों के लिए एक नया

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दंतेवाड़ा 28/10/2026:दक्षिण बस्तर के बचेली और किरंदुल में मंगलवार शाम मौसम के बदलते मिजाज के बीच एक बेहद दुर्लभ और मनमोहक नजारा देखने को मिला। अर्नब चक्रवाती तूफान की आहट

राजनीति

स्मृति ईरानी का छत्तीसगढ़ दौरा: 2028 विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत का लक्ष्य, मंत्रियों और विधायकों को दिए गए खास निर्देश

रायपुर 27/10/26 Mission 2028// भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय महासचिव और छत्तीसगढ़

मनोरंजन

पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने शिवहर में की बैठक: बूथ स्तर तक सक्रियता और ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान पर जोर

शिवहर बिहार 27/10/2026: जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में शिवहर जिला कांग्रेस कार्यालय में “वोट बचाओ–देश बचाओ” अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिला कांग्रेस नेता अफरोज आलम के नेतृत्व में हुई इस बैठक में छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व कैबिनेट मंत्री और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के पर्यवेक्षक जयसिंह अग्रवाल विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में मतदाता अधिकारों की रक्षा, बूथ स्तर पर संगठन की मजबूती और आगामी चुनावों को लेकर चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए श्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि मतदाता सूची में प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सुरक्षित रहना लोकतंत्र की विश्वसनीयता और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। मतदाता सूची से किसी पात्र व्यक्ति का नाम हटने अथवा नाम दर्ज नहीं होने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तथ्यों का सत्यापन करना और नियमानुसार उसका समाधान सुनिश्चित करने के लिए प्रयास करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी तथा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में चलाया जा रहा “वोट बचाओ–देश बचाओ” अभियान तभी प्रभावी होगा, जब पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बूथ स्तर तक पहुंचकर जिम्मेदारी के साथ काम करेंगे। कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाता सूची की जांच करने, प्रभावित मतदाताओं से संपर्क स्थापित करने तथा पात्र मतदाताओं को निर्धारित निर्वाचन प्रक्रिया के तहत आवश्यक आवेदन प्रस्तुत करने में सहायता देने की जरूरत है। श्री अग्रवाल ने जिला कांग्रेस कमेटी, शिवहर को अभियान के प्रभावी संचालन के लिए चेकलिस्ट एवं निर्धारित प्रारूप उपलब्ध कराया। उन्होंने निर्देश दिया कि इनका वितरण संबंधित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के बीच किया जाए, ताकि मतदाता सूची से संबंधित शिकायतों का व्यवस्थित संकलन, सत्यापन और नियमित समीक्षा की जा सके। उन्होंने जोर दिया कि अभियान को केवल औपचारिक कार्यक्रम न बनाकर जमीनी स्तर पर परिणामोन्मुख गतिविधि के रूप में संचालित किया जाना चाहिए। बैठक के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिहार में गठबंधन के अंतर्गत विधानसभा चुनावों में सीटों के बंटवारे को लेकर अपनी चिंताएं भी व्यक्त कीं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि बार-बार चुनावों में गठबंधन के अन्य घटक दलों को अधिक सीटें दिए जाने तथा कांग्रेस के संभावित उम्मीदवारों एवं समर्पित कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं को पर्याप्त महत्व नहीं मिलने से संगठन के भीतर उपेक्षा और निराशा की भावना उत्पन्न होती है। उन्होंने आग्रह किया कि गठबंधन संबंधी निर्णयों में कांग्रेस की जमीनी स्थिति, स्थानीय नेताओं के योगदान और कार्यकर्ताओं की भावनाओं को उचित महत्व दिया जाना चाहिए। इस पर श्री जयसिंह अग्रवाल ने उपस्थित कांग्रेसजनों की भावनाओं को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि “आप सभी की भावनाओं का सम्मान करते हुए आपकी बातों एवं चिंताओं को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाया जाएगा।” उन्होंने कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं और संगठनात्मक सुझावों को उचित मंच तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया। बैठक में शिवहर जिले में कांग्रेस संगठन की वर्तमान स्थिति, जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता, जनसंपर्क बढ़ाने तथा संगठनात्मक समन्वय को मजबूत करने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। उपस्थित कांग्रेसजनों ने अपने अनुभव साझा करते हुए संगठन को अधिक सक्रिय एवं जनसरोकारों से जुड़ा बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में शिवहर प्रभारी श्री दिलीप खिरहर, उपाध्यक्ष श्री वशिष्ठ राउत, सचिव श्री प्रभात रंजन, युवा नेता श्री अभिषेक यादव एवं श्री अमित रंजन, पिपराही प्रखंड अध्यक्ष श्री एम. मुर्तजा, श्री अकरम, श्री विनोद साह, युवा नेता श्री आशुतोष कुमार सिंह, श्री समंस आलम, श्री सैयद अंसारी, श्री संतोष पटेल, श्री अभिषेक पटेल, श्री सहदेव राम, महिला कांग्रेस की श्रीमती आशा कुमारी, कोषाध्यक्ष श्री रघुवीर प्रसाद, महासचिव श्री प्रभात यादव सहित अन्य कांग्रेसजन, कार्यकर्ता एवं विद्यार्थी वर्ग के लोग उपस्थित रहे।

राहुल गांधी के बयान और 1 नवंबर की विपक्षी रैली पर व्यापारियों की चिंता: एक संपूर्ण रिपोर्ट

