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छत्तीसगढ़ में ‘ब्रेस्ट कैंसर अपडेट 2026’ कॉन्फ्रेंस संपन्न: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कैंसर के प्रति जागरूकता और आधुनिक उपचार पर दिया जोर रायपुर: बीजेपी प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के दौरे में सख्त अनुशासन, मंत्रियों को भी गाड़ी और फोन के बिना करनी पड़ी एंट्री “सनातन और हिंदुत्व अलग-अलग”: शाजापुर में बोले दिग्विजय सिंह- सावरकर ने दिया था हिंदुत्व शब्द, संविधान पर भी उठाए सवाल कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के विवादित बयान पर गरमाई सियासत: भूपेश बघेल ने किया बचाव, कहा- ‘इसमें कोई अपमान की बात नहीं’ प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता पर खड़गे की टिप्पणी: सीएम विष्णु देव साय ने जताई कड़ी आपत्ति, सार्वजनिक माफी की मांग छत्तीसगढ़: ढाई-ढाई साल के सीएम फॉर्मूले की चर्चा से कांग्रेस को हुआ नुकसान – टीएस सिंहदेव

छत्तीसगढ़ में ‘ब्रेस्ट कैंसर अपडेट 2026’ कॉन्फ्रेंस संपन्न: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कैंसर के प्रति जागरूकता और आधुनिक उपचार पर दिया जोर

 रायपुर 26/10/2026 Breast Cancer Awareness: छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने हाल ही में राजधानी रायपुर के होटल बेबीलॉन कैपिटल में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय चिकित्सा कॉन्फ्रेंस ‘Breast Cancer Update 2026 – Empowering the Future of Breast Oncology’ के दूसरे दिन के सत्र का उद्घाटन किया। मित्तल हॉस्पिटल द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्तन कैंसर (ब्रेस्ट कैंसर) से जुड़ी आधुनिक चिकित्सा तकनीकों, समय पर पहचान और व्यक्तिगत उपचार पद्धतियों (personalized treatments) पर व्यापक मंथन करना था। समय पर पहचान और जागरूकता है सबसे बड़ा बचाव उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री श्री चौधरी ने इस बात पर जोर दिया कि कैंसर जैसी गंभीर और चुनौतीपूर्ण बीमारी के खिलाफ लड़ाई में समय पर पहचान (early detection) और सटीक चिकित्सीय परामर्श सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से महिलाओं के बीच ब्रेस्ट कैंसर के प्रति व्यापक जनजागरूकता फैलाना, उन्हें नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए प्रेरित करना और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी सुलभ कराना वक्त की बड़ी मांग है। चिकित्सा विज्ञान में हो रहे निरंतर अनुसंधान और तकनीकी विकास से आज कैंसर के इलाज की सफलता दर में काफी सुधार हुआ है, और यह सुनिश्चित करना चिकित्सा जगत की नैतिक जिम्मेदारी है कि इन आधुनिक पद्धतियों का लाभ राज्य के आखिरी छोर के मरीज तक पहुंचे। Advt चिकित्सा क्षेत्र में नवाचार और ज्ञान का आदान-प्रदान श्री चौधरी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लगातार बेहतर बनाने के लिए इस तरह के वैज्ञानिक सम्मेलनों की बेहद आवश्यकता होती है। जब देश-विदेश के चिकित्सा विशेषज्ञ एक मंच पर आकर अपने अनुभव, नवीन शोध और आधुनिक उपचार तकनीकों का आदान-प्रदान करते हैं, तो उससे न केवल डॉक्टरों का कौशल अपडेट होता है, बल्कि आम मरीजों को भी अधिक प्रभावी, सुरक्षित और उच्च गुणवत्तापूर्ण उपचार का लाभ मिलता है। दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस के मुख्य आकर्षण और तकनीकी सत्र मित्तल हॉस्पिटल द्वारा 24 और 25 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस दो दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में देश भर से आए प्रख्यात ऑन्कोलॉजिस्ट और सर्जनों ने हिस्सा लिया। सत्रों के दौरान निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया: आधुनिक चिकित्सा पद्धतियाँ: ब्रेस्ट कैंसर के निदान, शल्य चिकित्सा (surgery), आधुनिक कीमोथेरेपी और लक्षित उपचार (targeted therapy) की नवीनतम पद्धतियों पर तकनीकी चर्चा हुई। स्तन संरक्षण सर्जरी (Breast Conservation Surgery): इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि किन चिकित्सीय परिस्थितियों और शुरुआती चरणों में स्तन को पूरी तरह सुरक्षित रखते हुए सफल सर्जरी की जा सकती है। व्यक्तिगत उपचार (Personalized Treatment): मरीज की शारीरिक स्थिति, कैंसर की अवस्था और अन्य जैविक पहलुओं के आधार पर सबसे उपयुक्त इलाज की रणनीति तय करने पर विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। प्रारंभिक जांच का महत्व: विशेषज्ञों ने एक स्वर में माना कि यदि बीमारी की पहचान शुरुआती चरण में ही हो जाए, तो पूर्ण रिकवरी की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। इसके लिए महिलाओं को किसी भी संदिग्ध लक्षण को नजरअंदाज न करने और तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेने की सलाह दी गई। इस सफल आयोजन ने छत्तीसगढ़ में ऑन्कोलॉजी (ऑन्कोलॉजी) के क्षेत्र में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार और चिकित्सकों के बीच ज्ञान साझा करने की दिशा में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है।

