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प्रयागराज: घर में ज़मीन के नीचे दबे नीले ड्रमों से मिले करोड़ों रुपये, नोटबंदी के काले धन का सनसनीखेज खुलासा Honda CB350C का नया डार्क लुक: दिवाली से पहले कंपनी ने पेश किया ऑल-ब्लैक स्टाइल वेरिएंट दीपावली और छठ यात्रियों के लिए बड़ी राहत: दुर्ग से हजरत निजामुद्दीन के बीच चलेगी पूजा स्पेशल ट्रेन, छत्तीसगढ़-मध्य प्रदेश के इन स्टेशनों पर होगा स्टॉपेज कांकेर: कृषि महाविद्यालय का प्रोफेसर गिरफ्तार, छात्रा को टेलीग्राम पर भेजा था अश्लील वीडियो और नंबर कम करने की दी धमकी गौरव भाटिया का नसीरुद्दीन शाह पर तंज: बोले— ‘जिसे एसीपी राठौड़ समझा, वो निकला गुलफाम हसन’ जिंदगी की जंग जीतीं 63 वर्षीय लक्ष्मी सोरी: न्यूरोसर्जन डॉ. दिविक मित्तल के कुशल नेतृत्व और शिवाय हॉस्पिटल, कोरबा की बदौलत लौटी खुशियां

प्रयागराज: घर में ज़मीन के नीचे दबे नीले ड्रमों से मिले करोड़ों रुपये, नोटबंदी के काले धन का सनसनीखेज खुलासा

प्रयागराज 29/10/2026। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के गंगानगर (रामनगर) अंतर्गत बाराईपुर इलाके में पुलिस ने एक घर के फर्श की खुदाई कर भारी मात्रा में छिपाकर रखी गई नकदी बरामद की है। यह काली कमाई ज़मीन के भीतर कई नीले प्लास्टिक के ड्रमों में बंद करके रखी गई थी। पुलिस द्वारा देर रात तक की गई गिनती में 4 करोड़ रुपये बरामद हो चुके हैं, जबकि सूत्रों के अनुसार कुल बरामदगी 60 करोड़ रुपये या उससे अधिक पहुँचने का अनुमान है। कैसे सामने आया मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी शख्स कुछ वर्ष पूर्व महाराष्ट्र के पुणे की एक निजी कंपनी में काम करता था। आरोप है कि वर्ष 2016 में हुई नोटबंदी के दौरान वह कंपनी से बोरियों में भरकर करोड़ों रुपये का काला धन लेकर फरार हो गया था। अपने गाँव लौटने के बाद उसने कई बीघा जमीन खरीदी और बाकी बचा हुआ कैश अपने घर के कमरे में गड्ढा खोदकर ड्रमों के अंदर छिपा दिया। हाल ही में आरोपी का अपने पड़ोसी व रिश्तेदार के साथ किसी बात को लेकर विवाद हुआ। इसी कहासुनी में ज़मीन के नीचे नोट दबे होने का राज़ उजागर हो गया और खबर पुलिस तक पहुँच गई। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और बरामदगी सूचना मिलते ही डीसीपी गंगानगर सोनम कुमार के निर्देश पर पुलिस टीम ने बुधवार रात आरोपी के मकान की घेराबंदी कर उसे हिरासत में ले लिया। आरोपी की निशानदेही पर कमरे के फर्श की खुदाई कराई गई, तो ज़मीन के नीचे से एक के बाद एक नीले ड्रम निकलने लगे। ड्रमों को खोलते ही उसमें ठूँस-ठूँसकर भरे गए नोटों के बंडल देखकर पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। मशीनों से जारी है नोटों की गिनती कैश की अत्यधिक मात्रा को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने बैंक अधिकारियों और आयकर विभाग की टीमों को नोट गिनने की मशीनों के साथ मौके पर बुलाया। देर रात तक 4 करोड़ रुपये गिने जा चुके थे, जबकि अन्य ड्रमों की गिनती की प्रक्रिया अभी जारी है। डीसीपी सोनम कुमार ने बताया कि आरोपी से कड़ी पूछताछ की जा रही है और संबंधित एजेंसियों को भी सूचित कर दिया गया है। पूरी गिनती समाप्त होने के बाद ही नकदी का आधिकारिक आंकड़ा जारी किया जाएगा। इस अप्रत्याशित घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुटी हुई है।

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मैच ग्रुप की नई पहल: टिंडर और हिंज पर स्क्रीनशॉट बंद, सुरक्षा के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन और I4C से हाथ मिलाया

नई दिल्ली / डिजिटल डेस्क 21 अक्टूबर 2026 Match Group India :ऑनलाइन डेटिंग प्लेटफॉर्म्स को उपयोगकर्ताओं—विशेषकर महिलाओं—के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में मैच ग्रुप (Match Group) ने

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प्रयागराज: घर में ज़मीन के नीचे दबे नीले ड्रमों से मिले करोड़ों रुपये, नोटबंदी के काले धन का सनसनीखेज खुलासा

प्रयागराज 29/10/2026। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के गंगानगर (रामनगर) अंतर्गत बाराईपुर इलाके में पुलिस ने एक घर के फर्श की खुदाई कर भारी मात्रा में छिपाकर रखी गई नकदी

जिंदगी की जंग जीतीं 63 वर्षीय लक्ष्मी सोरी: न्यूरोसर्जन डॉ. दिविक मित्तल के कुशल नेतृत्व और शिवाय हॉस्पिटल, कोरबा की बदौलत लौटी खुशियां

कोरबा 29/10/2026 brain stroke treatment:  जिंदगी कब कौन सा इम्तिहान ले ले, यह कोई नहीं जानता। कई बार खुशियों भरा परिवार पलभर में चिंता और अनहोनी के साए में घिर

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गौरव भाटिया का नसीरुद्दीन शाह पर तंज: बोले— ‘जिसे एसीपी राठौड़ समझा, वो निकला गुलफाम हसन’

