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जिंदगी की जंग जीतीं 63 वर्षीय लक्ष्मी सोरी: न्यूरोसर्जन डॉ. दिविक मित्तल के कुशल नेतृत्व और शिवाय हॉस्पिटल, कोरबा की बदौलत लौटी खुशियां छत्तीसगढ़ में हवाला का बड़ा खुलासा: रायपुर से संचालित हो रहा रोजाना 60 करोड़ का अवैध नेटवर्क, भिलाई में 4 करोड़ नकद जब्त UP MLC Election Results: वाराणसी-आगरा में झटका, गोरखपुर में फंसा पेंच; नतीजों से BJP की चिंता बढ़ी कर्नाटक MLC चुनाव: कांग्रेस का ‘सूपड़ा साफ’, NDA गठबंधन ने चारों सीटों पर फहराया परचम शराब की खरीदारी पर लागू होगा नया नियम, 1,000 रुपये से अधिक के बिल पर डिजिटल पेमेंट अनिवार्य बिलासपुर में खाद्य सुरक्षा की खुली पोल: अमूल-गोवर्धन घी समेत 9 बड़े प्रतिष्ठानों के सैंपल जांच में फेल

जिंदगी की जंग जीतीं 63 वर्षीय लक्ष्मी सोरी: न्यूरोसर्जन डॉ. दिविक मित्तल के कुशल नेतृत्व और शिवाय हॉस्पिटल, कोरबा की बदौलत लौटी खुशियां

कोरबा 29/10/2026 brain stroke treatment:  जिंदगी कब कौन सा इम्तिहान ले ले, यह कोई नहीं जानता। कई बार खुशियों भरा परिवार पलभर में चिंता और अनहोनी के साए में घिर जाता है। ऐसा ही कुछ कोरबा के एक परिवार के साथ तब हुआ, जब 63 वर्षीय श्रीमती लक्ष्मी सोरी अचानक गंभीर ब्रेन स्ट्रोक की शिकार हो गईं। लेकिन, समय पर सही फैसला, कुशल डॉक्टरों की देखरेख और मजबूत इच्छाशक्ति के दम पर उन्होंने मौत और लाचारी को मात दे दी है। 14 मई 2026: वह सुबह जिसने परिवार को झकझोर दिया घटना 14 मई 2026 की सुबह की है। अचानक आए तेज चक्कर, उल्टियों और बेहोशी ने लक्ष्मी सोरी के परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। इस अचानक स्वास्थ्य आघात के कारण उनके शरीर का बायां हिस्सा पूरी तरह सुन्न और कमजोर पड़ गया था। बोलने की क्षमता छिन चुकी थी और उनकी याददाश्त पर भी विपरीत असर पड़ा था। परिवार के लिए यह किसी बड़े झटके से कम नहीं था, क्योंकि उनके सामने प्रियजन की असहाय स्थिति थी। हालांकि, परिवार ने बिना एक पल गंवाए सूझबूझ का परिचय दिया और उन्हें तुरंत टी.पी. नगर, न्यू बस स्टैंड स्थित शिवाय हॉस्पिटल पहुंचाया। डॉ. दिविक मित्तल के नेतृत्व में शुरू हुआ आपातकालीन उपचार अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए तुरंत जांच शुरू की। जांच में मामला गंभीर इस्कीमिक ब्रेन स्ट्रोक (Ischemic Brain Stroke) का निकला। शिवाय हॉस्पिटल के वरिष्ठ न्यूरोसर्जन एवं डायरेक्टर डॉ. दिविक मित्तल के नेतृत्व में एक विशेषज्ञ चिकित्सा टीम ने फौरन मोर्चा संभाला। स्ट्रोक के मामलों में ‘गोल्डन ऑवर’ यानी शुरुआती समय बेहद अहम होता है। मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह बाधित होने के कारण जो जानलेवा स्थिति बनी थी, डॉ. दिविक मित्तल की देखरेख में उस पर तुरंत नियंत्रण पाने के प्रयास शुरू किए गए। पुनर्वास (Rehabilitation) और थेरेपी से मिली नई रफ्तार जान बचाना ही इलाज का अंत नहीं होता, बल्कि मरीज को दोबारा सामान्य जिंदगी देना असली चुनौती होती है। अस्पताल से छुट्टी मिलने और खतरे से बाहर आने के बाद लक्ष्मी सोरी के पुनर्वास का दौर शुरू हुआ। फिजियोथेरेपी: फिजियोथेरेपिस्ट अमन श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में उनके कमजोर पड़ चुके बाएं अंगों को दोबारा सक्रिय करने और चलने-फिरने की क्षमता सुधारने के लिए विशेष कसरत कराई गई। स्पीच और मेडिसिन विभाग: बोलने में आ रही रुकावट और याददाश्त की कमजोरी को दूर करने के लिए स्पीच थेरेपी तथा मेडिसिन विभाग ने मिलकर बेहतरीन समन्वय दिखाया। परिवार का संबल: डॉक्टरों के प्रयासों के साथ-साथ परिजनों के अटूट हौसले और देखभाल ने इस रिकवरी को संभव बनाया। स्वस्थ होकर लौटीं घर, चेहरे पर लौटी मुस्कान जिस हालत में परिवार लक्ष्मी सोरी को अस्पताल लेकर आया था, उस समय किसी को उम्मीद नहीं थी कि वे इतनी जल्दी अपने पैरों पर खड़ी हो सकेंगी। लेकिन उपचार, थेरेपी और मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर वे न केवल पूरी तरह होश में आईं, बल्कि सामान्य रूप से बातचीत करते हुए अपने पैरों पर चलकर अपने घर लौटीं। यह पल परिवार के लिए बेहद भावुक और राहत भरा था। विश्व स्ट्रोक दिवस पर शिवाय हॉस्पिटल का संदेश: ‘लक्षण दिखें तो बिल्कुल न करें देर’ इस सफल मामले के बाद शिवाय हॉस्पिटल और डॉ. दिविक मित्तल की टीम ने समाज के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश जारी किया है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि ब्रेन स्ट्रोक एक मेडिकल इमरजेंसी है। इसके मुख्य लक्षण इस प्रकार हैं: अचानक चेहरा एक तरफ टेढ़ा हो जाना। शरीर के एक हिस्से (हाथ या पैर) में अचानक कमजोरी या सुन्नपन महसूस होना। बोलने या सामने वाले की बात समझने में भारी परेशानी होना। अचानक आंखों के आगे अंधेरा छाना या संतुलन बिगड़ जाना। यदि ऐसे कोई भी लक्षण दिखाई दें, तो घर पर घरेलू नुस्खों या लक्षणों के अपने-आप ठीक होने का इंतजार बिल्कुल न करें। तुरंत नजदीकी अस्पताल या एंबुलेंस की मदद लें, क्योंकि जरा सी देरी मरीज के मस्तिष्क को स्थायी क्षति पहुंचा सकती है या जानलेवा साबित हो सकती है। लक्ष्मी सोरी की यह कहानी इस बात का जीवंत उदाहरण है कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान, समय पर मिला उपचार और सही पुनर्वास गंभीर से गंभीर बीमारी को भी हरा सकते हैं। 📍

