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कोल इंडिया के 1 लाख ठेका श्रमिकों की बल्ले-बल्ले: VDA में संशोधन, 1 अक्टूबर से बढ़ कर मिलेगी दिहाड़ी CJP के प्रदर्शन और INDIA ब्लॉक के मार्च पर बीजेपी का तीखा हमला: “देश की स्थिरता के साथ मज़ाक बना रखा है क्या?” Chhattisgarh: सहायक शिक्षक भर्ती-2026 के विस्तृत विज्ञापन में संशोधन, दिव्यांग अभ्यर्थियों को मिलेगा आवेदन का अवसर जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन पर रोक: दिल्ली में आंदोलन के लिए बदले गए ठिकाने, रामलीला मैदान समेत 3 नई जगहें तय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के छत्तीसगढ़ प्रवास की तैयारियों के संबंध में लोकभवन में बैठक आयोजित पुलिस का बड़ा एक्शन: दिल्ली मार्च से पहले कांग्रेस के तीन जिलाध्यक्ष हिरासत में, 12 घंटे बाद छूटे

कोल इंडिया के 1 लाख ठेका श्रमिकों की बल्ले-बल्ले: VDA में संशोधन, 1 अक्टूबर से बढ़ कर मिलेगी दिहाड़ी

    Coal India News 16 Oct.2026: दिवाली से ठीक पहले कोल इंडिया के ठेका श्रमिकों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। कोल इंडिया लिमिटेड ने परिवर्तनशील महंगाई भत्ता (वीडीए) में संशोधन करते हुए न्यूनतम दैनिक मजदूरी में 165 से 177 रुपए तक की बढ़ोतरी की है। नई दरें 1 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेंगी। एसईसीएल के 8 हजार श्रमिकों को मिलेगा सीधा लाभ कोल इंडिया के मानव संसाधन एवं औद्योगिक संबंध विभाग के आदेशानुसार, औद्योगिक श्रमिकों का औसत मूल्य सूचकांक 431.42 तक पहुंचने पर वीडीए में यह संशोधन किया गया है। इसका लाभ एसईसीएल समेत कोल इंडिया की सभी अनुषंगी कंपनियों के लगभग 1 लाख ठेका श्रमिकों को मिलेगा। अकेले एसईसीएल के करीब 8 हजार श्रमिक इस दायरे में हैं, जो गेवरा, दीपका, कुसमुंडा और कोरबा क्षेत्र की खदानों में बोरिंग, ढुलाई, ओवरबर्डन हटाने, सपोर्ट वर्क और सफाई जैसे कार्यों से जुड़े हैं। श्रेणीवार संशोधित दैनिक मजदूरी अकुशल श्रमिक: 1,176 से बढ़कर 1,341 रुपए प्रतिदिन अर्द्ध कुशल / अकुशल पर्यवेक्षी श्रमिक: 1,375 रुपए प्रतिदिन कुशल श्रमिक: 1,409 रुपए प्रतिदिन उच्च कुशल श्रमिक: 1,443 रुपए प्रतिदिन दिवाली से पहले अतिरिक्त राहत की उम्मीद वीडीए में इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य बढ़ती महंगाई के प्रभाव को कम करते हुए श्रमिकों की वास्तविक आय को राहत पहुंचाना है। चूंकि नई दरें 1 अक्टूबर से प्रभावी हैं, इसलिए ठेकेदारों को इसी तारीख से संशोधित दरों के आधार पर भुगतान करना होगा। दैनिक मजदूरी में इस बढ़ोतरी के साथ ठेका कामगारों को पीएलआर (परफॉरमेंस रिलेटेड रिवार्ड) का लाभ भी मिलने की उम्मीद है, जिससे इस त्योहारी सीजन में उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। हालांकि, श्रमिक संगठनों की नजर इस बात पर टिकी है कि यह बढ़ा हुआ भुगतान धरातल पर समय पर सुनिश्चित होता है या नहीं।

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नवरात्रि 2026: पीएम मोदी ने की मां शैलपुत्री की आराधना, देशवासियों के सुख-समृद्धि और धैर्य की कामना की

नई दिल्ली 11 अक्टूबर 2026: शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व के शुभारंभ पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने शांति और शक्ति की प्रतीक देवी मां शैलपुत्री के चरणों में नमन

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कोल इंडिया के 1 लाख ठेका श्रमिकों की बल्ले-बल्ले: VDA में संशोधन, 1 अक्टूबर से बढ़ कर मिलेगी दिहाड़ी

    Coal India News 16 Oct.2026: दिवाली से ठीक पहले कोल इंडिया के ठेका श्रमिकों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। कोल इंडिया लिमिटेड ने परिवर्तनशील महंगाई भत्ता

पुलिस का बड़ा एक्शन: दिल्ली मार्च से पहले कांग्रेस के तीन जिलाध्यक्ष हिरासत में, 12 घंटे बाद छूटे

पुलिस का बड़ा एक्शन: दिल्ली मार्च से पहले कांग्रेस के तीन जिलाध्यक्ष हिरासत में, 12 घंटे बाद छूटे भोपाल/मुरैना 12 अक्टूबर 2026 Mp politics  : देश की राजधानी दिल्ली में

राजनीति

मनोरंजन

CJP के प्रदर्शन और INDIA ब्लॉक के मार्च पर बीजेपी का तीखा हमला: “देश की स्थिरता के साथ मज़ाक बना रखा है क्या?”