नई दिल्ली 29 अक्टूबर 2026:   भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने वरिष्ठ अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के बयान पर तीखा हमला बोला है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब नसीरुद्दीन शाह ने दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में एक वीडियो जारी किया और खुद को ‘दिमागी नक्सल’ बताया। भाटिया ने शाह के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए 1999 की मशहूर बॉलीवुड फिल्म ‘सरफरोश’ का उदाहरण दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा: “जिसे हम एसीपी राठौड़ समझे थे, वह असल जिंदगी में गुलफाम हसन निकला।” गौरतलब है कि फिल्म ‘सरफरोश’ में आमिर खान ने ईमानदार पुलिस अधिकारी एसीपी अजय सिंह राठौड़ का किरदार निभाया था, जबकि नसीरुद्दीन शाह ने ‘गुलफाम हसन’ की भूमिका निभाई थी—जो कि एक पाकिस्तानी गजल गायक के रूप में भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल जासूस था। नसीरुद्दीन शाह ने क्या कहा था? नसीरुद्दीन शाह ने जामिया मिलिया इस्लामिया के प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन करते हुए एक वीडियो मैसेज साझा किया था। इस वीडियो में उन्होंने सरकार की नीतियों और रवैये पर सवाल उठाए और कहा कि आलोचकों को ‘राष्ट्र-विरोधी’ या ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ का टैग दे दिया जाता है।  वो कहते हैं, ‘मैं फख्र के साथ कहता हूं, मैं दिमागी नक्सल हूं। दिमागी नक्सल के अलावा मालूम नहीं क्या-क्या लकब दिए हैं चौकीदार ने मुझ जैसे लोगों को, एंटी-नेशनल, टुकड़े-टुकड़े गैंग और मालूम नहीं क्या-क्या।’ उन्होंने आगे कहा, ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग अगर इस मुल्क में कोई है, तो वो ये नाजायज हुकूमत है और मैं इस हुकूमत से एक सवाल पूछना चाहता हूं। और क्या-क्या करोगे तुम? हमारे मुल्क के नौजवानों की हिम्मत को तोड़ने के लिए, शिक्षा संस्थानों को बर्बाद करने के लिए और हमारे लोकतंत्र को खतरे में डालने के लिए, कितना करोगे? तुम और तुमने अपने इर्द-गिर्द जो बेवकूफ, बेईमानों की पलटन इकट्ठी की है, कहां तक जाओगे?’ इसके अलावा, शाह ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) और जामिया के छात्र आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि छात्रों के साथ किया गया बर्ताव भुलाया नहीं जा सकता। क्या है जामिया मिलिया इस्लामिया का विवाद? जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव (Students’ Union Elections) को फिर से बहाल करने की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों की मुख्य मांगों में: छात्र संघ चुनाव दोबारा कराना। यूनिवर्सिटी के चीफ प्रॉक्टर को पद से हटाना। आंदोलन में शामिल छात्रों पर की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई को वापस लेना। मांगों के न माने जाने पर कुछ छात्रों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है।

UP MLC Election Results: वाराणसी-आगरा में झटका, गोरखपुर में फंसा पेंच; नतीजों से BJP की चिंता बढ़ी

लखनऊ 29/10/2026 UP Politics : उत्तर प्रदेश में विधान परिषद (MLC) की 11 शिक्षक और स्नातक सीटों पर आए नतीजों व रुझानों ने प्रदेश की सियासत में हलचल तेज कर दी है। आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले आए इन नतीजों में बीजेपी को अपनी पारंपरिक सीटों पर कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ा है। अब तक सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, बीजेपी 5 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है और 1 सीट पर बढ़त बनाए हुए है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) 2 सीटों पर जीत हासिल कर चुकी है और 3 अन्य सीटों पर आगे चल रही है। कुल मिलाकर नतीजों का यह आंकड़ा 2020 के चुनाव जैसा ही नजर आ रहा है, जहाँ बीजेपी की सीटों की संख्या में कोई इजाफा नहीं हो सका है, जबकि सपा को फायदा होता दिख रहा है। वाराणसी और आगरा में फिर लगा झटका वाराणसी और आगरा की शिक्षक सीटों पर बीजेपी को एक बार फिर हार का मुंह देखना पड़ा है। 2020 में भी ये सीटें पार्टी के हाथ से निकल गई थीं। इस बार इन सीटों को वापस हासिल करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभाओं से लेकर मंत्रियों और विधायकों की पूरी फौज मैदान में उतारी गई थी, लेकिन शिक्षकों का भरोसा जीतने में सपा उम्मीदवार ही कामयाब रहे। झांसी और लखनऊ में सपा को बढ़त स्नातक सीटों की बात करें तो झांसी और लखनऊ में बीजेपी पिछड़ती नजर आ रही है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज लखनऊ स्नातक सीट पर 2020 में बीजेपी ने परचम लहराया था, लेकिन इस बार सपा उम्मीदवार ने मजबूत पकड़ बना ली है। दोनों ही सीटों पर बीजेपी के सांसदों और मंत्रियों के सघन चुनाव प्रचार के बावजूद सपा की लीड बरकरार है। सीएम योगी के गढ़ गोरखपुर में कांटे की टक्कर सबसे दिलचस्प और चौंकाने वाला मुकाबला गोरखपुर शिक्षक सीट पर देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र में बीजेपी के उम्मीदवार ध्रुव त्रिपाठी और निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव के बीच बेहद करीबी मुकाबला चल रहा है। बीजेपी यहाँ केवल कुछ वोटों के मामूली अंतर से आगे है। इस सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी के कड़े रुख ने बीजेपी खेमे में तनाव बढ़ा दिया है। 2027 के चुनाव से पहले बीजेपी के लिए सबक 11 सीटों का यह चुनाव राज्य के लगभग 72 जिलों को कवर करता है। बीजेपी ने अपनी पूरी संगठनात्मक ताकत इस चुनाव में झोंक दी थी। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज हालांकि सीटों के गणित के लिहाज से बीजेपी का आंकड़ा 6 पर ही टिकता दिख रहा है, लेकिन भारी-भरकम प्रचार के बावजूद सीटें न बढ़ा पाना और वाराणसी-गोरखपुर जैसे क्षेत्रों में संघर्ष करना, पार्टी के लिए एक बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। 📍

कर्नाटक MLC चुनाव: कांग्रेस का ‘सूपड़ा साफ’, NDA गठबंधन ने चारों सीटों पर फहराया परचम

