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32 साल बाद बड़े पर्दे पर फिर लौटेगी ‘मोहरा’: जानिए कैसे एक ‘अंधे विलेन’ के दम पर बनी थी 90 के दशक की ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर! सर्दियों का सुपर फ्रूट: रोज सुबह अमरूद खाने के हैरान करने वाले फायदे और जरूरी सावधानियां महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल: क्या फिर एक होंगे उद्धव और शिंदे? एक नेता के बयान से सियासी पारे में उबाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एकता नगर में सरदार पटेल की जयंती पर देश को किया संबोधित, कहा- भारत अब रुकने वाला नहीं छत्तीसगढ़ ने खोया एक जनप्रिय नेता: अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन CM उमर अब्दुल्ला और वरिष्ठ पत्रकार निधि राजदान बंधे शादी के बंधन में, सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर कर दी खुशखबरी

32 साल बाद बड़े पर्दे पर फिर लौटेगी ‘मोहरा’: जानिए कैसे एक ‘अंधे विलेन’ के दम पर बनी थी 90 के दशक की ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर!

अब यह कल्ट क्लासिक फिल्म मोहरा अपनी मूल रिलीज के 32 साल बाद एक बार फिर 6 नवंबर 2026 को नए और रीमास्टर्ड (Remastered) अवतार में सिनेमाघरों में वापसी करने जा रही है। Mohra Re Release : 90 के दशक की बात ही कुछ अलग थी—जब फिल्में सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सिनेमाघरों में किसी त्योहार की तरह मनाई जाती थीं। राजीव राय के निर्देशन में बनी 1994 की आइकॉनिक एक्शन-थ्रिलर ‘मोहरा’ आज भी दर्शकों के जेहन में उतनी ही ताजा है। अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी और रवीना टंडन जैसे दिग्गज कलाकारों की इस फिल्म ने उस दौर में बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया था। अब यह कल्ट क्लासिक फिल्म अपनी मूल रिलीज के 32 साल बाद एक बार फिर 6 नवंबर 2026 को नए और रीमास्टर्ड (Remastered) अवतार में सिनेमाघरों में वापसी करने जा रही है। महज 4 करोड़ के बजट से करोड़ों की कमाई: असली मास्टरमाइंड कौन? फिल्म में दमदार एक्शन हीरो और सुपर-हिट गाने (जैसे ‘तू चीज बड़ी है मस्त मस्त’) तो थे ही, लेकिन क्या आप जानते हैं कि महज ₹4 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म को ब्लॉकबस्टर बनाने का असली श्रेय किसे जाता है? फिल्म की रिकॉर्ड-तोड़ कमाई के पीछे मुख्य वजह कोई पारंपरिक एक्शन हीरो नहीं, बल्कि एक ऐसा शातिर विलेन था, जो दुनिया के सामने खुद को लाचार, गरीब और दृष्टिहीन समाजसेवक दिखाता था। जी हां, हम बात कर रहे हैं दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह की, जिनके द्वारा निभाए गए ‘मिस्टर जिंदल’ के किरदार ने इस फिल्म को भारतीय सिनेमा के इतिहास में अमर कर दिया। भारतीय सिनेमा का सबसे अलग और खौफनाक विलेन 90 के दशक की फिल्मों में विलेन आमतौर पर भारी-भरकम, आक्रामक और खूंखार लुक वाले होते थे (जैसे गब्बर सिंह या मोगैम्बो)। लेकिन ‘मोहरा’ के मेकर्स ने एक ऐसा दांव खेला, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। नसीरुद्दीन शाह ने फिल्म में एक ऐसे मीडिया टाइकून ‘मिस्टर जिंदल’ की भूमिका निभाई, जो शांत, सौम्य और दृष्टिहीन था। दर्शकों के लिए यह सोचना भी नामुमकिन था कि आंखों से न देख सकने वाला व्यक्ति शहर का सबसे खतरनाक क्रिमिनल मास्टरमाइंड हो सकता है। उनकी इसी अप्रत्याशित और शानदार एक्टिंग ने सिनेमाघरों में दर्शकों को दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर कर दिया था। कैसे बुना गया था धोखाधड़ी का ताना-बाना? फिल्म में मिस्टर जिंदल अपने अंधेपन और लाचारी का ऐसा जाल बुनता है कि जेल में बंद विशाल अग्निहोत्री (सुनील शेट्टी) पूरी तरह उसके झांसे में आ जाता है। अपनी पत्नी और बहन की हत्या का बदला लेने के लिए बेताब विशाल को जिंदल ‘समाज सुधार’ के नाम पर अपने व्यावसायिक दुश्मनों को रास्ते से हटाने के लिए इस्तेमाल करता है। विशाल केवल उसका एक ‘मोहरा’ बनकर रह जाता है। जब निडर पुलिस इंस्पेक्टर अमर सक्सेना (अक्षय कुमार) मामले की गहराई से जांच करते हैं, तब जाकर इस खौफनाक साजिश की परतें खुलती हैं। फिल्म के क्लाइमैक्स से ठीक पहले जब यह खुलासा होता है कि असली हत्यारा और मास्टरमाइंड वही अंधा समाजसेवक जिंदल है, तो दर्शकों के होश उड़ जाते हैं। बॉक्स ऑफिस पर ‘मोहरा’ का ऐतिहासिक प्रदर्शन 1 जुलाई 1994 को रिलीज हुई इस फिल्म का खुमार पूरे देश पर छा गया था। नसीरुद्दीन शाह का आइकॉनिक डायलॉग—“एक चीज मांगो, तो सौ चीज देता हूं मैं”—आज भी सिनेमा प्रेमियों की जुबान पर छाया हुआ है। बजट: ~ ₹4 करोड़ वर्ल्डवाइड कमाई: ~ ₹23 करोड़ स्थान: 1994 की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म गुलशन राय द्वारा निर्मित इस फिल्म की सफलता में इसके गजब सस्पेंस, थ्रिलर प्लॉट और नसीरुद्दीन शाह के खलनायक वाले किरदार की सबसे बड़ी भूमिका रही।

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‘पीस बॉन्ड’ क्या है और लोकतंत्र में इसका इस्तेमाल क्यों बना चर्चा का विषय?

नई दिल्ली 24/10/2026: लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराने के अधिकार और सार्वजनिक शांति बनाए रखने की जवाबदेही के बीच संतुलन हमेशा से बहस का विषय रहा है. हाल ही में

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32 साल बाद बड़े पर्दे पर फिर लौटेगी ‘मोहरा’: जानिए कैसे एक ‘अंधे विलेन’ के दम पर बनी थी 90 के दशक की ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर!

अब यह कल्ट क्लासिक फिल्म मोहरा अपनी मूल रिलीज के 32 साल बाद एक बार फिर 6 नवंबर 2026 को नए और रीमास्टर्ड (Remastered) अवतार में सिनेमाघरों में वापसी करने

CM उमर अब्दुल्ला और वरिष्ठ पत्रकार निधि राजदान बंधे शादी के बंधन में, सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर कर दी खुशखबरी

नई दिल्ली/श्रीनगर:जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और देश की जानी-मानी वरिष्ठ पत्रकार निधि राजदान ने परिणय सूत्र में बंधकर अपनी जिंदगी की एक नई पारी की शुरुआत कर ली है।

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रामलीला मैदान रैली: राहुल गांधी ने मिंटो रोड से अजमेरी गेट तक पैदल यात्रा का किया आह्वान, दिल्ली पुलिस बोली– ‘नहीं मांगी गई मार्च की अनुमति’

नई दिल्ली 31/10/2026: इलेक्शन कमीशन द्वारा ‘SIR’ में कथित गड़बड़ी और मुख्य

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे के बाद सियासी घमासान: सुधांशु त्रिवेदी बोले— ‘जंगल से नक्सलवाद गया, पर दिल्ली में ‘दिमागी नक्सल’ बाकी’

रायपुर 31/10/2026:छत्तीसगढ़ में उग्रवाद के सफाए के बाद अब सूबे की सियासत

मनोरंजन

महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल: क्या फिर एक होंगे उद्धव और शिंदे? एक नेता के बयान से सियासी पारे में उबाल

