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रात को सोते समय पैरों के तलवों में जलन क्यों होती है? जानिए कारण, राहत के उपाय और कब लें डॉक्टर की सलाह छत्तीसगढ़ नगरीय प्रशासन में बड़ा फेरबदल: 53 CMO और 24 इंजीनियरों का तबादला, बाँकीमोगरा में प्रहलाद पांडेय नए मुख्य नगर पालिका अधिकारी लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ! कोसाबाड़ी से घंटाघर तक निकली भाजपा की विशाल पदयात्रा एम्स की निदेशक डॉ. विभा दत्ता के निजी अस्पताल में इलाज कराने की खबर पर आया स्पष्टीकरण, जानिए क्या है पूरा मामला छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा: 1 नवंबर से बढ़ेगा DA, जानिए किसे कितना फायदा 2027 चुनाव के लिए अमित शाह का मंत्र: कार्यकर्ताओं से बोले- ‘अर्जुन की तरह बनाएं निशाना’, सीएम योगी की माफिया-मुक्त UP के लिए की तारीफ

रात को सोते समय पैरों के तलवों में जलन क्यों होती है? जानिए कारण, राहत के उपाय और कब लें डॉक्टर की सलाह

Health News 31Oct 2026:रात में दिनभर की थकान के बाद जब हम सुकून की नींद के लिए बिस्तर पर जाते हैं, तो पैरों के तलवों में अचानक होने वाली गर्माहट या जलन इस चैन को छीन सकती है। कई बार यह समस्या थकान या गर्मी की वजह से होती है, लेकिन अगर यह परेशानी लगातार बनी रहे तो इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।/आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज/आइए जानते हैं इसके प्रमुख कारण, राहत के उपाय और डॉक्टरी सलाह की जरूरत के बारे में। तलवों में जलन के प्रमुख कारण दिनभर की थकान: लंबे समय तक खड़े रहने या ज्यादा चलने से पैरों की मांसपेशियों और नसों पर दबाव पड़ता है, जो रात में आराम करते समय जलन के रूप में महसूस हो सकता है। गर्मी और पसीना: गर्म मौसम या लंबे समय तक पसीना बने रहने से त्वचा में असहजता और जलन बढ़ सकती है। तंग जूते: हवा का आवागमन न होने वाले या बहुत टाइट जूते पहनने से पैरों में गर्मी और पसीना बढ़ता है। पोषक तत्वों की कमी और डिहाइड्रेशन: शरीर में पानी की कमी या आवश्यक पोषक तत्वों की कमी के कारण पैरों में चुभन और झुनझुनी हो सकती है। नसों से जुड़ी समस्या: नसों पर दबाव पड़ने से जलन, सुन्नपन या संवेदनशीलता जैसी शिकायतें हो सकती हैं। तनाव और नींद की कमी: मानसिक तनाव और पर्याप्त नींद न मिलने से शरीर की संवेदनशीलता बढ़ जाती है। तलवों की जलन से राहत पाने के आसान उपाय सोने से पहले पैरों को सामान्य या हल्के ठंडे पानी से कुछ देर धोएं (अतिकर्षण ठंड या बर्फ के सीधे इस्तेमाल से बचें)। दिनभर में बीच-बीच में बैठकर पैरों को पर्याप्त आराम दें। हमेशा आरामदायक, हल्के और हवादार जूते पहनें। हमेशा साफ और सूखे मोजे पहनें। रात को सोते समय पैरों के नीचे हल्का तकिया रखकर उन्हें थोड़ा ऊंचा उठाएं। डॉक्टर से संपर्क कब करें? यदि तलवों की जलन कभी-कभार होती है तो यह सामान्य हो सकती है,/आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज/ लेकिन नीचे दिए गए लक्षणों दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए: जलन का कई हफ्तों तक लगातार बने रहना। जलन के साथ पैरों में सुन्नपन, झुनझुनी या कमजोरी महसूस होना। रात में बार-बार नींद टूटना। पैरों की त्वचा के रंग में बदलाव आना या घाव न भरना। यदि आपको पहले से ही कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। विशेष सलाह: बिना किसी चिकित्सकीय जांच के खुद से कोई भी दवा या सप्लीमेंट लेना शुरू न करें। लगातार बने रहने वाले लक्षणों के लिए योग्य डॉक्टर से सलाह लें।

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मैच ग्रुप की नई पहल: टिंडर और हिंज पर स्क्रीनशॉट बंद, सुरक्षा के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन और I4C से हाथ मिलाया

नई दिल्ली / डिजिटल डेस्क 21 अक्टूबर 2026 Match Group India :ऑनलाइन डेटिंग प्लेटफॉर्म्स को उपयोगकर्ताओं—विशेषकर महिलाओं—के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में मैच ग्रुप (Match Group) ने

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रात को सोते समय पैरों के तलवों में जलन क्यों होती है? जानिए कारण, राहत के उपाय और कब लें डॉक्टर की सलाह

Health News 31Oct 2026:रात में दिनभर की थकान के बाद जब हम सुकून की नींद के लिए बिस्तर पर जाते हैं, तो पैरों के तलवों में अचानक होने वाली गर्माहट

2027 चुनाव के लिए अमित शाह का मंत्र: कार्यकर्ताओं से बोले- ‘अर्जुन की तरह बनाएं निशाना’, सीएम योगी की माफिया-मुक्त UP के लिए की तारीफ

लखनऊ 30/10/2026 BJP UP Executive Meeting :लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री

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लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ! कोसाबाड़ी से घंटाघर तक निकली भाजपा की विशाल पदयात्रा