बेंगलुरु 29/10/2026 Karnataka MLC Elections: कर्नाटक विधान परिषद (MLC) की चार सीटों पर हुए चुनावों में राज्य की सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस इस चुनाव में अपना खाता तक नहीं खोल पाई, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (सेक्युलर) यानी JD(S) के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने चारों सीटों पर शानदार जीत हासिल की है। 23 अक्टूबर को हुए इस चुनाव को BJP और JD(S) गठबंधन के बीच तालमेल की बड़ी परीक्षा के रूप में देखा जा रहा था, जिसमें यह गठबंधन 100 प्रतिशत सफलता के साथ खरा उतरा है। शिक्षकों और स्नातकों के बीच NDA का दबदबा चुनाव परिणामों से साफ हो गया है कि कांग्रेस पार्टी शिक्षकों और स्नातकों के वर्ग में अपना विश्वास बनाने में नाकाम रही। NDA गठबंधन ने चारों क्षेत्रों में एकतरफा बढ़त बनाई: उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: BJP उम्मीदवार शशील जी. नमोशी ने कांग्रेस के शरणप्पा मत्तूर को मात देकर अपनी पांचवीं जीत दर्ज की। उल्लेखनीय है कि यह क्षेत्र (कलबुर्गी) कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का गृह क्षेत्र है। दक्षिण-पूर्व स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: BJP के के.एम. सुरेश ने कांग्रेस के उम्मीदवार शशि हुलिकुंटे मुट्ट को पराजित किया। पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: BJP के एस.वी. संकानूर ने कांग्रेस के मोहन लिम्बिकाई को शिकस्त दी। बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: NDA के सहयोगी दल JD(S) ने इस सीट पर कब्जा जमाया। राजनीतिक प्रभाव यद्यपि इन नतीजों से कर्नाटक की सत्ताधारी कांग्रेस सरकार की स्थिरता पर कोई सीधा संकट नहीं आएगा, लेकिन विपक्ष को 2023 में सत्ता में आई कांग्रेस सरकार को घेरने और हमलावर होने का नया राजनीतिक हथियार मिल गया है। विधान परिषद का गणित 75 सदस्यों वाली कर्नाटक विधान परिषद में वर्तमान स्थिति इस प्रकार है: कांग्रेस: 38 BJP: 24 JD(S): 6 निर्दलीय: 1 सभापति: 1 मनोनीत सीटें (खाली): 5

पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने शिवहर में की बैठक: बूथ स्तर तक सक्रियता और ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान पर जोर

शिवहर बिहार 27/10/2026: जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में शिवहर जिला कांग्रेस कार्यालय में “वोट बचाओ–देश बचाओ” अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिला कांग्रेस नेता अफरोज आलम के नेतृत्व में हुई इस बैठक में छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व कैबिनेट मंत्री और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के पर्यवेक्षक जयसिंह अग्रवाल विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में मतदाता अधिकारों की रक्षा, बूथ स्तर पर संगठन की मजबूती और आगामी चुनावों को लेकर चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए श्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि मतदाता सूची में प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सुरक्षित रहना लोकतंत्र की विश्वसनीयता और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। मतदाता सूची से किसी पात्र व्यक्ति का नाम हटने अथवा नाम दर्ज नहीं होने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तथ्यों का सत्यापन करना और नियमानुसार उसका समाधान सुनिश्चित करने के लिए प्रयास करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी तथा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में चलाया जा रहा “वोट बचाओ–देश बचाओ” अभियान तभी प्रभावी होगा, जब पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बूथ स्तर तक पहुंचकर जिम्मेदारी के साथ काम करेंगे। कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाता सूची की जांच करने, प्रभावित मतदाताओं से संपर्क स्थापित करने तथा पात्र मतदाताओं को निर्धारित निर्वाचन प्रक्रिया के तहत आवश्यक आवेदन प्रस्तुत करने में सहायता देने की जरूरत है। श्री अग्रवाल ने जिला कांग्रेस कमेटी, शिवहर को अभियान के प्रभावी संचालन के लिए चेकलिस्ट एवं निर्धारित प्रारूप उपलब्ध कराया। उन्होंने निर्देश दिया कि इनका वितरण संबंधित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के बीच किया जाए, ताकि मतदाता सूची से संबंधित शिकायतों का व्यवस्थित संकलन, सत्यापन और नियमित समीक्षा की जा सके। उन्होंने जोर दिया कि अभियान को केवल औपचारिक कार्यक्रम न बनाकर जमीनी स्तर पर परिणामोन्मुख गतिविधि के रूप में संचालित किया जाना चाहिए। बैठक के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिहार में गठबंधन के अंतर्गत विधानसभा चुनावों में सीटों के बंटवारे को लेकर अपनी चिंताएं भी व्यक्त कीं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि बार-बार चुनावों में गठबंधन के अन्य घटक दलों को अधिक सीटें दिए जाने तथा कांग्रेस के संभावित उम्मीदवारों एवं समर्पित कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं को पर्याप्त महत्व नहीं मिलने से संगठन के भीतर उपेक्षा और निराशा की भावना उत्पन्न होती है। उन्होंने आग्रह किया कि गठबंधन संबंधी निर्णयों में कांग्रेस की जमीनी स्थिति, स्थानीय नेताओं के योगदान और कार्यकर्ताओं की भावनाओं को उचित महत्व दिया जाना चाहिए। इस पर श्री जयसिंह अग्रवाल ने उपस्थित कांग्रेसजनों की भावनाओं को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि “आप सभी की भावनाओं का सम्मान करते हुए आपकी बातों एवं चिंताओं को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाया जाएगा।” उन्होंने कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं और संगठनात्मक सुझावों को उचित मंच तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया। बैठक में शिवहर जिले में कांग्रेस संगठन की वर्तमान स्थिति, जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता, जनसंपर्क बढ़ाने तथा संगठनात्मक समन्वय को मजबूत करने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। उपस्थित कांग्रेसजनों ने अपने अनुभव साझा करते हुए संगठन को अधिक सक्रिय एवं जनसरोकारों से जुड़ा बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में शिवहर प्रभारी श्री दिलीप खिरहर, उपाध्यक्ष श्री वशिष्ठ राउत, सचिव श्री प्रभात रंजन, युवा नेता श्री अभिषेक यादव एवं श्री अमित रंजन, पिपराही प्रखंड अध्यक्ष श्री एम. मुर्तजा, श्री अकरम, श्री विनोद साह, युवा नेता श्री आशुतोष कुमार सिंह, श्री समंस आलम, श्री सैयद अंसारी, श्री संतोष पटेल, श्री अभिषेक पटेल, श्री सहदेव राम, महिला कांग्रेस की श्रीमती आशा कुमारी, कोषाध्यक्ष श्री रघुवीर प्रसाद, महासचिव श्री प्रभात यादव सहित अन्य कांग्रेसजन, कार्यकर्ता एवं विद्यार्थी वर्ग के लोग उपस्थित रहे।

राहुल गांधी के बयान और 1 नवंबर की विपक्षी रैली पर व्यापारियों की चिंता: एक संपूर्ण रिपोर्ट