नई दिल्ली 27/10/2026: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आगामी 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली विपक्षी दलों की रैली और दिल्ली के व्यापारियों की चिंताओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो शेयर करते हुए दिल्ली के व्यापारियों को संबोधित किया और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने व्यापारियों से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहिए कि वो आरोपी नंबर 4 ज्ञानेश कुमार को हटाएं तो विपक्ष का आंदोलन 30 सेकंड में रुक जाएगा। राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर एक वीडियो शेयर करते हुए पोस्ट में दिल्ली के व्यापारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उनकी बात सुन रही है और उनके साथ खड़ी है। व्यापारियों से बोले राहुल- हम आपसे प्यार करते हैं राहुल गांधी ने एक्स पोस्ट में कहा कि ‘कांग्रेस दिल्ली के हर व्यापारी के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि हम आपसे प्यार करते हैं, आपकी बात सुन रहे हैं। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मेट्रो सरकार ने बंद की, सड़कें सरकार ने सील की, राजधानी पर ताला सरकार ने लगाया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि जब वोट ही चोरी हो जाए, तो कुछ भी सुरक्षित नहीं- न आपकी दुकान, न आपकी बचत, न आपके बच्चों का भविष्य।’ ज्ञानेश कुमार को बताया ‘आरोपी नंबर 4’ कांग्रेस सांसद ने व्यापारियों से कहा कि ‘पीएम मोदी से कहिए- आरोपी नंबर 4, ज्ञानेश कुमार को हटाएं, 30 सेकंड में आंदोलन रुक जाएगा।’ कांग्रेस नेता ने हालांकि अपने इस पोस्ट में यह स्पष्ट नहीं किया कि उन्होंने ज्ञानेश कुमार को ‘आरोपी नंबर 4’ किस संदर्भ में कहा है। हालांकि, वह वोट चोरी के खिलाफ अभियान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार पर तीखे हमले बोलते रहे हैं। CTI से जुड़े व्यापारियों ने राहुल गांधी को भेजा था लेटर विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ आगामी एक नवंबर को वोट चोरी के खिलाफ रामलीला मैदान में रैली करने वाला है। इसी को लेकर पिछले दिनों ‘चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री’ (सीटीआई) के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर कहा था कि यह रैली ऐसे समय में हो रही जब त्योहारी सीजन है। जब धनतेरस और दिवाली से पहले व्यापारियों को बड़ी संख्या में ग्राहकों के आने की उम्मीद है। इस दौरान रामलीला मैदान के आसपास रैली से थोक और खुदरा बाजारों पर खरीदारी प्रभावित हो सकती है। ‘एक नवंबर की रैली 10 के बाद करने की अपील’ बृजेश गोयल ने कहा था कि दिल्ली में धनतेरस के आसपास सोना-चांदी, इलेक्ट्रॉनिक, कपड़े, बर्तन, सूखे मेवे, मिठाइयां, वाहन, संपत्ति और उपहार की वस्तुओं जैसे विभिन्न क्षेत्रों में करीब 25,000 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। इस साल धनतेरस छह नवंबर को है। दिवाली आठ नवंबर को मनाई जाएगी और इसके बाद 10 नवंबर को भाई दूज है। व्यापारियों के संगठन का कहना है कि त्योहारों से करीब एक सप्ताह पहले बाजारों में आम तौर पर गतिविधियां बढ़ जाती हैं, ऐसे में रैली का समय व्यापारियों के लिए चिंता का विषय है।

स्मृति ईरानी का छत्तीसगढ़ दौरा: 2028 विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत का लक्ष्य, मंत्रियों और विधायकों को दिए गए खास निर्देश

रायपुर 27/10/26 Mission 2028// भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय महासचिव और छत्तीसगढ़ प्रभारी स्मृति ईरानी ने कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश मुख्यालय में दो दिवसीय संगठनात्मक बैठकों का सफल समापन किया। इन बैठकों के दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ में ‘मिशन 2028’ का शंखनाद किया और कार्यकर्ताओं से लेकर मंत्रियों व विधायकों तक को पार्टी की आगामी रणनीति के तहत स्पष्ट निर्देश दिए। ‘मिशन 2028’ और संगठन की मजबूती पर जोर स्मृति ईरानी ने विश्वास जताया कि भाजपा आगामी 2028 के विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ में पूर्ण बहुमत के साथ अपनी सत्ता बरकरार रखेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘मिशन 2028’ केवल एक चुनावी लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह राज्य की पहचान, विकास और सुशासन के प्रति पार्टी की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने जीत का मूलमंत्र दिया और कहा: “चुनाव केवल मतपत्रों या वोटिंग मशीनों से नहीं जीते जाते, बल्कि इसके लिए पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत, जनता के साथ उनका व्यक्तिगत जुड़ाव और मजबूत संगठनात्मक ढांचा जरूरी है।” उन्होंने पार्टी के प्रत्येक कार्यक्रम और योजना को जमीनी स्तर पर बेहद प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया ताकि संगठन बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत हो सके। मंत्रियों और विधायकों के लिए सख्त निर्देश बैठक के दौरान स्मृति ईरानी ने प्रदेश के मंत्रियों और विधायकों को जनहित और संगठन से जुड़े अहम निर्देश दिए: मंत्रियों के लिए निर्देश: सभी मंत्री अपनी विधानसभा सीट के साथ-साथ अपने प्रभार वाले जिलों का भी नियमित और लगातार दौरा करें। विधायकों के लिए निर्देश: सभी विधायक अपने क्षेत्र के आम नागरिकों से निरंतर सीधा संवाद बनाए रखें। जनता के साथ जुड़ाव और मेल-जोल बढ़ाने के लिए उन्होंने दिवाली के आसपास स्नेह भोज (भोज) आयोजित करने के खास निर्देश दिए हैं। प्रदेश अध्यक्ष किरण देव का बयान दो दिनों तक चली इन बैठकों के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी के इस दो दिवसीय प्रवास से पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को अत्यंत महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है। संगठनात्मक दृष्टिकोण से यह बैठकें बेहद अहम रहीं, जिनमें आगामी कार्ययोजना और चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान कुल 12 अलग-अलग श्रेणियों में बैठकें आयोजित की गईं। 📍