मुंबई 1 नवंबर 2026 Maharashtra politics :  महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर दोनों शिवसेनाओं (शिंदे गुट और उद्धव गुट) के एक साथ आने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। शिवसेना (शिंदे गुट) के विधान परिषद सदस्य (MLC) हेमंत पाटिल के एक ताजा और बेहद सनसनीखेज बयान ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में बड़ी हलचल पैदा कर दी है। (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) इस बयान के बाद सियासी गलियारों में यह सवाल सबसे बड़ा बन गया है कि क्या जिन दो धड़ों ने एक-दूसरे के खिलाफ जंग लड़ी थी, वे भविष्य में फिर से हाथ मिला सकते हैं? राजनीति में कुछ भी संभव: “जिंदगी भर जिनके खिलाफ हथियार उठाए, आज साथ बैठने का वक्त” हेमंत पाटिल ने राजनीति के अनिश्चित और अप्रत्याशित स्वभाव पर खुलकर बात की। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि राजनीति में कभी भी कुछ भी हो सकता है। (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) इस दौरान उन्होंने एक बहुत बड़ा राजनीतिक सच बयां करते हुए कहा कि “जिंदगी भर जिनके खिलाफ हथियार उठाए, आज उन्हीं के साथ बैठने का वक्त आ चुका है।” दोनों शिवसेनाओं के एकजुट होने के फैसले पर उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री/नेता एकनाथ शिंदे जो भी योग्य फैसला लेंगे, वह फैसला पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को पूरी तरह से मान्य होगा। जमीनी हकीकत: आम शिवसैनिकों का आपसी प्यार और नांदेड का दर्द पाटिल ने जमीनी स्तर पर काम करने वाले शिवसैनिकों के आपसी संबंधों का जिक्र करते हुए एक अहम बात रखी। उन्होंने कहा कि भले ही पार्टी टूट चुकी है और दो अलग-अलग शिवसेनाएं बन चुकी हैं, लेकिन आम शिवसैनिकों के बीच एक-दूसरे के प्रति आत्मीयता और लगाव का भाव आज भी वैसा ही बना हुआ है। शिवसैनिक आज भी एक-दूसरे के सुख-दुख में बढ़-चढ़कर शामिल होते हैं। उन्होंने नांदेड जिले की स्थिति का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि यदि शिवसेना अंदर से एक होती, (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) तो आज पूरे महाराष्ट्र और खासतौर पर नांदेड में पार्टी और कार्यकर्ताओं को जिस कड़े संघर्ष और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वह नौबत कभी नहीं आती। भाजपा से स्थानीय मतभेद और पालकमंत्री को सीधी सलाह बयान के दौरान हेमंत पाटिल ने सत्ताधारी महायुति गठबंधन में शामिल भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिवसेना के रिश्तों पर भी अपनी बेबाक राय रखी। उन्होंने खुले तौर पर स्वीकार किया कि जमीनी व स्थानीय स्तर पर भाजपा और शिवसेना के बीच निश्चित रूप से मतभेद और मनमुटाव मौजूद हैं। इन मतभेदों को दूर करने का सुझाव देते हुए उन्होंने कहा कि जो भी जिले के पालकमंत्री हैं, उन्हें खुद पहल करके आगे आना चाहिए और इन स्थानीय विवादों को तुरंत सुलझाना चाहिए ताकि कार्यकर्ताओं में सामंजस्य बन सके। महायुति गठबंधन पर रुख और वरिष्ठ नेताओं को चेतावनी गठबंधन की मौजूदा स्थिति के बारे में स्पष्टीकरण देते हुए पाटिल ने कहा कि फिलहाल महायुति गठबंधन में कोई बहुत बड़ी दरार या खटास नहीं पड़ी है। (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) हालांकि, उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में यह भी जोड़ा कि यदि समय रहते इन छोटी-छोटी स्थानीय परेशानियों को दूर नहीं किया गया, तो भविष्य में दिक्कतें बढ़ सकती हैं, इसलिए वरिष्ठ नेताओं को इस स्थिति पर समय रहते ध्यान देने की सख्त जरूरत है। क्या है बड़ा सवाल? हेमंत पाटिल के इस सस्पेंस से भरे बयान ने यह बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या आने वाले दिनों में शिंदे गुट और उद्धव ठाकरे गुट के बीच अंदरखाने कोई सियासी समीकरण या तालमेल बन रहा है? हालांकि अंतिम फैसला पूरी तरह से एकनाथ शिंदे के हाथ में है, लेकिन इस बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर नई बहस छेड़ दी है।

रामलीला मैदान रैली: राहुल गांधी ने मिंटो रोड से अजमेरी गेट तक पैदल यात्रा का किया आह्वान, दिल्ली पुलिस बोली– ‘नहीं मांगी गई मार्च की अनुमति’

नई दिल्ली 31/10/2026: इलेक्शन कमीशन द्वारा ‘SIR’ में कथित गड़बड़ी और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन 1 नवंबर को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में एक बड़ी महारैली आयोजित करने जा रहा है। रैली की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पैदल यात्रा का रूट और समय: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के जरिए आम जनता, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और विपक्षी दलों को इस रैली व पैदल यात्रा में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। राहुल गांधी के अनुसार, रविवार (1 नवंबर) दोपहर 12 बजे कनॉट प्लेस के पास मिंटो रोड जंक्शन से यह पैदल यात्रा शुरू होगी, जो अजमेरी गेट होते हुए रामलीला मैदान पर समाप्त होगी। दिल्ली पुलिस का रुख और सुरक्षा व्यवस्था: दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस के सूत्रों का कहना है कि कनॉट प्लेस से रामलीला मैदान तक इस तरह के मार्च के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं मांगी गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत नई दिल्ली क्षेत्र (चुनाव आयोग क्षेत्र सहित) में लोगों के एकत्रित होने पर प्रतिबंध लागू है। इसके अलावा, जंतर-मंतर को भी अब आधिकारिक प्रदर्शन स्थल नहीं माना जा रहा है। हालांकि, रामलीला मैदान में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की जाएगी। CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आज सार्वजनिक कार्यक्रम: बारिश के कारण शुक्रवार को स्थगित हुआ विपक्ष का कार्यक्रम अब शनिवार (31 अक्टूबर) दोपहर 3:30 बजे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के 10, राजाजी मार्ग स्थित आवास पर आयोजित किया जा रहा है। राहुल गांधी ने बताया कि खराब मौसम के कारण वरिष्ठ नेताओं की सुविधा को देखते हुए यह फैसला लिया गया था। केंद्र सरकार और गृह मंत्री पर आरोप: राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और गृह मंत्री पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, तेलंगाना और पंजाब से आने वाले कार्यकर्ताओं व आम लोगों को दिल्ली पहुँचने से रोकने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह पूरी लड़ाई भारतीय लोकतंत्र की रक्षा के लिए है। 🔴

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे के बाद सियासी घमासान: सुधांशु त्रिवेदी बोले— ‘जंगल से नक्सलवाद गया, पर दिल्ली में ‘दिमागी नक्सल’ बाकी’