कोरबा में भाजपा का बड़ा शक्ति प्रदर्शन: कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों का उमड़ा जनसैलाब, कांग्रेस के भ्रमजाल और आरोपों पर दिग्गजों का तीखा प्रहार कोरबा 30 अक्टूबर Loktantra Bachao Yatra । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जिला कोरबा द्वारा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी के कुशल नेतृत्व में शुक्रवार, 30 अक्टूबर को “लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ” के समर्थन में एक ऐतिहासिक और विशाल पदयात्रा का आयोजन किया गया। इस पदयात्रा के माध्यम से कोरबा शहर में भाजपा ने अपना अभूतपूर्व शक्ति प्रदर्शन किया। प्रतिकूल मौसम के बावजूद 10 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के विशाल जनसैलाब ने सड़क पर उतरकर पार्टी के प्रति अपना समर्थन और कार्यकर्ताओं के अटूट उत्साह का नजारा पेश किया। कोसाबाड़ी स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुई यह पदयात्रा शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए घंटाघर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर मैदान पहुंची, जहाँ एक बड़ी जनसभा के रूप में यह पदयात्रा संपन्न हुई। पूरी यात्रा के दौरान शहर गूंजायमान रहा और कार्यकर्ताओं में लोकतंत्र के संरक्षण तथा पार्टी के राजनीतिक संदेश को लेकर भारी उत्साह देखा गया। वरिष्ठ नेताओं और जन-प्रतिनिधियों का लगा जमावड़ा इस विशाल पदयात्रा में प्रदेश के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, जिला सह प्रभारी बृजेंद्र शुक्ला, विधायक प्रेमचंद पटेल तथा महापौर संजू देवी राजपूत सहित प्रदेश, जिला एवं मंडल स्तर के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और हजारों की संख्या में निष्ठावान कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। पदयात्रा में संगठन के दिग्गज नेताओं की मौजूदगी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इसमें: 📍सह संभाग प्रभारी रायपुर डॉ. राजीव सिंह,📍राज्य हाथकरधा संघ अध्यक्ष भोजराम देवांगन,📍पूर्व महापौर जोगेश लांबा,📍प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मीना शर्मा,📍पूर्व जिलाध्यक्ष पवन गर्ग एवं मनोज शर्मा,📍नगर पंचायत छुरीकला अध्यक्ष पदमिनी प्रीतम देवांगन,📍नगर पालिका दीपका अध्यक्ष राजेंद्र राजपूत,📍नगर पालिका बांकी मोंगरा अध्यक्ष सोनी झा,📍वरिष्ठ नेता ज्योतिनंद दुबे,📍पूर्व विधायक रामदयाल उईके,📍एमआईसी सदस्य नरेंद्र देवांगन एवं हितानंद अग्रवाल। इसके अलावा संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों की भी सक्रिय उपस्थिति रही, जिनमें: 📍जिला महामंत्री संजय शर्मा एवं अजय विश्वकर्मा,📍जिला कोषाध्यक्ष अजय पांडेय,📍जिला उपाध्यक्ष मंजू सिंह, प्रफुल्ल तिवारी, योगेश जैन, लक्की नंदा, रुक्मणी नायर, रेणुका राठिया, सतीश झा, अजय कंवर, कमला बरेठ, कमला किंडो, विवेक मार्कंडेय, अजय दुबे, नवीन अरोड़ा, अर्जुन गुप्ता, मनोज राठौर, विकास अग्रवाल, शैलेन्द्र यादव, संजय राठौर, नीरज ठाकुर, प्रदीप सिंह, अविनाश दुबे, डॉ. विजय राठौर, कुलसिंह कंवर, प्रीति स्वर्णकार, अखिलेश पांडेय, रामनारायण सराफ, राजेश लहरे, उत्तम सिंह रंधावा, अंजना सिंह, वैभव शर्मा, बी.डी. शर्मा सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। अभियान का मुख्य उद्देश्य: SIR और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया का समर्थन भाजपा की इस विशाल पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य हाल ही में विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति जनता में विश्वास जगाना था। पार्टी ने साफ किया कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया के लिए अत्यंत आवश्यक है। पदयात्रा के दौरान नेताओं ने कांग्रेस द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम पर करारा प्रहार किया। मंच से गूंजे दिग्गजों के बयान: 1. लखनलाल देवांगन (उद्योग मंत्री): “चुनावी हार से बौखलाई कांग्रेस फैला रही हताशा” जनसभा को संबोधित करते हुए उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि कोरबा जिले के कोने-कोने से उमड़ी यह ऐतिहासिक भीड़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर जनता के अटूट विश्वास का प्रत्यक्ष प्रमाण है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयानों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के खिलाफ अमर्यादित बयानबाजी कांग्रेस की राजनीतिक हताशा को दर्शाती है। देवांगन ने कहा कि मतदाता सूची को पारदर्शी और शुद्ध बनाने के लिए SIR बेहद जरूरी कदम है, लेकिन कांग्रेस अपनी लगातार हो रही चुनावी पराजयों से बौखलाकर इस पर बेबुनियाद सवाल उठा रही है। उन्होंने कहा कि वोट चोरी का मनगढ़ंत आरोप लगाने वाली कांग्रेस को दूसरों पर अंगुली उठाने से पहले अपने भ्रष्टाचार और राजनीतिक इतिहास पर आत्ममंथन करना चाहिए। 2. गोपाल मोदी (भाजपा जिलाध्यक्ष): “मृत और स्थानांतरित मतदाताओं का सत्यापन गलत कैसे?” भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने खराब मौसम के बावजूद भारी संख्या में पहुंचे सभी कार्यकर्ताओं और नागरिकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह उपस्थिति पीएम मोदी के प्रति जन-जन के विश्वास को रेखांकित करती है। विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए उन्होंने सवाल उठाया— “मृत, स्थानांतरित और स्थायी रूप से निवास बदल चुके मतदाताओं के नामों का सत्यापन करना आखिर गलत कैसे हो सकता है?” उन्होंने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष चुनाव के लिए सूची का शुद्धिकरण अनिवार्य है। कांग्रेस सत्ता के बिना बेचैन है और भ्रम फैला रही है, जबकि भाजपा का एकमात्र लक्ष्य विकसित भारत का निर्माण करना है। भाजपा की असली शक्ति उसके समर्पित कार्यकर्ताओं का परिश्रम है। 3. संजू देवी राजपूत (महापौर): “राजनीति छोड़ वास्तविक मुद्दों पर बात करे कांग्रेस” महापौर संजू देवी राजपूत ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व में देश निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस SIR जैसे संवैधानिक और सुधारात्मक कार्य को अनावश्यक मुद्दा बनाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने सलाह दी कि कांग्रेस को मतदाता सूची पुनरीक्षण पर घटिया राजनीति बंद कर जनता के असली मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर भी कड़ा कटाक्ष किया। 4. बृजेंद्र शुक्ला (भाजपा जिला प्रभारी): “कांग्रेस वोट चोरी का अपना पुराना इतिहास देखे” भाजपा जिला प्रभारी बृजेंद्र शुक्ला ने कांग्रेस के आरोपों का कड़ा जवाब देते हुए कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल के दौर का जिक्र करते हुए उन्होंने याद दिलाया कि देश में वोट चोरी और चुनावी गड़बड़ियों की शुरुआत स्वयं कांग्रेस के शासनकाल में हुई थी। राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने काले इतिहास के पन्ने पलटने चाहिए। भाजपा की नींव उसकी मजबूत विचारधारा, कार्यकर्ताओं के समर्पण और जनता के स्नेह पर टिकी है। निष्कर्ष इस भव्य पदयात्रा के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी ने न केवल कोरबा में अपने मजबूत जनाधार का प्रदर्शन किया, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती, निष्पक्ष मतदाता सूची और जनजागरूकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। विशाल जनसमूह, अनुशासित कार्यकर्ताओं और

2027 चुनाव के लिए अमित शाह का मंत्र: कार्यकर्ताओं से बोले- ‘अर्जुन की तरह बनाएं निशाना’, सीएम योगी की माफिया-मुक्त UP के लिए की तारीफ