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मैच ग्रुप की नई पहल: टिंडर और हिंज पर स्क्रीनशॉट बंद, सुरक्षा के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन और I4C से हाथ मिलाया

नई दिल्ली / डिजिटल डेस्क 21 अक्टूबर 2026 Match Group India :ऑनलाइन डेटिंग प्लेटफॉर्म्स को उपयोगकर्ताओं—विशेषकर महिलाओं—के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में मैच ग्रुप (Match Group) ने

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छत्तीसगढ़ में ‘ब्रेस्ट कैंसर अपडेट 2026’ कॉन्फ्रेंस संपन्न: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कैंसर के प्रति जागरूकता और आधुनिक उपचार पर दिया जोर

 रायपुर 26/10/2026 Breast Cancer Awareness: छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने हाल ही में राजधानी रायपुर के होटल बेबीलॉन कैपिटल में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय चिकित्सा कॉन्फ्रेंस ‘Breast Cancer Update

छत्तीसगढ़: ढाई-ढाई साल के सीएम फॉर्मूले की चर्चा से कांग्रेस को हुआ नुकसान – टीएस सिंहदेव

बिलासपुर 25/10/2026 : छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव ने शनिवार को बिलासपुर के सिरगिट्टी क्षेत्र में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बड़ा बयान दिया है।

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रायपुर: बीजेपी प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के दौरे में सख्त अनुशासन, मंत्रियों को भी गाड़ी और फोन के बिना करनी पड़ी एंट्री

रायपुर 26 अक्टूबर 2026 BJP Office Discipline : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रविवार को बीजेपी प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के दो दिवसीय दौरे के दौरान पार्टी कार्यालय में बेहद सख्त और अनुशासित व्यवस्था देखने को मिली। प्रदेश कार्यालय में सत्ता और संगठन की बैठकों के दौरान कड़े नियमों का पालन कराया गया, जिसके तहत मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को भी विशेष छूट नहीं दी गई। बैठक के दौरान किसी भी मंत्री या वरिष्ठ नेता को अपनी गाड़ियों के साथ प्रदेश कार्यालय के अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली। मुख्य गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड्स ने छत्तीसगढ़ के मंत्री खुशवंत साहेब के काफिले को भी अंदर जाने से रोक दिया। इसके बाद मंत्री को गाड़ी गेट के बाहर छोड़कर पैदल ही प्रदेश कार्यालय के अंदर जाना पड़ा। खुशवंत साहेब के अलावा पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय और वरिष्ठ नेता धरमलाल कौशिक समेत अन्य सभी मंत्रियों व नेताओं के काफिलों को भी गेट के बाहर ही रोक दिया गया। सिर्फ मंत्रियों की गाड़ियों पर ही नहीं, बल्कि सुरक्षा और गोपनीयता के लिहाज से कार्यालय के अंदर प्रवेश करने वाले सभी वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों के मोबाइल फोन भी बाहर ही रखवा लिए गए थे। चुनिंदा लोगों को ही मिली एंट्री और कोर ग्रुप की बैठक स्थगित कार्यालय में चल रही बैठकों को लेकर अनुशासन का दायरा आगंतुकों पर भी सख्ती से लागू किया गया। मीटिंग में केवल उन्हीं कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को प्रवेश दिया गया, जिनके नाम पहले से तय सूची में शामिल थे। सूची में नाम न होने के कारण पार्टी के कई पदाधिकारियों को बिना मीटिंग में शामिल हुए ही वापस लौटना पड़ा। इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी की मुलाकात प्रदेश कार्यालय में हुई। मुलाकात के बाद दोनों नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम ‘मन की बात’ को सुनने के लिए अभनपुर रवाना हुए। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव भी मौजूद नहीं थे और मन की बात सुनने के लिए केवल पूर्व निर्धारित लोगों को ही साथ रखा गया था। वहीं, निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रविवार शाम को होने वाली बीजेपी प्रदेश कोर ग्रुप की बैठक के समय में बदलाव किया गया है। अब यह महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को होगी, जिसमें प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी जमीनी स्तर से फीडबैक लेने के बाद नेताओं के साथ चर्चा करेंगी।

“सनातन और हिंदुत्व अलग-अलग”: शाजापुर में बोले दिग्विजय सिंह- सावरकर ने दिया था हिंदुत्व शब्द, संविधान पर भी उठाए सवाल