रायपुर: बीजेपी प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के दौरे में सख्त अनुशासन, मंत्रियों को भी गाड़ी और फोन के बिना करनी पड़ी एंट्री

रायपुर 26 अक्टूबर 2026 BJP Office Discipline : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रविवार को बीजेपी प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के दो दिवसीय दौरे के दौरान पार्टी कार्यालय में बेहद सख्त और अनुशासित व्यवस्था देखने को मिली। प्रदेश कार्यालय में सत्ता और संगठन की बैठकों के दौरान कड़े नियमों का पालन कराया गया, जिसके तहत मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को भी विशेष छूट नहीं दी गई। बैठक के दौरान किसी भी मंत्री या वरिष्ठ नेता को अपनी गाड़ियों के साथ प्रदेश कार्यालय के अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली। मुख्य गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड्स ने छत्तीसगढ़ के मंत्री खुशवंत साहेब के काफिले को भी अंदर जाने से रोक दिया। इसके बाद मंत्री को गाड़ी गेट के बाहर छोड़कर पैदल ही प्रदेश कार्यालय के अंदर जाना पड़ा। खुशवंत साहेब के अलावा पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय और वरिष्ठ नेता धरमलाल कौशिक समेत अन्य सभी मंत्रियों व नेताओं के काफिलों को भी गेट के बाहर ही रोक दिया गया। सिर्फ मंत्रियों की गाड़ियों पर ही नहीं, बल्कि सुरक्षा और गोपनीयता के लिहाज से कार्यालय के अंदर प्रवेश करने वाले सभी वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों के मोबाइल फोन भी बाहर ही रखवा लिए गए थे। चुनिंदा लोगों को ही मिली एंट्री और कोर ग्रुप की बैठक स्थगित कार्यालय में चल रही बैठकों को लेकर अनुशासन का दायरा आगंतुकों पर भी सख्ती से लागू किया गया। मीटिंग में केवल उन्हीं कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को प्रवेश दिया गया, जिनके नाम पहले से तय सूची में शामिल थे। सूची में नाम न होने के कारण पार्टी के कई पदाधिकारियों को बिना मीटिंग में शामिल हुए ही वापस लौटना पड़ा। इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी की मुलाकात प्रदेश कार्यालय में हुई। मुलाकात के बाद दोनों नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम ‘मन की बात’ को सुनने के लिए अभनपुर रवाना हुए। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव भी मौजूद नहीं थे और मन की बात सुनने के लिए केवल पूर्व निर्धारित लोगों को ही साथ रखा गया था। वहीं, निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रविवार शाम को होने वाली बीजेपी प्रदेश कोर ग्रुप की बैठक के समय में बदलाव किया गया है। अब यह महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को होगी, जिसमें प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी जमीनी स्तर से फीडबैक लेने के बाद नेताओं के साथ चर्चा करेंगी।

“सनातन और हिंदुत्व अलग-अलग”: शाजापुर में बोले दिग्विजय सिंह- सावरकर ने दिया था हिंदुत्व शब्द, संविधान पर भी उठाए सवाल

शाजापुर (मध्य प्रदेश) 26अक्टूबर 2026 Madhya Pradesh Politics : मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की उज्जैन से अयोध्या तक निकाली जा रही पदयात्रा जब शाजापुर पहुंची, तब उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान हिंदुत्व और सनातन धर्म को लेकर बड़ा बयान दिया। दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह न तो कभी हिंदुत्व के समर्थक थे और न ही आगे कभी रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि सनातन धर्म और हिंदुत्व दो पूरी तरह अलग अवधारणाएं हैं। उन्होंने कहा, “हिंदुत्व का सनातन धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। सनातन धर्म हज़ारों साल पुराना है, जबकि ‘हिंदुत्व’ शब्द वीर सावरकर द्वारा दिया गया था। हमारे सनातन धर्म में कटुता और नफरत के लिए कोई स्थान नहीं है।” “संविधान खतरे में, चुनाव आयोग पर उठाए सवाल” संविधान और मतदान के अधिकारों पर चिंता जताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का संविधान आज खतरे में है। उन्होंने मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पर चुनाव आयोग को घेरते हुए कहा कि संविधान हर भारतीय को मतदान का अधिकार देता है। मतदाता सूची में नाम जोड़ना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है, लेकिन आयोग के पास यह तय करने का अधिकार नहीं है कि कौन भारत का नागरिक है और कौन नहीं। उन्होंने मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि नोट चोरी और वोट चोरी, दोनों मामलों में ज्ञानेश कुमार की भूमिका रही है।

कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के विवादित बयान पर गरमाई सियासत: भूपेश बघेल ने किया बचाव, कहा- ‘इसमें कोई अपमान की बात नहीं’