रायपुर 31/10/2026:छत्तीसगढ़ में उग्रवाद के सफाए के बाद अब सूबे की सियासत एक नए और तीखे दौर में प्रवेश कर चुकी है। रायपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर तीखा वैचारिक प्रहार किया। उन्होंने व्यंग्य कसते हुए कहा कि भले ही छत्तीसगढ़ की धरती से नक्सलवाद का खात्मा हो चुका है, लेकिन वैचारिक और ‘दिमागी नक्सल’ के अवशेष अभी भी दिल्ली में बैठे हुए हैं, जो लगातार भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं। ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत निशाना शुक्रवार को भाजपा के इस विशेष अभियान के तहत मीडिया से मुखातिब होते हुए त्रिवेदी ने देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख पर सवाल उठाने को लेकर विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आज जब भारत दुनिया के सबसे बड़े और मजबूत लोकतंत्र के रूप में वैश्विक पटल पर उभर रहा है, तो कई विदेशी ताकतों को यह तरक्की रास नहीं आ रही है। उनके मुताबिक, देश को कमजोर करने के लिए अंदरूनी और बाहरी मोर्चों पर कई तरह के षड्यंत्र रचे जा रहे हैं। मतदाता सूची (SIR) के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवालों का करारा जवाब देते हुए भाजपा सांसद ने पूरी प्रक्रिया का कच्चा-चिट्ठा सामने रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि: बूथ लेवल ऑफिसर (BLO): हर मतदाता के घर सूची में नाम जोड़ने के लिए तीन बार जाते हैं। राजनीतिक दलों की सहभागिता: इस पूरी प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए देश भर में राजनीतिक दलों के करीब 22 लाख एजेंट तैनात रहते हैं। त्रिवेदी ने कांग्रेस से तीखा सवाल पूछते हुए कहा कि जब इस पूरी पारदर्शी प्रक्रिया में खुद उनके दल के कार्यकर्ता और एजेंट शामिल हैं, तो क्या कांग्रेस अपने ही कार्यकर्ताओं की निष्ठा और भूमिका पर संदेह जता रही है? समय रहते जिला या प्रदेश स्तर पर आपत्तियां दर्ज न कराने की नाकामी किसकी है? ’45 दिन के बजाय 15 दिन में ही मचाया जा रहा शोर’ भाजपा सांसद ने कांग्रेस को नसीहत देते हुए कहा कि चुनाव परिणामों को आए अभी महज 15 दिन ही बीते हैं, जबकि आपत्तियां और दावे दर्ज कराने के लिए चुनाव आयोग ने 45 दिन का पर्याप्त समय दिया है। प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही सवालिया निशान खड़े करना विपक्ष की हताशा को दर्शाता है। ‘बांटो और बर्बाद करो’ की राह पर कांग्रेस ईवीएम (EVM) के बाद अब मतदाता सूची को कटघरे में खड़े करने पर तंज कसते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस का मूल एजेंडा सिर्फ सत्ता हथियाना नहीं, बल्कि राष्ट्र में अविश्वास और अराजकता का माहौल पैदा करना है। उन्होंने अंग्रेजों की ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति की तर्ज पर कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि आज की कांग्रेस ‘बांटो और बर्बाद करो’ के सिद्धांत पर काम कर रही है। पृष्ठभूमि: राहुल गांधी के आरोप और चुनाव आयोग पर सवाल गौरतलब है कि हाल ही में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों के चुनावों में ‘वोट चोरी’ होने के गंभीर आरोप लगाए थे। दिल्ली में बुलाई गई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए थे। इसी वाकये के बाद से देश की राजनीति में पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग चरम पर पहुंच गई

लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ! कोसाबाड़ी से घंटाघर तक निकली भाजपा की विशाल पदयात्रा

कोरबा में भाजपा का बड़ा शक्ति प्रदर्शन: कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों का उमड़ा जनसैलाब, कांग्रेस के भ्रमजाल और आरोपों पर दिग्गजों का तीखा प्रहार कोरबा 30 अक्टूबर Loktantra Bachao Yatra । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जिला कोरबा द्वारा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी के कुशल नेतृत्व में शुक्रवार, 30 अक्टूबर को “लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ” के समर्थन में एक ऐतिहासिक और विशाल पदयात्रा का आयोजन किया गया। इस पदयात्रा के माध्यम से कोरबा शहर में भाजपा ने अपना अभूतपूर्व शक्ति प्रदर्शन किया। प्रतिकूल मौसम के बावजूद 10 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के विशाल जनसैलाब ने सड़क पर उतरकर पार्टी के प्रति अपना समर्थन और कार्यकर्ताओं के अटूट उत्साह का नजारा पेश किया। कोसाबाड़ी स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुई यह पदयात्रा शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए घंटाघर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर मैदान पहुंची, जहाँ एक बड़ी जनसभा के रूप में यह पदयात्रा संपन्न हुई। पूरी यात्रा के दौरान शहर गूंजायमान रहा और कार्यकर्ताओं में लोकतंत्र के संरक्षण तथा पार्टी के राजनीतिक संदेश को लेकर भारी उत्साह देखा गया। वरिष्ठ नेताओं और जन-प्रतिनिधियों का लगा जमावड़ा इस विशाल पदयात्रा में प्रदेश के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, जिला सह प्रभारी बृजेंद्र शुक्ला, विधायक प्रेमचंद पटेल तथा महापौर संजू देवी राजपूत सहित प्रदेश, जिला एवं मंडल स्तर के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और हजारों की संख्या में निष्ठावान कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। पदयात्रा में संगठन के दिग्गज नेताओं की मौजूदगी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इसमें: 📍सह संभाग प्रभारी रायपुर डॉ. राजीव सिंह,📍राज्य हाथकरधा संघ अध्यक्ष भोजराम देवांगन,📍पूर्व महापौर जोगेश लांबा,📍प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मीना शर्मा,📍पूर्व जिलाध्यक्ष पवन गर्ग एवं मनोज शर्मा,📍नगर पंचायत छुरीकला अध्यक्ष पदमिनी प्रीतम देवांगन,📍नगर पालिका दीपका अध्यक्ष राजेंद्र राजपूत,📍नगर पालिका बांकी मोंगरा अध्यक्ष सोनी झा,📍वरिष्ठ नेता ज्योतिनंद दुबे,📍पूर्व विधायक रामदयाल उईके,📍एमआईसी सदस्य नरेंद्र देवांगन एवं हितानंद अग्रवाल। इसके अलावा संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों की भी सक्रिय उपस्थिति रही, जिनमें: 📍जिला महामंत्री संजय शर्मा एवं अजय विश्वकर्मा,📍जिला कोषाध्यक्ष अजय पांडेय,📍जिला उपाध्यक्ष मंजू सिंह, प्रफुल्ल तिवारी, योगेश जैन, लक्की नंदा, रुक्मणी नायर, रेणुका राठिया, सतीश झा, अजय कंवर, कमला बरेठ, कमला किंडो, विवेक मार्कंडेय, अजय दुबे, नवीन अरोड़ा, अर्जुन गुप्ता, मनोज राठौर, विकास अग्रवाल, शैलेन्द्र यादव, संजय राठौर, नीरज ठाकुर, प्रदीप सिंह, अविनाश दुबे, डॉ. विजय राठौर, कुलसिंह कंवर, प्रीति स्वर्णकार, अखिलेश पांडेय, रामनारायण सराफ, राजेश लहरे, उत्तम सिंह रंधावा, अंजना सिंह, वैभव शर्मा, बी.डी. शर्मा सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। अभियान का मुख्य उद्देश्य: SIR और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया का समर्थन भाजपा की इस विशाल पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य हाल ही में विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति जनता में विश्वास जगाना था। पार्टी ने साफ किया कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया के लिए अत्यंत आवश्यक है। पदयात्रा के दौरान नेताओं ने कांग्रेस द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम पर करारा प्रहार किया। मंच से गूंजे दिग्गजों के बयान: 1. लखनलाल देवांगन (उद्योग मंत्री): “चुनावी हार से बौखलाई कांग्रेस फैला रही हताशा” जनसभा को संबोधित करते हुए उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि कोरबा जिले के कोने-कोने से उमड़ी यह ऐतिहासिक भीड़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर जनता के अटूट विश्वास का प्रत्यक्ष प्रमाण है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयानों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के खिलाफ अमर्यादित बयानबाजी कांग्रेस की राजनीतिक हताशा को दर्शाती है। देवांगन ने कहा कि मतदाता सूची को पारदर्शी और शुद्ध बनाने के लिए SIR बेहद जरूरी कदम है, लेकिन कांग्रेस अपनी लगातार हो रही चुनावी पराजयों से बौखलाकर इस पर बेबुनियाद सवाल उठा रही है। उन्होंने कहा कि वोट चोरी का मनगढ़ंत आरोप लगाने वाली कांग्रेस को दूसरों पर अंगुली उठाने से पहले अपने भ्रष्टाचार और राजनीतिक इतिहास पर आत्ममंथन करना चाहिए। 2. गोपाल मोदी (भाजपा जिलाध्यक्ष): “मृत और स्थानांतरित मतदाताओं का सत्यापन गलत कैसे?” भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने खराब मौसम के बावजूद भारी संख्या में पहुंचे सभी कार्यकर्ताओं और नागरिकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह उपस्थिति पीएम मोदी के प्रति जन-जन के विश्वास को रेखांकित करती है। विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए उन्होंने सवाल उठाया— “मृत, स्थानांतरित और स्थायी रूप से निवास बदल चुके मतदाताओं के नामों का सत्यापन करना आखिर गलत कैसे हो सकता है?” उन्होंने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष चुनाव के लिए सूची का शुद्धिकरण अनिवार्य है। कांग्रेस सत्ता के बिना बेचैन है और भ्रम फैला रही है, जबकि भाजपा का एकमात्र लक्ष्य विकसित भारत का निर्माण करना है। भाजपा की असली शक्ति उसके समर्पित कार्यकर्ताओं का परिश्रम है। 3. संजू देवी राजपूत (महापौर): “राजनीति छोड़ वास्तविक मुद्दों पर बात करे कांग्रेस” महापौर संजू देवी राजपूत ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व में देश निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस SIR जैसे संवैधानिक और सुधारात्मक कार्य को अनावश्यक मुद्दा बनाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने सलाह दी कि कांग्रेस को मतदाता सूची पुनरीक्षण पर घटिया राजनीति बंद कर जनता के असली मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर भी कड़ा कटाक्ष किया। 4. बृजेंद्र शुक्ला (भाजपा जिला प्रभारी): “कांग्रेस वोट चोरी का अपना पुराना इतिहास देखे” भाजपा जिला प्रभारी बृजेंद्र शुक्ला ने कांग्रेस के आरोपों का कड़ा जवाब देते हुए कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल के दौर का जिक्र करते हुए उन्होंने याद दिलाया कि देश में वोट चोरी और चुनावी गड़बड़ियों की शुरुआत स्वयं कांग्रेस के शासनकाल में हुई थी। राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने काले इतिहास के पन्ने पलटने चाहिए। भाजपा की नींव उसकी मजबूत विचारधारा, कार्यकर्ताओं के समर्पण और जनता के स्नेह पर टिकी है। निष्कर्ष इस भव्य पदयात्रा के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी ने न केवल कोरबा में अपने मजबूत जनाधार का प्रदर्शन किया, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती, निष्पक्ष मतदाता सूची और जनजागरूकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। विशाल जनसमूह, अनुशासित कार्यकर्ताओं और