शाजापुर (मध्य प्रदेश) 26अक्टूबर 2026 Madhya Pradesh Politics : मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की उज्जैन से अयोध्या तक निकाली जा रही पदयात्रा जब शाजापुर पहुंची, तब उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान हिंदुत्व और सनातन धर्म को लेकर बड़ा बयान दिया। दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह न तो कभी हिंदुत्व के समर्थक थे और न ही आगे कभी रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि सनातन धर्म और हिंदुत्व दो पूरी तरह अलग अवधारणाएं हैं। उन्होंने कहा, “हिंदुत्व का सनातन धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। सनातन धर्म हज़ारों साल पुराना है, जबकि ‘हिंदुत्व’ शब्द वीर सावरकर द्वारा दिया गया था। हमारे सनातन धर्म में कटुता और नफरत के लिए कोई स्थान नहीं है।” “संविधान खतरे में, चुनाव आयोग पर उठाए सवाल” संविधान और मतदान के अधिकारों पर चिंता जताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का संविधान आज खतरे में है। उन्होंने मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पर चुनाव आयोग को घेरते हुए कहा कि संविधान हर भारतीय को मतदान का अधिकार देता है। मतदाता सूची में नाम जोड़ना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है, लेकिन आयोग के पास यह तय करने का अधिकार नहीं है कि कौन भारत का नागरिक है और कौन नहीं। उन्होंने मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि नोट चोरी और वोट चोरी, दोनों मामलों में ज्ञानेश कुमार की भूमिका रही है।

कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के विवादित बयान पर गरमाई सियासत: भूपेश बघेल ने किया बचाव, कहा- ‘इसमें कोई अपमान की बात नहीं’

रायपुर 26 अक्टूबर 2026:कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पटना में दिए गए एक बयान को लेकर देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। खड़गे ने अपने भाषण के दौरान कहा था कि “मोदी क्या, मोदी का बाप भी जाएगा।” इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा हमला बोलते हुए कांग्रेस पार्टी और खड़गे से सार्वजनिक माफी की मांग की है। वहीं, कांग्रेस पार्टी अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के बचाव में खुलकर मैदान में उतर आई है। दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खड़गे के बयान को पूरी तरह से सामान्य बताया और इसे लेकर किसी भी तरह के अपमान से इनकार किया। “यह सिर्फ बोलने का एक तरीका है” समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए भूपेश बघेल ने कहा, “इसमें अपशब्द जैसी बात क्या है? उस युवक के जरिए मल्लिकार्जुन खड़गे को उकसाया गया और बुलवाया गया। वह भाषण दे रहे थे और भीड़ में से एक आदमी लगातार चिल्ला रहा था।” बघेल ने आगे कहा, “यह तो सिर्फ अपनी बात कहने और बोलने का एक अंदाज है- ‘वो नहीं, उसका देवता भी जाएगा’, और उसी लहजे में ‘उसका बाप भी जाएगा’ कह दिया गया। तो इसे कोई अपमानजनक बात नहीं कहा जा सकता।” भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप भूपेश बघेल ने पलटवार करते हुए भाजपा पर प्रधानमंत्री पद की गरिमा गिराने और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अतीत में दिए गए बयानों को लेकर निशाना साधा। आपत्तिजनक बयानों का जिक्र: बघेल ने कहा कि अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने की शुरुआत हमेशा भाजपा की तरफ से होती है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कभी प्रधानमंत्री पद पर बैठे किसी व्यक्ति ने पहले ऐसी बातें की थीं? पुराने बयानों की याद: उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं और पीएम मोदी द्वारा अतीत में ’50 करोड़ की गर्लफ्रेंड’, ‘जर्सी गाय’ और ‘मंगलसूत्र छीनने’ जैसे बयान दिए गए हैं। भाजपा की चुप्पी पर सवाल: कांग्रेस नेता ने तंज कसते हुए कहा कि जब प्रधानमंत्री इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं, तब भाजपा के लोग चुप क्यों बैठ जाते हैं? यदि उनमें थोड़ी भी नैतिकता है, तो उन्हें पहले पीएम मोदी को ऐसी भाषा का उपयोग करने से रोकना चाहिए था। इस पूरे घटनाक्रम के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है, और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ने के आसार हैं।

छत्तीसगढ़: ढाई-ढाई साल के सीएम फॉर्मूले की चर्चा से कांग्रेस को हुआ नुकसान – टीएस सिंहदेव

बिलासपुर 25/10/2026 : छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव ने शनिवार को बिलासपुर के सिरगिट्टी क्षेत्र में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले कार्यकाल के दौरान ‘ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री’ वाले फॉर्मूले को लेकर लगातार हुई चर्चाओं से पार्टी की छवि और चुनावी संभावनाओं को नुकसान पहुँचा। सिंहदेव ने 2018 के विधानसभा चुनाव को याद करते हुए कहा कि उस समय मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई बहस नहीं थी। पार्टी ने एकजुट होकर चुनाव लड़ा था और जनता ने भी भरपूर समर्थन दिया था। आगामी चुनावों के संदर्भ में उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस को पहले से मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने की आवश्यकता नहीं है; चुनाव जीतने के बाद हाईकमान जिसे योग्य समझेगा, उसे यह जिम्मेदारी दी जाएगी। कार्यकर्ताओं को जमीनी संपर्क की नसीहत पार्टी पदाधिकारियों, मंडल और सेक्टर स्तर के कार्यकर्ताओं से लगातार जनता के बीच रहने का आह्वान करते हुए सिंहदेव ने कहा: नियमित संवाद आवश्यक: केवल चुनाव के समय जनता के पास जाने से गलत संदेश जाता है कि नेता अपने स्वार्थ के लिए आ रहे हैं। सुख-दुख में भागीदारी: नेताओं को बड़े भाषण देकर चले जाने के बजाय आम लोगों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं और सुख-दुख सुनना चाहिए। एसआईआर (SIR) पर जोर: बिल्हा में आयोजित जनसभा के दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं से विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से हटाए गए कांग्रेसी सदस्यों के नाम दोबारा जुड़वाने का प्रयास करने को कहा। सामाजिक बैठकों और जनसभा में बेबाक बोल बिल्हा मंडी परिसर में जनसभा से पूर्व सरगांव बस स्टैंड पर सिंहदेव का भव्य स्वागत किया गया, जिसके बाद उन्होंने साहू भवन में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि देश में धर्म के नाम पर नफरत फैलाने की कोशिश की जा रही है और भगवान राम के नाम पर लोगों की धार्मिक भावनाओं का राजनीतिक इस्तेमाल तुरंत रुकना चाहिए।

