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SIR प्रक्रिया और CEC के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन आज; सुरक्षा बल अलर्ट, कई प्रमुख हस्तियां होंगी शामिल

नई दिल्ली 23 अक्टूबर 2026: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को पूरी तरह रद्द करने की मांग को लेकर आज, 23 अक्टूबर को देशभर में विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है। यह आंदोलन ‘पीपल अगेंस्ट SIR’ गठबंधन के बैनर तले आयोजित किया जा रहा है, जिसने देशवासियों से ‘हर हाथ में तिरंगा, हर गली में जंतर-मंतर’ के नारे के साथ जुड़ने की अपील की है। 200 से अधिक संगठनों का समर्थन इस आंदोलन को व्यापक रूप देने के लिए 14 अक्टूबर को दिल्ली में एक आपातकालीन बैठक आयोजित की गई थी। इसमें छात्रों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, दलितों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों और अन्य सामाजिक वर्गों के 200 से अधिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और 23 अक्टूबर को देशव्यापी जन-मार्च का निर्णय लिया। आंदोलन में शामिल होंगी चर्चित हस्तियां प्रदर्शन को लेकर जारी आधिकारिक पोस्टर और घोषणाओं के अनुसार, इसमें कई प्रमुख हस्तियां हिस्सा ले रही हैं। राजनीतिक अर्थशास्त्री पराकला प्रभाकर (केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पति) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर लोगों से लोकतंत्र की बहाली के लिए इस मार्च में शामिल होने का आह्वान किया है। इसके अलावा, वकील प्रशांत भूषण, किसान नेता राकेश टिकैत, सामाजिक कार्यकर्ता तुषार गांधी, अभिनेता प्रकाश राज, छात्र नेता आईशे घोष, अभिजीत दिपके और नेहा बोरा जैसे प्रमुख चेहरे भी इस आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। पहले हुए प्रदर्शन और गिरफ्तारियां इससे पहले 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा जंतर-मंतर पर किए गए प्रदर्शन के दौरान पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने लगभग 7 हजार लोगों को हिरासत में लिया था। इसके बाद 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पहुंचे CJP नेता सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिक्य शिंदे को गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल भेज दिया गया था। वहीं 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में तिरंगा मार्च निकालने की कोशिश कर रहे अभिजीत दिपके को भी पहले ही हिरासत में ले लिया गया था। हालिया घटनाओं को देखते हुए दिल्ली और देश के अन्य प्रमुख हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है तथा प्रशासनिक पाबंदियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।

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रेलवे काउंटर टिकट यात्रियों को भी मिलेगा सफर के दौरान बीमा का फायदा, सुप्रीम कोर्ट का रेलवे बोर्ड को सख्त अल्टीमेटम

नई दिल्ली 18 अक्टूबर 2026 Railway Travel Insurance: भारतीय रेलवे के अनारक्षित और काउंटर टिकट से यात्रा करने वाले करोड़ों आम यात्रियों के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सामने आया

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SIR प्रक्रिया और CEC के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन आज; सुरक्षा बल अलर्ट, कई प्रमुख हस्तियां होंगी शामिल

नई दिल्ली 23 अक्टूबर 2026: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को पूरी तरह रद्द करने की मांग को

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देहरादून 23 अक्टूबर 2026 Char Dham Yatra 2026 : उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस वर्ष अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुकी है। हिमालयी तीर्थस्थलों के दर्शन के लिए

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फ्रांस में हिंसा और भारत में प्रदर्शनों के तार जुड़े? भाजपा का राहुल गांधी पर ‘गद्दारी’ और ‘सत्ता परिवर्तन’ की साजिश का आरोप; कांग्रेस का पलटवार

नई दिल्ली 23 अक्टूबर 2026 BJP vs Congress : फ्रांस में हाल ही में हुए दंगों और भारत में निर्वाचन आयोग के खिलाफ हुए विरोध-प्रदर्शनों के बीच कथित संबंधों को लेकर एक मीडिया रिपोर्ट के सामने आने के बाद देश में राजनीतिक घमासान मच गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस रिपोर्ट का हवाला देते हुए कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर “अराजकता फैलाने और सत्ता परिवर्तन की विदेशी साजिश” का हिस्सा होने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं, कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा पर जनाक्रोश से ध्यान भटकाने और झूठ फैलाने का आरोप लगाया है। विदेशी पड़ताल और ‘रेड-ग्रीन’ गठबंधन का दावा ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ में प्रकाशित एक खबर के अनुसार, ‘फॉक्स न्यूज’ की एक जांच में यह दावा किया गया है कि फ्रांस के दंगों और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर भारत में हुए प्रदर्शनों के बीच संबंध हैं। भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि विदेशी जांच से पता चलता है कि 9 देशों में फैले लगभग 101 संगठन एक ऐसा तंत्र चला रहे हैं, जिसका मकसद चुनी हुई सरकारों को गिराना है। भाटिया ने इसे ‘रेड-ग्रीन अलायंस’ करार देते हुए कहा कि इसमें लाल रंग कम्युनिस्ट समूहों का और हरा रंग इस्लामी संगठनों का प्रतिनिधित्व करता है। गौरव भाटिया ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि वे देश के सामने अराजकता का मॉडल पेश कर रहे हैं और उन्हें “गद्दार” व “मीर जाफर” तक कह दिया। ‘प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल’ से मुलाकात पर सवाल भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि जांच रिपोर्ट ‘ग्लोबल केऑस इंक ग्रोज टू 101 ग्रुप्स’ से यह साफ होता है कि ‘प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल’ (PI) नामक कम्युनिस्ट संगठन फ्रांस और भारत जैसे देशों में विरोध-प्रदर्शनों के संदेशों का समन्वय कर रहा था। भंडारी ने आरोप लगाया कि अप्रैल 2025 में राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने ‘प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल’ के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी। भाजपा ने कांग्रेस से सवाल किया: क्या कांग्रेस ने देश में हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान इस विदेशी संगठन के साथ समन्वय किया था? क्या राहुल गांधी का वियतनाम दौरा अराजक प्रदर्शनों से संबंधित निर्देश प्राप्त करने के लिए था? कांग्रेस की तीखी प्रतिक्रिया भाजपा के इन तीखे हमलों पर पलटवार करते हुए कांग्रेस ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया। कांग्रेस का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में कथित ‘वोट चोरी’ को लेकर जनता में भारी आक्रोश है। भाजपा अपनी विफलताओं, हताशा और घबराहट को छिपाने के लिए इस तरह की कहानियां गढ़ रही है ताकि मुख्य मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाया जा सके।