नई दिल्ली 12 अक्टूबर 2026: काकरोच करोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस से नई तारीख की मांग और 24 घंटे का अल्टीमेटम दिए जाने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने सवाल उठाया कि देश की स्थिरता के साथ मज़ाक क्यों बनाया जा रहा है। “युवाओं की ठेकेदारी कब से ले ली?” गुरु प्रकाश ने CJP के विरोध प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए कहा, “आप एक साल तक ऐसा कुछ नहीं करेंगे और इसी शर्त पर छोड़ा गया है। युवाओं की ठेकेदारी आपने कब से ले ली? युवा वो भी है जो जापान में एशियन गेम्स में जाकर देश के लिए सौ से अधिक पदक जीतता है। युवा कैप्टन स्मित माछर जैसे हैं जो तीसरे विश्व युद्ध को होने से रोकते हैं। युवा वो भी है जो आज बड़े पैमाने पर स्टार्टअप कर रहा है और चंद्रमा के दक्षिणी गोलार्ध पर भारत को पहुंचा रहा है।” ‘भेड़िया आया, भेड़िया आया’ जैसी है INDIA ब्लॉक की स्थिति सोमवार को होने वाले INDIA ब्लॉक के मार्च पर तंज कसते हुए गुरु प्रकाश ने कहा कि उन्हें ‘भेड़िया आया, भेड़िया आया’ की कहानी याद आती है। उन्होंने कहा कि मूल मुद्दा यह है कि जहां भी चुनाव हो रहे हैं, चाहे वह बैलेट पेपर पर हों, कांग्रेस लगातार हार रही है। उन्होंने असम के सिलचर, त्रिपुरा के स्थानीय चुनावों और हिमाचल प्रदेश का हवाला देते हुए कांग्रेस की हार का जिक्र किया। उन्होंने आगे कहा कि CJI ने विपक्ष के नेता को पत्र लिखकर स्पष्ट कर दिया है कि यह क्षेत्र उनकी प्रशासनिक क्षमता में नहीं आता और मामला विचाराधीन है, इसके बावजूद जानबूझकर नाटक और नौटंकी की जा रही है। “राहुल गांधी पर मंडरा रहा है अस्तित्व का संकट” राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट मार्च के आह्वान पर बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि राहुल गांधी पर अस्तित्व का संकट मंडरा रहा है। पार्टी और गठबंधन के भीतर वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। उन्होंने कहा कि इनका मुख्य एजेंडा यह है कि पिछली बार की तरह सारा श्रेय CJP न ले जाए, जबकि लोकतंत्र तो खुद उनकी अपनी पार्टी में भी नहीं है। तेजस्वी यादव पर भी साधा निशाना उधर, बिहार बीजेपी के प्रवक्ता नीरज कुमार शर्मा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के बुलावे पर तेजस्वी यादव दिल्ली में ड्रामा करने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि फर्जी वोटरों के सहारे चुनाव जीतने वाले लोग आज चुनाव आयोग द्वारा उन पर कार्रवाई किए जाने से पीड़ा महसूस कर रहे हैं।

पुलिस का बड़ा एक्शन: दिल्ली मार्च से पहले कांग्रेस के तीन जिलाध्यक्ष हिरासत में, 12 घंटे बाद छूटे

पुलिस का बड़ा एक्शन: दिल्ली मार्च से पहले कांग्रेस के तीन जिलाध्यक्ष हिरासत में, 12 घंटे बाद छूटे भोपाल/मुरैना 12 अक्टूबर 2026 Mp politics  : देश की राजधानी दिल्ली में विपक्ष के ‘INDIA’ गठबंधन द्वारा आयोजित ‘दिल्ली मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ आंदोलन से पहले मध्य प्रदेश में पुलिस की ओर से बड़ी कार्रवाई सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट तक प्रस्तावित इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे कांग्रेस के तीन जिला अध्यक्षों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, जिन्हें लगभग 12 घंटे की हिरासत के बाद रिहा किया गया। मुख्य बिंदु: हिरासत में लिए गए नेता: मधुराज सिंह तोमर – मुरैना ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष गजेंद्र जाटव – मुरैना शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेंद्र भदौरिया – भिंड शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष विधायक के आवास पर पुलिस बल: श्योपुर से कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल के घर पर भी तड़के पुलिस टीम पहुँची। हालांकि, उन्हें हिरासत में लिया गया है या नज़रबंद किया गया है, इस पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है। कांग्रेस के आरोप: कांग्रेस पार्टी ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि लोकतांत्रिक अधिकार के तहत दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे नेताओं को जानबूझकर रोका जा रहा है।

यूपी कांग्रेस में महासंग्राम: 2027 चुनाव से पहले मॉल एवेन्यू ऑफिस में हंगामा, अजय राय और आराधना मिश्रा मोना गुट आमने-सामने ,जूते-चप्पल लेकर हमला