नई दिल्ली 27/10/2026: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आगामी 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली विपक्षी दलों की रैली और दिल्ली के व्यापारियों की चिंताओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो शेयर करते हुए दिल्ली के व्यापारियों को संबोधित किया और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने व्यापारियों से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहिए कि वो आरोपी नंबर 4 ज्ञानेश कुमार को हटाएं तो विपक्ष का आंदोलन 30 सेकंड में रुक जाएगा। राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर एक वीडियो शेयर करते हुए पोस्ट में दिल्ली के व्यापारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उनकी बात सुन रही है और उनके साथ खड़ी है। व्यापारियों से बोले राहुल- हम आपसे प्यार करते हैं राहुल गांधी ने एक्स पोस्ट में कहा कि ‘कांग्रेस दिल्ली के हर व्यापारी के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि हम आपसे प्यार करते हैं, आपकी बात सुन रहे हैं। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मेट्रो सरकार ने बंद की, सड़कें सरकार ने सील की, राजधानी पर ताला सरकार ने लगाया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि जब वोट ही चोरी हो जाए, तो कुछ भी सुरक्षित नहीं- न आपकी दुकान, न आपकी बचत, न आपके बच्चों का भविष्य।’ ज्ञानेश कुमार को बताया ‘आरोपी नंबर 4’ कांग्रेस सांसद ने व्यापारियों से कहा कि ‘पीएम मोदी से कहिए- आरोपी नंबर 4, ज्ञानेश कुमार को हटाएं, 30 सेकंड में आंदोलन रुक जाएगा।’ कांग्रेस नेता ने हालांकि अपने इस पोस्ट में यह स्पष्ट नहीं किया कि उन्होंने ज्ञानेश कुमार को ‘आरोपी नंबर 4’ किस संदर्भ में कहा है। हालांकि, वह वोट चोरी के खिलाफ अभियान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार पर तीखे हमले बोलते रहे हैं। CTI से जुड़े व्यापारियों ने राहुल गांधी को भेजा था लेटर विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ आगामी एक नवंबर को वोट चोरी के खिलाफ रामलीला मैदान में रैली करने वाला है। इसी को लेकर पिछले दिनों ‘चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री’ (सीटीआई) के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर कहा था कि यह रैली ऐसे समय में हो रही जब त्योहारी सीजन है। जब धनतेरस और दिवाली से पहले व्यापारियों को बड़ी संख्या में ग्राहकों के आने की उम्मीद है। इस दौरान रामलीला मैदान के आसपास रैली से थोक और खुदरा बाजारों पर खरीदारी प्रभावित हो सकती है। ‘एक नवंबर की रैली 10 के बाद करने की अपील’ बृजेश गोयल ने कहा था कि दिल्ली में धनतेरस के आसपास सोना-चांदी, इलेक्ट्रॉनिक, कपड़े, बर्तन, सूखे मेवे, मिठाइयां, वाहन, संपत्ति और उपहार की वस्तुओं जैसे विभिन्न क्षेत्रों में करीब 25,000 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। इस साल धनतेरस छह नवंबर को है। दिवाली आठ नवंबर को मनाई जाएगी और इसके बाद 10 नवंबर को भाई दूज है। व्यापारियों के संगठन का कहना है कि त्योहारों से करीब एक सप्ताह पहले बाजारों में आम तौर पर गतिविधियां बढ़ जाती हैं, ऐसे में रैली का समय व्यापारियों के लिए चिंता का विषय है।

स्मृति ईरानी का छत्तीसगढ़ दौरा: 2028 विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत का लक्ष्य, मंत्रियों और विधायकों को दिए गए खास निर्देश

रायपुर 27/10/26 Mission 2028// भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय महासचिव और छत्तीसगढ़ प्रभारी स्मृति ईरानी ने कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश मुख्यालय में दो दिवसीय संगठनात्मक बैठकों का सफल समापन किया। इन बैठकों के दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ में ‘मिशन 2028’ का शंखनाद किया और कार्यकर्ताओं से लेकर मंत्रियों व विधायकों तक को पार्टी की आगामी रणनीति के तहत स्पष्ट निर्देश दिए। ‘मिशन 2028’ और संगठन की मजबूती पर जोर स्मृति ईरानी ने विश्वास जताया कि भाजपा आगामी 2028 के विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ में पूर्ण बहुमत के साथ अपनी सत्ता बरकरार रखेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘मिशन 2028’ केवल एक चुनावी लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह राज्य की पहचान, विकास और सुशासन के प्रति पार्टी की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने जीत का मूलमंत्र दिया और कहा: “चुनाव केवल मतपत्रों या वोटिंग मशीनों से नहीं जीते जाते, बल्कि इसके लिए पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत, जनता के साथ उनका व्यक्तिगत जुड़ाव और मजबूत संगठनात्मक ढांचा जरूरी है।” उन्होंने पार्टी के प्रत्येक कार्यक्रम और योजना को जमीनी स्तर पर बेहद प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया ताकि संगठन बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत हो सके। मंत्रियों और विधायकों के लिए सख्त निर्देश बैठक के दौरान स्मृति ईरानी ने प्रदेश के मंत्रियों और विधायकों को जनहित और संगठन से जुड़े अहम निर्देश दिए: मंत्रियों के लिए निर्देश: सभी मंत्री अपनी विधानसभा सीट के साथ-साथ अपने प्रभार वाले जिलों का भी नियमित और लगातार दौरा करें। विधायकों के लिए निर्देश: सभी विधायक अपने क्षेत्र के आम नागरिकों से निरंतर सीधा संवाद बनाए रखें। जनता के साथ जुड़ाव और मेल-जोल बढ़ाने के लिए उन्होंने दिवाली के आसपास स्नेह भोज (भोज) आयोजित करने के खास निर्देश दिए हैं। प्रदेश अध्यक्ष किरण देव का बयान दो दिनों तक चली इन बैठकों के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी के इस दो दिवसीय प्रवास से पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को अत्यंत महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है। संगठनात्मक दृष्टिकोण से यह बैठकें बेहद अहम रहीं, जिनमें आगामी कार्ययोजना और चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान कुल 12 अलग-अलग श्रेणियों में बैठकें आयोजित की गईं। 📍