भाजयुमो राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा: छत्तीसगढ़ के भूपेंद्र नाग बने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, अनमोल झा को मिला सदस्य का पद

रायपुर 21 अक्टूबर 2026 Bhupendra Nag :भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा (भाजयुमो) की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा कर दी गई है। राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा जारी इस सूची में छत्तीसगढ़ के दो युवा नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी और अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। घोषणा के अनुसार, राज्य के जुझारू युवा नेता भूपेंद्र नाग को भाजयुमो का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि अनमोल झा को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज राष्ट्रीय संगठन में स्थान मिलने से प्रदेश के कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी शुभकामनाएं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई व शुभकामनाएं दी हैं। सोशल मीडिया पर अपना संदेश साझा करते हुए उन्होंने लिखा: “भारतीय जनता युवा मोर्चा के सभी नवनियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्यों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। हमें विश्वास है कि आप सभी युवा साथी ऊर्जा और सेवाभाव के साथ संगठन को सशक्त बनाने तथा विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। आप सभी के सफल एवं यशस्वी कार्यकाल की मंगलकामना करता हूं।” कौन हैं भूपेंद्र नाग? निवासी व जन्म: भूपेंद्र नाग मूलतः छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित कांकेर जिले के रहने वाले हैं। उनका जन्म 4 मई 1991 को हुआ था। सामाजिक पृष्ठभूमियों: वह अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के बल्बा समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। शैक्षणिक योग्यता: उन्होंने बस्तर विश्वविद्यालय से एलएलबी (LLB) की डिग्री हासिल की है। अनुभव: वह पूर्व में भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ के मीडिया पैनलिस्ट के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। 2007 से राजनीति में सक्रिय, संगठन में लंबा अनुभव भूपेंद्र नाग का राजनीतिक और संगठनात्मक सफर काफी लंबा और अनुभवपूर्ण रहा है: शुरुआत: उन्होंने साल 2007 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से अपने छात्र जीवन की राजनीति की शुरुआत की थी। संगठनात्मक पद: वह भाजयुमो छत्तीसगढ़ के प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुके हैं और उन्होंने दुर्ग संभाग के प्रभारी के रूप में भी बेहतरीन काम किया है। सामाजिक व संगठनात्मक कार्यों का मिला पुरस्कार सूत्रों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, बस्तर जैसे संवेदनशील अंचल में उनके द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों और प्रदेश स्तर पर संगठन को मजबूत करने में निभाई गई सक्रिय भूमिका के कारण ही उन्हें यह राष्ट्रीय पहचान मिली है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज इस नियुक्ति के साथ ही छत्तीसगढ़ को भाजयुमो के राष्ट्रीय संगठन में एक सशक्त प्रतिनिधित्व हासिल हुआ है।

छत्तीसगढ़ बीजेपी प्रभारी स्मृति ईरानी की नेताओं को सख्त हिदायत

सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत प्रचार छोड़, सरकारी योजनाओं का करें प्रसार रायपुर 21 अक्टूबर 2026 Smriti Irani : छत्तीसगढ़ बीजेपी की नई प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के आगामी रायपुर दौरे से पहले संगठन में हलचल तेज हो गई है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज अपने पहले दो दिवसीय दौरे (25 और 26 अक्टूबर) पर रायपुर पहुँचने से पहले स्मृति ईरानी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं को कड़ा निर्देश जारी किया है। Advt उन्होंने स्पष्ट किया है कि नेता अपने सोशल मीडिया हैंडल पर निजी प्रचार या व्यक्तिगत तस्वीरों की जगह केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी शेयर करें। IT सेल तैयार करेगी रिपोर्ट कार्ड बीजेपी सूत्रों के अनुसार, पार्टी की आईटी सेल सभी जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर पैनी नज़र रख रही है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज नेताओं द्वारा की जा रही पोस्ट के आधार पर एक विस्तृत ‘रिपोर्ट कार्ड’ तैयार किया जाएगा। माना जा रहा है कि भविष्य में नेताओं को दी जाने वाली संगठनात्मक ज़िम्मेदारियों और पदों का फैसला इसी रिपोर्ट कार्ड के आधार पर होगा। दौरे का मुख्य एजेंडा और समीक्षा बैठकें स्मृति ईरानी छत्तीसगढ़ बीजेपी प्रभारी बनने के बाद पहली बार दो दिवसीय प्रवास पर आ रही हैं। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज इस दौरान वह कई महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लेंगी और सत्ता व संगठन के बीच समन्वय तथा भविष्य की रणनीतियों पर मंथन करेंगी। दौरे के दौरान वह मंत्रियों, विधायकों, सांसदों और पूर्व जनप्रतिनिधियों के साथ ‘वन-टू-वन’ समीक्षा बैठकें भी करेंगी। गौरतलब है कि पद संभालने के बाद हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिल्ली में स्मृति ईरानी से मुलाकात कर राज्य के विभिन्न विषयों पर चर्चा की थी।