रायपुर 26 अक्टूबर 2026:कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पटना में दिए गए एक बयान को लेकर देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। खड़गे ने अपने भाषण के दौरान कहा था कि “मोदी क्या, मोदी का बाप भी जाएगा।” इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा हमला बोलते हुए कांग्रेस पार्टी और खड़गे से सार्वजनिक माफी की मांग की है। वहीं, कांग्रेस पार्टी अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के बचाव में खुलकर मैदान में उतर आई है। दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खड़गे के बयान को पूरी तरह से सामान्य बताया और इसे लेकर किसी भी तरह के अपमान से इनकार किया। “यह सिर्फ बोलने का एक तरीका है” समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए भूपेश बघेल ने कहा, “इसमें अपशब्द जैसी बात क्या है? उस युवक के जरिए मल्लिकार्जुन खड़गे को उकसाया गया और बुलवाया गया। वह भाषण दे रहे थे और भीड़ में से एक आदमी लगातार चिल्ला रहा था।” बघेल ने आगे कहा, “यह तो सिर्फ अपनी बात कहने और बोलने का एक अंदाज है- ‘वो नहीं, उसका देवता भी जाएगा’, और उसी लहजे में ‘उसका बाप भी जाएगा’ कह दिया गया। तो इसे कोई अपमानजनक बात नहीं कहा जा सकता।” भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप भूपेश बघेल ने पलटवार करते हुए भाजपा पर प्रधानमंत्री पद की गरिमा गिराने और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अतीत में दिए गए बयानों को लेकर निशाना साधा। आपत्तिजनक बयानों का जिक्र: बघेल ने कहा कि अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने की शुरुआत हमेशा भाजपा की तरफ से होती है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कभी प्रधानमंत्री पद पर बैठे किसी व्यक्ति ने पहले ऐसी बातें की थीं? पुराने बयानों की याद: उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं और पीएम मोदी द्वारा अतीत में ’50 करोड़ की गर्लफ्रेंड’, ‘जर्सी गाय’ और ‘मंगलसूत्र छीनने’ जैसे बयान दिए गए हैं। भाजपा की चुप्पी पर सवाल: कांग्रेस नेता ने तंज कसते हुए कहा कि जब प्रधानमंत्री इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं, तब भाजपा के लोग चुप क्यों बैठ जाते हैं? यदि उनमें थोड़ी भी नैतिकता है, तो उन्हें पहले पीएम मोदी को ऐसी भाषा का उपयोग करने से रोकना चाहिए था। इस पूरे घटनाक्रम के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है, और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ने के आसार हैं।

टेक्नोलॉजी

क्या AI खत्म कर देगा पारंपरिक बैंकिंग? शेखर कपूर के सवाल पर छिड़ी नई बहस

नई दिल्ली 16 अक्टूबर 2026 Artificial Intelligence : आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बैंकिंग सेक्टर के कामकाज और कारोबार को पूरी तरह से बदल सकता है। मशहूर फिल्म निर्माता शेखर कपूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर एक विचारोत्तेजक पोस्ट शेयर करते हुए सवाल उठाया है—“अगर एआई खुद लोगों के पैसे संभालने, निवेश के बेहतर विकल्प खोजने और अधिक ब्याज दिलाने का काम करने लगे, तो फिर पारंपरिक बैंकों की जरूरत ही क्यों पड़ेगी?” शेखर कपूर की इस पोस्ट ने इंटरनेट पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि एआई बैंकिंग उद्योग को बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है, वहीं अन्य का कहना है कि बैंक बंद नहीं होंगे, बल्कि उनका काम करने का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा। Advt बैंकों की कमाई पर कैसे पड़ेगा असर? शेखर कपूर के अनुसार, बैंक जमाकर्ताओं के पैसे को कर्ज या निवेश में लगाकर बड़ी कमाई करते हैं और उसके बदले ग्राहकों को बहुत कम ब्याज देते हैं। बैंकों का मुनाफा उन ग्राहकों से भी होता है, जो आलस या झंझट के कारण बेहतर ब्याज दरों की तलाश में अपना पैसा दूसरी जगह ट्रांसफर नहीं करते। लेकिन अगर AI एजेंट हर रात ग्राहक के फंड के लिए खुद ही सबसे ज्यादा ब्याज देने वाले विकल्प खोजने लगें, तो ग्राहकों को खुद मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। ऐसे में बैंक ग्राहकों को कम ब्याज दर देकर पहले की तरह आसानी से मुनाफा नहीं कमा सकेंगे। क्या AI पूरी तरह से बैंकों की जगह ले सकता है? बहस में शामिल कई विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ एआई बैंकिंग का विकल्प नहीं बन सकता। सुरक्षा और जिम्मेदारी: लिंक्डइन यूजर अनय महिमकर ने लिखा कि एआई वित्तीय फैसले लेने में मदद तो कर सकता है, लेकिन कर्ज देना, जोखिम उठाना, सरकारी नियमों (Compliance) का पालन करना और भरोसा कायम रखना बैंकों की प्राथमिक जिम्मेदारी रहेगी। सटीक लोन प्रक्रिया: विशेषज्ञ कृष्णा लक्मसानी का कहना है कि एआई ग्राहकों की आमदनी और खर्चों का विश्लेषण करके उधार देने वालों और लेने वालों के बीच सीधा संपर्क बना सकता है। इससे बिचौलियों का असर कम होगा और एआई एजेंट ग्राहकों की ओर से बेहतर ब्याज दरों के लिए बातचीत (Negotiation) भी कर सकेंगे। बैंकों का भविष्य: क्या होंगी नई चुनौतियां? विशेषज्ञों का मानना है कि पैसों की सुरक्षा, डिजिटल पेमेंट और सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए बैंकों की प्रासंगिकता बनी रहेगी। हालाँकि, बैंकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती ग्राहकों को अपने साथ बनाए रखने की होगी। जो बैंक नई तकनीक, बेहतर ब्याज दरें और एआई-आधारित सेवाएं अपनाएंगे, वे ही भविष्य की बैंकिंग रेस में आगे टिक पाएंगे। 📍