2027 चुनाव के लिए अमित शाह का मंत्र: कार्यकर्ताओं से बोले- ‘अर्जुन की तरह बनाएं निशाना’, सीएम योगी की माफिया-मुक्त UP के लिए की तारीफ

लखनऊ 30/10/2026 BJP UP Executive Meeting :लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंक दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की उपस्थिति में अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उनमें चुनावी ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था की सराहना करते हुए विपक्ष पर जमकर निशाना साधा और भरोसा जताया कि पार्टी तीसरी बार भी प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी। तीसरी बार सरकार बनते ही लागू होगी समान नागरिक संहिता अमित शाह ने कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार ‘अंगद का पैर’ है, जिसे कोई भी ताकत हिला नहीं सकती। उन्होंने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि 2027 में जनता के आशीर्वाद से दोबारा सरकार बनते ही राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाएगी। गृहमंत्री ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अर्जुन की भांति ‘मछली की आंख’ पर ध्यान केंद्रित कर चुनावी तैयारियों में पूरी निष्ठा से जुट जाएं। 30 अक्तूबर 1990 की घटना का उल्लेख और विपक्ष पर हमला अमित शाह ने 30 अक्तूबर की ऐतिहासिक तिथि का स्मरण कराते हुए विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि 1990 में आज ही के दिन अयोध्या में निहत्थे रामभक्तों और कारसेवकों पर गोलियां चलाई गई थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि निहत्थे लोगों पर गोलियां चलवाने वाले लोग किस नैतिकता के आधार पर सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं। शाह ने स्पष्ट किया कि जहां विपक्ष ने गोलियां चलवाईं, वहीं भाजपा ने भव्य राम मंदिर का निर्माण कराया, जिसे जनता सदैव याद रखेगी। वोट चोरी के आरोपों पर संसद में खुली चर्चा की चुनौती सपा और कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों पर तंज कसते हुए गृहमंत्री ने कहा कि विपक्ष मैच हारने के बाद अंपायर को दोष दे रहा है। उन्होंने विपक्ष को चुनौती दी कि सरकार इस मुद्दे पर संसद का विशेष सत्र बुलाकर चर्चा कराने के लिए तैयार है। विपक्ष संसद में आकर अपनी बात रखे, सरकार उनके हर सवाल का तथ्यात्मक और बिंदुवार जवाब देने के लिए पूरी तरह सक्षम है। माफिया मुक्त उत्तर प्रदेश के लिए सीएम योगी की तारीफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासन की सराहना करते हुए अमित शाह ने कहा कि कठोर और पारदर्शी प्रशासन के कारण ही उत्तर प्रदेश आज पूरी तरह माफिया मुक्त हो पाया है। उन्होंने याद दिलाया कि 2014 से पूर्व राज्य में भाजपा का ढांचा बेहद कमजोर था, परंतु कार्यकर्ताओं के अथक प्रयास और जनता के विश्वास के बल पर पार्टी ने ऐतिहासिक सफलता हासिल की। उन्होंने विश्वास जताया कि 2027 में भी भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ राज्य में सरकार बनाएगी।

स्मृति ईरानी का बड़ा हमला: राहुल गांधी की उम्र पर तंज, कहा- “अब लड़ाई अमेठी तक सीमित नहीं, सीधे राजधानी में आ गई है”

नई दिल्ली 30/10/2026: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने हाल ही में रिपब्लिक टीवी को दिए एक इंटरव्यू में विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राहुल गांधी की उम्र, सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के आंदोलन और देश की राजनीति से जुड़े कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। राहुल गांधी और ‘यूथ’ राजनीति पर तंज स्मृति ईरानी ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उनकी उम्र पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “56 साल का आदमी यूथ बनकर घूम रहा है। वो अपने आप को यूथ कह दें, इससे हकीकत नहीं बदलती।” सीजेपी नेताओं पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने आगे कहा कि 31 साल के लोग खुद को युवा बता रहे हैं, और इस हिसाब से तो मल्लिकार्जुन खरगे जी बाल अवस्था में हैं। “संसद के खिलाफ जंग का ऐलान कर चुके हैं राहुल” स्मृति ईरानी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि यह कोई रैंडम सोच नहीं, बल्कि सोच-समझकर किया गया कृत्य है। उन्होंने राहुल गांधी के उस बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने कथित तौर पर ‘इंडियन स्टेट’ के खिलाफ लड़ने की बात कही थी। ईरानी ने कहा, “इंडियन स्टेट भारत की संसद है, जिसे 90 करोड़ हिंदुस्तानी चुनते हैं। राहुल गांधी ने 90 करोड़ हिंदुस्तानियों के खिलाफ जंग का ऐलान किया है।” कॉकरोच जनता पार्टी और लोकतंत्र पर विचार सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के आंदोलन पर बात करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार का दायित्व हर नागरिक की बात सुनना है और यह नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है। लोकतंत्र की ताकत कड़वी बातें सुनने में भी है। उन्होंने कहा, “उन्हें आप कॉकरोच कहें या कुछ भी कहें, जब वे जमीन पर ताकत आजमाते हैं तो जनता उन्हें बूथ पर हराती है।” “अब लड़ाई अमेठी में नहीं, सीधे राजधानी में है” जब उनसे पूछा गया कि क्या वे 2029 में एक बार फिर राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी यह तय करती है कि कौन कहां से चुनाव लड़ेगा, लेकिन वे देश के हित के लिए हमेशा तैयार रहती हैं। अमेठी की राजनीति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि अब लड़ाई सिर्फ अमेठी तक सीमित नहीं रह गई है। उन्होंने दावा किया कि देश की राजधानी में कुछ लोगों द्वारा ‘रिजीम चेंज’ (सत्ता परिवर्तन) की मांग करने और आतंक का समर्थन करने वालों के चलते अब असली रणभूमि दिल्ली बन चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी स्पष्ट किया है कि यह कुर्सी किसी की जागीर नहीं है, इसे जनता ही देती है और वही वापस लेती है।