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मैच ग्रुप की नई पहल: टिंडर और हिंज पर स्क्रीनशॉट बंद, सुरक्षा के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन और I4C से हाथ मिलाया

नई दिल्ली / डिजिटल डेस्क 21 अक्टूबर 2026 Match Group India :ऑनलाइन डेटिंग प्लेटफॉर्म्स को उपयोगकर्ताओं—विशेषकर महिलाओं—के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में मैच ग्रुप (Match Group) ने

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जिंदगी की जंग जीतीं 63 वर्षीय लक्ष्मी सोरी: न्यूरोसर्जन डॉ. दिविक मित्तल के कुशल नेतृत्व और शिवाय हॉस्पिटल, कोरबा की बदौलत लौटी खुशियां

कोरबा 29/10/2026 brain stroke treatment:  जिंदगी कब कौन सा इम्तिहान ले ले, यह कोई नहीं जानता। कई बार खुशियों भरा परिवार पलभर में चिंता और अनहोनी के साए में घिर

बिलासपुर में खाद्य सुरक्षा की खुली पोल: अमूल-गोवर्धन घी समेत 9 बड़े प्रतिष्ठानों के सैंपल जांच में फेल

बिलासपुर 28/10/2026 Food Safety :जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा करीब एक महीने पहले शहर के 9 बड़े प्रतिष्ठानों से लिए गए खाद्य पदार्थों के सैंपल की जांच रिपोर्ट

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UP MLC Election Results: वाराणसी-आगरा में झटका, गोरखपुर में फंसा पेंच; नतीजों से BJP की चिंता बढ़ी