नो वीआईपी कल्चर, सादगी के साथ स्मृति ईरानी का छत्तीसगढ़ मिशन शुरू

सांसद-मंत्रियों की क्लास : दो दिनों में होंगी 12 अहम बैठकें रायपुर 25/10/2026: छत्तीसगढ़ भाजपा में संगठनात्मक गतिविधियां तेज हो गई हैं। पार्टी की नई प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी रविवार को दो दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंचीं। उनके स्वागत को इस बार बेहद सादगीपूर्ण रखा गया, जिसमें किसी भी तरह के शक्ति प्रदर्शन या बड़े आयोजनों से दूरी बनाई गई। एयरपोर्ट पर न तो ढोल-ताशे बजाए गए और न ही मंत्रियों को बुलाया गया। इसके अलावा, भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) की ओर से प्रस्तावित बाइक रैली को भी स्थगित कर दिया गया। संगठन की ओर से नामित केवल 16 पदाधिकारी और विधायक ही उनके स्वागत के लिए एयरपोर्ट पर मौजूद रहे। एयरपोर्ट से सीधे वह भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर पहुंचीं। उनके साथ सह-प्रभारी सिद्धार्थ शंभू भी रायपुर आए हैं। दो दिनों में 12 बैठकें और समीक्षा अपने इस दौरे के दौरान स्मृति ईरानी और सिद्धार्थ शंभू 25 और 26 अक्टूबर को कुल 12 बैठकों में हिस्सा लेंगे। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य प्रदेश संगठन के कामकाज की समीक्षा करना और आगामी कार्ययोजना तैयार करना है। पहला दिन (25 अक्टूबर): आज प्रदेश पदाधिकारियों, संभाग व जिला प्रभारियों, पूर्व विधायकों, पूर्व सांसदों और पूर्व प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठकें तय हैं। शाम को भाजपा कोर ग्रुप की बैठक भी होगी। दूसरा दिन (26 अक्टूबर): सोमवार को पार्टी सांसदों, विधायकों, मंत्रियों के साथ-साथ निगम-मंडलों और आयोगों के अध्यक्ष-उपाध्यक्षों के साथ संवाद किया जाएगा। साथ ही, विचार परिवार के प्रतिनिधियों से भी चर्चा होगी। इस दौरे में वर्तमान के साथ-साथ पूर्व जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है। बैठकों के बाद भाजपा के आगामी संगठनात्मक फैसलों और कार्यक्रमों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

कोरबा में कांग्रेस का ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान तेज: 25 नवंबर तक चलेगा चरणबद्ध आंदोलन, बूथ स्तर पर मजबूती पर जोर

कोरबा 25/10/2026 : अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत शुक्रवार को कोरबा में एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। इसका उद्देश्य लोकतंत्र को मजबूत करना, मताधिकार की रक्षा करना और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को सुनिश्चित करना है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोरबा जिला पर्यवेक्षक विजय केशरवानी की अगुवाई में हुई इस बैठक में आगामी आंदोलनों की रूपरेखा तय की गई। इस दौरान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, सांसद ज्योत्सना महंत, पीसीसी संयुक्त महासचिव हरीश परसाई, जिला अध्यक्ष मनोज चौहान और पूर्व विधायक पुरुषोत्तम कंवर व मोहित केरकेट्टा समेत कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक की मुख्य बातें: चरणबद्ध आंदोलन: 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक राज्यभर में चरणबद्ध आंदोलन चलाए जाएंगे, जिससे जनता को मतदाता सूची और मताधिकार के प्रति जागरूक किया जाएगा। राष्ट्रीय पर्यवेक्षक का दौरा: एआईसीसी के राष्ट्रीय पर्यवेक्षक नवज्योति पटनायक 29 अक्टूबर को कोरबा पहुंचेंगे, जहां जनप्रतिनिधियों और बूथ लेवल एजेंटों (BLA) की बैठक होगी। दिल्ली रैली की तैयारी: 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाली प्रस्तावित रैली को लेकर प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। बूथ स्तर पर मजबूती: नेताओं ने जोर दिया कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना और हर पात्र मतदाता के मताधिकार की रक्षा करना ही इस अभियान का मुख्य लक्ष्य है।