टेक्नोलॉजी

क्या AI खत्म कर देगा पारंपरिक बैंकिंग? शेखर कपूर के सवाल पर छिड़ी नई बहस

नई दिल्ली 16 अक्टूबर 2026 Artificial Intelligence : आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बैंकिंग सेक्टर के कामकाज और कारोबार को पूरी तरह से बदल सकता है। मशहूर फिल्म निर्माता शेखर कपूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर एक विचारोत्तेजक पोस्ट शेयर करते हुए सवाल उठाया है—“अगर एआई खुद लोगों के पैसे संभालने, निवेश के बेहतर विकल्प खोजने और अधिक ब्याज दिलाने का काम करने लगे, तो फिर पारंपरिक बैंकों की जरूरत ही क्यों पड़ेगी?” शेखर कपूर की इस पोस्ट ने इंटरनेट पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि एआई बैंकिंग उद्योग को बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है, वहीं अन्य का कहना है कि बैंक बंद नहीं होंगे, बल्कि उनका काम करने का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा। Advt बैंकों की कमाई पर कैसे पड़ेगा असर? शेखर कपूर के अनुसार, बैंक जमाकर्ताओं के पैसे को कर्ज या निवेश में लगाकर बड़ी कमाई करते हैं और उसके बदले ग्राहकों को बहुत कम ब्याज देते हैं। बैंकों का मुनाफा उन ग्राहकों से भी होता है, जो आलस या झंझट के कारण बेहतर ब्याज दरों की तलाश में अपना पैसा दूसरी जगह ट्रांसफर नहीं करते। लेकिन अगर AI एजेंट हर रात ग्राहक के फंड के लिए खुद ही सबसे ज्यादा ब्याज देने वाले विकल्प खोजने लगें, तो ग्राहकों को खुद मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। ऐसे में बैंक ग्राहकों को कम ब्याज दर देकर पहले की तरह आसानी से मुनाफा नहीं कमा सकेंगे। क्या AI पूरी तरह से बैंकों की जगह ले सकता है? बहस में शामिल कई विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ एआई बैंकिंग का विकल्प नहीं बन सकता। सुरक्षा और जिम्मेदारी: लिंक्डइन यूजर अनय महिमकर ने लिखा कि एआई वित्तीय फैसले लेने में मदद तो कर सकता है, लेकिन कर्ज देना, जोखिम उठाना, सरकारी नियमों (Compliance) का पालन करना और भरोसा कायम रखना बैंकों की प्राथमिक जिम्मेदारी रहेगी। सटीक लोन प्रक्रिया: विशेषज्ञ कृष्णा लक्मसानी का कहना है कि एआई ग्राहकों की आमदनी और खर्चों का विश्लेषण करके उधार देने वालों और लेने वालों के बीच सीधा संपर्क बना सकता है। इससे बिचौलियों का असर कम होगा और एआई एजेंट ग्राहकों की ओर से बेहतर ब्याज दरों के लिए बातचीत (Negotiation) भी कर सकेंगे। बैंकों का भविष्य: क्या होंगी नई चुनौतियां? विशेषज्ञों का मानना है कि पैसों की सुरक्षा, डिजिटल पेमेंट और सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए बैंकों की प्रासंगिकता बनी रहेगी। हालाँकि, बैंकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती ग्राहकों को अपने साथ बनाए रखने की होगी। जो बैंक नई तकनीक, बेहतर ब्याज दरें और एआई-आधारित सेवाएं अपनाएंगे, वे ही भविष्य की बैंकिंग रेस में आगे टिक पाएंगे। 📍

व्यापार

महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल: क्या फिर एक होंगे उद्धव और शिंदे? एक नेता के बयान से सियासी पारे में उबाल

मुंबई 1 नवंबर 2026 Maharashtra politics :  महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर दोनों शिवसेनाओं (शिंदे गुट और उद्धव गुट) के एक साथ आने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। शिवसेना (शिंदे गुट) के विधान परिषद सदस्य (MLC) हेमंत पाटिल के एक ताजा और बेहद सनसनीखेज बयान ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में बड़ी हलचल पैदा कर दी है। (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) इस बयान के बाद सियासी गलियारों में यह सवाल सबसे बड़ा बन गया है कि क्या जिन दो धड़ों ने एक-दूसरे के खिलाफ जंग लड़ी थी, वे भविष्य में फिर से हाथ मिला सकते हैं? राजनीति में कुछ भी संभव: “जिंदगी भर जिनके खिलाफ हथियार उठाए, आज साथ बैठने का वक्त” हेमंत पाटिल ने राजनीति के अनिश्चित और अप्रत्याशित स्वभाव पर खुलकर बात की। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि राजनीति में कभी भी कुछ भी हो सकता है। (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) इस दौरान उन्होंने एक बहुत बड़ा राजनीतिक सच बयां करते हुए कहा कि “जिंदगी भर जिनके खिलाफ हथियार उठाए, आज उन्हीं के साथ बैठने का वक्त आ चुका है।” दोनों शिवसेनाओं के एकजुट होने के फैसले पर उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री/नेता एकनाथ शिंदे जो भी योग्य फैसला लेंगे, वह फैसला पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को पूरी तरह से मान्य होगा। जमीनी हकीकत: आम शिवसैनिकों का आपसी प्यार और नांदेड का दर्द पाटिल ने जमीनी स्तर पर काम करने वाले शिवसैनिकों के आपसी संबंधों का जिक्र करते हुए एक अहम बात रखी। उन्होंने कहा कि भले ही पार्टी टूट चुकी है और दो अलग-अलग शिवसेनाएं बन चुकी हैं, लेकिन आम शिवसैनिकों के बीच एक-दूसरे के प्रति आत्मीयता और लगाव का भाव आज भी वैसा ही बना हुआ है। शिवसैनिक आज भी एक-दूसरे के सुख-दुख में बढ़-चढ़कर शामिल होते हैं। उन्होंने नांदेड जिले की स्थिति का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि यदि शिवसेना अंदर से एक होती, (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) तो आज पूरे महाराष्ट्र और खासतौर पर नांदेड में पार्टी और कार्यकर्ताओं को जिस कड़े संघर्ष और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वह नौबत कभी नहीं आती। भाजपा से स्थानीय मतभेद और पालकमंत्री को सीधी सलाह बयान के दौरान हेमंत पाटिल ने सत्ताधारी महायुति गठबंधन में शामिल भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिवसेना के रिश्तों पर भी अपनी बेबाक राय रखी। उन्होंने खुले तौर पर स्वीकार किया कि जमीनी व स्थानीय स्तर पर भाजपा और शिवसेना के बीच निश्चित रूप से मतभेद और मनमुटाव मौजूद हैं। इन मतभेदों को दूर करने का सुझाव देते हुए उन्होंने कहा कि जो भी जिले के पालकमंत्री हैं, उन्हें खुद पहल करके आगे आना चाहिए और इन स्थानीय विवादों को तुरंत सुलझाना चाहिए ताकि कार्यकर्ताओं में सामंजस्य बन सके। महायुति गठबंधन पर रुख और वरिष्ठ नेताओं को चेतावनी गठबंधन की मौजूदा स्थिति के बारे में स्पष्टीकरण देते हुए पाटिल ने कहा कि फिलहाल महायुति गठबंधन में कोई बहुत बड़ी दरार या खटास नहीं पड़ी है। (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) हालांकि, उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में यह भी जोड़ा कि यदि समय रहते इन छोटी-छोटी स्थानीय परेशानियों को दूर नहीं किया गया, तो भविष्य में दिक्कतें बढ़ सकती हैं, इसलिए वरिष्ठ नेताओं को इस स्थिति पर समय रहते ध्यान देने की सख्त जरूरत है। क्या है बड़ा सवाल? हेमंत पाटिल के इस सस्पेंस से भरे बयान ने यह बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या आने वाले दिनों में शिंदे गुट और उद्धव ठाकरे गुट के बीच अंदरखाने कोई सियासी समीकरण या तालमेल बन रहा है? हालांकि अंतिम फैसला पूरी तरह से एकनाथ शिंदे के हाथ में है, लेकिन इस बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर नई बहस छेड़ दी है।