लखनऊ 30/10/2026 BJP UP Executive Meeting :लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंक दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की उपस्थिति में अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उनमें चुनावी ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था की सराहना करते हुए विपक्ष पर जमकर निशाना साधा और भरोसा जताया कि पार्टी तीसरी बार भी प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी। तीसरी बार सरकार बनते ही लागू होगी समान नागरिक संहिता अमित शाह ने कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार ‘अंगद का पैर’ है, जिसे कोई भी ताकत हिला नहीं सकती। उन्होंने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि 2027 में जनता के आशीर्वाद से दोबारा सरकार बनते ही राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाएगी। गृहमंत्री ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अर्जुन की भांति ‘मछली की आंख’ पर ध्यान केंद्रित कर चुनावी तैयारियों में पूरी निष्ठा से जुट जाएं। 30 अक्तूबर 1990 की घटना का उल्लेख और विपक्ष पर हमला अमित शाह ने 30 अक्तूबर की ऐतिहासिक तिथि का स्मरण कराते हुए विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि 1990 में आज ही के दिन अयोध्या में निहत्थे रामभक्तों और कारसेवकों पर गोलियां चलाई गई थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि निहत्थे लोगों पर गोलियां चलवाने वाले लोग किस नैतिकता के आधार पर सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं। शाह ने स्पष्ट किया कि जहां विपक्ष ने गोलियां चलवाईं, वहीं भाजपा ने भव्य राम मंदिर का निर्माण कराया, जिसे जनता सदैव याद रखेगी। वोट चोरी के आरोपों पर संसद में खुली चर्चा की चुनौती सपा और कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों पर तंज कसते हुए गृहमंत्री ने कहा कि विपक्ष मैच हारने के बाद अंपायर को दोष दे रहा है। उन्होंने विपक्ष को चुनौती दी कि सरकार इस मुद्दे पर संसद का विशेष सत्र बुलाकर चर्चा कराने के लिए तैयार है। विपक्ष संसद में आकर अपनी बात रखे, सरकार उनके हर सवाल का तथ्यात्मक और बिंदुवार जवाब देने के लिए पूरी तरह सक्षम है। माफिया मुक्त उत्तर प्रदेश के लिए सीएम योगी की तारीफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासन की सराहना करते हुए अमित शाह ने कहा कि कठोर और पारदर्शी प्रशासन के कारण ही उत्तर प्रदेश आज पूरी तरह माफिया मुक्त हो पाया है। उन्होंने याद दिलाया कि 2014 से पूर्व राज्य में भाजपा का ढांचा बेहद कमजोर था, परंतु कार्यकर्ताओं के अथक प्रयास और जनता के विश्वास के बल पर पार्टी ने ऐतिहासिक सफलता हासिल की। उन्होंने विश्वास जताया कि 2027 में भी भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ राज्य में सरकार बनाएगी।

स्मृति ईरानी का बड़ा हमला: राहुल गांधी की उम्र पर तंज, कहा- “अब लड़ाई अमेठी तक सीमित नहीं, सीधे राजधानी में आ गई है”

नई दिल्ली 30/10/2026: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने हाल ही में रिपब्लिक टीवी को दिए एक इंटरव्यू में विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राहुल गांधी की उम्र, सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के आंदोलन और देश की राजनीति से जुड़े कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। राहुल गांधी और ‘यूथ’ राजनीति पर तंज स्मृति ईरानी ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उनकी उम्र पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “56 साल का आदमी यूथ बनकर घूम रहा है। वो अपने आप को यूथ कह दें, इससे हकीकत नहीं बदलती।” सीजेपी नेताओं पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने आगे कहा कि 31 साल के लोग खुद को युवा बता रहे हैं, और इस हिसाब से तो मल्लिकार्जुन खरगे जी बाल अवस्था में हैं। “संसद के खिलाफ जंग का ऐलान कर चुके हैं राहुल” स्मृति ईरानी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि यह कोई रैंडम सोच नहीं, बल्कि सोच-समझकर किया गया कृत्य है। उन्होंने राहुल गांधी के उस बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने कथित तौर पर ‘इंडियन स्टेट’ के खिलाफ लड़ने की बात कही थी। ईरानी ने कहा, “इंडियन स्टेट भारत की संसद है, जिसे 90 करोड़ हिंदुस्तानी चुनते हैं। राहुल गांधी ने 90 करोड़ हिंदुस्तानियों के खिलाफ जंग का ऐलान किया है।” कॉकरोच जनता पार्टी और लोकतंत्र पर विचार सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के आंदोलन पर बात करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार का दायित्व हर नागरिक की बात सुनना है और यह नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है। लोकतंत्र की ताकत कड़वी बातें सुनने में भी है। उन्होंने कहा, “उन्हें आप कॉकरोच कहें या कुछ भी कहें, जब वे जमीन पर ताकत आजमाते हैं तो जनता उन्हें बूथ पर हराती है।” “अब लड़ाई अमेठी में नहीं, सीधे राजधानी में है” जब उनसे पूछा गया कि क्या वे 2029 में एक बार फिर राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी यह तय करती है कि कौन कहां से चुनाव लड़ेगा, लेकिन वे देश के हित के लिए हमेशा तैयार रहती हैं। अमेठी की राजनीति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि अब लड़ाई सिर्फ अमेठी तक सीमित नहीं रह गई है। उन्होंने दावा किया कि देश की राजधानी में कुछ लोगों द्वारा ‘रिजीम चेंज’ (सत्ता परिवर्तन) की मांग करने और आतंक का समर्थन करने वालों के चलते अब असली रणभूमि दिल्ली बन चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी स्पष्ट किया है कि यह कुर्सी किसी की जागीर नहीं है, इसे जनता ही देती है और वही वापस लेती है।

गढ़ में बड़ी हार: क्या वाराणसी और नागपुर के चुनावी नतीजों से कमजोर हुआ राहुल गांधी का ‘वोट चोरी’ नैरेटिव?

नई दिल्ली 29/10/2026 Politics:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मुख्यालय नागपुर में हालिया विधान परिषद (MLC) चुनावों के परिणाम ने भारतीय राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज इन मजबूत राजनीतिक गढ़ों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की हार ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस ‘वोट चोरी’ और चुनावी व्यवस्था पर उठाए जा रहे सवालों के नैरेटिव पर एक बड़ा राजनीतिक सवालिया निशान लगा दिया है। वाराणसी और नागपुर में क्या रहा चुनावी हाल? वाराणसी (मोदी का काशी): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गढ़ में समाजवादी पार्टी ने शिक्षक और स्नातक—दोनों विधान परिषद सीटों पर अपनी जीत का परचम लहराया है। इससे यह साफ हुआ कि स्थानीय चुनावों में अजेय माने जाने वाले क्षेत्रों में भी सत्ताधारी दल को मात दी जा सकती है। नागपुर (RSS का मुख्यालय): वैचारिक रूप से संघ के इस मुख्य केंद्र पर कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने BJP के सुधाकर कोहाले को शिकस्त दी। यह जीत विपक्षी खेमे के लिए एक बड़ा प्रतीकात्मक संदेश साबित हुई है। क्या राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ नैरेटिव को लगे झटके? राहुल गांधी लगातार देश की चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूचियों की पारदर्शिता और ईवीएम या मतदान प्रणाली को लेकर सवाल खड़े करते रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज उनका यह नैरेटिव अक्सर यह संदेश देने की कोशिश करता है कि पूरी चुनावी व्यवस्था सत्ताधारी दल के पक्ष में काम करती है। लेकिन, इन राजनीतिक गढ़ों में BJP की हार इस व्यापक दावे के सामने एक तार्किक सवाल खड़ा करती है: यदि चुनावी व्यवस्था पूरी तरह से एकतरफा और बीजेपी के पक्ष में होती, तो पार्टी वाराणसी और नागपुर जैसी प्रतिष्ठित सीटें कैसे हार जाती? मतपत्रों (Ballot Papers) से जुड़े चुनाव और व्यवस्था का फर्क राजनीतिक विश्लेषकों का यह भी मानना है कि ये MLC चुनाव आम लोकसभा या विधानसभा चुनावों से अलग हैं। ये चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की बजाय पारंपरिक मतपत्रों (Ballot Papers) के जरिए हुए थे, जिनमें केवल विशिष्ट और पंजीकृत शिक्षक व स्नातक मतदाता ही हिस्सा लेते हैं। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज इसलिए, इन स्थानीय परिणामों को सीधे तौर पर आम चुनावों की पूरी प्रक्रिया से जोड़कर देखना पूरी तरह सही नहीं होगा। निष्कर्ष: जीत-हार बनाम वास्तविक पारदर्शिता वाराणसी और नागपुर के नतीजे यह साबित करते हैं कि मजबूत राजनीतिक दुर्गों में भी सेंध लगाई जा सकती है और विपक्ष चुनाव जीत सकता है। यह परिणाम राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ वाले व्यापक नैरेटिव को चुनौती जरूर देता है, लेकिन चुनावी पारदर्शिता और अनियमितताओं के दावों का अंतिम फैसला किसी दल की जीत या हार से नहीं, बल्कि ठोस दस्तावेजों, सबूतों और स्वतंत्र जांच से ही संभव है। 🔴