टेक्नोलॉजी

क्या AI खत्म कर देगा पारंपरिक बैंकिंग? शेखर कपूर के सवाल पर छिड़ी नई बहस

नई दिल्ली 16 अक्टूबर 2026 Artificial Intelligence : आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बैंकिंग सेक्टर के कामकाज और कारोबार को पूरी तरह से बदल सकता है। मशहूर फिल्म निर्माता शेखर कपूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर एक विचारोत्तेजक पोस्ट शेयर करते हुए सवाल उठाया है—“अगर एआई खुद लोगों के पैसे संभालने, निवेश के बेहतर विकल्प खोजने और अधिक ब्याज दिलाने का काम करने लगे, तो फिर पारंपरिक बैंकों की जरूरत ही क्यों पड़ेगी?” शेखर कपूर की इस पोस्ट ने इंटरनेट पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि एआई बैंकिंग उद्योग को बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है, वहीं अन्य का कहना है कि बैंक बंद नहीं होंगे, बल्कि उनका काम करने का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा। Advt बैंकों की कमाई पर कैसे पड़ेगा असर? शेखर कपूर के अनुसार, बैंक जमाकर्ताओं के पैसे को कर्ज या निवेश में लगाकर बड़ी कमाई करते हैं और उसके बदले ग्राहकों को बहुत कम ब्याज देते हैं। बैंकों का मुनाफा उन ग्राहकों से भी होता है, जो आलस या झंझट के कारण बेहतर ब्याज दरों की तलाश में अपना पैसा दूसरी जगह ट्रांसफर नहीं करते। लेकिन अगर AI एजेंट हर रात ग्राहक के फंड के लिए खुद ही सबसे ज्यादा ब्याज देने वाले विकल्प खोजने लगें, तो ग्राहकों को खुद मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। ऐसे में बैंक ग्राहकों को कम ब्याज दर देकर पहले की तरह आसानी से मुनाफा नहीं कमा सकेंगे। क्या AI पूरी तरह से बैंकों की जगह ले सकता है? बहस में शामिल कई विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ एआई बैंकिंग का विकल्प नहीं बन सकता। सुरक्षा और जिम्मेदारी: लिंक्डइन यूजर अनय महिमकर ने लिखा कि एआई वित्तीय फैसले लेने में मदद तो कर सकता है, लेकिन कर्ज देना, जोखिम उठाना, सरकारी नियमों (Compliance) का पालन करना और भरोसा कायम रखना बैंकों की प्राथमिक जिम्मेदारी रहेगी। सटीक लोन प्रक्रिया: विशेषज्ञ कृष्णा लक्मसानी का कहना है कि एआई ग्राहकों की आमदनी और खर्चों का विश्लेषण करके उधार देने वालों और लेने वालों के बीच सीधा संपर्क बना सकता है। इससे बिचौलियों का असर कम होगा और एआई एजेंट ग्राहकों की ओर से बेहतर ब्याज दरों के लिए बातचीत (Negotiation) भी कर सकेंगे। बैंकों का भविष्य: क्या होंगी नई चुनौतियां? विशेषज्ञों का मानना है कि पैसों की सुरक्षा, डिजिटल पेमेंट और सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए बैंकों की प्रासंगिकता बनी रहेगी। हालाँकि, बैंकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती ग्राहकों को अपने साथ बनाए रखने की होगी। जो बैंक नई तकनीक, बेहतर ब्याज दरें और एआई-आधारित सेवाएं अपनाएंगे, वे ही भविष्य की बैंकिंग रेस में आगे टिक पाएंगे। 📍

व्यापार

रायपुर: बीजेपी प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के दौरे में सख्त अनुशासन, मंत्रियों को भी गाड़ी और फोन के बिना करनी पड़ी एंट्री

रायपुर 26 अक्टूबर 2026 BJP Office Discipline : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रविवार को बीजेपी प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के दो दिवसीय दौरे के दौरान पार्टी कार्यालय में बेहद सख्त और अनुशासित व्यवस्था देखने को मिली। प्रदेश कार्यालय में सत्ता और संगठन की बैठकों के दौरान कड़े नियमों का पालन कराया गया, जिसके तहत मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को भी विशेष छूट नहीं दी गई। बैठक के दौरान किसी भी मंत्री या वरिष्ठ नेता को अपनी गाड़ियों के साथ प्रदेश कार्यालय के अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली। मुख्य गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड्स ने छत्तीसगढ़ के मंत्री खुशवंत साहेब के काफिले को भी अंदर जाने से रोक दिया। इसके बाद मंत्री को गाड़ी गेट के बाहर छोड़कर पैदल ही प्रदेश कार्यालय के अंदर जाना पड़ा। खुशवंत साहेब के अलावा पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय और वरिष्ठ नेता धरमलाल कौशिक समेत अन्य सभी मंत्रियों व नेताओं के काफिलों को भी गेट के बाहर ही रोक दिया गया। सिर्फ मंत्रियों की गाड़ियों पर ही नहीं, बल्कि सुरक्षा और गोपनीयता के लिहाज से कार्यालय के अंदर प्रवेश करने वाले सभी वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों के मोबाइल फोन भी बाहर ही रखवा लिए गए थे। चुनिंदा लोगों को ही मिली एंट्री और कोर ग्रुप की बैठक स्थगित कार्यालय में चल रही बैठकों को लेकर अनुशासन का दायरा आगंतुकों पर भी सख्ती से लागू किया गया। मीटिंग में केवल उन्हीं कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को प्रवेश दिया गया, जिनके नाम पहले से तय सूची में शामिल थे। सूची में नाम न होने के कारण पार्टी के कई पदाधिकारियों को बिना मीटिंग में शामिल हुए ही वापस लौटना पड़ा। इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी की मुलाकात प्रदेश कार्यालय में हुई। मुलाकात के बाद दोनों नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम ‘मन की बात’ को सुनने के लिए अभनपुर रवाना हुए। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव भी मौजूद नहीं थे और मन की बात सुनने के लिए केवल पूर्व निर्धारित लोगों को ही साथ रखा गया था। वहीं, निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रविवार शाम को होने वाली बीजेपी प्रदेश कोर ग्रुप की बैठक के समय में बदलाव किया गया है। अब यह महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को होगी, जिसमें प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी जमीनी स्तर से फीडबैक लेने के बाद नेताओं के साथ चर्चा करेंगी।