व्यापार

पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने शिवहर में की बैठक: बूथ स्तर तक सक्रियता और ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान पर जोर

शिवहर बिहार 27/10/2026: जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में शिवहर जिला कांग्रेस कार्यालय में “वोट बचाओ–देश बचाओ” अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिला कांग्रेस नेता अफरोज आलम के नेतृत्व में हुई इस बैठक में छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व कैबिनेट मंत्री और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के पर्यवेक्षक जयसिंह अग्रवाल विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में मतदाता अधिकारों की रक्षा, बूथ स्तर पर संगठन की मजबूती और आगामी चुनावों को लेकर चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए श्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि मतदाता सूची में प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सुरक्षित रहना लोकतंत्र की विश्वसनीयता और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। मतदाता सूची से किसी पात्र व्यक्ति का नाम हटने अथवा नाम दर्ज नहीं होने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तथ्यों का सत्यापन करना और नियमानुसार उसका समाधान सुनिश्चित करने के लिए प्रयास करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी तथा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में चलाया जा रहा “वोट बचाओ–देश बचाओ” अभियान तभी प्रभावी होगा, जब पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बूथ स्तर तक पहुंचकर जिम्मेदारी के साथ काम करेंगे। कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाता सूची की जांच करने, प्रभावित मतदाताओं से संपर्क स्थापित करने तथा पात्र मतदाताओं को निर्धारित निर्वाचन प्रक्रिया के तहत आवश्यक आवेदन प्रस्तुत करने में सहायता देने की जरूरत है। श्री अग्रवाल ने जिला कांग्रेस कमेटी, शिवहर को अभियान के प्रभावी संचालन के लिए चेकलिस्ट एवं निर्धारित प्रारूप उपलब्ध कराया। उन्होंने निर्देश दिया कि इनका वितरण संबंधित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के बीच किया जाए, ताकि मतदाता सूची से संबंधित शिकायतों का व्यवस्थित संकलन, सत्यापन और नियमित समीक्षा की जा सके। उन्होंने जोर दिया कि अभियान को केवल औपचारिक कार्यक्रम न बनाकर जमीनी स्तर पर परिणामोन्मुख गतिविधि के रूप में संचालित किया जाना चाहिए। बैठक के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिहार में गठबंधन के अंतर्गत विधानसभा चुनावों में सीटों के बंटवारे को लेकर अपनी चिंताएं भी व्यक्त कीं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि बार-बार चुनावों में गठबंधन के अन्य घटक दलों को अधिक सीटें दिए जाने तथा कांग्रेस के संभावित उम्मीदवारों एवं समर्पित कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं को पर्याप्त महत्व नहीं मिलने से संगठन के भीतर उपेक्षा और निराशा की भावना उत्पन्न होती है। उन्होंने आग्रह किया कि गठबंधन संबंधी निर्णयों में कांग्रेस की जमीनी स्थिति, स्थानीय नेताओं के योगदान और कार्यकर्ताओं की भावनाओं को उचित महत्व दिया जाना चाहिए। इस पर श्री जयसिंह अग्रवाल ने उपस्थित कांग्रेसजनों की भावनाओं को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि “आप सभी की भावनाओं का सम्मान करते हुए आपकी बातों एवं चिंताओं को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाया जाएगा।” उन्होंने कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं और संगठनात्मक सुझावों को उचित मंच तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया। बैठक में शिवहर जिले में कांग्रेस संगठन की वर्तमान स्थिति, जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता, जनसंपर्क बढ़ाने तथा संगठनात्मक समन्वय को मजबूत करने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। उपस्थित कांग्रेसजनों ने अपने अनुभव साझा करते हुए संगठन को अधिक सक्रिय एवं जनसरोकारों से जुड़ा बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में शिवहर प्रभारी श्री दिलीप खिरहर, उपाध्यक्ष श्री वशिष्ठ राउत, सचिव श्री प्रभात रंजन, युवा नेता श्री अभिषेक यादव एवं श्री अमित रंजन, पिपराही प्रखंड अध्यक्ष श्री एम. मुर्तजा, श्री अकरम, श्री विनोद साह, युवा नेता श्री आशुतोष कुमार सिंह, श्री समंस आलम, श्री सैयद अंसारी, श्री संतोष पटेल, श्री अभिषेक पटेल, श्री सहदेव राम, महिला कांग्रेस की श्रीमती आशा कुमारी, कोषाध्यक्ष श्री रघुवीर प्रसाद, महासचिव श्री प्रभात यादव सहित अन्य कांग्रेसजन, कार्यकर्ता एवं विद्यार्थी वर्ग के लोग उपस्थित रहे।

राहुल गांधी के बयान और 1 नवंबर की विपक्षी रैली पर व्यापारियों की चिंता: एक संपूर्ण रिपोर्ट