भाजपा ने पांच राज्यों में किए सोशल मीडिया संगठन में बदलाव, छत्तीसगढ़ के दो नेताओं को मिली बड़ी जिम्मेदारी

नई दिल्ली /रायपुर 29 अक्टूबर 2026 BJP, Social Media Team :भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आगामी चुनावी तैयारियों और संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से पांच राज्यों में अपने सोशल मीडिया ढांचे में फेरबदल करते हुए नई नियुक्तियां की हैं। पार्टी के राष्ट्रीय सोशल मीडिया संयोजक दीपक महस्के द्वारा जारी इस सूची में छत्तीसगढ़ के दो युवा नेताओं को दूसरे राज्यों में अहम प्रभार सौंपे गए हैं। प्रमुख नियुक्तियां: उत्तर प्रदेश: पंकज शुक्ला को सोशल मीडिया प्रभारी बनाया गया है, जबकि छत्तीसगढ़ के मितुल कोठारी को भी यहां सोशल मीडिया से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। उत्तराखंड: मनन दानी को प्रभारी नियुक्त किया गया है, और छत्तीसगढ़ के सोमेश पांडे को भी उत्तराखंड में सोशल मीडिया का दायित्व सौंपा गया है। पंजाब: चेतन ब्रागटा को सोशल मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी मिली है। अन्य राज्य: इसके अलावा गोवा और मणिपुर में भी सोशल मीडिया टीम के लिए नए प्रभारियों और सदस्यों की नियुक्तियां की गई हैं। पार्टी द्वारा यह संगठनात्मक कदम विभिन्न राज्यों में चुनावी तैयारियों को तेज करने और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति के तहत उठाया गया है। सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।

गौरव भाटिया का नसीरुद्दीन शाह पर तंज: बोले— ‘जिसे एसीपी राठौड़ समझा, वो निकला गुलफाम हसन’

नई दिल्ली 29 अक्टूबर 2026:   भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने वरिष्ठ अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के बयान पर तीखा हमला बोला है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब नसीरुद्दीन शाह ने दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में एक वीडियो जारी किया और खुद को ‘दिमागी नक्सल’ बताया। भाटिया ने शाह के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए 1999 की मशहूर बॉलीवुड फिल्म ‘सरफरोश’ का उदाहरण दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा: “जिसे हम एसीपी राठौड़ समझे थे, वह असल जिंदगी में गुलफाम हसन निकला।” गौरतलब है कि फिल्म ‘सरफरोश’ में आमिर खान ने ईमानदार पुलिस अधिकारी एसीपी अजय सिंह राठौड़ का किरदार निभाया था, जबकि नसीरुद्दीन शाह ने ‘गुलफाम हसन’ की भूमिका निभाई थी—जो कि एक पाकिस्तानी गजल गायक के रूप में भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल जासूस था। नसीरुद्दीन शाह ने क्या कहा था? नसीरुद्दीन शाह ने जामिया मिलिया इस्लामिया के प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन करते हुए एक वीडियो मैसेज साझा किया था। इस वीडियो में उन्होंने सरकार की नीतियों और रवैये पर सवाल उठाए और कहा कि आलोचकों को ‘राष्ट्र-विरोधी’ या ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ का टैग दे दिया जाता है।  वो कहते हैं, ‘मैं फख्र के साथ कहता हूं, मैं दिमागी नक्सल हूं। दिमागी नक्सल के अलावा मालूम नहीं क्या-क्या लकब दिए हैं चौकीदार ने मुझ जैसे लोगों को, एंटी-नेशनल, टुकड़े-टुकड़े गैंग और मालूम नहीं क्या-क्या।’ उन्होंने आगे कहा, ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग अगर इस मुल्क में कोई है, तो वो ये नाजायज हुकूमत है और मैं इस हुकूमत से एक सवाल पूछना चाहता हूं। और क्या-क्या करोगे तुम? हमारे मुल्क के नौजवानों की हिम्मत को तोड़ने के लिए, शिक्षा संस्थानों को बर्बाद करने के लिए और हमारे लोकतंत्र को खतरे में डालने के लिए, कितना करोगे? तुम और तुमने अपने इर्द-गिर्द जो बेवकूफ, बेईमानों की पलटन इकट्ठी की है, कहां तक जाओगे?’ इसके अलावा, शाह ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) और जामिया के छात्र आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि छात्रों के साथ किया गया बर्ताव भुलाया नहीं जा सकता। क्या है जामिया मिलिया इस्लामिया का विवाद? जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव (Students’ Union Elections) को फिर से बहाल करने की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों की मुख्य मांगों में: छात्र संघ चुनाव दोबारा कराना। यूनिवर्सिटी के चीफ प्रॉक्टर को पद से हटाना। आंदोलन में शामिल छात्रों पर की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई को वापस लेना। मांगों के न माने जाने पर कुछ छात्रों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है।