“सनातन और हिंदुत्व अलग-अलग”: शाजापुर में बोले दिग्विजय सिंह- सावरकर ने दिया था हिंदुत्व शब्द, संविधान पर भी उठाए सवाल

शाजापुर (मध्य प्रदेश) 26अक्टूबर 2026 Madhya Pradesh Politics : मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की उज्जैन से अयोध्या तक निकाली जा रही पदयात्रा जब शाजापुर पहुंची, तब उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान हिंदुत्व और सनातन धर्म को लेकर बड़ा बयान दिया। दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह न तो कभी हिंदुत्व के समर्थक थे और न ही आगे कभी रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि सनातन धर्म और हिंदुत्व दो पूरी तरह अलग अवधारणाएं हैं। उन्होंने कहा, “हिंदुत्व का सनातन धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। सनातन धर्म हज़ारों साल पुराना है, जबकि ‘हिंदुत्व’ शब्द वीर सावरकर द्वारा दिया गया था। हमारे सनातन धर्म में कटुता और नफरत के लिए कोई स्थान नहीं है।” “संविधान खतरे में, चुनाव आयोग पर उठाए सवाल” संविधान और मतदान के अधिकारों पर चिंता जताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का संविधान आज खतरे में है। उन्होंने मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पर चुनाव आयोग को घेरते हुए कहा कि संविधान हर भारतीय को मतदान का अधिकार देता है। मतदाता सूची में नाम जोड़ना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है, लेकिन आयोग के पास यह तय करने का अधिकार नहीं है कि कौन भारत का नागरिक है और कौन नहीं। उन्होंने मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि नोट चोरी और वोट चोरी, दोनों मामलों में ज्ञानेश कुमार की भूमिका रही है।

कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के विवादित बयान पर गरमाई सियासत: भूपेश बघेल ने किया बचाव, कहा- ‘इसमें कोई अपमान की बात नहीं’

रायपुर 26 अक्टूबर 2026:कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पटना में दिए गए एक बयान को लेकर देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। खड़गे ने अपने भाषण के दौरान कहा था कि “मोदी क्या, मोदी का बाप भी जाएगा।” इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा हमला बोलते हुए कांग्रेस पार्टी और खड़गे से सार्वजनिक माफी की मांग की है। वहीं, कांग्रेस पार्टी अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के बचाव में खुलकर मैदान में उतर आई है। दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खड़गे के बयान को पूरी तरह से सामान्य बताया और इसे लेकर किसी भी तरह के अपमान से इनकार किया। “यह सिर्फ बोलने का एक तरीका है” समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए भूपेश बघेल ने कहा, “इसमें अपशब्द जैसी बात क्या है? उस युवक के जरिए मल्लिकार्जुन खड़गे को उकसाया गया और बुलवाया गया। वह भाषण दे रहे थे और भीड़ में से एक आदमी लगातार चिल्ला रहा था।” बघेल ने आगे कहा, “यह तो सिर्फ अपनी बात कहने और बोलने का एक अंदाज है- ‘वो नहीं, उसका देवता भी जाएगा’, और उसी लहजे में ‘उसका बाप भी जाएगा’ कह दिया गया। तो इसे कोई अपमानजनक बात नहीं कहा जा सकता।” भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप भूपेश बघेल ने पलटवार करते हुए भाजपा पर प्रधानमंत्री पद की गरिमा गिराने और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अतीत में दिए गए बयानों को लेकर निशाना साधा। आपत्तिजनक बयानों का जिक्र: बघेल ने कहा कि अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने की शुरुआत हमेशा भाजपा की तरफ से होती है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कभी प्रधानमंत्री पद पर बैठे किसी व्यक्ति ने पहले ऐसी बातें की थीं? पुराने बयानों की याद: उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं और पीएम मोदी द्वारा अतीत में ’50 करोड़ की गर्लफ्रेंड’, ‘जर्सी गाय’ और ‘मंगलसूत्र छीनने’ जैसे बयान दिए गए हैं। भाजपा की चुप्पी पर सवाल: कांग्रेस नेता ने तंज कसते हुए कहा कि जब प्रधानमंत्री इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं, तब भाजपा के लोग चुप क्यों बैठ जाते हैं? यदि उनमें थोड़ी भी नैतिकता है, तो उन्हें पहले पीएम मोदी को ऐसी भाषा का उपयोग करने से रोकना चाहिए था। इस पूरे घटनाक्रम के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है, और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ने के आसार हैं।