राहुल गांधी की वियतनाम यात्रा पर रार: BJP का छुट्टी मनाने का तंज, कांग्रेस बोली— ‘छात्रों से संवाद करने गए हैं’

नई दिल्ली 20 अक्टूबर 2026: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की कथित विदेश यात्रा को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। हाल ही में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर ‘इंडिया’ गठबंधन के दिल्ली प्रदर्शन के तुरंत बाद शुरू हुई इस बयानबाजी ने सियासी पारा बढ़ा दिया है। भाजपा का आरोप: “जब देश में मुद्दा हो, तब वैकेशन मोड में राहुल” भाजपा ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ (ट्विटर) हैंडल और राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी के जरिए एक वीडियो शेयर किया है। वीडियो में फ्लाइट के एक टिकट के साथ दावा किया गया है कि राहुल गांधी वियतनाम रवाना हुए हैं। हालांकि, इस वीडियो की तारीख की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रदीप भंडारी ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी फिर से अपनी पुरानी आदत दोहरा रहे हैं। एक तरफ कांग्रेस देश में विरोध प्रदर्शन का माहौल बनाती है, वहीं दूसरी तरफ नेता प्रतिपक्ष नवरात्र के दौरान छुट्टियों का आनंद लेने देश से बाहर चले जाते हैं। कांग्रेस का पलटवार: “राहुल पीएम नहीं जो संसद सत्र में विदेश जाएं” भाजपा के हमलों पर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने जोरदार पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष के रूप में अपनी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। वे विदेश जाकर लंदन और वियतनाम जैसे देशों के विश्वविद्यालयों में छात्रों, शिक्षाविदों और बुद्धिजीवियों से संवाद करते हैं। संदीप दीक्षित ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि पुरानी संसदीय परंपराओं को दरकिनार कर संसद सत्र के दौरान विदेश यात्राएं खुद प्रधानमंत्री ने की हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि राहुल गांधी विदेशों में प्रेस से संवाद करते हैं, जबकि प्रधानमंत्री कभी ऐसा नहीं करते।

राहुल गांधी का ‘नया अवतार’: 2024 के बाद बदला सियासी अंदाज, जानिए पर्दे के पीछे की वो ताकतवर टीम जो तय करती है हर रणनीति

नई दिल्ली 17 अक्टूबर 2026: साल 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद भारतीय राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है—कांग्रेस नेता राहुल गांधी का बदला हुआ और अधिक परिपक्व रूप। संसद में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद (जो उनके पांचवें कार्यकाल में पहला संवैधानिक पद है), राहुल गांधी के तेवर और भी आक्रामक हुए हैं। चाहे केंद्र सरकार पर हमला हो, ‘वोट चोरी’ के आरोप हों या मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष की लामबंदी—राहुल गांधी अब संभलकर और रणनीतिक अंदाज में अपनी बात रख रहे हैं।पहले भी राहुल गांधी इसी तरह से हमला बोलते थे, लेकिन मामला अदालत तक पहुंच जाता था, जिससे फजीहत होती थी. लेकिन अब राहुल गांधी संभलकर और अंदाज बदलकर बोलने लगे हैं. लेकिन इस बड़े बदलाव के पीछे सिर्फ राहुल गांधी ही नहीं, बल्कि उनकी वो कोर टीम है जो पर्दे के पीछे रहकर हर कदम, हर रणनीति और हर भाषण को रूप देती है। इस 9-10 सदस्यों वाली कोर टीम में देश के अलग-अलग हिस्सों—बिहार, बंगाल से लेकर गुजरात तक—के विशेषज्ञ शामिल हैं। आइए जानते हैं राहुल गांधी के उन खास रणनीतिकारों के बारे में, जो उनके दौरों से लेकर सोशल मीडिया नैरेटिव तक सब कुछ संभालते हैं: 1. अलंकार सवाई: ‘आंख और कान’ ICICI बैंक के पूर्व कर्मचारी और अंबेडकरवादी विचारधारा से जुड़े अलंकार सवाई लंबे समय से राहुल गांधी के साथ हैं। उन्हें राहुल गांधी से मिलने से पहले का ‘आखिरी पड़ाव’ माना जाता है। ग्राउंड इंटेलिजेंस की अपनी टीम के जरिए वे जमीनी फीडबैक जुटाते हैं और राहुल के दौरों व रणनीतियों की योजना बनाते हैं। ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान भी उन्होंने प्रमुख भूमिका निभाई थी। 2. कौशल विद्यार्थी: नीति और रिसर्च के सूत्रधार बिहार के रहने वाले और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से शिक्षित कौशल विद्यार्थी 2019 में राहुल गांधी के आधिकारिक निजी सचिव रहे हैं। वे पार्टी नेताओं और राहुल गांधी के बीच मुख्य कड़ी हैं। इसके अलावा, रिसर्च टीम के साथ मिलकर राहुल गांधी के भाषणों के लिए तथ्य और इनपुट जुटाना इनकी मुख्य जिम्मेदारी है। 3. केबी बायजू: सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स के महारथी पूर्व SPG अधिकारी केबी बायजू ने 2010 में नौकरी छोड़कर राहुल की टीम जॉइन की थी। वे नेता प्रतिपक्ष की सुरक्षा, आवाजाही, यात्रा और सरकारी विभागों से जरूरी मंजूरियों की जिम्मेदारी संभालते हैं। ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान भी लॉजिस्टिक्स का पूरा काम इन्हीं के जिम्मे था। 4. सुनील कानूगोलु: चुनावी और नैरेटिव रणनीतिकार चुनाव रणनीतिकार सुनील कानूगोलु 2022 में कांग्रेस से जुड़े। कर्नाटक और तेलंगाना विधानसभा चुनावों में जीत तथा ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के पीछे उनकी रणनीति को काफी महत्वपूर्ण माना गया। वे सर्वे, कैंपेन मैनेजमेंट और पार्टी का नैरेटिव तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। 5. बी. श्रीवत्सा: डिजिटल और सोशल मीडिया का चेहरा विप्रो और बॉश जैसी दिग्गज कंपनियों में 10 साल काम कर चुके बी. श्रीवत्सा 2021 से राहुल गांधी की सोशल मीडिया उपस्थिति संभाल रहे हैं। राहुल गांधी के सोशल मीडिया पर पोस्ट होने वाला हर कंटेंट श्रीवत्सा की देखरेख और राहुल गांधी की मंजूरी से ही जारी होता है। शीर्ष नेतृत्व का भी पूरा सहयोग इन मुख्य चेहरों के अलावा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी वाड्रा, के.सी. वेणुगोपाल, सैम पित्रोदा और गौरव गोगोई जैसे वरिष्ठ नेता भी लगातार इस टीम को सलाह और इनपुट प्रदान करते हैं।