टेक्नोलॉजी

क्या AI खत्म कर देगा पारंपरिक बैंकिंग? शेखर कपूर के सवाल पर छिड़ी नई बहस

नई दिल्ली 16 अक्टूबर 2026 Artificial Intelligence : आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बैंकिंग सेक्टर के कामकाज और कारोबार को पूरी तरह से बदल सकता है। मशहूर फिल्म निर्माता शेखर कपूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर एक विचारोत्तेजक पोस्ट शेयर करते हुए सवाल उठाया है—“अगर एआई खुद लोगों के पैसे संभालने, निवेश के बेहतर विकल्प खोजने और अधिक ब्याज दिलाने का काम करने लगे, तो फिर पारंपरिक बैंकों की जरूरत ही क्यों पड़ेगी?” शेखर कपूर की इस पोस्ट ने इंटरनेट पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि एआई बैंकिंग उद्योग को बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है, वहीं अन्य का कहना है कि बैंक बंद नहीं होंगे, बल्कि उनका काम करने का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा। Advt बैंकों की कमाई पर कैसे पड़ेगा असर? शेखर कपूर के अनुसार, बैंक जमाकर्ताओं के पैसे को कर्ज या निवेश में लगाकर बड़ी कमाई करते हैं और उसके बदले ग्राहकों को बहुत कम ब्याज देते हैं। बैंकों का मुनाफा उन ग्राहकों से भी होता है, जो आलस या झंझट के कारण बेहतर ब्याज दरों की तलाश में अपना पैसा दूसरी जगह ट्रांसफर नहीं करते। लेकिन अगर AI एजेंट हर रात ग्राहक के फंड के लिए खुद ही सबसे ज्यादा ब्याज देने वाले विकल्प खोजने लगें, तो ग्राहकों को खुद मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। ऐसे में बैंक ग्राहकों को कम ब्याज दर देकर पहले की तरह आसानी से मुनाफा नहीं कमा सकेंगे। क्या AI पूरी तरह से बैंकों की जगह ले सकता है? बहस में शामिल कई विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ एआई बैंकिंग का विकल्प नहीं बन सकता। सुरक्षा और जिम्मेदारी: लिंक्डइन यूजर अनय महिमकर ने लिखा कि एआई वित्तीय फैसले लेने में मदद तो कर सकता है, लेकिन कर्ज देना, जोखिम उठाना, सरकारी नियमों (Compliance) का पालन करना और भरोसा कायम रखना बैंकों की प्राथमिक जिम्मेदारी रहेगी। सटीक लोन प्रक्रिया: विशेषज्ञ कृष्णा लक्मसानी का कहना है कि एआई ग्राहकों की आमदनी और खर्चों का विश्लेषण करके उधार देने वालों और लेने वालों के बीच सीधा संपर्क बना सकता है। इससे बिचौलियों का असर कम होगा और एआई एजेंट ग्राहकों की ओर से बेहतर ब्याज दरों के लिए बातचीत (Negotiation) भी कर सकेंगे। बैंकों का भविष्य: क्या होंगी नई चुनौतियां? विशेषज्ञों का मानना है कि पैसों की सुरक्षा, डिजिटल पेमेंट और सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए बैंकों की प्रासंगिकता बनी रहेगी। हालाँकि, बैंकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती ग्राहकों को अपने साथ बनाए रखने की होगी। जो बैंक नई तकनीक, बेहतर ब्याज दरें और एआई-आधारित सेवाएं अपनाएंगे, वे ही भविष्य की बैंकिंग रेस में आगे टिक पाएंगे। 📍

व्यापार

लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ! कोसाबाड़ी से घंटाघर तक निकली भाजपा की विशाल पदयात्रा

कोरबा में भाजपा का बड़ा शक्ति प्रदर्शन: कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों का उमड़ा जनसैलाब, कांग्रेस के भ्रमजाल और आरोपों पर दिग्गजों का तीखा प्रहार कोरबा 30 अक्टूबर Loktantra Bachao Yatra । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जिला कोरबा द्वारा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी के कुशल नेतृत्व में शुक्रवार, 30 अक्टूबर को “लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ” के समर्थन में एक ऐतिहासिक और विशाल पदयात्रा का आयोजन किया गया। इस पदयात्रा के माध्यम से कोरबा शहर में भाजपा ने अपना अभूतपूर्व शक्ति प्रदर्शन किया। प्रतिकूल मौसम के बावजूद 10 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के विशाल जनसैलाब ने सड़क पर उतरकर पार्टी के प्रति अपना समर्थन और कार्यकर्ताओं के अटूट उत्साह का नजारा पेश किया। कोसाबाड़ी स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुई यह पदयात्रा शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए घंटाघर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर मैदान पहुंची, जहाँ एक बड़ी जनसभा के रूप में यह पदयात्रा संपन्न हुई। पूरी यात्रा के दौरान शहर गूंजायमान रहा और कार्यकर्ताओं में लोकतंत्र के संरक्षण तथा पार्टी के राजनीतिक संदेश को लेकर भारी उत्साह देखा गया। वरिष्ठ नेताओं और जन-प्रतिनिधियों का लगा जमावड़ा इस विशाल पदयात्रा में प्रदेश के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, जिला सह प्रभारी बृजेंद्र शुक्ला, विधायक प्रेमचंद पटेल तथा महापौर संजू देवी राजपूत सहित प्रदेश, जिला एवं मंडल स्तर के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और हजारों की संख्या में निष्ठावान कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। पदयात्रा में संगठन के दिग्गज नेताओं की मौजूदगी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इसमें: 📍सह संभाग प्रभारी रायपुर डॉ. राजीव सिंह,📍राज्य हाथकरधा संघ अध्यक्ष भोजराम देवांगन,📍पूर्व महापौर जोगेश लांबा,📍प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मीना शर्मा,📍पूर्व जिलाध्यक्ष पवन गर्ग एवं मनोज शर्मा,📍नगर पंचायत छुरीकला अध्यक्ष पदमिनी प्रीतम देवांगन,📍नगर पालिका दीपका अध्यक्ष राजेंद्र राजपूत,📍नगर पालिका बांकी मोंगरा अध्यक्ष सोनी झा,📍वरिष्ठ नेता ज्योतिनंद दुबे,📍पूर्व विधायक रामदयाल उईके,📍एमआईसी सदस्य नरेंद्र देवांगन एवं हितानंद अग्रवाल। इसके अलावा संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों की भी सक्रिय उपस्थिति रही, जिनमें: 📍जिला महामंत्री संजय शर्मा एवं अजय विश्वकर्मा,📍जिला कोषाध्यक्ष अजय पांडेय,📍जिला उपाध्यक्ष मंजू सिंह, प्रफुल्ल तिवारी, योगेश जैन, लक्की नंदा, रुक्मणी नायर, रेणुका राठिया, सतीश झा, अजय कंवर, कमला बरेठ, कमला किंडो, विवेक मार्कंडेय, अजय दुबे, नवीन अरोड़ा, अर्जुन गुप्ता, मनोज राठौर, विकास अग्रवाल, शैलेन्द्र यादव, संजय राठौर, नीरज ठाकुर, प्रदीप सिंह, अविनाश दुबे, डॉ. विजय राठौर, कुलसिंह कंवर, प्रीति स्वर्णकार, अखिलेश पांडेय, रामनारायण सराफ, राजेश लहरे, उत्तम सिंह रंधावा, अंजना सिंह, वैभव शर्मा, बी.डी. शर्मा सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। अभियान का मुख्य उद्देश्य: SIR और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया का समर्थन भाजपा की इस विशाल पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य हाल ही में विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति जनता में विश्वास जगाना था। पार्टी ने साफ किया कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया के लिए अत्यंत आवश्यक है। पदयात्रा के दौरान नेताओं ने कांग्रेस द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम पर करारा प्रहार किया। मंच से गूंजे दिग्गजों के बयान: 1. लखनलाल देवांगन (उद्योग मंत्री): “चुनावी हार से बौखलाई कांग्रेस फैला रही हताशा” जनसभा को संबोधित करते हुए उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि कोरबा जिले के कोने-कोने से उमड़ी यह ऐतिहासिक भीड़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर जनता के अटूट विश्वास का प्रत्यक्ष प्रमाण है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयानों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के खिलाफ अमर्यादित बयानबाजी कांग्रेस की राजनीतिक हताशा को दर्शाती है। देवांगन ने कहा कि मतदाता सूची को पारदर्शी और शुद्ध बनाने के लिए SIR बेहद जरूरी कदम है, लेकिन कांग्रेस अपनी लगातार हो रही चुनावी पराजयों से बौखलाकर इस पर बेबुनियाद सवाल उठा रही है। उन्होंने कहा कि वोट चोरी का मनगढ़ंत आरोप लगाने वाली कांग्रेस को दूसरों पर अंगुली उठाने से पहले अपने भ्रष्टाचार और राजनीतिक इतिहास पर आत्ममंथन करना चाहिए। 2. गोपाल मोदी (भाजपा जिलाध्यक्ष): “मृत और स्थानांतरित मतदाताओं का सत्यापन गलत कैसे?” भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने खराब मौसम के बावजूद भारी संख्या में पहुंचे सभी कार्यकर्ताओं और नागरिकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह उपस्थिति पीएम मोदी के प्रति जन-जन के विश्वास को रेखांकित करती है। विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए उन्होंने सवाल उठाया— “मृत, स्थानांतरित और स्थायी रूप से निवास बदल चुके मतदाताओं के नामों का सत्यापन करना आखिर गलत कैसे हो सकता है?” उन्होंने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष चुनाव के लिए सूची का शुद्धिकरण अनिवार्य है। कांग्रेस सत्ता के बिना बेचैन है और भ्रम फैला रही है, जबकि भाजपा का एकमात्र लक्ष्य विकसित भारत का निर्माण करना है। भाजपा की असली शक्ति उसके समर्पित कार्यकर्ताओं का परिश्रम है। 3. संजू देवी राजपूत (महापौर): “राजनीति छोड़ वास्तविक मुद्दों पर बात करे कांग्रेस” महापौर संजू देवी राजपूत ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व में देश निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस SIR जैसे संवैधानिक और सुधारात्मक कार्य को अनावश्यक मुद्दा बनाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने सलाह दी कि कांग्रेस को मतदाता सूची पुनरीक्षण पर घटिया राजनीति बंद कर जनता के असली मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर भी कड़ा कटाक्ष किया। 4. बृजेंद्र शुक्ला (भाजपा जिला प्रभारी): “कांग्रेस वोट चोरी का अपना पुराना इतिहास देखे” भाजपा जिला प्रभारी बृजेंद्र शुक्ला ने कांग्रेस के आरोपों का कड़ा जवाब देते हुए कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल के दौर का जिक्र करते हुए उन्होंने याद दिलाया कि देश में वोट चोरी और चुनावी गड़बड़ियों की शुरुआत स्वयं कांग्रेस के शासनकाल में हुई थी। राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने काले इतिहास के पन्ने पलटने चाहिए। भाजपा की नींव उसकी मजबूत विचारधारा, कार्यकर्ताओं के समर्पण और जनता के स्नेह पर टिकी है। निष्कर्ष इस भव्य पदयात्रा के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी ने न केवल कोरबा में अपने मजबूत जनाधार का प्रदर्शन किया, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती, निष्पक्ष मतदाता सूची और जनजागरूकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। विशाल जनसमूह, अनुशासित कार्यकर्ताओं और