लखनऊ 12 अक्टूबर 2026 UP Congress :उत्तर प्रदेश में साल 2027 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस पार्टी के भीतर घमासान मच गया है। राजधानी लखनऊ स्थित मॉल एवेन्यू प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ के कार्यभार ग्रहण समारोह के दौरान जबरदस्त हंगामा और मारपीट देखने को मिली। इस घटना ने पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, क्योंकि अब यह विवाद खुलकर सड़कों पर आ चुका है। Advt अजय राय बनाम आराधना मिश्रा: वर्चस्व की लड़ाई या अंतर्कलह? लखनऊ कांग्रेस कार्यालय में हुई इस हिंसा के केंद्र में पार्टी की सक्रिय नेत्री और महिला कांग्रेस की प्रमुख नेता ममता चौधरी आ गई हैं। घटना के बाद ममता चौधरी ने मीडिया के सामने आकर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और उनके समर्थकों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। ममता चौधरी के अनुसार, जब महिला विंग नई प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा के स्वागत की तैयारियों में जुटी थी, तभी अचानक अजय राय ने उन पर नाराजगी जताई। ममता चौधरी ने रोते हुए और आक्रामक अंदाज में आरोप लगाया कि पूर्व अध्यक्ष ने उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा, “अपनी औकात में रहो!” महिला कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी और दलित उत्पीड़न के आरोप ममता चौधरी ने दावा किया कि अजय राय के इशारे पर उनके समर्थकों ने विश्वविद्यालय के उपद्रवियों की तरह बर्ताव किया। जूते-चप्पल लेकर हमला: उन्होंने आरोप लगाया कि अजय राय के समर्थक हाथ में जूते-चप्पल लेकर आक्रामक हो गए और महिला कार्यकर्ताओं के साथ हाथापाई की। दलित उत्पीड़न का मुद्दा: इस पूरे विवाद को दलित उत्पीड़न से जोड़ते हुए ममता चौधरी ने कहा कि वे लोग हमेशा से दलितों के विरोधी रहे हैं। दिल्ली दरबार तक पहुंचेंगी शिकायतें: उन्होंने चेतावनी दी कि पूरी महिला कांग्रेस इस मामले की शिकायत लेकर दिल्ली जाएगी और राहुल गांधी तथा मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात करेगी। दूसरी ओर, अजय राय खेमे का दावा है कि इस महिला नेत्री को मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना की पूरी शह प्राप्त थी, जिसके कारण पार्टी कार्यालय का माहौल तनावपूर्ण हो गया। बीजेपी को मिला हमला करने का मौका और आलाकमान के लिए चुनौती इस हाई-प्रोफाइल ड्रामे और गुटबाजी ने मुख्य विपक्षी दल बीजेपी को कांग्रेस पर निशाना साधने का बड़ा मौका दे दिया है। 2027 के चुनाव से पहले पुरुष समर्थकों और महिला नेत्रियों के बीच इस स्तर की तनातनी ने कांग्रेस संगठन के दावों की पोल खोल दी है। अब सभी की निगाहें कांग्रेस आलाकमान पर टिकी हैं कि पार्टी इस अनुशासनहीनता और गंभीर आरोपों पर क्या सख्त कार्रवाई करती है।

जंतर-मंतर प्रदर्शन: दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कॉजपा नेताओं को जमानत पर इस शर्त के साथ किया गया रिहा

नई दिल्ली, 11 अक्टूबर। जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने आए कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के वरिष्ठ नेताओं—अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास—को रविवार को रिहा कर दिया गया। दिल्ली पुलिस ने उन्हें 10 अक्टूबर को दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरते ही एहतियातन हिरासत में लिया था और बाद में गिरफ्तार कर लिया था। रविवार को तीनों नेताओं को दिल्ली कैंट स्थित स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत में पेश किया गया। कॉजपा की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह और दिल्ली पुलिस के अनुसार, अदालत ने नेताओं को 50,000 रुपये के निजी मुचलके (जमानत बांड) पर इस शर्त के साथ रिहा किया कि वे अगले एक साल तक शांति बनाए रखेंगे और अच्छे आचरण का पालन करेंगे। दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 (शांति बनाए रखने हेतु) और धारा 170 (संज्ञेय अपराध रोकने हेतु गिरफ्तारी) के तहत की गई थी। दिल्ली में कड़ा सुरक्षा पहरा और भारी गिरफ्तारियां जंतर-मंतर पर विपक्षी दलों के प्रदर्शन को देखते हुए पूरी राजधानी में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 30,000 से अधिक जवानों को तैनात किया गया है। शनिवार को प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे 7,000 से अधिक लोगों को शहर के अलग-अलग हिस्सों से हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए जाने वालों में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार जैसे बड़े विपक्षी चेहरे भी शामिल थे। विपक्ष की मुख्य मांग कॉजपा और अन्य विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं का विरोध कर रहे हैं। विपक्षी नेताओं की मुख्य मांग मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है। कॉजपा ने रविवार को भी जंतर-मंतर पर अपना प्रदर्शन जारी रखने का आह्वान किया है।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन नाकाम होने पर सियासी घमासान: कन्हैया कुमार और आरजेडी का सरकार पर तीखा हमला

नई दिल्ली 11 अक्टूबर 2026: दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार (10 अक्टूबर, 2026) को आयोजित होने वाले एक निर्धारित प्रदर्शन को पुलिस-प्रशासन की सख्त कार्रवाई के चलते रोक दिया गया। भारी सुरक्षा व्यवस्था और पाबंदियों के कारण वहां भीड़ नहीं जुट पाई और मौके पर पहुंचने वाले प्रदर्शनकारियों को पुलिस द्वारा तुरंत हिरासत में ले लिया गया। इस कार्रवाई के बाद से राजनीतिक गलियारों में उबाल आ गया है और विपक्षी दलों के नेताओं ने केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। Advt कन्हैया कुमार का केंद्र सरकार पर तीखा हमला कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने शनिवार रात अपने आधिकारिक ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल से पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, गृह मंत्री अमित शाह और ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए तीखा हमला बोला। कन्हैया ने अपने पोस्ट में लिखा, “लोकतांत्रिक संस्थानों पर कब्जा कर लगातार भारत को ‘People’s State’ से ‘Police State’ बनाया जा रहा है? अगर इनका जनादेश चोरी का नहीं है, तो फिर आम लोगों को परेशान क्यों किया जा रहा है? शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को क्यों रोका जा रहा है?” आगे आक्रामक तेवर अपनाते हुए उन्होंने लिखा, “अगर मोदी जी की लोकप्रियता सच्ची है, तो फिर ये पुलिसिया बर्बरता क्यों की जा रही है? पिछले दो अक्टूबर से लगातार देश ने दिल्ली में जो देखा है, उससे एक बात तय है—फायर नहीं, कायर है, नया जनरल डायर है। 56 इंच का बड़ा फट्टू, एक बात जान ले तू, ज्ञानू को तो जाना होगा, वरना रोज धरना होगा।” आरजेडी ने भी साधा निशाना इस पूरे घटनाक्रम पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका भारती ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली की तुलना तानाशाही से करते हुए कहा कि हिटलर की हुकूमत अब अपनी अंतिम सांसें ले रही है। प्रियंका भारती ने आरोप लगाया कि इस दौरान छात्रों, युवाओं, वकीलों और पत्रकारों तक को हिरासत (डिटेन) किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा को दांव पर लगाकर दिल्ली को छावनी में तब्दील करने के लिए सीमा पर तैनात जवानों को बुलाया गया। साथ ही, उन्होंने मीडिया को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मीडिया को इन प्रदर्शनकारी छात्रों की तुलना आतंकवादियों से करना तुरंत बंद करना चाहिए।