टेक्नोलॉजी

क्या AI खत्म कर देगा पारंपरिक बैंकिंग? शेखर कपूर के सवाल पर छिड़ी नई बहस

नई दिल्ली 16 अक्टूबर 2026 Artificial Intelligence : आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बैंकिंग सेक्टर के कामकाज और कारोबार को पूरी तरह से बदल सकता है। मशहूर फिल्म निर्माता शेखर कपूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर एक विचारोत्तेजक पोस्ट शेयर करते हुए सवाल उठाया है—“अगर एआई खुद लोगों के पैसे संभालने, निवेश के बेहतर विकल्प खोजने और अधिक ब्याज दिलाने का काम करने लगे, तो फिर पारंपरिक बैंकों की जरूरत ही क्यों पड़ेगी?” शेखर कपूर की इस पोस्ट ने इंटरनेट पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि एआई बैंकिंग उद्योग को बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है, वहीं अन्य का कहना है कि बैंक बंद नहीं होंगे, बल्कि उनका काम करने का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा। Advt बैंकों की कमाई पर कैसे पड़ेगा असर? शेखर कपूर के अनुसार, बैंक जमाकर्ताओं के पैसे को कर्ज या निवेश में लगाकर बड़ी कमाई करते हैं और उसके बदले ग्राहकों को बहुत कम ब्याज देते हैं। बैंकों का मुनाफा उन ग्राहकों से भी होता है, जो आलस या झंझट के कारण बेहतर ब्याज दरों की तलाश में अपना पैसा दूसरी जगह ट्रांसफर नहीं करते। लेकिन अगर AI एजेंट हर रात ग्राहक के फंड के लिए खुद ही सबसे ज्यादा ब्याज देने वाले विकल्प खोजने लगें, तो ग्राहकों को खुद मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। ऐसे में बैंक ग्राहकों को कम ब्याज दर देकर पहले की तरह आसानी से मुनाफा नहीं कमा सकेंगे। क्या AI पूरी तरह से बैंकों की जगह ले सकता है? बहस में शामिल कई विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ एआई बैंकिंग का विकल्प नहीं बन सकता। सुरक्षा और जिम्मेदारी: लिंक्डइन यूजर अनय महिमकर ने लिखा कि एआई वित्तीय फैसले लेने में मदद तो कर सकता है, लेकिन कर्ज देना, जोखिम उठाना, सरकारी नियमों (Compliance) का पालन करना और भरोसा कायम रखना बैंकों की प्राथमिक जिम्मेदारी रहेगी। सटीक लोन प्रक्रिया: विशेषज्ञ कृष्णा लक्मसानी का कहना है कि एआई ग्राहकों की आमदनी और खर्चों का विश्लेषण करके उधार देने वालों और लेने वालों के बीच सीधा संपर्क बना सकता है। इससे बिचौलियों का असर कम होगा और एआई एजेंट ग्राहकों की ओर से बेहतर ब्याज दरों के लिए बातचीत (Negotiation) भी कर सकेंगे। बैंकों का भविष्य: क्या होंगी नई चुनौतियां? विशेषज्ञों का मानना है कि पैसों की सुरक्षा, डिजिटल पेमेंट और सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए बैंकों की प्रासंगिकता बनी रहेगी। हालाँकि, बैंकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती ग्राहकों को अपने साथ बनाए रखने की होगी। जो बैंक नई तकनीक, बेहतर ब्याज दरें और एआई-आधारित सेवाएं अपनाएंगे, वे ही भविष्य की बैंकिंग रेस में आगे टिक पाएंगे। 📍

व्यापार

गौरव भाटिया का नसीरुद्दीन शाह पर तंज: बोले— ‘जिसे एसीपी राठौड़ समझा, वो निकला गुलफाम हसन’

नई दिल्ली 29 अक्टूबर 2026:   भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने वरिष्ठ अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के बयान पर तीखा हमला बोला है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब नसीरुद्दीन शाह ने दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में एक वीडियो जारी किया और खुद को ‘दिमागी नक्सल’ बताया। भाटिया ने शाह के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए 1999 की मशहूर बॉलीवुड फिल्म ‘सरफरोश’ का उदाहरण दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा: “जिसे हम एसीपी राठौड़ समझे थे, वह असल जिंदगी में गुलफाम हसन निकला।” गौरतलब है कि फिल्म ‘सरफरोश’ में आमिर खान ने ईमानदार पुलिस अधिकारी एसीपी अजय सिंह राठौड़ का किरदार निभाया था, जबकि नसीरुद्दीन शाह ने ‘गुलफाम हसन’ की भूमिका निभाई थी—जो कि एक पाकिस्तानी गजल गायक के रूप में भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल जासूस था। नसीरुद्दीन शाह ने क्या कहा था? नसीरुद्दीन शाह ने जामिया मिलिया इस्लामिया के प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन करते हुए एक वीडियो मैसेज साझा किया था। इस वीडियो में उन्होंने सरकार की नीतियों और रवैये पर सवाल उठाए और कहा कि आलोचकों को ‘राष्ट्र-विरोधी’ या ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ का टैग दे दिया जाता है।  वो कहते हैं, ‘मैं फख्र के साथ कहता हूं, मैं दिमागी नक्सल हूं। दिमागी नक्सल के अलावा मालूम नहीं क्या-क्या लकब दिए हैं चौकीदार ने मुझ जैसे लोगों को, एंटी-नेशनल, टुकड़े-टुकड़े गैंग और मालूम नहीं क्या-क्या।’ उन्होंने आगे कहा, ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग अगर इस मुल्क में कोई है, तो वो ये नाजायज हुकूमत है और मैं इस हुकूमत से एक सवाल पूछना चाहता हूं। और क्या-क्या करोगे तुम? हमारे मुल्क के नौजवानों की हिम्मत को तोड़ने के लिए, शिक्षा संस्थानों को बर्बाद करने के लिए और हमारे लोकतंत्र को खतरे में डालने के लिए, कितना करोगे? तुम और तुमने अपने इर्द-गिर्द जो बेवकूफ, बेईमानों की पलटन इकट्ठी की है, कहां तक जाओगे?’ इसके अलावा, शाह ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) और जामिया के छात्र आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि छात्रों के साथ किया गया बर्ताव भुलाया नहीं जा सकता। क्या है जामिया मिलिया इस्लामिया का विवाद? जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव (Students’ Union Elections) को फिर से बहाल करने की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों की मुख्य मांगों में: छात्र संघ चुनाव दोबारा कराना। यूनिवर्सिटी के चीफ प्रॉक्टर को पद से हटाना। आंदोलन में शामिल छात्रों पर की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई को वापस लेना। मांगों के न माने जाने पर कुछ छात्रों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है।

UP MLC Election Results: वाराणसी-आगरा में झटका, गोरखपुर में फंसा पेंच; नतीजों से BJP की चिंता बढ़ी