नई दिल्ली 27/10/2026: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आगामी 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली विपक्षी दलों की रैली और दिल्ली के व्यापारियों की चिंताओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो शेयर करते हुए दिल्ली के व्यापारियों को संबोधित किया और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने व्यापारियों से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहिए कि वो आरोपी नंबर 4 ज्ञानेश कुमार को हटाएं तो विपक्ष का आंदोलन 30 सेकंड में रुक जाएगा। राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर एक वीडियो शेयर करते हुए पोस्ट में दिल्ली के व्यापारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उनकी बात सुन रही है और उनके साथ खड़ी है। व्यापारियों से बोले राहुल- हम आपसे प्यार करते हैं राहुल गांधी ने एक्स पोस्ट में कहा कि ‘कांग्रेस दिल्ली के हर व्यापारी के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि हम आपसे प्यार करते हैं, आपकी बात सुन रहे हैं। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मेट्रो सरकार ने बंद की, सड़कें सरकार ने सील की, राजधानी पर ताला सरकार ने लगाया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि जब वोट ही चोरी हो जाए, तो कुछ भी सुरक्षित नहीं- न आपकी दुकान, न आपकी बचत, न आपके बच्चों का भविष्य।’ ज्ञानेश कुमार को बताया ‘आरोपी नंबर 4’ कांग्रेस सांसद ने व्यापारियों से कहा कि ‘पीएम मोदी से कहिए- आरोपी नंबर 4, ज्ञानेश कुमार को हटाएं, 30 सेकंड में आंदोलन रुक जाएगा।’ कांग्रेस नेता ने हालांकि अपने इस पोस्ट में यह स्पष्ट नहीं किया कि उन्होंने ज्ञानेश कुमार को ‘आरोपी नंबर 4’ किस संदर्भ में कहा है। हालांकि, वह वोट चोरी के खिलाफ अभियान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार पर तीखे हमले बोलते रहे हैं। CTI से जुड़े व्यापारियों ने राहुल गांधी को भेजा था लेटर विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ आगामी एक नवंबर को वोट चोरी के खिलाफ रामलीला मैदान में रैली करने वाला है। इसी को लेकर पिछले दिनों ‘चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री’ (सीटीआई) के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर कहा था कि यह रैली ऐसे समय में हो रही जब त्योहारी सीजन है। जब धनतेरस और दिवाली से पहले व्यापारियों को बड़ी संख्या में ग्राहकों के आने की उम्मीद है। इस दौरान रामलीला मैदान के आसपास रैली से थोक और खुदरा बाजारों पर खरीदारी प्रभावित हो सकती है। ‘एक नवंबर की रैली 10 के बाद करने की अपील’ बृजेश गोयल ने कहा था कि दिल्ली में धनतेरस के आसपास सोना-चांदी, इलेक्ट्रॉनिक, कपड़े, बर्तन, सूखे मेवे, मिठाइयां, वाहन, संपत्ति और उपहार की वस्तुओं जैसे विभिन्न क्षेत्रों में करीब 25,000 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। इस साल धनतेरस छह नवंबर को है। दिवाली आठ नवंबर को मनाई जाएगी और इसके बाद 10 नवंबर को भाई दूज है। व्यापारियों के संगठन का कहना है कि त्योहारों से करीब एक सप्ताह पहले बाजारों में आम तौर पर गतिविधियां बढ़ जाती हैं, ऐसे में रैली का समय व्यापारियों के लिए चिंता का विषय है।

स्मृति ईरानी का छत्तीसगढ़ दौरा: 2028 विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत का लक्ष्य, मंत्रियों और विधायकों को दिए गए खास निर्देश

रायपुर 27/10/26 Mission 2028// भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय महासचिव और छत्तीसगढ़ प्रभारी स्मृति ईरानी ने कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश मुख्यालय में दो दिवसीय संगठनात्मक बैठकों का सफल समापन किया। इन बैठकों के दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ में ‘मिशन 2028’ का शंखनाद किया और कार्यकर्ताओं से लेकर मंत्रियों व विधायकों तक को पार्टी की आगामी रणनीति के तहत स्पष्ट निर्देश दिए। ‘मिशन 2028’ और संगठन की मजबूती पर जोर स्मृति ईरानी ने विश्वास जताया कि भाजपा आगामी 2028 के विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ में पूर्ण बहुमत के साथ अपनी सत्ता बरकरार रखेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘मिशन 2028’ केवल एक चुनावी लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह राज्य की पहचान, विकास और सुशासन के प्रति पार्टी की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने जीत का मूलमंत्र दिया और कहा: “चुनाव केवल मतपत्रों या वोटिंग मशीनों से नहीं जीते जाते, बल्कि इसके लिए पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत, जनता के साथ उनका व्यक्तिगत जुड़ाव और मजबूत संगठनात्मक ढांचा जरूरी है।” उन्होंने पार्टी के प्रत्येक कार्यक्रम और योजना को जमीनी स्तर पर बेहद प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया ताकि संगठन बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत हो सके। मंत्रियों और विधायकों के लिए सख्त निर्देश बैठक के दौरान स्मृति ईरानी ने प्रदेश के मंत्रियों और विधायकों को जनहित और संगठन से जुड़े अहम निर्देश दिए: मंत्रियों के लिए निर्देश: सभी मंत्री अपनी विधानसभा सीट के साथ-साथ अपने प्रभार वाले जिलों का भी नियमित और लगातार दौरा करें। विधायकों के लिए निर्देश: सभी विधायक अपने क्षेत्र के आम नागरिकों से निरंतर सीधा संवाद बनाए रखें। जनता के साथ जुड़ाव और मेल-जोल बढ़ाने के लिए उन्होंने दिवाली के आसपास स्नेह भोज (भोज) आयोजित करने के खास निर्देश दिए हैं। प्रदेश अध्यक्ष किरण देव का बयान दो दिनों तक चली इन बैठकों के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी के इस दो दिवसीय प्रवास से पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को अत्यंत महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है। संगठनात्मक दृष्टिकोण से यह बैठकें बेहद अहम रहीं, जिनमें आगामी कार्ययोजना और चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान कुल 12 अलग-अलग श्रेणियों में बैठकें आयोजित की गईं। 📍