छत्तीसगढ़: ढाई-ढाई साल के सीएम फॉर्मूले की चर्चा से कांग्रेस को हुआ नुकसान – टीएस सिंहदेव

बिलासपुर 25/10/2026 : छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव ने शनिवार को बिलासपुर के सिरगिट्टी क्षेत्र में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले कार्यकाल के दौरान ‘ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री’ वाले फॉर्मूले को लेकर लगातार हुई चर्चाओं से पार्टी की छवि और चुनावी संभावनाओं को नुकसान पहुँचा। सिंहदेव ने 2018 के विधानसभा चुनाव को याद करते हुए कहा कि उस समय मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई बहस नहीं थी। पार्टी ने एकजुट होकर चुनाव लड़ा था और जनता ने भी भरपूर समर्थन दिया था। आगामी चुनावों के संदर्भ में उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस को पहले से मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने की आवश्यकता नहीं है; चुनाव जीतने के बाद हाईकमान जिसे योग्य समझेगा, उसे यह जिम्मेदारी दी जाएगी। कार्यकर्ताओं को जमीनी संपर्क की नसीहत पार्टी पदाधिकारियों, मंडल और सेक्टर स्तर के कार्यकर्ताओं से लगातार जनता के बीच रहने का आह्वान करते हुए सिंहदेव ने कहा: नियमित संवाद आवश्यक: केवल चुनाव के समय जनता के पास जाने से गलत संदेश जाता है कि नेता अपने स्वार्थ के लिए आ रहे हैं। सुख-दुख में भागीदारी: नेताओं को बड़े भाषण देकर चले जाने के बजाय आम लोगों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं और सुख-दुख सुनना चाहिए। एसआईआर (SIR) पर जोर: बिल्हा में आयोजित जनसभा के दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं से विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से हटाए गए कांग्रेसी सदस्यों के नाम दोबारा जुड़वाने का प्रयास करने को कहा। सामाजिक बैठकों और जनसभा में बेबाक बोल बिल्हा मंडी परिसर में जनसभा से पूर्व सरगांव बस स्टैंड पर सिंहदेव का भव्य स्वागत किया गया, जिसके बाद उन्होंने साहू भवन में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि देश में धर्म के नाम पर नफरत फैलाने की कोशिश की जा रही है और भगवान राम के नाम पर लोगों की धार्मिक भावनाओं का राजनीतिक इस्तेमाल तुरंत रुकना चाहिए।

नो वीआईपी कल्चर, सादगी के साथ स्मृति ईरानी का छत्तीसगढ़ मिशन शुरू

सांसद-मंत्रियों की क्लास : दो दिनों में होंगी 12 अहम बैठकें रायपुर 25/10/2026: छत्तीसगढ़ भाजपा में संगठनात्मक गतिविधियां तेज हो गई हैं। पार्टी की नई प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी रविवार को दो दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंचीं। उनके स्वागत को इस बार बेहद सादगीपूर्ण रखा गया, जिसमें किसी भी तरह के शक्ति प्रदर्शन या बड़े आयोजनों से दूरी बनाई गई। एयरपोर्ट पर न तो ढोल-ताशे बजाए गए और न ही मंत्रियों को बुलाया गया। इसके अलावा, भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) की ओर से प्रस्तावित बाइक रैली को भी स्थगित कर दिया गया। संगठन की ओर से नामित केवल 16 पदाधिकारी और विधायक ही उनके स्वागत के लिए एयरपोर्ट पर मौजूद रहे। एयरपोर्ट से सीधे वह भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर पहुंचीं। उनके साथ सह-प्रभारी सिद्धार्थ शंभू भी रायपुर आए हैं। दो दिनों में 12 बैठकें और समीक्षा अपने इस दौरे के दौरान स्मृति ईरानी और सिद्धार्थ शंभू 25 और 26 अक्टूबर को कुल 12 बैठकों में हिस्सा लेंगे। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य प्रदेश संगठन के कामकाज की समीक्षा करना और आगामी कार्ययोजना तैयार करना है। पहला दिन (25 अक्टूबर): आज प्रदेश पदाधिकारियों, संभाग व जिला प्रभारियों, पूर्व विधायकों, पूर्व सांसदों और पूर्व प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठकें तय हैं। शाम को भाजपा कोर ग्रुप की बैठक भी होगी। दूसरा दिन (26 अक्टूबर): सोमवार को पार्टी सांसदों, विधायकों, मंत्रियों के साथ-साथ निगम-मंडलों और आयोगों के अध्यक्ष-उपाध्यक्षों के साथ संवाद किया जाएगा। साथ ही, विचार परिवार के प्रतिनिधियों से भी चर्चा होगी। इस दौरे में वर्तमान के साथ-साथ पूर्व जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है। बैठकों के बाद भाजपा के आगामी संगठनात्मक फैसलों और कार्यक्रमों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