रामलीला मैदान रैली: राहुल गांधी ने मिंटो रोड से अजमेरी गेट तक पैदल यात्रा का किया आह्वान, दिल्ली पुलिस बोली– ‘नहीं मांगी गई मार्च की अनुमति’

नई दिल्ली 31/10/2026: इलेक्शन कमीशन द्वारा ‘SIR’ में कथित गड़बड़ी और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन 1 नवंबर को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में एक बड़ी महारैली आयोजित करने जा रहा है। रैली की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पैदल यात्रा का रूट और समय: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के जरिए आम जनता, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और विपक्षी दलों को इस रैली व पैदल यात्रा में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। राहुल गांधी के अनुसार, रविवार (1 नवंबर) दोपहर 12 बजे कनॉट प्लेस के पास मिंटो रोड जंक्शन से यह पैदल यात्रा शुरू होगी, जो अजमेरी गेट होते हुए रामलीला मैदान पर समाप्त होगी। दिल्ली पुलिस का रुख और सुरक्षा व्यवस्था: दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस के सूत्रों का कहना है कि कनॉट प्लेस से रामलीला मैदान तक इस तरह के मार्च के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं मांगी गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत नई दिल्ली क्षेत्र (चुनाव आयोग क्षेत्र सहित) में लोगों के एकत्रित होने पर प्रतिबंध लागू है। इसके अलावा, जंतर-मंतर को भी अब आधिकारिक प्रदर्शन स्थल नहीं माना जा रहा है। हालांकि, रामलीला मैदान में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की जाएगी। CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आज सार्वजनिक कार्यक्रम: बारिश के कारण शुक्रवार को स्थगित हुआ विपक्ष का कार्यक्रम अब शनिवार (31 अक्टूबर) दोपहर 3:30 बजे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के 10, राजाजी मार्ग स्थित आवास पर आयोजित किया जा रहा है। राहुल गांधी ने बताया कि खराब मौसम के कारण वरिष्ठ नेताओं की सुविधा को देखते हुए यह फैसला लिया गया था। केंद्र सरकार और गृह मंत्री पर आरोप: राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और गृह मंत्री पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, तेलंगाना और पंजाब से आने वाले कार्यकर्ताओं व आम लोगों को दिल्ली पहुँचने से रोकने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह पूरी लड़ाई भारतीय लोकतंत्र की रक्षा के लिए है। 🔴

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे के बाद सियासी घमासान: सुधांशु त्रिवेदी बोले— ‘जंगल से नक्सलवाद गया, पर दिल्ली में ‘दिमागी नक्सल’ बाकी’

रायपुर 31/10/2026:छत्तीसगढ़ में उग्रवाद के सफाए के बाद अब सूबे की सियासत एक नए और तीखे दौर में प्रवेश कर चुकी है। रायपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर तीखा वैचारिक प्रहार किया। उन्होंने व्यंग्य कसते हुए कहा कि भले ही छत्तीसगढ़ की धरती से नक्सलवाद का खात्मा हो चुका है, लेकिन वैचारिक और ‘दिमागी नक्सल’ के अवशेष अभी भी दिल्ली में बैठे हुए हैं, जो लगातार भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं। ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत निशाना शुक्रवार को भाजपा के इस विशेष अभियान के तहत मीडिया से मुखातिब होते हुए त्रिवेदी ने देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख पर सवाल उठाने को लेकर विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आज जब भारत दुनिया के सबसे बड़े और मजबूत लोकतंत्र के रूप में वैश्विक पटल पर उभर रहा है, तो कई विदेशी ताकतों को यह तरक्की रास नहीं आ रही है। उनके मुताबिक, देश को कमजोर करने के लिए अंदरूनी और बाहरी मोर्चों पर कई तरह के षड्यंत्र रचे जा रहे हैं। मतदाता सूची (SIR) के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवालों का करारा जवाब देते हुए भाजपा सांसद ने पूरी प्रक्रिया का कच्चा-चिट्ठा सामने रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि: बूथ लेवल ऑफिसर (BLO): हर मतदाता के घर सूची में नाम जोड़ने के लिए तीन बार जाते हैं। राजनीतिक दलों की सहभागिता: इस पूरी प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए देश भर में राजनीतिक दलों के करीब 22 लाख एजेंट तैनात रहते हैं। त्रिवेदी ने कांग्रेस से तीखा सवाल पूछते हुए कहा कि जब इस पूरी पारदर्शी प्रक्रिया में खुद उनके दल के कार्यकर्ता और एजेंट शामिल हैं, तो क्या कांग्रेस अपने ही कार्यकर्ताओं की निष्ठा और भूमिका पर संदेह जता रही है? समय रहते जिला या प्रदेश स्तर पर आपत्तियां दर्ज न कराने की नाकामी किसकी है? ’45 दिन के बजाय 15 दिन में ही मचाया जा रहा शोर’ भाजपा सांसद ने कांग्रेस को नसीहत देते हुए कहा कि चुनाव परिणामों को आए अभी महज 15 दिन ही बीते हैं, जबकि आपत्तियां और दावे दर्ज कराने के लिए चुनाव आयोग ने 45 दिन का पर्याप्त समय दिया है। प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही सवालिया निशान खड़े करना विपक्ष की हताशा को दर्शाता है। ‘बांटो और बर्बाद करो’ की राह पर कांग्रेस ईवीएम (EVM) के बाद अब मतदाता सूची को कटघरे में खड़े करने पर तंज कसते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस का मूल एजेंडा सिर्फ सत्ता हथियाना नहीं, बल्कि राष्ट्र में अविश्वास और अराजकता का माहौल पैदा करना है। उन्होंने अंग्रेजों की ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति की तर्ज पर कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि आज की कांग्रेस ‘बांटो और बर्बाद करो’ के सिद्धांत पर काम कर रही है। पृष्ठभूमि: राहुल गांधी के आरोप और चुनाव आयोग पर सवाल गौरतलब है कि हाल ही में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों के चुनावों में ‘वोट चोरी’ होने के गंभीर आरोप लगाए थे। दिल्ली में बुलाई गई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए थे। इसी वाकये के बाद से देश की राजनीति में पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग चरम पर पहुंच गई

लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ! कोसाबाड़ी से घंटाघर तक निकली भाजपा की विशाल पदयात्रा