लखनऊ 29/10/2026 UP Politics : उत्तर प्रदेश में विधान परिषद (MLC) की 11 शिक्षक और स्नातक सीटों पर आए नतीजों व रुझानों ने प्रदेश की सियासत में हलचल तेज कर दी है। आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले आए इन नतीजों में बीजेपी को अपनी पारंपरिक सीटों पर कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ा है। अब तक सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, बीजेपी 5 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है और 1 सीट पर बढ़त बनाए हुए है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) 2 सीटों पर जीत हासिल कर चुकी है और 3 अन्य सीटों पर आगे चल रही है। कुल मिलाकर नतीजों का यह आंकड़ा 2020 के चुनाव जैसा ही नजर आ रहा है, जहाँ बीजेपी की सीटों की संख्या में कोई इजाफा नहीं हो सका है, जबकि सपा को फायदा होता दिख रहा है। वाराणसी और आगरा में फिर लगा झटका वाराणसी और आगरा की शिक्षक सीटों पर बीजेपी को एक बार फिर हार का मुंह देखना पड़ा है। 2020 में भी ये सीटें पार्टी के हाथ से निकल गई थीं। इस बार इन सीटों को वापस हासिल करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभाओं से लेकर मंत्रियों और विधायकों की पूरी फौज मैदान में उतारी गई थी, लेकिन शिक्षकों का भरोसा जीतने में सपा उम्मीदवार ही कामयाब रहे। झांसी और लखनऊ में सपा को बढ़त स्नातक सीटों की बात करें तो झांसी और लखनऊ में बीजेपी पिछड़ती नजर आ रही है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज लखनऊ स्नातक सीट पर 2020 में बीजेपी ने परचम लहराया था, लेकिन इस बार सपा उम्मीदवार ने मजबूत पकड़ बना ली है। दोनों ही सीटों पर बीजेपी के सांसदों और मंत्रियों के सघन चुनाव प्रचार के बावजूद सपा की लीड बरकरार है। सीएम योगी के गढ़ गोरखपुर में कांटे की टक्कर सबसे दिलचस्प और चौंकाने वाला मुकाबला गोरखपुर शिक्षक सीट पर देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र में बीजेपी के उम्मीदवार ध्रुव त्रिपाठी और निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव के बीच बेहद करीबी मुकाबला चल रहा है। बीजेपी यहाँ केवल कुछ वोटों के मामूली अंतर से आगे है। इस सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी के कड़े रुख ने बीजेपी खेमे में तनाव बढ़ा दिया है। 2027 के चुनाव से पहले बीजेपी के लिए सबक 11 सीटों का यह चुनाव राज्य के लगभग 72 जिलों को कवर करता है। बीजेपी ने अपनी पूरी संगठनात्मक ताकत इस चुनाव में झोंक दी थी। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज हालांकि सीटों के गणित के लिहाज से बीजेपी का आंकड़ा 6 पर ही टिकता दिख रहा है, लेकिन भारी-भरकम प्रचार के बावजूद सीटें न बढ़ा पाना और वाराणसी-गोरखपुर जैसे क्षेत्रों में संघर्ष करना, पार्टी के लिए एक बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। 📍

कर्नाटक MLC चुनाव: कांग्रेस का ‘सूपड़ा साफ’, NDA गठबंधन ने चारों सीटों पर फहराया परचम

बेंगलुरु 29/10/2026 Karnataka MLC Elections: कर्नाटक विधान परिषद (MLC) की चार सीटों पर हुए चुनावों में राज्य की सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस इस चुनाव में अपना खाता तक नहीं खोल पाई, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (सेक्युलर) यानी JD(S) के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने चारों सीटों पर शानदार जीत हासिल की है। 23 अक्टूबर को हुए इस चुनाव को BJP और JD(S) गठबंधन के बीच तालमेल की बड़ी परीक्षा के रूप में देखा जा रहा था, जिसमें यह गठबंधन 100 प्रतिशत सफलता के साथ खरा उतरा है। शिक्षकों और स्नातकों के बीच NDA का दबदबा चुनाव परिणामों से साफ हो गया है कि कांग्रेस पार्टी शिक्षकों और स्नातकों के वर्ग में अपना विश्वास बनाने में नाकाम रही। NDA गठबंधन ने चारों क्षेत्रों में एकतरफा बढ़त बनाई: उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: BJP उम्मीदवार शशील जी. नमोशी ने कांग्रेस के शरणप्पा मत्तूर को मात देकर अपनी पांचवीं जीत दर्ज की। उल्लेखनीय है कि यह क्षेत्र (कलबुर्गी) कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का गृह क्षेत्र है। दक्षिण-पूर्व स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: BJP के के.एम. सुरेश ने कांग्रेस के उम्मीदवार शशि हुलिकुंटे मुट्ट को पराजित किया। पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: BJP के एस.वी. संकानूर ने कांग्रेस के मोहन लिम्बिकाई को शिकस्त दी। बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: NDA के सहयोगी दल JD(S) ने इस सीट पर कब्जा जमाया। राजनीतिक प्रभाव यद्यपि इन नतीजों से कर्नाटक की सत्ताधारी कांग्रेस सरकार की स्थिरता पर कोई सीधा संकट नहीं आएगा, लेकिन विपक्ष को 2023 में सत्ता में आई कांग्रेस सरकार को घेरने और हमलावर होने का नया राजनीतिक हथियार मिल गया है। विधान परिषद का गणित 75 सदस्यों वाली कर्नाटक विधान परिषद में वर्तमान स्थिति इस प्रकार है: कांग्रेस: 38 BJP: 24 JD(S): 6 निर्दलीय: 1 सभापति: 1 मनोनीत सीटें (खाली): 5

पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने शिवहर में की बैठक: बूथ स्तर तक सक्रियता और ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान पर जोर