2027 चुनाव के लिए अमित शाह का मंत्र: कार्यकर्ताओं से बोले- ‘अर्जुन की तरह बनाएं निशाना’, सीएम योगी की माफिया-मुक्त UP के लिए की तारीफ

लखनऊ 30/10/2026 BJP UP Executive Meeting :लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंक दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की उपस्थिति में अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उनमें चुनावी ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था की सराहना करते हुए विपक्ष पर जमकर निशाना साधा और भरोसा जताया कि पार्टी तीसरी बार भी प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी। तीसरी बार सरकार बनते ही लागू होगी समान नागरिक संहिता अमित शाह ने कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार ‘अंगद का पैर’ है, जिसे कोई भी ताकत हिला नहीं सकती। उन्होंने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि 2027 में जनता के आशीर्वाद से दोबारा सरकार बनते ही राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाएगी। गृहमंत्री ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अर्जुन की भांति ‘मछली की आंख’ पर ध्यान केंद्रित कर चुनावी तैयारियों में पूरी निष्ठा से जुट जाएं। 30 अक्तूबर 1990 की घटना का उल्लेख और विपक्ष पर हमला अमित शाह ने 30 अक्तूबर की ऐतिहासिक तिथि का स्मरण कराते हुए विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि 1990 में आज ही के दिन अयोध्या में निहत्थे रामभक्तों और कारसेवकों पर गोलियां चलाई गई थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि निहत्थे लोगों पर गोलियां चलवाने वाले लोग किस नैतिकता के आधार पर सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं। शाह ने स्पष्ट किया कि जहां विपक्ष ने गोलियां चलवाईं, वहीं भाजपा ने भव्य राम मंदिर का निर्माण कराया, जिसे जनता सदैव याद रखेगी। वोट चोरी के आरोपों पर संसद में खुली चर्चा की चुनौती सपा और कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों पर तंज कसते हुए गृहमंत्री ने कहा कि विपक्ष मैच हारने के बाद अंपायर को दोष दे रहा है। उन्होंने विपक्ष को चुनौती दी कि सरकार इस मुद्दे पर संसद का विशेष सत्र बुलाकर चर्चा कराने के लिए तैयार है। विपक्ष संसद में आकर अपनी बात रखे, सरकार उनके हर सवाल का तथ्यात्मक और बिंदुवार जवाब देने के लिए पूरी तरह सक्षम है। माफिया मुक्त उत्तर प्रदेश के लिए सीएम योगी की तारीफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासन की सराहना करते हुए अमित शाह ने कहा कि कठोर और पारदर्शी प्रशासन के कारण ही उत्तर प्रदेश आज पूरी तरह माफिया मुक्त हो पाया है। उन्होंने याद दिलाया कि 2014 से पूर्व राज्य में भाजपा का ढांचा बेहद कमजोर था, परंतु कार्यकर्ताओं के अथक प्रयास और जनता के विश्वास के बल पर पार्टी ने ऐतिहासिक सफलता हासिल की। उन्होंने विश्वास जताया कि 2027 में भी भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ राज्य में सरकार बनाएगी।

स्मृति ईरानी का बड़ा हमला: राहुल गांधी की उम्र पर तंज, कहा- “अब लड़ाई अमेठी तक सीमित नहीं, सीधे राजधानी में आ गई है”