राहुल गांधी का तीखा हमला: ‘ECI के खिलाफ विपक्ष के दबाव से गिर सकती है सरकार’

नई दिल्ली 10 अक्टूबर 2026 : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) के खिलाफ विपक्ष का विरोध प्रदर्शन सरकार की गहरी समस्याओं को उजागर करता है। संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में इंडिया ब्लॉक के सांसदों को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह दबाव बनाए रखा गया, तो यह सरकार गिर सकती है। राहुल गांधी ने कहा कि यह मुद्दा केवल चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार तक सीमित नहीं है, बल्कि समस्या इससे कहीं अधिक गहरी है। उन्होंने चीफ इलेक्शन कमिश्नर पर चुने हुए प्रतिनिधियों से मिलने से इनकार करने का आरोप लगाया और उन्हें एक ‘सर्विस प्रोवाइडर’ करार दिया। ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए राहुल गांधी ने जवाहरलाल नेहरू के 14 अगस्त, 1947 को दिए गए प्रसिद्ध ‘ट्रिस्ट विद डेस्टिनी’ भाषण के अंश भी उद्धृत किए। यह राजनीतिक विवाद वोटर रोल के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और चुनाव आयोग पर लग रहे भेदभाव के आरोपों के बीच गरमाया है। INDIA ब्लॉक और अन्य विपक्षी दलों का आरोप है कि ड्राफ्ट-रोल स्टेज के दौरान 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि 13.39 करोड़ मतदाताओं को नियमानुसार अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट (ASD) श्रेणी के तहत फ्लैग किया गया था और सभी निर्णय पूरी जांच-पड़ताल व सर्वसम्मति से लिए गए हैं। विपक्ष ने इस मुद्दे पर अपना राष्ट्रव्यापी अभियान तेज कर दिया है और चीफ इलेक्शन कमिश्नर के इस्तीफे की मांग को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात की है।

टेक्नोलॉजी

डिजिटल अलर्ट: क्या होती है APK फाइल और यह स्मार्टफोन के लिए क्यों है बेहद खतरनाक? जानिए साइबर ठगी का पूरा खेल

 Cyber Security Awareness 25 Sep.2026: डिजिटल दुनिया में जहां स्मार्टफोन हमारी दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुका है, वहीं साइबर ठगों ने भी लोगों के बैंक खातों में सेंध लगाने के नए-नए तरीके तलाश लिए हैं।( आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) इन दिनों ‘APK फाइल’ के जरिए ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। व्हाट्सऐप, टेलीग्राम या एसएमएस के जरिए भेजी जाने वाली ये अज्ञात फाइलें पलक झपकत ही यूजर का पूरा फोन हैक कर लेती हैं। आइए आसान शब्दों में समझते हैं कि APK फाइल क्या है, यह कैसे काम करती है और यह आपके बैंक खाते के लिए कितनी घातक साबित हो सकती है। एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम सुरक्षा मॉडल. Source: Research Gate 1. क्या होती है APK फाइल? APK का पूरा नाम Android Package Kit (या Android Application Package) है। जिस तरह विंडोज कंप्यूटर में किसी सॉफ्टवेयर को इंस्टॉल करने के लिए .exe फाइल का इस्तेमाल होता है, ( आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) उसी तरह एंड्रॉइड स्मार्टफोन में किसी भी ऐप को इंस्टॉल और डिस्ट्रीब्यूट करने के लिए .apk फाइल फॉर्मेट का उपयोग किया जाता है। जब आप गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store) से कोई ऐप डाउनलोड करते हैं, तो बैकग्राउंड में APK फाइल ही इंस्टॉल होती है। लेकिन प्ले स्टोर पर मौजूद ऐप गूगल के कड़े सुरक्षा मानकों और सिक्योरिटी चेक्स से होकर गुजरते हैं, जिससे वे सुरक्षित रहते हैं। इसके विपरीत, इंटरनेट या व्हाट्सएप के माध्यम से सीधे प्राप्त होने वाली बाहरी (Third-Party) APK फाइल्स बिना किसी सुरक्षा जांच के फोन में प्रवेश करती हैं। 2. APK फाइल इतनी खतरनाक क्यों है? अज्ञात या अनवेरीफाइड सोर्स से आई APK फाइल को इंस्टॉल करना आपके स्मार्टफोन को सीधे हैकर्स के हाथों में सौंपने जैसा है। जानिए इसके मुख्य खतरे: खतरे का प्रकार नुकसान और प्रभाव रिमोट एक्सेस (Remote Access) फाइल इंस्टॉल होते ही हैकर्स को आपके फोन की स्क्रीन, कैमरा और माइक्रोफोन का सीधा कंट्रोल मिल जाता है। SMS और OTP की चोरी यह मालवेयर आपके बैंक OTP और मैसेज को चुपके से हैकर्स के सर्वर पर फॉरवर्ड कर देता है। बैंकिंग डेटा में सेंध फोन में मौजूद नेट बैंकिंग क्रेडेंशियल, यूपीआई पिन और क्रेडिट/डेबिट कार्ड डिटेल्स आसानी से चुरा ली जाती हैं। हिडन मालवेयर (Hidden Spyware) ये फाइलें बैकग्राउंड में बिना दिखे लगातार चलती रहती हैं और आपकी लोकेशन, कॉन्टैक्ट्स और निजी तस्वीरें लीक करती हैं। 3. साइबर ठग कैसे बिछाते हैं अपना जाल? (सोशल इंजीनियरिंग) साइबर अपराधी इन फाइल्स को भेजने के लिए अक्सर लोगों के भरोसे का फायदा उठाते हैं: लुभावने ऑफर या छूट: “फ्री बिजली बिल अपडेट”, “पेंशन सत्यापन”, “आरजीबी/सरकारी योजना फॉर्म” या “मुफ्त उपहार” के नाम से APK फाइल भेजी जाती है। व्हाट्सऐप ऑटो-डाउनलोड का फायदा: यदि यूजर के व्हाट्सऐप पर ‘मीडिया ऑटो-डाउनलोड’ ऑन है, तो यह फाइल बिना क्लिक किए ही फोन में स्टोर हो जाती है। सिस्टम चेतावनी को अनदेखा कराना: अनधिकृत APK इंस्टॉल करते समय एंड्रॉइड फोन “Install from Unknown Sources” की चेतावनी देता है, लेकिन ठग यूजर को गुमराह कर इस सेटिंग को अलाउ करवा लेते हैं। 4. बचाव के अचूक उपाय ऑफिशियल स्टोर का ही उपयोग करें: कोई भी ऐप केवल गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें। ऑटो-डाउनलोड बंद रखें: व्हाट्सऐप और टेलीग्राम में मीडिया तथा डॉक्यूमेंट का ‘Auto-Download’ हमेशा ऑफ रखें। ‘Unknown Sources’ को ऑफ रखें: अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर “Install Unknown Apps” विकल्प को हमेशा डिसेबल (Disable) रखें। अनुमतियों (Permissions) की जांच करें: यदि कोई साधारण ऐप आपसे एसएमएस, कॉन्टैक्ट्स या एक्सेसिबिलिटी (Accessibility Services) की अनुमति मांगे, तो उसे तुरंत अनइन्स्टॉल कर दें। साइबर हेल्पलाइन 1930: किसी भी तरह की संदिग्ध वित्तीय गतिविधि दिखते ही तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज कराएं।