शिवहर बिहार 27/10/2026: जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में शिवहर जिला कांग्रेस कार्यालय में “वोट बचाओ–देश बचाओ” अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिला कांग्रेस नेता अफरोज आलम के नेतृत्व में हुई इस बैठक में छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व कैबिनेट मंत्री और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के पर्यवेक्षक जयसिंह अग्रवाल विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में मतदाता अधिकारों की रक्षा, बूथ स्तर पर संगठन की मजबूती और आगामी चुनावों को लेकर चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए श्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि मतदाता सूची में प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सुरक्षित रहना लोकतंत्र की विश्वसनीयता और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। मतदाता सूची से किसी पात्र व्यक्ति का नाम हटने अथवा नाम दर्ज नहीं होने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तथ्यों का सत्यापन करना और नियमानुसार उसका समाधान सुनिश्चित करने के लिए प्रयास करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी तथा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में चलाया जा रहा “वोट बचाओ–देश बचाओ” अभियान तभी प्रभावी होगा, जब पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बूथ स्तर तक पहुंचकर जिम्मेदारी के साथ काम करेंगे। कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाता सूची की जांच करने, प्रभावित मतदाताओं से संपर्क स्थापित करने तथा पात्र मतदाताओं को निर्धारित निर्वाचन प्रक्रिया के तहत आवश्यक आवेदन प्रस्तुत करने में सहायता देने की जरूरत है। श्री अग्रवाल ने जिला कांग्रेस कमेटी, शिवहर को अभियान के प्रभावी संचालन के लिए चेकलिस्ट एवं निर्धारित प्रारूप उपलब्ध कराया। उन्होंने निर्देश दिया कि इनका वितरण संबंधित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के बीच किया जाए, ताकि मतदाता सूची से संबंधित शिकायतों का व्यवस्थित संकलन, सत्यापन और नियमित समीक्षा की जा सके। उन्होंने जोर दिया कि अभियान को केवल औपचारिक कार्यक्रम न बनाकर जमीनी स्तर पर परिणामोन्मुख गतिविधि के रूप में संचालित किया जाना चाहिए। बैठक के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिहार में गठबंधन के अंतर्गत विधानसभा चुनावों में सीटों के बंटवारे को लेकर अपनी चिंताएं भी व्यक्त कीं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि बार-बार चुनावों में गठबंधन के अन्य घटक दलों को अधिक सीटें दिए जाने तथा कांग्रेस के संभावित उम्मीदवारों एवं समर्पित कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं को पर्याप्त महत्व नहीं मिलने से संगठन के भीतर उपेक्षा और निराशा की भावना उत्पन्न होती है। उन्होंने आग्रह किया कि गठबंधन संबंधी निर्णयों में कांग्रेस की जमीनी स्थिति, स्थानीय नेताओं के योगदान और कार्यकर्ताओं की भावनाओं को उचित महत्व दिया जाना चाहिए। इस पर श्री जयसिंह अग्रवाल ने उपस्थित कांग्रेसजनों की भावनाओं को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि “आप सभी की भावनाओं का सम्मान करते हुए आपकी बातों एवं चिंताओं को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाया जाएगा।” उन्होंने कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं और संगठनात्मक सुझावों को उचित मंच तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया। बैठक में शिवहर जिले में कांग्रेस संगठन की वर्तमान स्थिति, जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता, जनसंपर्क बढ़ाने तथा संगठनात्मक समन्वय को मजबूत करने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। उपस्थित कांग्रेसजनों ने अपने अनुभव साझा करते हुए संगठन को अधिक सक्रिय एवं जनसरोकारों से जुड़ा बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में शिवहर प्रभारी श्री दिलीप खिरहर, उपाध्यक्ष श्री वशिष्ठ राउत, सचिव श्री प्रभात रंजन, युवा नेता श्री अभिषेक यादव एवं श्री अमित रंजन, पिपराही प्रखंड अध्यक्ष श्री एम. मुर्तजा, श्री अकरम, श्री विनोद साह, युवा नेता श्री आशुतोष कुमार सिंह, श्री समंस आलम, श्री सैयद अंसारी, श्री संतोष पटेल, श्री अभिषेक पटेल, श्री सहदेव राम, महिला कांग्रेस की श्रीमती आशा कुमारी, कोषाध्यक्ष श्री रघुवीर प्रसाद, महासचिव श्री प्रभात यादव सहित अन्य कांग्रेसजन, कार्यकर्ता एवं विद्यार्थी वर्ग के लोग उपस्थित रहे।

राहुल गांधी के बयान और 1 नवंबर की विपक्षी रैली पर व्यापारियों की चिंता: एक संपूर्ण रिपोर्ट

नई दिल्ली 27/10/2026: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आगामी 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली विपक्षी दलों की रैली और दिल्ली के व्यापारियों की चिंताओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो शेयर करते हुए दिल्ली के व्यापारियों को संबोधित किया और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने व्यापारियों से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहिए कि वो आरोपी नंबर 4 ज्ञानेश कुमार को हटाएं तो विपक्ष का आंदोलन 30 सेकंड में रुक जाएगा। राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर एक वीडियो शेयर करते हुए पोस्ट में दिल्ली के व्यापारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उनकी बात सुन रही है और उनके साथ खड़ी है। व्यापारियों से बोले राहुल- हम आपसे प्यार करते हैं राहुल गांधी ने एक्स पोस्ट में कहा कि ‘कांग्रेस दिल्ली के हर व्यापारी के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि हम आपसे प्यार करते हैं, आपकी बात सुन रहे हैं। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मेट्रो सरकार ने बंद की, सड़कें सरकार ने सील की, राजधानी पर ताला सरकार ने लगाया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि जब वोट ही चोरी हो जाए, तो कुछ भी सुरक्षित नहीं- न आपकी दुकान, न आपकी बचत, न आपके बच्चों का भविष्य।’ ज्ञानेश कुमार को बताया ‘आरोपी नंबर 4’ कांग्रेस सांसद ने व्यापारियों से कहा कि ‘पीएम मोदी से कहिए- आरोपी नंबर 4, ज्ञानेश कुमार को हटाएं, 30 सेकंड में आंदोलन रुक जाएगा।’ कांग्रेस नेता ने हालांकि अपने इस पोस्ट में यह स्पष्ट नहीं किया कि उन्होंने ज्ञानेश कुमार को ‘आरोपी नंबर 4’ किस संदर्भ में कहा है। हालांकि, वह वोट चोरी के खिलाफ अभियान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार पर तीखे हमले बोलते रहे हैं। CTI से जुड़े व्यापारियों ने राहुल गांधी को भेजा था लेटर विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ आगामी एक नवंबर को वोट चोरी के खिलाफ रामलीला मैदान में रैली करने वाला है। इसी को लेकर पिछले दिनों ‘चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री’ (सीटीआई) के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर कहा था कि यह रैली ऐसे समय में हो रही जब त्योहारी सीजन है। जब धनतेरस और दिवाली से पहले व्यापारियों को बड़ी संख्या में ग्राहकों के आने की उम्मीद है। इस दौरान रामलीला मैदान के आसपास रैली से थोक और खुदरा बाजारों पर खरीदारी प्रभावित हो सकती है। ‘एक नवंबर की रैली 10 के बाद करने की अपील’ बृजेश गोयल ने कहा था कि दिल्ली में धनतेरस के आसपास सोना-चांदी, इलेक्ट्रॉनिक, कपड़े, बर्तन, सूखे मेवे, मिठाइयां, वाहन, संपत्ति और उपहार की वस्तुओं जैसे विभिन्न क्षेत्रों में करीब 25,000 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। इस साल धनतेरस छह नवंबर को है। दिवाली आठ नवंबर को मनाई जाएगी और इसके बाद 10 नवंबर को भाई दूज है। व्यापारियों के संगठन का कहना है कि त्योहारों से करीब एक सप्ताह पहले बाजारों में आम तौर पर गतिविधियां बढ़ जाती हैं, ऐसे में रैली का समय व्यापारियों के लिए चिंता का विषय है।