नई दिल्ली 30/10/2026: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने हाल ही में रिपब्लिक टीवी को दिए एक इंटरव्यू में विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राहुल गांधी की उम्र, सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के आंदोलन और देश की राजनीति से जुड़े कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। राहुल गांधी और ‘यूथ’ राजनीति पर तंज स्मृति ईरानी ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उनकी उम्र पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “56 साल का आदमी यूथ बनकर घूम रहा है। वो अपने आप को यूथ कह दें, इससे हकीकत नहीं बदलती।” सीजेपी नेताओं पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने आगे कहा कि 31 साल के लोग खुद को युवा बता रहे हैं, और इस हिसाब से तो मल्लिकार्जुन खरगे जी बाल अवस्था में हैं। “संसद के खिलाफ जंग का ऐलान कर चुके हैं राहुल” स्मृति ईरानी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि यह कोई रैंडम सोच नहीं, बल्कि सोच-समझकर किया गया कृत्य है। उन्होंने राहुल गांधी के उस बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने कथित तौर पर ‘इंडियन स्टेट’ के खिलाफ लड़ने की बात कही थी। ईरानी ने कहा, “इंडियन स्टेट भारत की संसद है, जिसे 90 करोड़ हिंदुस्तानी चुनते हैं। राहुल गांधी ने 90 करोड़ हिंदुस्तानियों के खिलाफ जंग का ऐलान किया है।” कॉकरोच जनता पार्टी और लोकतंत्र पर विचार सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के आंदोलन पर बात करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार का दायित्व हर नागरिक की बात सुनना है और यह नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है। लोकतंत्र की ताकत कड़वी बातें सुनने में भी है। उन्होंने कहा, “उन्हें आप कॉकरोच कहें या कुछ भी कहें, जब वे जमीन पर ताकत आजमाते हैं तो जनता उन्हें बूथ पर हराती है।” “अब लड़ाई अमेठी में नहीं, सीधे राजधानी में है” जब उनसे पूछा गया कि क्या वे 2029 में एक बार फिर राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी यह तय करती है कि कौन कहां से चुनाव लड़ेगा, लेकिन वे देश के हित के लिए हमेशा तैयार रहती हैं। अमेठी की राजनीति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि अब लड़ाई सिर्फ अमेठी तक सीमित नहीं रह गई है। उन्होंने दावा किया कि देश की राजधानी में कुछ लोगों द्वारा ‘रिजीम चेंज’ (सत्ता परिवर्तन) की मांग करने और आतंक का समर्थन करने वालों के चलते अब असली रणभूमि दिल्ली बन चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी स्पष्ट किया है कि यह कुर्सी किसी की जागीर नहीं है, इसे जनता ही देती है और वही वापस लेती है।

गढ़ में बड़ी हार: क्या वाराणसी और नागपुर के चुनावी नतीजों से कमजोर हुआ राहुल गांधी का ‘वोट चोरी’ नैरेटिव?

नई दिल्ली 29/10/2026 Politics:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मुख्यालय नागपुर में हालिया विधान परिषद (MLC) चुनावों के परिणाम ने भारतीय राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज इन मजबूत राजनीतिक गढ़ों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की हार ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस ‘वोट चोरी’ और चुनावी व्यवस्था पर उठाए जा रहे सवालों के नैरेटिव पर एक बड़ा राजनीतिक सवालिया निशान लगा दिया है। वाराणसी और नागपुर में क्या रहा चुनावी हाल? वाराणसी (मोदी का काशी): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गढ़ में समाजवादी पार्टी ने शिक्षक और स्नातक—दोनों विधान परिषद सीटों पर अपनी जीत का परचम लहराया है। इससे यह साफ हुआ कि स्थानीय चुनावों में अजेय माने जाने वाले क्षेत्रों में भी सत्ताधारी दल को मात दी जा सकती है। नागपुर (RSS का मुख्यालय): वैचारिक रूप से संघ के इस मुख्य केंद्र पर कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने BJP के सुधाकर कोहाले को शिकस्त दी। यह जीत विपक्षी खेमे के लिए एक बड़ा प्रतीकात्मक संदेश साबित हुई है। क्या राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ नैरेटिव को लगे झटके? राहुल गांधी लगातार देश की चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूचियों की पारदर्शिता और ईवीएम या मतदान प्रणाली को लेकर सवाल खड़े करते रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज उनका यह नैरेटिव अक्सर यह संदेश देने की कोशिश करता है कि पूरी चुनावी व्यवस्था सत्ताधारी दल के पक्ष में काम करती है। लेकिन, इन राजनीतिक गढ़ों में BJP की हार इस व्यापक दावे के सामने एक तार्किक सवाल खड़ा करती है: यदि चुनावी व्यवस्था पूरी तरह से एकतरफा और बीजेपी के पक्ष में होती, तो पार्टी वाराणसी और नागपुर जैसी प्रतिष्ठित सीटें कैसे हार जाती? मतपत्रों (Ballot Papers) से जुड़े चुनाव और व्यवस्था का फर्क राजनीतिक विश्लेषकों का यह भी मानना है कि ये MLC चुनाव आम लोकसभा या विधानसभा चुनावों से अलग हैं। ये चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की बजाय पारंपरिक मतपत्रों (Ballot Papers) के जरिए हुए थे, जिनमें केवल विशिष्ट और पंजीकृत शिक्षक व स्नातक मतदाता ही हिस्सा लेते हैं। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज इसलिए, इन स्थानीय परिणामों को सीधे तौर पर आम चुनावों की पूरी प्रक्रिया से जोड़कर देखना पूरी तरह सही नहीं होगा। निष्कर्ष: जीत-हार बनाम वास्तविक पारदर्शिता वाराणसी और नागपुर के नतीजे यह साबित करते हैं कि मजबूत राजनीतिक दुर्गों में भी सेंध लगाई जा सकती है और विपक्ष चुनाव जीत सकता है। यह परिणाम राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ वाले व्यापक नैरेटिव को चुनौती जरूर देता है, लेकिन चुनावी पारदर्शिता और अनियमितताओं के दावों का अंतिम फैसला किसी दल की जीत या हार से नहीं, बल्कि ठोस दस्तावेजों, सबूतों और स्वतंत्र जांच से ही संभव है। 🔴

भाजपा ने पांच राज्यों में किए सोशल मीडिया संगठन में बदलाव, छत्तीसगढ़ के दो नेताओं को मिली बड़ी जिम्मेदारी

नई दिल्ली /रायपुर 29 अक्टूबर 2026 BJP, Social Media Team :भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आगामी चुनावी तैयारियों और संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से पांच राज्यों में अपने सोशल मीडिया ढांचे में फेरबदल करते हुए नई नियुक्तियां की हैं। पार्टी के राष्ट्रीय सोशल मीडिया संयोजक दीपक महस्के द्वारा जारी इस सूची में छत्तीसगढ़ के दो युवा नेताओं को दूसरे राज्यों में अहम प्रभार सौंपे गए हैं। प्रमुख नियुक्तियां: उत्तर प्रदेश: पंकज शुक्ला को सोशल मीडिया प्रभारी बनाया गया है, जबकि छत्तीसगढ़ के मितुल कोठारी को भी यहां सोशल मीडिया से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। उत्तराखंड: मनन दानी को प्रभारी नियुक्त किया गया है, और छत्तीसगढ़ के सोमेश पांडे को भी उत्तराखंड में सोशल मीडिया का दायित्व सौंपा गया है। पंजाब: चेतन ब्रागटा को सोशल मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी मिली है। अन्य राज्य: इसके अलावा गोवा और मणिपुर में भी सोशल मीडिया टीम के लिए नए प्रभारियों और सदस्यों की नियुक्तियां की गई हैं। पार्टी द्वारा यह संगठनात्मक कदम विभिन्न राज्यों में चुनावी तैयारियों को तेज करने और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति के तहत उठाया गया है। सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।