आम आदमी पार्टी ने निकाली ‘तिरंगा यात्रा’, अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी और पुलिस पाबंदियों पर केंद्र सरकार को घेरा

नई दिल्ली 16 अक्टूबर 2026 Aam Aadmi Party : जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने वाले जेनरेशन-जी (Gen-Z) युवाओं को जेल भेजे जाने और युवा कार्यकर्ता अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी के विरोध में आम आदमी पार्टी (आप) ने शुक्रवार को दिल्ली में एक विशाल ‘तिरंगा यात्रा’ निकाली। पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पार्टी मुख्यालय से ली मेरेडियन तक हाथों में तिरंगा लेकर मार्च किया और केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। Advt अरविंद केजरीवाल का केंद्र पर निशाना आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी को तानाशाही करार देते हुए कहा, “क्या अपने ही देश में तिरंगा फहराना जुर्म है? अगर हम भारत में तिरंगा नहीं लहराएंगे तो क्या पाकिस्तान में लहराएंगे?” केजरीवाल ने आरोप लगाया कि दीपके की गिरफ्तारी से स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवाओं से डरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को भारतीय तिरंगे से परेशानी है, उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए। संजय सिंह ने उठाए राष्ट्रवाद पर सवाल आप के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि देश में तिरंगा लहराना और ‘भारत माता की जय’ बोलना अपराध जैसा बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि आशुतोष रांका, सौरभ दास और अब अभिजीत दीपके जैसे युवाओं को जेल भेजकर आंदोलन को दबाया नहीं जा सकता। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर पलटवार करते हुए संजय सिंह ने कहा कि यह कोई जन्मदिन या किटी पार्टी नहीं, बल्कि “वोट चोर गद्दी छोड़” के नारे के साथ सत्ता परिवर्तन का आंदोलन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रोजगार की मांग करने वाले युवाओं को पाकिस्तानी या बांग्लादेशी बताना गलत है। पुलिस पाबंदियों पर सौरभ भारद्वाज का हमला सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली में लागू धारा 163 (बीएनएस) और पुलिस की पाबंदियों की निंदा करते हुए कहा कि नागरिकों को स्वतंत्र रूप से घूमने और अभिव्यक्ति की आजादी से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो सरकार कश्मीर में तिरंगा फहराने की बात करती थी, वही आज दिल्ली में एक दलित युवा को तिरंगा लहराने पर गिरफ्तार कर रही है। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा प्रदर्शन: गोपाल राय आप नेता गोपाल राय ने कहा कि 2 अक्टूबर से शुरू हुआ यह आंदोलन पिछले 15 दिनों से लगातार जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते और SIR रद्द नहीं होता, तब तक लोकतंत्र और तिरंगे के सम्मान के लिए यह लड़ाई जारी रहेगी।