स्मृति ईरानी का छत्तीसगढ़ दौरा: 2028 विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत का लक्ष्य, मंत्रियों और विधायकों को दिए गए खास निर्देश

रायपुर 27/10/26 Mission 2028// भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय महासचिव और छत्तीसगढ़ प्रभारी स्मृति ईरानी ने कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश मुख्यालय में दो दिवसीय संगठनात्मक बैठकों का सफल समापन किया। इन बैठकों के दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ में ‘मिशन 2028’ का शंखनाद किया और कार्यकर्ताओं से लेकर मंत्रियों व विधायकों तक को पार्टी की आगामी रणनीति के तहत स्पष्ट निर्देश दिए। ‘मिशन 2028’ और संगठन की मजबूती पर जोर स्मृति ईरानी ने विश्वास जताया कि भाजपा आगामी 2028 के विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ में पूर्ण बहुमत के साथ अपनी सत्ता बरकरार रखेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘मिशन 2028’ केवल एक चुनावी लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह राज्य की पहचान, विकास और सुशासन के प्रति पार्टी की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने जीत का मूलमंत्र दिया और कहा: “चुनाव केवल मतपत्रों या वोटिंग मशीनों से नहीं जीते जाते, बल्कि इसके लिए पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत, जनता के साथ उनका व्यक्तिगत जुड़ाव और मजबूत संगठनात्मक ढांचा जरूरी है।” उन्होंने पार्टी के प्रत्येक कार्यक्रम और योजना को जमीनी स्तर पर बेहद प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया ताकि संगठन बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत हो सके। मंत्रियों और विधायकों के लिए सख्त निर्देश बैठक के दौरान स्मृति ईरानी ने प्रदेश के मंत्रियों और विधायकों को जनहित और संगठन से जुड़े अहम निर्देश दिए: मंत्रियों के लिए निर्देश: सभी मंत्री अपनी विधानसभा सीट के साथ-साथ अपने प्रभार वाले जिलों का भी नियमित और लगातार दौरा करें। विधायकों के लिए निर्देश: सभी विधायक अपने क्षेत्र के आम नागरिकों से निरंतर सीधा संवाद बनाए रखें। जनता के साथ जुड़ाव और मेल-जोल बढ़ाने के लिए उन्होंने दिवाली के आसपास स्नेह भोज (भोज) आयोजित करने के खास निर्देश दिए हैं। प्रदेश अध्यक्ष किरण देव का बयान दो दिनों तक चली इन बैठकों के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी के इस दो दिवसीय प्रवास से पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को अत्यंत महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है। संगठनात्मक दृष्टिकोण से यह बैठकें बेहद अहम रहीं, जिनमें आगामी कार्ययोजना और चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान कुल 12 अलग-अलग श्रेणियों में बैठकें आयोजित की गईं। 📍

धर्म

चारधाम यात्रा 2026: श्रद्धालुओं का ऐतिहासिक रिकॉर्ड, 60 लाख से अधिक भक्तों ने किए दर्शन

देहरादून 23 अक्टूबर 2026 Char Dham Yatra 2026 : उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस वर्ष अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुकी है। हिमालयी तीर्थस्थलों के दर्शन के लिए इस सीजन में आस्था का जनसैलाब उमड़ा, जिसने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में अब तक 60 लाख (6 मिलियन) से अधिक तीर्थयात्री चारों पवित्र धामों—बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री—के दर्शन कर चुके हैं। बद्रीनाथ धाम शीर्ष पर, केदारनाथ दूसरे स्थान पर प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष श्रद्धालुओं की पहली पसंद बद्रीनाथ धाम रहा, जहाँ सबसे अधिक 20,69,866 तीर्थयात्री पहुँचे। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज वहीं, केदारनाथ धाम 17,75,059 श्रद्धालुओं की उपस्थिति के साथ दूसरे स्थान पर रहा। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2023 में 56 लाख और वर्ष 2024 में 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे, जबकि इस बार यह संख्या 60 लाख के पार पहुँच गई है। 16 नवंबर को कपाट बंद होने के साथ समाप्त होगा ग्रीष्मकालीन चरण 19 अप्रैल 2026 को शुरू हुई यह पवित्र यात्रा आगामी 16 नवंबर को बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही शीतकाल के लिए विश्राम लेगी। हालांकि, इसके बाद शीतकालीन चारधाम यात्रा का शुभारंभ होगा। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि प्रशासन शीतकालीन यात्रा की तैयारियों पर मुस्तैदी से काम कर रहा है। माँ गंगा के मुखबा और माँ यमुना के खरसाली स्थित शीतकालीन निवासों पर विराजमान होने के बाद भक्त वहाँ दर्शन कर सकेंगे। इसी तरह केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद उखीमठ में श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन जारी रख सकेंगे। मानसून और आपदा की चुनौतियों के बीच सुगम संचालन इस वर्ष मानसून के दौरान प्राकृतिक आपदाओं की चुनौतियाँ सामने आईं, लेकिन राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के त्वरित प्रयासों से यात्रा को सुरक्षित रूप से जारी रखा गया। श्रद्धालुओं के लिए मार्गों पर स्वास्थ्य, सुरक्षा, यातायात और आपातकालीन सुविधाओं को मुस्तैद किया गया था। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा: “60 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन उत्तराखंड की पवित्रता और लोगों की अटूट आस्था को दर्शाता है। राज्य सरकार हर श्रद्धालु की यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।”

मां बम्लेश्वरी के भक्तों के लिए बड़ी खबर: डोंगरगढ़ नवरात्रि मेले में 1100 जवानों का पहरा, पदयात्रियों को मिलेंगे 20 हजार रेडियम स्टिकर, जानें सुरक्षा और ट्रैफिक का पूरा प्लान

रायपुर/राजनांदगांव 11 अक्टूबर 2025 Dongargarh Navratri Mela:  शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर

रामदेव पीर जयंती पर भव्य समारोह: गुजराती समाज की नवीन कार्यकारिणी का हुआ शपथ ग्रहण, कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन ने की 20 लाख की घोषणा

समारोह में कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन,जिला भाजपाध्यक्ष गोपाल मोदी एवं निगम सभापति

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