व्यापार

CJP के प्रदर्शन और INDIA ब्लॉक के मार्च पर बीजेपी का तीखा हमला: “देश की स्थिरता के साथ मज़ाक बना रखा है क्या?”

नई दिल्ली 12 अक्टूबर 2026: काकरोच करोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस से नई तारीख की मांग और 24 घंटे का अल्टीमेटम दिए जाने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने सवाल उठाया कि देश की स्थिरता के साथ मज़ाक क्यों बनाया जा रहा है। “युवाओं की ठेकेदारी कब से ले ली?” गुरु प्रकाश ने CJP के विरोध प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए कहा, “आप एक साल तक ऐसा कुछ नहीं करेंगे और इसी शर्त पर छोड़ा गया है। युवाओं की ठेकेदारी आपने कब से ले ली? युवा वो भी है जो जापान में एशियन गेम्स में जाकर देश के लिए सौ से अधिक पदक जीतता है। युवा कैप्टन स्मित माछर जैसे हैं जो तीसरे विश्व युद्ध को होने से रोकते हैं। युवा वो भी है जो आज बड़े पैमाने पर स्टार्टअप कर रहा है और चंद्रमा के दक्षिणी गोलार्ध पर भारत को पहुंचा रहा है।” ‘भेड़िया आया, भेड़िया आया’ जैसी है INDIA ब्लॉक की स्थिति सोमवार को होने वाले INDIA ब्लॉक के मार्च पर तंज कसते हुए गुरु प्रकाश ने कहा कि उन्हें ‘भेड़िया आया, भेड़िया आया’ की कहानी याद आती है। उन्होंने कहा कि मूल मुद्दा यह है कि जहां भी चुनाव हो रहे हैं, चाहे वह बैलेट पेपर पर हों, कांग्रेस लगातार हार रही है। उन्होंने असम के सिलचर, त्रिपुरा के स्थानीय चुनावों और हिमाचल प्रदेश का हवाला देते हुए कांग्रेस की हार का जिक्र किया। उन्होंने आगे कहा कि CJI ने विपक्ष के नेता को पत्र लिखकर स्पष्ट कर दिया है कि यह क्षेत्र उनकी प्रशासनिक क्षमता में नहीं आता और मामला विचाराधीन है, इसके बावजूद जानबूझकर नाटक और नौटंकी की जा रही है। “राहुल गांधी पर मंडरा रहा है अस्तित्व का संकट” राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट मार्च के आह्वान पर बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि राहुल गांधी पर अस्तित्व का संकट मंडरा रहा है। पार्टी और गठबंधन के भीतर वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। उन्होंने कहा कि इनका मुख्य एजेंडा यह है कि पिछली बार की तरह सारा श्रेय CJP न ले जाए, जबकि लोकतंत्र तो खुद उनकी अपनी पार्टी में भी नहीं है। तेजस्वी यादव पर भी साधा निशाना उधर, बिहार बीजेपी के प्रवक्ता नीरज कुमार शर्मा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के बुलावे पर तेजस्वी यादव दिल्ली में ड्रामा करने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि फर्जी वोटरों के सहारे चुनाव जीतने वाले लोग आज चुनाव आयोग द्वारा उन पर कार्रवाई किए जाने से पीड़ा महसूस कर रहे हैं।