टेक्नोलॉजी

क्या AI खत्म कर देगा पारंपरिक बैंकिंग? शेखर कपूर के सवाल पर छिड़ी नई बहस

नई दिल्ली 16 अक्टूबर 2026 Artificial Intelligence : आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बैंकिंग सेक्टर के कामकाज और कारोबार को पूरी तरह से बदल सकता है। मशहूर फिल्म निर्माता शेखर कपूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर एक विचारोत्तेजक पोस्ट शेयर करते हुए सवाल उठाया है—“अगर एआई खुद लोगों के पैसे संभालने, निवेश के बेहतर विकल्प खोजने और अधिक ब्याज दिलाने का काम करने लगे, तो फिर पारंपरिक बैंकों की जरूरत ही क्यों पड़ेगी?” शेखर कपूर की इस पोस्ट ने इंटरनेट पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि एआई बैंकिंग उद्योग को बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है, वहीं अन्य का कहना है कि बैंक बंद नहीं होंगे, बल्कि उनका काम करने का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा। Advt बैंकों की कमाई पर कैसे पड़ेगा असर? शेखर कपूर के अनुसार, बैंक जमाकर्ताओं के पैसे को कर्ज या निवेश में लगाकर बड़ी कमाई करते हैं और उसके बदले ग्राहकों को बहुत कम ब्याज देते हैं। बैंकों का मुनाफा उन ग्राहकों से भी होता है, जो आलस या झंझट के कारण बेहतर ब्याज दरों की तलाश में अपना पैसा दूसरी जगह ट्रांसफर नहीं करते। लेकिन अगर AI एजेंट हर रात ग्राहक के फंड के लिए खुद ही सबसे ज्यादा ब्याज देने वाले विकल्प खोजने लगें, तो ग्राहकों को खुद मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। ऐसे में बैंक ग्राहकों को कम ब्याज दर देकर पहले की तरह आसानी से मुनाफा नहीं कमा सकेंगे। क्या AI पूरी तरह से बैंकों की जगह ले सकता है? बहस में शामिल कई विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ एआई बैंकिंग का विकल्प नहीं बन सकता। सुरक्षा और जिम्मेदारी: लिंक्डइन यूजर अनय महिमकर ने लिखा कि एआई वित्तीय फैसले लेने में मदद तो कर सकता है, लेकिन कर्ज देना, जोखिम उठाना, सरकारी नियमों (Compliance) का पालन करना और भरोसा कायम रखना बैंकों की प्राथमिक जिम्मेदारी रहेगी। सटीक लोन प्रक्रिया: विशेषज्ञ कृष्णा लक्मसानी का कहना है कि एआई ग्राहकों की आमदनी और खर्चों का विश्लेषण करके उधार देने वालों और लेने वालों के बीच सीधा संपर्क बना सकता है। इससे बिचौलियों का असर कम होगा और एआई एजेंट ग्राहकों की ओर से बेहतर ब्याज दरों के लिए बातचीत (Negotiation) भी कर सकेंगे। बैंकों का भविष्य: क्या होंगी नई चुनौतियां? विशेषज्ञों का मानना है कि पैसों की सुरक्षा, डिजिटल पेमेंट और सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए बैंकों की प्रासंगिकता बनी रहेगी। हालाँकि, बैंकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती ग्राहकों को अपने साथ बनाए रखने की होगी। जो बैंक नई तकनीक, बेहतर ब्याज दरें और एआई-आधारित सेवाएं अपनाएंगे, वे ही भविष्य की बैंकिंग रेस में आगे टिक पाएंगे। 📍

व्यापार

फ्रांस में हिंसा और भारत में प्रदर्शनों के तार जुड़े? भाजपा का राहुल गांधी पर ‘गद्दारी’ और ‘सत्ता परिवर्तन’ की साजिश का आरोप; कांग्रेस का पलटवार

नई दिल्ली 23 अक्टूबर 2026 BJP vs Congress : फ्रांस में हाल ही में हुए दंगों और भारत में निर्वाचन आयोग के खिलाफ हुए विरोध-प्रदर्शनों के बीच कथित संबंधों को लेकर एक मीडिया रिपोर्ट के सामने आने के बाद देश में राजनीतिक घमासान मच गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस रिपोर्ट का हवाला देते हुए कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर “अराजकता फैलाने और सत्ता परिवर्तन की विदेशी साजिश” का हिस्सा होने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं, कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा पर जनाक्रोश से ध्यान भटकाने और झूठ फैलाने का आरोप लगाया है। विदेशी पड़ताल और ‘रेड-ग्रीन’ गठबंधन का दावा ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ में प्रकाशित एक खबर के अनुसार, ‘फॉक्स न्यूज’ की एक जांच में यह दावा किया गया है कि फ्रांस के दंगों और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर भारत में हुए प्रदर्शनों के बीच संबंध हैं। भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि विदेशी जांच से पता चलता है कि 9 देशों में फैले लगभग 101 संगठन एक ऐसा तंत्र चला रहे हैं, जिसका मकसद चुनी हुई सरकारों को गिराना है। भाटिया ने इसे ‘रेड-ग्रीन अलायंस’ करार देते हुए कहा कि इसमें लाल रंग कम्युनिस्ट समूहों का और हरा रंग इस्लामी संगठनों का प्रतिनिधित्व करता है। गौरव भाटिया ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि वे देश के सामने अराजकता का मॉडल पेश कर रहे हैं और उन्हें “गद्दार” व “मीर जाफर” तक कह दिया। ‘प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल’ से मुलाकात पर सवाल भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि जांच रिपोर्ट ‘ग्लोबल केऑस इंक ग्रोज टू 101 ग्रुप्स’ से यह साफ होता है कि ‘प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल’ (PI) नामक कम्युनिस्ट संगठन फ्रांस और भारत जैसे देशों में विरोध-प्रदर्शनों के संदेशों का समन्वय कर रहा था। भंडारी ने आरोप लगाया कि अप्रैल 2025 में राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने ‘प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल’ के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी। भाजपा ने कांग्रेस से सवाल किया: क्या कांग्रेस ने देश में हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान इस विदेशी संगठन के साथ समन्वय किया था? क्या राहुल गांधी का वियतनाम दौरा अराजक प्रदर्शनों से संबंधित निर्देश प्राप्त करने के लिए था? कांग्रेस की तीखी प्रतिक्रिया भाजपा के इन तीखे हमलों पर पलटवार करते हुए कांग्रेस ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया। कांग्रेस का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में कथित ‘वोट चोरी’ को लेकर जनता में भारी आक्रोश है। भाजपा अपनी विफलताओं, हताशा और घबराहट को छिपाने के लिए इस तरह की कहानियां गढ़ रही है ताकि मुख्य मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाया जा सके।

भाजयुमो राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा: छत्तीसगढ़ के भूपेंद्र नाग बने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, अनमोल झा को मिला सदस्य का पद