कोरबा में भाजपा का बड़ा शक्ति प्रदर्शन: कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों का उमड़ा जनसैलाब, कांग्रेस के भ्रमजाल और आरोपों पर दिग्गजों का तीखा प्रहार कोरबा 30 अक्टूबर Loktantra Bachao Yatra । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जिला कोरबा द्वारा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी के कुशल नेतृत्व में शुक्रवार, 30 अक्टूबर को “लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ” के समर्थन में एक ऐतिहासिक और विशाल पदयात्रा का आयोजन किया गया। इस पदयात्रा के माध्यम से कोरबा शहर में भाजपा ने अपना अभूतपूर्व शक्ति प्रदर्शन किया। प्रतिकूल मौसम के बावजूद 10 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के विशाल जनसैलाब ने सड़क पर उतरकर पार्टी के प्रति अपना समर्थन और कार्यकर्ताओं के अटूट उत्साह का नजारा पेश किया। कोसाबाड़ी स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुई यह पदयात्रा शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए घंटाघर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर मैदान पहुंची, जहाँ एक बड़ी जनसभा के रूप में यह पदयात्रा संपन्न हुई। पूरी यात्रा के दौरान शहर गूंजायमान रहा और कार्यकर्ताओं में लोकतंत्र के संरक्षण तथा पार्टी के राजनीतिक संदेश को लेकर भारी उत्साह देखा गया। वरिष्ठ नेताओं और जन-प्रतिनिधियों का लगा जमावड़ा इस विशाल पदयात्रा में प्रदेश के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, जिला सह प्रभारी बृजेंद्र शुक्ला, विधायक प्रेमचंद पटेल तथा महापौर संजू देवी राजपूत सहित प्रदेश, जिला एवं मंडल स्तर के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और हजारों की संख्या में निष्ठावान कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। पदयात्रा में संगठन के दिग्गज नेताओं की मौजूदगी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इसमें: 📍सह संभाग प्रभारी रायपुर डॉ. राजीव सिंह,📍राज्य हाथकरधा संघ अध्यक्ष भोजराम देवांगन,📍पूर्व महापौर जोगेश लांबा,📍प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मीना शर्मा,📍पूर्व जिलाध्यक्ष पवन गर्ग एवं मनोज शर्मा,📍नगर पंचायत छुरीकला अध्यक्ष पदमिनी प्रीतम देवांगन,📍नगर पालिका दीपका अध्यक्ष राजेंद्र राजपूत,📍नगर पालिका बांकी मोंगरा अध्यक्ष सोनी झा,📍वरिष्ठ नेता ज्योतिनंद दुबे,📍पूर्व विधायक रामदयाल उईके,📍एमआईसी सदस्य नरेंद्र देवांगन एवं हितानंद अग्रवाल। इसके अलावा संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों की भी सक्रिय उपस्थिति रही, जिनमें: 📍जिला महामंत्री संजय शर्मा एवं अजय विश्वकर्मा,📍जिला कोषाध्यक्ष अजय पांडेय,📍जिला उपाध्यक्ष मंजू सिंह, प्रफुल्ल तिवारी, योगेश जैन, लक्की नंदा, रुक्मणी नायर, रेणुका राठिया, सतीश झा, अजय कंवर, कमला बरेठ, कमला किंडो, विवेक मार्कंडेय, अजय दुबे, नवीन अरोड़ा, अर्जुन गुप्ता, मनोज राठौर, विकास अग्रवाल, शैलेन्द्र यादव, संजय राठौर, नीरज ठाकुर, प्रदीप सिंह, अविनाश दुबे, डॉ. विजय राठौर, कुलसिंह कंवर, प्रीति स्वर्णकार, अखिलेश पांडेय, रामनारायण सराफ, राजेश लहरे, उत्तम सिंह रंधावा, अंजना सिंह, वैभव शर्मा, बी.डी. शर्मा सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। अभियान का मुख्य उद्देश्य: SIR और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया का समर्थन भाजपा की इस विशाल पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य हाल ही में विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति जनता में विश्वास जगाना था। पार्टी ने साफ किया कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया के लिए अत्यंत आवश्यक है। पदयात्रा के दौरान नेताओं ने कांग्रेस द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम पर करारा प्रहार किया। मंच से गूंजे दिग्गजों के बयान: 1. लखनलाल देवांगन (उद्योग मंत्री): “चुनावी हार से बौखलाई कांग्रेस फैला रही हताशा” जनसभा को संबोधित करते हुए उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि कोरबा जिले के कोने-कोने से उमड़ी यह ऐतिहासिक भीड़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर जनता के अटूट विश्वास का प्रत्यक्ष प्रमाण है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयानों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के खिलाफ अमर्यादित बयानबाजी कांग्रेस की राजनीतिक हताशा को दर्शाती है। देवांगन ने कहा कि मतदाता सूची को पारदर्शी और शुद्ध बनाने के लिए SIR बेहद जरूरी कदम है, लेकिन कांग्रेस अपनी लगातार हो रही चुनावी पराजयों से बौखलाकर इस पर बेबुनियाद सवाल उठा रही है। उन्होंने कहा कि वोट चोरी का मनगढ़ंत आरोप लगाने वाली कांग्रेस को दूसरों पर अंगुली उठाने से पहले अपने भ्रष्टाचार और राजनीतिक इतिहास पर आत्ममंथन करना चाहिए। 2. गोपाल मोदी (भाजपा जिलाध्यक्ष): “मृत और स्थानांतरित मतदाताओं का सत्यापन गलत कैसे?” भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने खराब मौसम के बावजूद भारी संख्या में पहुंचे सभी कार्यकर्ताओं और नागरिकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह उपस्थिति पीएम मोदी के प्रति जन-जन के विश्वास को रेखांकित करती है। विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए उन्होंने सवाल उठाया— “मृत, स्थानांतरित और स्थायी रूप से निवास बदल चुके मतदाताओं के नामों का सत्यापन करना आखिर गलत कैसे हो सकता है?” उन्होंने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष चुनाव के लिए सूची का शुद्धिकरण अनिवार्य है। कांग्रेस सत्ता के बिना बेचैन है और भ्रम फैला रही है, जबकि भाजपा का एकमात्र लक्ष्य विकसित भारत का निर्माण करना है। भाजपा की असली शक्ति उसके समर्पित कार्यकर्ताओं का परिश्रम है। 3. संजू देवी राजपूत (महापौर): “राजनीति छोड़ वास्तविक मुद्दों पर बात करे कांग्रेस” महापौर संजू देवी राजपूत ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व में देश निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस SIR जैसे संवैधानिक और सुधारात्मक कार्य को अनावश्यक मुद्दा बनाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने सलाह दी कि कांग्रेस को मतदाता सूची पुनरीक्षण पर घटिया राजनीति बंद कर जनता के असली मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर भी कड़ा कटाक्ष किया। 4. बृजेंद्र शुक्ला (भाजपा जिला प्रभारी): “कांग्रेस वोट चोरी का अपना पुराना इतिहास देखे” भाजपा जिला प्रभारी बृजेंद्र शुक्ला ने कांग्रेस के आरोपों का कड़ा जवाब देते हुए कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल के दौर का जिक्र करते हुए उन्होंने याद दिलाया कि देश में वोट चोरी और चुनावी गड़बड़ियों की शुरुआत स्वयं कांग्रेस के शासनकाल में हुई थी। राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने काले इतिहास के पन्ने पलटने चाहिए। भाजपा की नींव उसकी मजबूत विचारधारा, कार्यकर्ताओं के समर्पण और जनता के स्नेह पर टिकी है। निष्कर्ष इस भव्य पदयात्रा के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी ने न केवल कोरबा में अपने मजबूत जनाधार का प्रदर्शन किया, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती, निष्पक्ष मतदाता सूची और जनजागरूकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। विशाल जनसमूह, अनुशासित कार्यकर्ताओं और

2027 चुनाव के लिए अमित शाह का मंत्र: कार्यकर्ताओं से बोले- ‘अर्जुन की तरह बनाएं निशाना’, सीएम योगी की माफिया-मुक्त UP के लिए की तारीफ