पुलिस का बड़ा एक्शन: दिल्ली मार्च से पहले कांग्रेस के तीन जिलाध्यक्ष हिरासत में, 12 घंटे बाद छूटे

पुलिस का बड़ा एक्शन: दिल्ली मार्च से पहले कांग्रेस के तीन जिलाध्यक्ष हिरासत में, 12 घंटे बाद छूटे भोपाल/मुरैना 12 अक्टूबर 2026 Mp politics  : देश की राजधानी दिल्ली में विपक्ष के ‘INDIA’ गठबंधन द्वारा आयोजित ‘दिल्ली मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ आंदोलन से पहले मध्य प्रदेश में पुलिस की ओर से बड़ी कार्रवाई सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट तक प्रस्तावित इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे कांग्रेस के तीन जिला अध्यक्षों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, जिन्हें लगभग 12 घंटे की हिरासत के बाद रिहा किया गया। मुख्य बिंदु: हिरासत में लिए गए नेता: मधुराज सिंह तोमर – मुरैना ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष गजेंद्र जाटव – मुरैना शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेंद्र भदौरिया – भिंड शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष विधायक के आवास पर पुलिस बल: श्योपुर से कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल के घर पर भी तड़के पुलिस टीम पहुँची। हालांकि, उन्हें हिरासत में लिया गया है या नज़रबंद किया गया है, इस पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है। कांग्रेस के आरोप: कांग्रेस पार्टी ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि लोकतांत्रिक अधिकार के तहत दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे नेताओं को जानबूझकर रोका जा रहा है।

यूपी कांग्रेस में महासंग्राम: 2027 चुनाव से पहले मॉल एवेन्यू ऑफिस में हंगामा, अजय राय और आराधना मिश्रा मोना गुट आमने-सामने ,जूते-चप्पल लेकर हमला

लखनऊ 12 अक्टूबर 2026 UP Congress :उत्तर प्रदेश में साल 2027 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस पार्टी के भीतर घमासान मच गया है। राजधानी लखनऊ स्थित मॉल एवेन्यू प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ के कार्यभार ग्रहण समारोह के दौरान जबरदस्त हंगामा और मारपीट देखने को मिली। इस घटना ने पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, क्योंकि अब यह विवाद खुलकर सड़कों पर आ चुका है। Advt अजय राय बनाम आराधना मिश्रा: वर्चस्व की लड़ाई या अंतर्कलह? लखनऊ कांग्रेस कार्यालय में हुई इस हिंसा के केंद्र में पार्टी की सक्रिय नेत्री और महिला कांग्रेस की प्रमुख नेता ममता चौधरी आ गई हैं। घटना के बाद ममता चौधरी ने मीडिया के सामने आकर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और उनके समर्थकों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। ममता चौधरी के अनुसार, जब महिला विंग नई प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा के स्वागत की तैयारियों में जुटी थी, तभी अचानक अजय राय ने उन पर नाराजगी जताई। ममता चौधरी ने रोते हुए और आक्रामक अंदाज में आरोप लगाया कि पूर्व अध्यक्ष ने उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा, “अपनी औकात में रहो!” महिला कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी और दलित उत्पीड़न के आरोप ममता चौधरी ने दावा किया कि अजय राय के इशारे पर उनके समर्थकों ने विश्वविद्यालय के उपद्रवियों की तरह बर्ताव किया। जूते-चप्पल लेकर हमला: उन्होंने आरोप लगाया कि अजय राय के समर्थक हाथ में जूते-चप्पल लेकर आक्रामक हो गए और महिला कार्यकर्ताओं के साथ हाथापाई की। दलित उत्पीड़न का मुद्दा: इस पूरे विवाद को दलित उत्पीड़न से जोड़ते हुए ममता चौधरी ने कहा कि वे लोग हमेशा से दलितों के विरोधी रहे हैं। दिल्ली दरबार तक पहुंचेंगी शिकायतें: उन्होंने चेतावनी दी कि पूरी महिला कांग्रेस इस मामले की शिकायत लेकर दिल्ली जाएगी और राहुल गांधी तथा मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात करेगी। दूसरी ओर, अजय राय खेमे का दावा है कि इस महिला नेत्री को मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना की पूरी शह प्राप्त थी, जिसके कारण पार्टी कार्यालय का माहौल तनावपूर्ण हो गया। बीजेपी को मिला हमला करने का मौका और आलाकमान के लिए चुनौती इस हाई-प्रोफाइल ड्रामे और गुटबाजी ने मुख्य विपक्षी दल बीजेपी को कांग्रेस पर निशाना साधने का बड़ा मौका दे दिया है। 2027 के चुनाव से पहले पुरुष समर्थकों और महिला नेत्रियों के बीच इस स्तर की तनातनी ने कांग्रेस संगठन के दावों की पोल खोल दी है। अब सभी की निगाहें कांग्रेस आलाकमान पर टिकी हैं कि पार्टी इस अनुशासनहीनता और गंभीर आरोपों पर क्या सख्त कार्रवाई करती है।

जंतर-मंतर प्रदर्शन: दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कॉजपा नेताओं को जमानत पर इस शर्त के साथ किया गया रिहा