रायपुर 21 अक्टूबर 2026 Bhupendra Nag :भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा (भाजयुमो) की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा कर दी गई है। राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा जारी इस सूची में छत्तीसगढ़ के दो युवा नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी और अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। घोषणा के अनुसार, राज्य के जुझारू युवा नेता भूपेंद्र नाग को भाजयुमो का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि अनमोल झा को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज राष्ट्रीय संगठन में स्थान मिलने से प्रदेश के कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी शुभकामनाएं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई व शुभकामनाएं दी हैं। सोशल मीडिया पर अपना संदेश साझा करते हुए उन्होंने लिखा: “भारतीय जनता युवा मोर्चा के सभी नवनियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्यों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। हमें विश्वास है कि आप सभी युवा साथी ऊर्जा और सेवाभाव के साथ संगठन को सशक्त बनाने तथा विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। आप सभी के सफल एवं यशस्वी कार्यकाल की मंगलकामना करता हूं।” कौन हैं भूपेंद्र नाग? निवासी व जन्म: भूपेंद्र नाग मूलतः छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित कांकेर जिले के रहने वाले हैं। उनका जन्म 4 मई 1991 को हुआ था। सामाजिक पृष्ठभूमियों: वह अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के बल्बा समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। शैक्षणिक योग्यता: उन्होंने बस्तर विश्वविद्यालय से एलएलबी (LLB) की डिग्री हासिल की है। अनुभव: वह पूर्व में भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ के मीडिया पैनलिस्ट के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। 2007 से राजनीति में सक्रिय, संगठन में लंबा अनुभव भूपेंद्र नाग का राजनीतिक और संगठनात्मक सफर काफी लंबा और अनुभवपूर्ण रहा है: शुरुआत: उन्होंने साल 2007 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से अपने छात्र जीवन की राजनीति की शुरुआत की थी। संगठनात्मक पद: वह भाजयुमो छत्तीसगढ़ के प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुके हैं और उन्होंने दुर्ग संभाग के प्रभारी के रूप में भी बेहतरीन काम किया है। सामाजिक व संगठनात्मक कार्यों का मिला पुरस्कार सूत्रों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, बस्तर जैसे संवेदनशील अंचल में उनके द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों और प्रदेश स्तर पर संगठन को मजबूत करने में निभाई गई सक्रिय भूमिका के कारण ही उन्हें यह राष्ट्रीय पहचान मिली है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज इस नियुक्ति के साथ ही छत्तीसगढ़ को भाजयुमो के राष्ट्रीय संगठन में एक सशक्त प्रतिनिधित्व हासिल हुआ है।

छत्तीसगढ़ बीजेपी प्रभारी स्मृति ईरानी की नेताओं को सख्त हिदायत

सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत प्रचार छोड़, सरकारी योजनाओं का करें प्रसार रायपुर 21 अक्टूबर 2026 Smriti Irani : छत्तीसगढ़ बीजेपी की नई प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के आगामी रायपुर दौरे से पहले संगठन में हलचल तेज हो गई है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज अपने पहले दो दिवसीय दौरे (25 और 26 अक्टूबर) पर रायपुर पहुँचने से पहले स्मृति ईरानी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं को कड़ा निर्देश जारी किया है। Advt उन्होंने स्पष्ट किया है कि नेता अपने सोशल मीडिया हैंडल पर निजी प्रचार या व्यक्तिगत तस्वीरों की जगह केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी शेयर करें। IT सेल तैयार करेगी रिपोर्ट कार्ड बीजेपी सूत्रों के अनुसार, पार्टी की आईटी सेल सभी जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर पैनी नज़र रख रही है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज नेताओं द्वारा की जा रही पोस्ट के आधार पर एक विस्तृत ‘रिपोर्ट कार्ड’ तैयार किया जाएगा। माना जा रहा है कि भविष्य में नेताओं को दी जाने वाली संगठनात्मक ज़िम्मेदारियों और पदों का फैसला इसी रिपोर्ट कार्ड के आधार पर होगा। दौरे का मुख्य एजेंडा और समीक्षा बैठकें स्मृति ईरानी छत्तीसगढ़ बीजेपी प्रभारी बनने के बाद पहली बार दो दिवसीय प्रवास पर आ रही हैं। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज इस दौरान वह कई महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लेंगी और सत्ता व संगठन के बीच समन्वय तथा भविष्य की रणनीतियों पर मंथन करेंगी। दौरे के दौरान वह मंत्रियों, विधायकों, सांसदों और पूर्व जनप्रतिनिधियों के साथ ‘वन-टू-वन’ समीक्षा बैठकें भी करेंगी। गौरतलब है कि पद संभालने के बाद हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिल्ली में स्मृति ईरानी से मुलाकात कर राज्य के विभिन्न विषयों पर चर्चा की थी।

राहुल गांधी की वियतनाम यात्रा पर रार: BJP का छुट्टी मनाने का तंज, कांग्रेस बोली— ‘छात्रों से संवाद करने गए हैं’

नई दिल्ली 20 अक्टूबर 2026: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की कथित विदेश यात्रा को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। हाल ही में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर ‘इंडिया’ गठबंधन के दिल्ली प्रदर्शन के तुरंत बाद शुरू हुई इस बयानबाजी ने सियासी पारा बढ़ा दिया है। भाजपा का आरोप: “जब देश में मुद्दा हो, तब वैकेशन मोड में राहुल” भाजपा ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ (ट्विटर) हैंडल और राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी के जरिए एक वीडियो शेयर किया है। वीडियो में फ्लाइट के एक टिकट के साथ दावा किया गया है कि राहुल गांधी वियतनाम रवाना हुए हैं। हालांकि, इस वीडियो की तारीख की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रदीप भंडारी ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी फिर से अपनी पुरानी आदत दोहरा रहे हैं। एक तरफ कांग्रेस देश में विरोध प्रदर्शन का माहौल बनाती है, वहीं दूसरी तरफ नेता प्रतिपक्ष नवरात्र के दौरान छुट्टियों का आनंद लेने देश से बाहर चले जाते हैं। कांग्रेस का पलटवार: “राहुल पीएम नहीं जो संसद सत्र में विदेश जाएं” भाजपा के हमलों पर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने जोरदार पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष के रूप में अपनी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। वे विदेश जाकर लंदन और वियतनाम जैसे देशों के विश्वविद्यालयों में छात्रों, शिक्षाविदों और बुद्धिजीवियों से संवाद करते हैं। संदीप दीक्षित ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि पुरानी संसदीय परंपराओं को दरकिनार कर संसद सत्र के दौरान विदेश यात्राएं खुद प्रधानमंत्री ने की हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि राहुल गांधी विदेशों में प्रेस से संवाद करते हैं, जबकि प्रधानमंत्री कभी ऐसा नहीं करते।