लखनऊ 30/10/2026 BJP UP Executive Meeting :लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंक दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की उपस्थिति में अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उनमें चुनावी ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था की सराहना करते हुए विपक्ष पर जमकर निशाना साधा और भरोसा जताया कि पार्टी तीसरी बार भी प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी। तीसरी बार सरकार बनते ही लागू होगी समान नागरिक संहिता अमित शाह ने कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार ‘अंगद का पैर’ है, जिसे कोई भी ताकत हिला नहीं सकती। उन्होंने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि 2027 में जनता के आशीर्वाद से दोबारा सरकार बनते ही राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाएगी। गृहमंत्री ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अर्जुन की भांति ‘मछली की आंख’ पर ध्यान केंद्रित कर चुनावी तैयारियों में पूरी निष्ठा से जुट जाएं। 30 अक्तूबर 1990 की घटना का उल्लेख और विपक्ष पर हमला अमित शाह ने 30 अक्तूबर की ऐतिहासिक तिथि का स्मरण कराते हुए विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि 1990 में आज ही के दिन अयोध्या में निहत्थे रामभक्तों और कारसेवकों पर गोलियां चलाई गई थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि निहत्थे लोगों पर गोलियां चलवाने वाले लोग किस नैतिकता के आधार पर सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं। शाह ने स्पष्ट किया कि जहां विपक्ष ने गोलियां चलवाईं, वहीं भाजपा ने भव्य राम मंदिर का निर्माण कराया, जिसे जनता सदैव याद रखेगी। वोट चोरी के आरोपों पर संसद में खुली चर्चा की चुनौती सपा और कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों पर तंज कसते हुए गृहमंत्री ने कहा कि विपक्ष मैच हारने के बाद अंपायर को दोष दे रहा है। उन्होंने विपक्ष को चुनौती दी कि सरकार इस मुद्दे पर संसद का विशेष सत्र बुलाकर चर्चा कराने के लिए तैयार है। विपक्ष संसद में आकर अपनी बात रखे, सरकार उनके हर सवाल का तथ्यात्मक और बिंदुवार जवाब देने के लिए पूरी तरह सक्षम है। माफिया मुक्त उत्तर प्रदेश के लिए सीएम योगी की तारीफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासन की सराहना करते हुए अमित शाह ने कहा कि कठोर और पारदर्शी प्रशासन के कारण ही उत्तर प्रदेश आज पूरी तरह माफिया मुक्त हो पाया है। उन्होंने याद दिलाया कि 2014 से पूर्व राज्य में भाजपा का ढांचा बेहद कमजोर था, परंतु कार्यकर्ताओं के अथक प्रयास और जनता के विश्वास के बल पर पार्टी ने ऐतिहासिक सफलता हासिल की। उन्होंने विश्वास जताया कि 2027 में भी भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ राज्य में सरकार बनाएगी।

स्मृति ईरानी का बड़ा हमला: राहुल गांधी की उम्र पर तंज, कहा- “अब लड़ाई अमेठी तक सीमित नहीं, सीधे राजधानी में आ गई है”

नई दिल्ली 30/10/2026: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने हाल ही में रिपब्लिक टीवी को दिए एक इंटरव्यू में विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राहुल गांधी की उम्र, सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के आंदोलन और देश की राजनीति से जुड़े कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। राहुल गांधी और ‘यूथ’ राजनीति पर तंज स्मृति ईरानी ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उनकी उम्र पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “56 साल का आदमी यूथ बनकर घूम रहा है। वो अपने आप को यूथ कह दें, इससे हकीकत नहीं बदलती।” सीजेपी नेताओं पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने आगे कहा कि 31 साल के लोग खुद को युवा बता रहे हैं, और इस हिसाब से तो मल्लिकार्जुन खरगे जी बाल अवस्था में हैं। “संसद के खिलाफ जंग का ऐलान कर चुके हैं राहुल” स्मृति ईरानी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि यह कोई रैंडम सोच नहीं, बल्कि सोच-समझकर किया गया कृत्य है। उन्होंने राहुल गांधी के उस बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने कथित तौर पर ‘इंडियन स्टेट’ के खिलाफ लड़ने की बात कही थी। ईरानी ने कहा, “इंडियन स्टेट भारत की संसद है, जिसे 90 करोड़ हिंदुस्तानी चुनते हैं। राहुल गांधी ने 90 करोड़ हिंदुस्तानियों के खिलाफ जंग का ऐलान किया है।” कॉकरोच जनता पार्टी और लोकतंत्र पर विचार सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के आंदोलन पर बात करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार का दायित्व हर नागरिक की बात सुनना है और यह नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है। लोकतंत्र की ताकत कड़वी बातें सुनने में भी है। उन्होंने कहा, “उन्हें आप कॉकरोच कहें या कुछ भी कहें, जब वे जमीन पर ताकत आजमाते हैं तो जनता उन्हें बूथ पर हराती है।” “अब लड़ाई अमेठी में नहीं, सीधे राजधानी में है” जब उनसे पूछा गया कि क्या वे 2029 में एक बार फिर राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी यह तय करती है कि कौन कहां से चुनाव लड़ेगा, लेकिन वे देश के हित के लिए हमेशा तैयार रहती हैं। अमेठी की राजनीति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि अब लड़ाई सिर्फ अमेठी तक सीमित नहीं रह गई है। उन्होंने दावा किया कि देश की राजधानी में कुछ लोगों द्वारा ‘रिजीम चेंज’ (सत्ता परिवर्तन) की मांग करने और आतंक का समर्थन करने वालों के चलते अब असली रणभूमि दिल्ली बन चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी स्पष्ट किया है कि यह कुर्सी किसी की जागीर नहीं है, इसे जनता ही देती है और वही वापस लेती है।

धर्म

चारधाम यात्रा 2026: श्रद्धालुओं का ऐतिहासिक रिकॉर्ड, 60 लाख से अधिक भक्तों ने किए दर्शन

देहरादून 23 अक्टूबर 2026 Char Dham Yatra 2026 : उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस वर्ष अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुकी है। हिमालयी तीर्थस्थलों के दर्शन के लिए इस सीजन में आस्था का जनसैलाब उमड़ा, जिसने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में अब तक 60 लाख (6 मिलियन) से अधिक तीर्थयात्री चारों पवित्र धामों—बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री—के दर्शन कर चुके हैं। बद्रीनाथ धाम शीर्ष पर, केदारनाथ दूसरे स्थान पर प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष श्रद्धालुओं की पहली पसंद बद्रीनाथ धाम रहा, जहाँ सबसे अधिक 20,69,866 तीर्थयात्री पहुँचे। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज वहीं, केदारनाथ धाम 17,75,059 श्रद्धालुओं की उपस्थिति के साथ दूसरे स्थान पर रहा। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2023 में 56 लाख और वर्ष 2024 में 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे, जबकि इस बार यह संख्या 60 लाख के पार पहुँच गई है। 16 नवंबर को कपाट बंद होने के साथ समाप्त होगा ग्रीष्मकालीन चरण 19 अप्रैल 2026 को शुरू हुई यह पवित्र यात्रा आगामी 16 नवंबर को बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही शीतकाल के लिए विश्राम लेगी। हालांकि, इसके बाद शीतकालीन चारधाम यात्रा का शुभारंभ होगा। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि प्रशासन शीतकालीन यात्रा की तैयारियों पर मुस्तैदी से काम कर रहा है। माँ गंगा के मुखबा और माँ यमुना के खरसाली स्थित शीतकालीन निवासों पर विराजमान होने के बाद भक्त वहाँ दर्शन कर सकेंगे। इसी तरह केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद उखीमठ में श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन जारी रख सकेंगे। मानसून और आपदा की चुनौतियों के बीच सुगम संचालन इस वर्ष मानसून के दौरान प्राकृतिक आपदाओं की चुनौतियाँ सामने आईं, लेकिन राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के त्वरित प्रयासों से यात्रा को सुरक्षित रूप से जारी रखा गया। श्रद्धालुओं के लिए मार्गों पर स्वास्थ्य, सुरक्षा, यातायात और आपातकालीन सुविधाओं को मुस्तैद किया गया था। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा: “60 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन उत्तराखंड की पवित्रता और लोगों की अटूट आस्था को दर्शाता है। राज्य सरकार हर श्रद्धालु की यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।”

मां बम्लेश्वरी के भक्तों के लिए बड़ी खबर: डोंगरगढ़ नवरात्रि मेले में 1100 जवानों का पहरा, पदयात्रियों को मिलेंगे 20 हजार रेडियम स्टिकर, जानें सुरक्षा और ट्रैफिक का पूरा प्लान

रायपुर/राजनांदगांव 11 अक्टूबर 2025 Dongargarh Navratri Mela:  शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर

रामदेव पीर जयंती पर भव्य समारोह: गुजराती समाज की नवीन कार्यकारिणी का हुआ शपथ ग्रहण, कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन ने की 20 लाख की घोषणा

समारोह में कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन,जिला भाजपाध्यक्ष गोपाल मोदी एवं निगम सभापति

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