रायपुर: बीजेपी प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के दौरे में सख्त अनुशासन, मंत्रियों को भी गाड़ी और फोन के बिना करनी पड़ी एंट्री

रायपुर 26 अक्टूबर 2026 BJP Office Discipline : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रविवार को बीजेपी प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के दो दिवसीय दौरे के दौरान पार्टी कार्यालय में बेहद सख्त और अनुशासित व्यवस्था देखने को मिली। प्रदेश कार्यालय में सत्ता और संगठन की बैठकों के दौरान कड़े नियमों का पालन कराया गया, जिसके तहत मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को भी विशेष छूट नहीं दी गई। बैठक के दौरान किसी भी मंत्री या वरिष्ठ नेता को अपनी गाड़ियों के साथ प्रदेश कार्यालय के अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली। मुख्य गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड्स ने छत्तीसगढ़ के मंत्री खुशवंत साहेब के काफिले को भी अंदर जाने से रोक दिया। इसके बाद मंत्री को गाड़ी गेट के बाहर छोड़कर पैदल ही प्रदेश कार्यालय के अंदर जाना पड़ा। खुशवंत साहेब के अलावा पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय और वरिष्ठ नेता धरमलाल कौशिक समेत अन्य सभी मंत्रियों व नेताओं के काफिलों को भी गेट के बाहर ही रोक दिया गया। सिर्फ मंत्रियों की गाड़ियों पर ही नहीं, बल्कि सुरक्षा और गोपनीयता के लिहाज से कार्यालय के अंदर प्रवेश करने वाले सभी वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों के मोबाइल फोन भी बाहर ही रखवा लिए गए थे। चुनिंदा लोगों को ही मिली एंट्री और कोर ग्रुप की बैठक स्थगित कार्यालय में चल रही बैठकों को लेकर अनुशासन का दायरा आगंतुकों पर भी सख्ती से लागू किया गया। मीटिंग में केवल उन्हीं कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को प्रवेश दिया गया, जिनके नाम पहले से तय सूची में शामिल थे। सूची में नाम न होने के कारण पार्टी के कई पदाधिकारियों को बिना मीटिंग में शामिल हुए ही वापस लौटना पड़ा। इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी की मुलाकात प्रदेश कार्यालय में हुई। मुलाकात के बाद दोनों नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम ‘मन की बात’ को सुनने के लिए अभनपुर रवाना हुए। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव भी मौजूद नहीं थे और मन की बात सुनने के लिए केवल पूर्व निर्धारित लोगों को ही साथ रखा गया था। वहीं, निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रविवार शाम को होने वाली बीजेपी प्रदेश कोर ग्रुप की बैठक के समय में बदलाव किया गया है। अब यह महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को होगी, जिसमें प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी जमीनी स्तर से फीडबैक लेने के बाद नेताओं के साथ चर्चा करेंगी।

“सनातन और हिंदुत्व अलग-अलग”: शाजापुर में बोले दिग्विजय सिंह- सावरकर ने दिया था हिंदुत्व शब्द, संविधान पर भी उठाए सवाल

शाजापुर (मध्य प्रदेश) 26अक्टूबर 2026 Madhya Pradesh Politics : मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की उज्जैन से अयोध्या तक निकाली जा रही पदयात्रा जब शाजापुर पहुंची, तब उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान हिंदुत्व और सनातन धर्म को लेकर बड़ा बयान दिया। दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह न तो कभी हिंदुत्व के समर्थक थे और न ही आगे कभी रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि सनातन धर्म और हिंदुत्व दो पूरी तरह अलग अवधारणाएं हैं। उन्होंने कहा, “हिंदुत्व का सनातन धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। सनातन धर्म हज़ारों साल पुराना है, जबकि ‘हिंदुत्व’ शब्द वीर सावरकर द्वारा दिया गया था। हमारे सनातन धर्म में कटुता और नफरत के लिए कोई स्थान नहीं है।” “संविधान खतरे में, चुनाव आयोग पर उठाए सवाल” संविधान और मतदान के अधिकारों पर चिंता जताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का संविधान आज खतरे में है। उन्होंने मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पर चुनाव आयोग को घेरते हुए कहा कि संविधान हर भारतीय को मतदान का अधिकार देता है। मतदाता सूची में नाम जोड़ना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है, लेकिन आयोग के पास यह तय करने का अधिकार नहीं है कि कौन भारत का नागरिक है और कौन नहीं। उन्होंने मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि नोट चोरी और वोट चोरी, दोनों मामलों में ज्ञानेश कुमार की भूमिका रही है।

कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के विवादित बयान पर गरमाई सियासत: भूपेश बघेल ने किया बचाव, कहा- ‘इसमें कोई अपमान की बात नहीं’