राहुल गांधी का ‘नया अवतार’: 2024 के बाद बदला सियासी अंदाज, जानिए पर्दे के पीछे की वो ताकतवर टीम जो तय करती है हर रणनीति

नई दिल्ली 17 अक्टूबर 2026: साल 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद भारतीय राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है—कांग्रेस नेता राहुल गांधी का बदला हुआ और अधिक परिपक्व रूप। संसद में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद (जो उनके पांचवें कार्यकाल में पहला संवैधानिक पद है), राहुल गांधी के तेवर और भी आक्रामक हुए हैं। चाहे केंद्र सरकार पर हमला हो, ‘वोट चोरी’ के आरोप हों या मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष की लामबंदी—राहुल गांधी अब संभलकर और रणनीतिक अंदाज में अपनी बात रख रहे हैं।पहले भी राहुल गांधी इसी तरह से हमला बोलते थे, लेकिन मामला अदालत तक पहुंच जाता था, जिससे फजीहत होती थी. लेकिन अब राहुल गांधी संभलकर और अंदाज बदलकर बोलने लगे हैं. लेकिन इस बड़े बदलाव के पीछे सिर्फ राहुल गांधी ही नहीं, बल्कि उनकी वो कोर टीम है जो पर्दे के पीछे रहकर हर कदम, हर रणनीति और हर भाषण को रूप देती है। इस 9-10 सदस्यों वाली कोर टीम में देश के अलग-अलग हिस्सों—बिहार, बंगाल से लेकर गुजरात तक—के विशेषज्ञ शामिल हैं। आइए जानते हैं राहुल गांधी के उन खास रणनीतिकारों के बारे में, जो उनके दौरों से लेकर सोशल मीडिया नैरेटिव तक सब कुछ संभालते हैं: 1. अलंकार सवाई: ‘आंख और कान’ ICICI बैंक के पूर्व कर्मचारी और अंबेडकरवादी विचारधारा से जुड़े अलंकार सवाई लंबे समय से राहुल गांधी के साथ हैं। उन्हें राहुल गांधी से मिलने से पहले का ‘आखिरी पड़ाव’ माना जाता है। ग्राउंड इंटेलिजेंस की अपनी टीम के जरिए वे जमीनी फीडबैक जुटाते हैं और राहुल के दौरों व रणनीतियों की योजना बनाते हैं। ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान भी उन्होंने प्रमुख भूमिका निभाई थी। 2. कौशल विद्यार्थी: नीति और रिसर्च के सूत्रधार बिहार के रहने वाले और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से शिक्षित कौशल विद्यार्थी 2019 में राहुल गांधी के आधिकारिक निजी सचिव रहे हैं। वे पार्टी नेताओं और राहुल गांधी के बीच मुख्य कड़ी हैं। इसके अलावा, रिसर्च टीम के साथ मिलकर राहुल गांधी के भाषणों के लिए तथ्य और इनपुट जुटाना इनकी मुख्य जिम्मेदारी है। 3. केबी बायजू: सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स के महारथी पूर्व SPG अधिकारी केबी बायजू ने 2010 में नौकरी छोड़कर राहुल की टीम जॉइन की थी। वे नेता प्रतिपक्ष की सुरक्षा, आवाजाही, यात्रा और सरकारी विभागों से जरूरी मंजूरियों की जिम्मेदारी संभालते हैं। ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान भी लॉजिस्टिक्स का पूरा काम इन्हीं के जिम्मे था। 4. सुनील कानूगोलु: चुनावी और नैरेटिव रणनीतिकार चुनाव रणनीतिकार सुनील कानूगोलु 2022 में कांग्रेस से जुड़े। कर्नाटक और तेलंगाना विधानसभा चुनावों में जीत तथा ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के पीछे उनकी रणनीति को काफी महत्वपूर्ण माना गया। वे सर्वे, कैंपेन मैनेजमेंट और पार्टी का नैरेटिव तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। 5. बी. श्रीवत्सा: डिजिटल और सोशल मीडिया का चेहरा विप्रो और बॉश जैसी दिग्गज कंपनियों में 10 साल काम कर चुके बी. श्रीवत्सा 2021 से राहुल गांधी की सोशल मीडिया उपस्थिति संभाल रहे हैं। राहुल गांधी के सोशल मीडिया पर पोस्ट होने वाला हर कंटेंट श्रीवत्सा की देखरेख और राहुल गांधी की मंजूरी से ही जारी होता है। शीर्ष नेतृत्व का भी पूरा सहयोग इन मुख्य चेहरों के अलावा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी वाड्रा, के.सी. वेणुगोपाल, सैम पित्रोदा और गौरव गोगोई जैसे वरिष्ठ नेता भी लगातार इस टीम को सलाह और इनपुट प्रदान करते हैं।

आम आदमी पार्टी ने निकाली ‘तिरंगा यात्रा’, अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी और पुलिस पाबंदियों पर केंद्र सरकार को घेरा