गौरव भाटिया का नसीरुद्दीन शाह पर तंज: बोले— ‘जिसे एसीपी राठौड़ समझा, वो निकला गुलफाम हसन’

नई दिल्ली 29 अक्टूबर 2026:   भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने वरिष्ठ अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के बयान पर तीखा हमला बोला है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब नसीरुद्दीन शाह ने दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में एक वीडियो जारी किया और खुद को ‘दिमागी नक्सल’ बताया। भाटिया ने शाह के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए 1999 की मशहूर बॉलीवुड फिल्म ‘सरफरोश’ का उदाहरण दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा: “जिसे हम एसीपी राठौड़ समझे थे, वह असल जिंदगी में गुलफाम हसन निकला।” गौरतलब है कि फिल्म ‘सरफरोश’ में आमिर खान ने ईमानदार पुलिस अधिकारी एसीपी अजय सिंह राठौड़ का किरदार निभाया था, जबकि नसीरुद्दीन शाह ने ‘गुलफाम हसन’ की भूमिका निभाई थी—जो कि एक पाकिस्तानी गजल गायक के रूप में भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल जासूस था। नसीरुद्दीन शाह ने क्या कहा था? नसीरुद्दीन शाह ने जामिया मिलिया इस्लामिया के प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन करते हुए एक वीडियो मैसेज साझा किया था। इस वीडियो में उन्होंने सरकार की नीतियों और रवैये पर सवाल उठाए और कहा कि आलोचकों को ‘राष्ट्र-विरोधी’ या ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ का टैग दे दिया जाता है।  वो कहते हैं, ‘मैं फख्र के साथ कहता हूं, मैं दिमागी नक्सल हूं। दिमागी नक्सल के अलावा मालूम नहीं क्या-क्या लकब दिए हैं चौकीदार ने मुझ जैसे लोगों को, एंटी-नेशनल, टुकड़े-टुकड़े गैंग और मालूम नहीं क्या-क्या।’ उन्होंने आगे कहा, ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग अगर इस मुल्क में कोई है, तो वो ये नाजायज हुकूमत है और मैं इस हुकूमत से एक सवाल पूछना चाहता हूं। और क्या-क्या करोगे तुम? हमारे मुल्क के नौजवानों की हिम्मत को तोड़ने के लिए, शिक्षा संस्थानों को बर्बाद करने के लिए और हमारे लोकतंत्र को खतरे में डालने के लिए, कितना करोगे? तुम और तुमने अपने इर्द-गिर्द जो बेवकूफ, बेईमानों की पलटन इकट्ठी की है, कहां तक जाओगे?’ इसके अलावा, शाह ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) और जामिया के छात्र आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि छात्रों के साथ किया गया बर्ताव भुलाया नहीं जा सकता। क्या है जामिया मिलिया इस्लामिया का विवाद? जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव (Students’ Union Elections) को फिर से बहाल करने की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों की मुख्य मांगों में: छात्र संघ चुनाव दोबारा कराना। यूनिवर्सिटी के चीफ प्रॉक्टर को पद से हटाना। आंदोलन में शामिल छात्रों पर की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई को वापस लेना। मांगों के न माने जाने पर कुछ छात्रों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है।

धर्म

चारधाम यात्रा 2026: श्रद्धालुओं का ऐतिहासिक रिकॉर्ड, 60 लाख से अधिक भक्तों ने किए दर्शन

देहरादून 23 अक्टूबर 2026 Char Dham Yatra 2026 : उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस वर्ष अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुकी है। हिमालयी तीर्थस्थलों के दर्शन के लिए इस सीजन में आस्था का जनसैलाब उमड़ा, जिसने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में अब तक 60 लाख (6 मिलियन) से अधिक तीर्थयात्री चारों पवित्र धामों—बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री—के दर्शन कर चुके हैं। बद्रीनाथ धाम शीर्ष पर, केदारनाथ दूसरे स्थान पर प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष श्रद्धालुओं की पहली पसंद बद्रीनाथ धाम रहा, जहाँ सबसे अधिक 20,69,866 तीर्थयात्री पहुँचे। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज वहीं, केदारनाथ धाम 17,75,059 श्रद्धालुओं की उपस्थिति के साथ दूसरे स्थान पर रहा। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2023 में 56 लाख और वर्ष 2024 में 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे, जबकि इस बार यह संख्या 60 लाख के पार पहुँच गई है। 16 नवंबर को कपाट बंद होने के साथ समाप्त होगा ग्रीष्मकालीन चरण 19 अप्रैल 2026 को शुरू हुई यह पवित्र यात्रा आगामी 16 नवंबर को बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही शीतकाल के लिए विश्राम लेगी। हालांकि, इसके बाद शीतकालीन चारधाम यात्रा का शुभारंभ होगा। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि प्रशासन शीतकालीन यात्रा की तैयारियों पर मुस्तैदी से काम कर रहा है। माँ गंगा के मुखबा और माँ यमुना के खरसाली स्थित शीतकालीन निवासों पर विराजमान होने के बाद भक्त वहाँ दर्शन कर सकेंगे। इसी तरह केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद उखीमठ में श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन जारी रख सकेंगे। मानसून और आपदा की चुनौतियों के बीच सुगम संचालन इस वर्ष मानसून के दौरान प्राकृतिक आपदाओं की चुनौतियाँ सामने आईं, लेकिन राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के त्वरित प्रयासों से यात्रा को सुरक्षित रूप से जारी रखा गया। श्रद्धालुओं के लिए मार्गों पर स्वास्थ्य, सुरक्षा, यातायात और आपातकालीन सुविधाओं को मुस्तैद किया गया था। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा: “60 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन उत्तराखंड की पवित्रता और लोगों की अटूट आस्था को दर्शाता है। राज्य सरकार हर श्रद्धालु की यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।”

मां बम्लेश्वरी के भक्तों के लिए बड़ी खबर: डोंगरगढ़ नवरात्रि मेले में 1100 जवानों का पहरा, पदयात्रियों को मिलेंगे 20 हजार रेडियम स्टिकर, जानें सुरक्षा और ट्रैफिक का पूरा प्लान

रायपुर/राजनांदगांव 11 अक्टूबर 2025 Dongargarh Navratri Mela:  शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर

रामदेव पीर जयंती पर भव्य समारोह: गुजराती समाज की नवीन कार्यकारिणी का हुआ शपथ ग्रहण, कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन ने की 20 लाख की घोषणा

समारोह में कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन,जिला भाजपाध्यक्ष गोपाल मोदी एवं निगम सभापति

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