रायपुर 26 अक्टूबर 2026:कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पटना में दिए गए एक बयान को लेकर देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। खड़गे ने अपने भाषण के दौरान कहा था कि “मोदी क्या, मोदी का बाप भी जाएगा।” इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा हमला बोलते हुए कांग्रेस पार्टी और खड़गे से सार्वजनिक माफी की मांग की है। वहीं, कांग्रेस पार्टी अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के बचाव में खुलकर मैदान में उतर आई है। दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खड़गे के बयान को पूरी तरह से सामान्य बताया और इसे लेकर किसी भी तरह के अपमान से इनकार किया। “यह सिर्फ बोलने का एक तरीका है” समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए भूपेश बघेल ने कहा, “इसमें अपशब्द जैसी बात क्या है? उस युवक के जरिए मल्लिकार्जुन खड़गे को उकसाया गया और बुलवाया गया। वह भाषण दे रहे थे और भीड़ में से एक आदमी लगातार चिल्ला रहा था।” बघेल ने आगे कहा, “यह तो सिर्फ अपनी बात कहने और बोलने का एक अंदाज है- ‘वो नहीं, उसका देवता भी जाएगा’, और उसी लहजे में ‘उसका बाप भी जाएगा’ कह दिया गया। तो इसे कोई अपमानजनक बात नहीं कहा जा सकता।” भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप भूपेश बघेल ने पलटवार करते हुए भाजपा पर प्रधानमंत्री पद की गरिमा गिराने और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अतीत में दिए गए बयानों को लेकर निशाना साधा। आपत्तिजनक बयानों का जिक्र: बघेल ने कहा कि अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने की शुरुआत हमेशा भाजपा की तरफ से होती है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कभी प्रधानमंत्री पद पर बैठे किसी व्यक्ति ने पहले ऐसी बातें की थीं? पुराने बयानों की याद: उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं और पीएम मोदी द्वारा अतीत में ’50 करोड़ की गर्लफ्रेंड’, ‘जर्सी गाय’ और ‘मंगलसूत्र छीनने’ जैसे बयान दिए गए हैं। भाजपा की चुप्पी पर सवाल: कांग्रेस नेता ने तंज कसते हुए कहा कि जब प्रधानमंत्री इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं, तब भाजपा के लोग चुप क्यों बैठ जाते हैं? यदि उनमें थोड़ी भी नैतिकता है, तो उन्हें पहले पीएम मोदी को ऐसी भाषा का उपयोग करने से रोकना चाहिए था। इस पूरे घटनाक्रम के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है, और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ने के आसार हैं।

धर्म

चारधाम यात्रा 2026: श्रद्धालुओं का ऐतिहासिक रिकॉर्ड, 60 लाख से अधिक भक्तों ने किए दर्शन

देहरादून 23 अक्टूबर 2026 Char Dham Yatra 2026 : उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस वर्ष अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुकी है। हिमालयी तीर्थस्थलों के दर्शन के लिए इस सीजन में आस्था का जनसैलाब उमड़ा, जिसने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में अब तक 60 लाख (6 मिलियन) से अधिक तीर्थयात्री चारों पवित्र धामों—बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री—के दर्शन कर चुके हैं। बद्रीनाथ धाम शीर्ष पर, केदारनाथ दूसरे स्थान पर प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष श्रद्धालुओं की पहली पसंद बद्रीनाथ धाम रहा, जहाँ सबसे अधिक 20,69,866 तीर्थयात्री पहुँचे। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज वहीं, केदारनाथ धाम 17,75,059 श्रद्धालुओं की उपस्थिति के साथ दूसरे स्थान पर रहा। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2023 में 56 लाख और वर्ष 2024 में 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे, जबकि इस बार यह संख्या 60 लाख के पार पहुँच गई है। 16 नवंबर को कपाट बंद होने के साथ समाप्त होगा ग्रीष्मकालीन चरण 19 अप्रैल 2026 को शुरू हुई यह पवित्र यात्रा आगामी 16 नवंबर को बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही शीतकाल के लिए विश्राम लेगी। हालांकि, इसके बाद शीतकालीन चारधाम यात्रा का शुभारंभ होगा। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि प्रशासन शीतकालीन यात्रा की तैयारियों पर मुस्तैदी से काम कर रहा है। माँ गंगा के मुखबा और माँ यमुना के खरसाली स्थित शीतकालीन निवासों पर विराजमान होने के बाद भक्त वहाँ दर्शन कर सकेंगे। इसी तरह केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद उखीमठ में श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन जारी रख सकेंगे। मानसून और आपदा की चुनौतियों के बीच सुगम संचालन इस वर्ष मानसून के दौरान प्राकृतिक आपदाओं की चुनौतियाँ सामने आईं, लेकिन राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के त्वरित प्रयासों से यात्रा को सुरक्षित रूप से जारी रखा गया। श्रद्धालुओं के लिए मार्गों पर स्वास्थ्य, सुरक्षा, यातायात और आपातकालीन सुविधाओं को मुस्तैद किया गया था। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा: “60 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन उत्तराखंड की पवित्रता और लोगों की अटूट आस्था को दर्शाता है। राज्य सरकार हर श्रद्धालु की यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।”

मां बम्लेश्वरी के भक्तों के लिए बड़ी खबर: डोंगरगढ़ नवरात्रि मेले में 1100 जवानों का पहरा, पदयात्रियों को मिलेंगे 20 हजार रेडियम स्टिकर, जानें सुरक्षा और ट्रैफिक का पूरा प्लान

रायपुर/राजनांदगांव 11 अक्टूबर 2025 Dongargarh Navratri Mela:  शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर

रामदेव पीर जयंती पर भव्य समारोह: गुजराती समाज की नवीन कार्यकारिणी का हुआ शपथ ग्रहण, कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन ने की 20 लाख की घोषणा

समारोह में कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन,जिला भाजपाध्यक्ष गोपाल मोदी एवं निगम सभापति

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