नई दिल्ली 16 अक्टूबर 2026 Aam Aadmi Party : जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने वाले जेनरेशन-जी (Gen-Z) युवाओं को जेल भेजे जाने और युवा कार्यकर्ता अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी के विरोध में आम आदमी पार्टी (आप) ने शुक्रवार को दिल्ली में एक विशाल ‘तिरंगा यात्रा’ निकाली। पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पार्टी मुख्यालय से ली मेरेडियन तक हाथों में तिरंगा लेकर मार्च किया और केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। Advt अरविंद केजरीवाल का केंद्र पर निशाना आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी को तानाशाही करार देते हुए कहा, “क्या अपने ही देश में तिरंगा फहराना जुर्म है? अगर हम भारत में तिरंगा नहीं लहराएंगे तो क्या पाकिस्तान में लहराएंगे?” केजरीवाल ने आरोप लगाया कि दीपके की गिरफ्तारी से स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवाओं से डरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को भारतीय तिरंगे से परेशानी है, उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए। संजय सिंह ने उठाए राष्ट्रवाद पर सवाल आप के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि देश में तिरंगा लहराना और ‘भारत माता की जय’ बोलना अपराध जैसा बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि आशुतोष रांका, सौरभ दास और अब अभिजीत दीपके जैसे युवाओं को जेल भेजकर आंदोलन को दबाया नहीं जा सकता। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर पलटवार करते हुए संजय सिंह ने कहा कि यह कोई जन्मदिन या किटी पार्टी नहीं, बल्कि “वोट चोर गद्दी छोड़” के नारे के साथ सत्ता परिवर्तन का आंदोलन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रोजगार की मांग करने वाले युवाओं को पाकिस्तानी या बांग्लादेशी बताना गलत है। पुलिस पाबंदियों पर सौरभ भारद्वाज का हमला सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली में लागू धारा 163 (बीएनएस) और पुलिस की पाबंदियों की निंदा करते हुए कहा कि नागरिकों को स्वतंत्र रूप से घूमने और अभिव्यक्ति की आजादी से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो सरकार कश्मीर में तिरंगा फहराने की बात करती थी, वही आज दिल्ली में एक दलित युवा को तिरंगा लहराने पर गिरफ्तार कर रही है। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा प्रदर्शन: गोपाल राय आप नेता गोपाल राय ने कहा कि 2 अक्टूबर से शुरू हुआ यह आंदोलन पिछले 15 दिनों से लगातार जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते और SIR रद्द नहीं होता, तब तक लोकतंत्र और तिरंगे के सम्मान के लिए यह लड़ाई जारी रहेगी।

धर्म

चारधाम यात्रा 2026: श्रद्धालुओं का ऐतिहासिक रिकॉर्ड, 60 लाख से अधिक भक्तों ने किए दर्शन

देहरादून 23 अक्टूबर 2026 Char Dham Yatra 2026 : उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस वर्ष अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुकी है। हिमालयी तीर्थस्थलों के दर्शन के लिए इस सीजन में आस्था का जनसैलाब उमड़ा, जिसने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में अब तक 60 लाख (6 मिलियन) से अधिक तीर्थयात्री चारों पवित्र धामों—बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री—के दर्शन कर चुके हैं। बद्रीनाथ धाम शीर्ष पर, केदारनाथ दूसरे स्थान पर प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष श्रद्धालुओं की पहली पसंद बद्रीनाथ धाम रहा, जहाँ सबसे अधिक 20,69,866 तीर्थयात्री पहुँचे। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज वहीं, केदारनाथ धाम 17,75,059 श्रद्धालुओं की उपस्थिति के साथ दूसरे स्थान पर रहा। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2023 में 56 लाख और वर्ष 2024 में 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे, जबकि इस बार यह संख्या 60 लाख के पार पहुँच गई है। 16 नवंबर को कपाट बंद होने के साथ समाप्त होगा ग्रीष्मकालीन चरण 19 अप्रैल 2026 को शुरू हुई यह पवित्र यात्रा आगामी 16 नवंबर को बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही शीतकाल के लिए विश्राम लेगी। हालांकि, इसके बाद शीतकालीन चारधाम यात्रा का शुभारंभ होगा। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि प्रशासन शीतकालीन यात्रा की तैयारियों पर मुस्तैदी से काम कर रहा है। माँ गंगा के मुखबा और माँ यमुना के खरसाली स्थित शीतकालीन निवासों पर विराजमान होने के बाद भक्त वहाँ दर्शन कर सकेंगे। इसी तरह केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद उखीमठ में श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन जारी रख सकेंगे। मानसून और आपदा की चुनौतियों के बीच सुगम संचालन इस वर्ष मानसून के दौरान प्राकृतिक आपदाओं की चुनौतियाँ सामने आईं, लेकिन राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के त्वरित प्रयासों से यात्रा को सुरक्षित रूप से जारी रखा गया। श्रद्धालुओं के लिए मार्गों पर स्वास्थ्य, सुरक्षा, यातायात और आपातकालीन सुविधाओं को मुस्तैद किया गया था। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा: “60 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन उत्तराखंड की पवित्रता और लोगों की अटूट आस्था को दर्शाता है। राज्य सरकार हर श्रद्धालु की यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।”

मां बम्लेश्वरी के भक्तों के लिए बड़ी खबर: डोंगरगढ़ नवरात्रि मेले में 1100 जवानों का पहरा, पदयात्रियों को मिलेंगे 20 हजार रेडियम स्टिकर, जानें सुरक्षा और ट्रैफिक का पूरा प्लान

रायपुर/राजनांदगांव 11 अक्टूबर 2025 Dongargarh Navratri Mela:  शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर

रामदेव पीर जयंती पर भव्य समारोह: गुजराती समाज की नवीन कार्यकारिणी का हुआ शपथ ग्रहण, कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन ने की 20 लाख की घोषणा

समारोह में कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन,जिला भाजपाध्यक्ष गोपाल मोदी एवं निगम सभापति

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