नई दिल्ली, 11 अक्टूबर। जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने आए कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के वरिष्ठ नेताओं—अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास—को रविवार को रिहा कर दिया गया। दिल्ली पुलिस ने उन्हें 10 अक्टूबर को दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरते ही एहतियातन हिरासत में लिया था और बाद में गिरफ्तार कर लिया था। रविवार को तीनों नेताओं को दिल्ली कैंट स्थित स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत में पेश किया गया। कॉजपा की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह और दिल्ली पुलिस के अनुसार, अदालत ने नेताओं को 50,000 रुपये के निजी मुचलके (जमानत बांड) पर इस शर्त के साथ रिहा किया कि वे अगले एक साल तक शांति बनाए रखेंगे और अच्छे आचरण का पालन करेंगे। दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 (शांति बनाए रखने हेतु) और धारा 170 (संज्ञेय अपराध रोकने हेतु गिरफ्तारी) के तहत की गई थी। दिल्ली में कड़ा सुरक्षा पहरा और भारी गिरफ्तारियां जंतर-मंतर पर विपक्षी दलों के प्रदर्शन को देखते हुए पूरी राजधानी में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 30,000 से अधिक जवानों को तैनात किया गया है। शनिवार को प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे 7,000 से अधिक लोगों को शहर के अलग-अलग हिस्सों से हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए जाने वालों में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार जैसे बड़े विपक्षी चेहरे भी शामिल थे। विपक्ष की मुख्य मांग कॉजपा और अन्य विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं का विरोध कर रहे हैं। विपक्षी नेताओं की मुख्य मांग मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है। कॉजपा ने रविवार को भी जंतर-मंतर पर अपना प्रदर्शन जारी रखने का आह्वान किया है।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन नाकाम होने पर सियासी घमासान: कन्हैया कुमार और आरजेडी का सरकार पर तीखा हमला

नई दिल्ली 11 अक्टूबर 2026: दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार (10 अक्टूबर, 2026) को आयोजित होने वाले एक निर्धारित प्रदर्शन को पुलिस-प्रशासन की सख्त कार्रवाई के चलते रोक दिया गया। भारी सुरक्षा व्यवस्था और पाबंदियों के कारण वहां भीड़ नहीं जुट पाई और मौके पर पहुंचने वाले प्रदर्शनकारियों को पुलिस द्वारा तुरंत हिरासत में ले लिया गया। इस कार्रवाई के बाद से राजनीतिक गलियारों में उबाल आ गया है और विपक्षी दलों के नेताओं ने केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। Advt कन्हैया कुमार का केंद्र सरकार पर तीखा हमला कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने शनिवार रात अपने आधिकारिक ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल से पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, गृह मंत्री अमित शाह और ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए तीखा हमला बोला। कन्हैया ने अपने पोस्ट में लिखा, “लोकतांत्रिक संस्थानों पर कब्जा कर लगातार भारत को ‘People’s State’ से ‘Police State’ बनाया जा रहा है? अगर इनका जनादेश चोरी का नहीं है, तो फिर आम लोगों को परेशान क्यों किया जा रहा है? शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को क्यों रोका जा रहा है?” आगे आक्रामक तेवर अपनाते हुए उन्होंने लिखा, “अगर मोदी जी की लोकप्रियता सच्ची है, तो फिर ये पुलिसिया बर्बरता क्यों की जा रही है? पिछले दो अक्टूबर से लगातार देश ने दिल्ली में जो देखा है, उससे एक बात तय है—फायर नहीं, कायर है, नया जनरल डायर है। 56 इंच का बड़ा फट्टू, एक बात जान ले तू, ज्ञानू को तो जाना होगा, वरना रोज धरना होगा।” आरजेडी ने भी साधा निशाना इस पूरे घटनाक्रम पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका भारती ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली की तुलना तानाशाही से करते हुए कहा कि हिटलर की हुकूमत अब अपनी अंतिम सांसें ले रही है। प्रियंका भारती ने आरोप लगाया कि इस दौरान छात्रों, युवाओं, वकीलों और पत्रकारों तक को हिरासत (डिटेन) किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा को दांव पर लगाकर दिल्ली को छावनी में तब्दील करने के लिए सीमा पर तैनात जवानों को बुलाया गया। साथ ही, उन्होंने मीडिया को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मीडिया को इन प्रदर्शनकारी छात्रों की तुलना आतंकवादियों से करना तुरंत बंद करना चाहिए।

राहुल गांधी का तीखा हमला: ‘ECI के खिलाफ विपक्ष के दबाव से गिर सकती है सरकार’

नई दिल्ली 10 अक्टूबर 2026 : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) के खिलाफ विपक्ष का विरोध प्रदर्शन सरकार की गहरी समस्याओं को उजागर करता है। संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में इंडिया ब्लॉक के सांसदों को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह दबाव बनाए रखा गया, तो यह सरकार गिर सकती है। राहुल गांधी ने कहा कि यह मुद्दा केवल चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार तक सीमित नहीं है, बल्कि समस्या इससे कहीं अधिक गहरी है। उन्होंने चीफ इलेक्शन कमिश्नर पर चुने हुए प्रतिनिधियों से मिलने से इनकार करने का आरोप लगाया और उन्हें एक ‘सर्विस प्रोवाइडर’ करार दिया। ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए राहुल गांधी ने जवाहरलाल नेहरू के 14 अगस्त, 1947 को दिए गए प्रसिद्ध ‘ट्रिस्ट विद डेस्टिनी’ भाषण के अंश भी उद्धृत किए। यह राजनीतिक विवाद वोटर रोल के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और चुनाव आयोग पर लग रहे भेदभाव के आरोपों के बीच गरमाया है। INDIA ब्लॉक और अन्य विपक्षी दलों का आरोप है कि ड्राफ्ट-रोल स्टेज के दौरान 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि 13.39 करोड़ मतदाताओं को नियमानुसार अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट (ASD) श्रेणी के तहत फ्लैग किया गया था और सभी निर्णय पूरी जांच-पड़ताल व सर्वसम्मति से लिए गए हैं। विपक्ष ने इस मुद्दे पर अपना राष्ट्रव्यापी अभियान तेज कर दिया है और चीफ इलेक्शन कमिश्नर के इस्तीफे की मांग को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात की है।