कोरबा में कांग्रेस का ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान तेज: 25 नवंबर तक चलेगा चरणबद्ध आंदोलन, बूथ स्तर पर मजबूती पर जोर

कोरबा 25/10/2026 : अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत शुक्रवार को कोरबा में एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। इसका उद्देश्य लोकतंत्र को मजबूत करना, मताधिकार की रक्षा करना और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को सुनिश्चित करना है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोरबा जिला पर्यवेक्षक विजय केशरवानी की अगुवाई में हुई इस बैठक में आगामी आंदोलनों की रूपरेखा तय की गई। इस दौरान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, सांसद ज्योत्सना महंत, पीसीसी संयुक्त महासचिव हरीश परसाई, जिला अध्यक्ष मनोज चौहान और पूर्व विधायक पुरुषोत्तम कंवर व मोहित केरकेट्टा समेत कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक की मुख्य बातें: चरणबद्ध आंदोलन: 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक राज्यभर में चरणबद्ध आंदोलन चलाए जाएंगे, जिससे जनता को मतदाता सूची और मताधिकार के प्रति जागरूक किया जाएगा। राष्ट्रीय पर्यवेक्षक का दौरा: एआईसीसी के राष्ट्रीय पर्यवेक्षक नवज्योति पटनायक 29 अक्टूबर को कोरबा पहुंचेंगे, जहां जनप्रतिनिधियों और बूथ लेवल एजेंटों (BLA) की बैठक होगी। दिल्ली रैली की तैयारी: 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाली प्रस्तावित रैली को लेकर प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। बूथ स्तर पर मजबूती: नेताओं ने जोर दिया कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना और हर पात्र मतदाता के मताधिकार की रक्षा करना ही इस अभियान का मुख्य लक्ष्य है।

धर्म

चारधाम यात्रा 2026: श्रद्धालुओं का ऐतिहासिक रिकॉर्ड, 60 लाख से अधिक भक्तों ने किए दर्शन

देहरादून 23 अक्टूबर 2026 Char Dham Yatra 2026 : उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस वर्ष अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुकी है। हिमालयी तीर्थस्थलों के दर्शन के लिए इस सीजन में आस्था का जनसैलाब उमड़ा, जिसने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में अब तक 60 लाख (6 मिलियन) से अधिक तीर्थयात्री चारों पवित्र धामों—बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री—के दर्शन कर चुके हैं। बद्रीनाथ धाम शीर्ष पर, केदारनाथ दूसरे स्थान पर प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष श्रद्धालुओं की पहली पसंद बद्रीनाथ धाम रहा, जहाँ सबसे अधिक 20,69,866 तीर्थयात्री पहुँचे। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज वहीं, केदारनाथ धाम 17,75,059 श्रद्धालुओं की उपस्थिति के साथ दूसरे स्थान पर रहा। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2023 में 56 लाख और वर्ष 2024 में 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे, जबकि इस बार यह संख्या 60 लाख के पार पहुँच गई है। 16 नवंबर को कपाट बंद होने के साथ समाप्त होगा ग्रीष्मकालीन चरण 19 अप्रैल 2026 को शुरू हुई यह पवित्र यात्रा आगामी 16 नवंबर को बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही शीतकाल के लिए विश्राम लेगी। हालांकि, इसके बाद शीतकालीन चारधाम यात्रा का शुभारंभ होगा। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि प्रशासन शीतकालीन यात्रा की तैयारियों पर मुस्तैदी से काम कर रहा है। माँ गंगा के मुखबा और माँ यमुना के खरसाली स्थित शीतकालीन निवासों पर विराजमान होने के बाद भक्त वहाँ दर्शन कर सकेंगे। इसी तरह केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद उखीमठ में श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन जारी रख सकेंगे। मानसून और आपदा की चुनौतियों के बीच सुगम संचालन इस वर्ष मानसून के दौरान प्राकृतिक आपदाओं की चुनौतियाँ सामने आईं, लेकिन राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के त्वरित प्रयासों से यात्रा को सुरक्षित रूप से जारी रखा गया। श्रद्धालुओं के लिए मार्गों पर स्वास्थ्य, सुरक्षा, यातायात और आपातकालीन सुविधाओं को मुस्तैद किया गया था। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा: “60 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन उत्तराखंड की पवित्रता और लोगों की अटूट आस्था को दर्शाता है। राज्य सरकार हर श्रद्धालु की यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।”

मां बम्लेश्वरी के भक्तों के लिए बड़ी खबर: डोंगरगढ़ नवरात्रि मेले में 1100 जवानों का पहरा, पदयात्रियों को मिलेंगे 20 हजार रेडियम स्टिकर, जानें सुरक्षा और ट्रैफिक का पूरा प्लान

रायपुर/राजनांदगांव 11 अक्टूबर 2025 Dongargarh Navratri Mela:  शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर

रामदेव पीर जयंती पर भव्य समारोह: गुजराती समाज की नवीन कार्यकारिणी का हुआ शपथ ग्रहण, कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन ने की 20 लाख की घोषणा

समारोह में कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन,जिला भाजपाध्यक्ष गोपाल मोदी एवं निगम सभापति

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