धर्म

मां बम्लेश्वरी के भक्तों के लिए बड़ी खबर: डोंगरगढ़ नवरात्रि मेले में 1100 जवानों का पहरा, पदयात्रियों को मिलेंगे 20 हजार रेडियम स्टिकर, जानें सुरक्षा और ट्रैफिक का पूरा प्लान

रायपुर/राजनांदगांव 11 अक्टूबर 2025 Dongargarh Navratri Mela:  शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर प्रसिद्ध धार्मिक स्थल डोंगरगढ़ में माँ बम्लेश्वरी देवी के दर्शन हेतु उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए राजनांदगांव पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व यातायात प्रबंधन की व्यापक तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन और सुचारु यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए 1100 से अधिक पुलिस अधिकारियों एवं जवानों की विशाल तैनाती की योजना बनाई गई है। Advt 1100 से ज्यादा जवानों की तैनाती, हर कोने पर नजर नवरात्रि के दौरान डोंगरगढ़ स्थित ऊपर मंदिर, नीचे मंदिर, मुख्य दर्शन मार्ग, मेला प्रांगण तथा डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन पर पुलिस बल मुस्तैद रहेगा। भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा: संवेदनशील स्थानों पर गश्त और निगरानी बढ़ाई जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। क्राइम टीम और खुफिया नजर: असामाजिक तत्वों और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के लिए क्राइम ब्रांच की विशेष टीमों को सादे कपड़ों में तैनात किया जाएगा। पदयात्रियों की सुरक्षा: बांटे जाएंगे 20 हजार रेडियम स्टिकर रात के समय दूर-दराज के क्षेत्रों से पैदल चलकर माँ बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए पहुँचने वाले पदयात्री श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। अंधेरे में वाहनों की तेज रोशनी और हादसों के खतरे को कम करने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं को 20,000 रेडियम स्टिकर वितरित किए जाएंगे। यह स्टिकर कम रोशनी में पदयात्रियों की दृश्यता (Visibility) बढ़ाएंगे, जिससे वाहन चालक उन्हें समय रहते देख सकेंगे। पुलिस ने पदयात्रियों से सड़क के किनारे अनुशासित होकर चलने की अपील की है। तीन प्रमुख मार्गों के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान डोंगरगढ़ आने वाले वाहनों की भारी आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने विशेष रूट चार्ट और डायवर्जन प्लान तैयार किया है। मुख्य रूप से तीन मार्गों पर सुरक्षाबल तैनात रहेंगे: अंजोरा बायपास से डोंगरगढ़ मार्ग तुमड़ीबोड़ से डोंगरगढ़ मार्ग चिचोला – बिराटलाब – खैरागढ़ मार्ग यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे बेतरतीब ढंग से सड़क पर गाड़ियाँ खड़ी करने के बजाय निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें। सीसीटीवी कैमरों से लैस होंगी पार्किंग और मेला क्षेत्र सुरक्षा को पुख्ता बनाने के लिए डोंगरगढ़ के प्रत्येक पार्किंग स्थल पर पर्याप्त लाइट और हाई-रिज़ॉल्यूशन वाले CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं। इससे न केवल वाहनों की सुरक्षा होगी, बल्कि संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों की पहचान में भी आसानी होगी। श्रद्धालुओं के लिए विशेष हिदायत और सहायता केंद्र मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सहायता के लिए डोंगरगढ़ के शिरपानी डोम, ऊपर मंदिर और नीचे मंदिर परिसर में विशेष पुलिस कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति या असुविधा के लिए श्रद्धालु सीधे कंट्रोल रूम या राजनांदगांव पुलिस कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकते हैं। सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव: बच्चों की सुरक्षा: बच्चों को भीड़ में अकेला न छोड़ें। उनके जेब में माता-पिता का नाम, पता और मोबाइल नंबर लिखी पर्ची अवश्य रखें या उन्हें मोबाइल नंबर याद कराएं। कीमती सामान से परहेज: अत्यधिक नकदी या सोने-चांदी के कीमती आभूषण पहनकर मेले में आने से बचें। तत्काल सूचना: भीड़ में यदि कोई सदस्य बिछड़ जाए या कोई संदिग्ध वस्तु/व्यक्ति दिखे, तो तुरंत नजदीकी पुलिसकर्मी को सूचित करें। अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी रहेगी कड़ी सुरक्षा सुरक्षा के ये पुख्ता इंतजाम केवल डोंगरगढ़ तक ही सीमित नहीं रहेंगे। जिले के अन्य प्रसिद्ध देवी मंदिरों—जैसे मां शीतला मंदिर, मां पाताल भैरवी मंदिर और मां करेला भवानी मंदिर—में भी पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा ताकि पूरे नवरात्रि पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और भक्तिमय माहौल में संपन्न कराया जा सके।

मां बम्लेश्वरी के भक्तों के लिए बड़ी खबर: डोंगरगढ़ नवरात्रि मेले में 1100 जवानों का पहरा, पदयात्रियों को मिलेंगे 20 हजार रेडियम स्टिकर, जानें सुरक्षा और ट्रैफिक का पूरा प्लान

रायपुर/राजनांदगांव 11 अक्टूबर 2025 Dongargarh Navratri Mela:  शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर

रामदेव पीर जयंती पर भव्य समारोह: गुजराती समाज की नवीन कार्यकारिणी का हुआ शपथ ग्रहण, कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन ने की 20 लाख की घोषणा

समारोह में कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन,जिला भाजपाध्यक्ष गोपाल मोदी एवं निगम सभापति

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