लखनऊ 29/10/2026 UP Politics : उत्तर प्रदेश में विधान परिषद (MLC) की 11 शिक्षक और स्नातक सीटों पर आए नतीजों व रुझानों ने प्रदेश की सियासत में हलचल तेज कर दी है। आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले आए इन नतीजों में बीजेपी को अपनी पारंपरिक सीटों पर कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ा है। अब तक सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, बीजेपी 5 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है और 1 सीट पर बढ़त बनाए हुए है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) 2 सीटों पर जीत हासिल कर चुकी है और 3 अन्य सीटों पर आगे चल रही है। कुल मिलाकर नतीजों का यह आंकड़ा 2020 के चुनाव जैसा ही नजर आ रहा है, जहाँ बीजेपी की सीटों की संख्या में कोई इजाफा नहीं हो सका है, जबकि सपा को फायदा होता दिख रहा है। वाराणसी और आगरा में फिर लगा झटका वाराणसी और आगरा की शिक्षक सीटों पर बीजेपी को एक बार फिर हार का मुंह देखना पड़ा है। 2020 में भी ये सीटें पार्टी के हाथ से निकल गई थीं। इस बार इन सीटों को वापस हासिल करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभाओं से लेकर मंत्रियों और विधायकों की पूरी फौज मैदान में उतारी गई थी, लेकिन शिक्षकों का भरोसा जीतने में सपा उम्मीदवार ही कामयाब रहे। झांसी और लखनऊ में सपा को बढ़त स्नातक सीटों की बात करें तो झांसी और लखनऊ में बीजेपी पिछड़ती नजर आ रही है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज लखनऊ स्नातक सीट पर 2020 में बीजेपी ने परचम लहराया था, लेकिन इस बार सपा उम्मीदवार ने मजबूत पकड़ बना ली है। दोनों ही सीटों पर बीजेपी के सांसदों और मंत्रियों के सघन चुनाव प्रचार के बावजूद सपा की लीड बरकरार है। सीएम योगी के गढ़ गोरखपुर में कांटे की टक्कर सबसे दिलचस्प और चौंकाने वाला मुकाबला गोरखपुर शिक्षक सीट पर देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र में बीजेपी के उम्मीदवार ध्रुव त्रिपाठी और निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव के बीच बेहद करीबी मुकाबला चल रहा है। बीजेपी यहाँ केवल कुछ वोटों के मामूली अंतर से आगे है। इस सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी के कड़े रुख ने बीजेपी खेमे में तनाव बढ़ा दिया है। 2027 के चुनाव से पहले बीजेपी के लिए सबक 11 सीटों का यह चुनाव राज्य के लगभग 72 जिलों को कवर करता है। बीजेपी ने अपनी पूरी संगठनात्मक ताकत इस चुनाव में झोंक दी थी। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज हालांकि सीटों के गणित के लिहाज से बीजेपी का आंकड़ा 6 पर ही टिकता दिख रहा है, लेकिन भारी-भरकम प्रचार के बावजूद सीटें न बढ़ा पाना और वाराणसी-गोरखपुर जैसे क्षेत्रों में संघर्ष करना, पार्टी के लिए एक बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। 📍

कर्नाटक MLC चुनाव: कांग्रेस का ‘सूपड़ा साफ’, NDA गठबंधन ने चारों सीटों पर फहराया परचम

बेंगलुरु 29/10/2026 Karnataka MLC Elections: कर्नाटक विधान परिषद (MLC) की चार सीटों पर हुए चुनावों में राज्य की सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस इस चुनाव में अपना खाता तक नहीं खोल पाई, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (सेक्युलर) यानी JD(S) के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने चारों सीटों पर शानदार जीत हासिल की है। 23 अक्टूबर को हुए इस चुनाव को BJP और JD(S) गठबंधन के बीच तालमेल की बड़ी परीक्षा के रूप में देखा जा रहा था, जिसमें यह गठबंधन 100 प्रतिशत सफलता के साथ खरा उतरा है। शिक्षकों और स्नातकों के बीच NDA का दबदबा चुनाव परिणामों से साफ हो गया है कि कांग्रेस पार्टी शिक्षकों और स्नातकों के वर्ग में अपना विश्वास बनाने में नाकाम रही। NDA गठबंधन ने चारों क्षेत्रों में एकतरफा बढ़त बनाई: उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: BJP उम्मीदवार शशील जी. नमोशी ने कांग्रेस के शरणप्पा मत्तूर को मात देकर अपनी पांचवीं जीत दर्ज की। उल्लेखनीय है कि यह क्षेत्र (कलबुर्गी) कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का गृह क्षेत्र है। दक्षिण-पूर्व स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: BJP के के.एम. सुरेश ने कांग्रेस के उम्मीदवार शशि हुलिकुंटे मुट्ट को पराजित किया। पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: BJP के एस.वी. संकानूर ने कांग्रेस के मोहन लिम्बिकाई को शिकस्त दी। बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: NDA के सहयोगी दल JD(S) ने इस सीट पर कब्जा जमाया। राजनीतिक प्रभाव यद्यपि इन नतीजों से कर्नाटक की सत्ताधारी कांग्रेस सरकार की स्थिरता पर कोई सीधा संकट नहीं आएगा, लेकिन विपक्ष को 2023 में सत्ता में आई कांग्रेस सरकार को घेरने और हमलावर होने का नया राजनीतिक हथियार मिल गया है। विधान परिषद का गणित 75 सदस्यों वाली कर्नाटक विधान परिषद में वर्तमान स्थिति इस प्रकार है: कांग्रेस: 38 BJP: 24 JD(S): 6 निर्दलीय: 1 सभापति: 1 मनोनीत सीटें (खाली): 5

पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने शिवहर में की बैठक: बूथ स्तर तक सक्रियता और ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान पर जोर

शिवहर बिहार 27/10/2026: जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में शिवहर जिला कांग्रेस कार्यालय में “वोट बचाओ–देश बचाओ” अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिला कांग्रेस नेता अफरोज आलम के नेतृत्व में हुई इस बैठक में छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व कैबिनेट मंत्री और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के पर्यवेक्षक जयसिंह अग्रवाल विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में मतदाता अधिकारों की रक्षा, बूथ स्तर पर संगठन की मजबूती और आगामी चुनावों को लेकर चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए श्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि मतदाता सूची में प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सुरक्षित रहना लोकतंत्र की विश्वसनीयता और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। मतदाता सूची से किसी पात्र व्यक्ति का नाम हटने अथवा नाम दर्ज नहीं होने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तथ्यों का सत्यापन करना और नियमानुसार उसका समाधान सुनिश्चित करने के लिए प्रयास करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी तथा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में चलाया जा रहा “वोट बचाओ–देश बचाओ” अभियान तभी प्रभावी होगा, जब पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बूथ स्तर तक पहुंचकर जिम्मेदारी के साथ काम करेंगे। कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाता सूची की जांच करने, प्रभावित मतदाताओं से संपर्क स्थापित करने तथा पात्र मतदाताओं को निर्धारित निर्वाचन प्रक्रिया के तहत आवश्यक आवेदन प्रस्तुत करने में सहायता देने की जरूरत है। श्री अग्रवाल ने जिला कांग्रेस कमेटी, शिवहर को अभियान के प्रभावी संचालन के लिए चेकलिस्ट एवं निर्धारित प्रारूप उपलब्ध कराया। उन्होंने निर्देश दिया कि इनका वितरण संबंधित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के बीच किया जाए, ताकि मतदाता सूची से संबंधित शिकायतों का व्यवस्थित संकलन, सत्यापन और नियमित समीक्षा की जा सके। उन्होंने जोर दिया कि अभियान को केवल औपचारिक कार्यक्रम न बनाकर जमीनी स्तर पर परिणामोन्मुख गतिविधि के रूप में संचालित किया जाना चाहिए। बैठक के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिहार में गठबंधन के अंतर्गत विधानसभा चुनावों में सीटों के बंटवारे को लेकर अपनी चिंताएं भी व्यक्त कीं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि बार-बार चुनावों में गठबंधन के अन्य घटक दलों को अधिक सीटें दिए जाने तथा कांग्रेस के संभावित उम्मीदवारों एवं समर्पित कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं को पर्याप्त महत्व नहीं मिलने से संगठन के भीतर उपेक्षा और निराशा की भावना उत्पन्न होती है। उन्होंने आग्रह किया कि गठबंधन संबंधी निर्णयों में कांग्रेस की जमीनी स्थिति, स्थानीय नेताओं के योगदान और कार्यकर्ताओं की भावनाओं को उचित महत्व दिया जाना चाहिए। इस पर श्री जयसिंह अग्रवाल ने उपस्थित कांग्रेसजनों की भावनाओं को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि “आप सभी की भावनाओं का सम्मान करते हुए आपकी बातों एवं चिंताओं को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाया जाएगा।” उन्होंने कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं और संगठनात्मक सुझावों को उचित मंच तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया। बैठक में शिवहर जिले में कांग्रेस संगठन की वर्तमान स्थिति, जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता, जनसंपर्क बढ़ाने तथा संगठनात्मक समन्वय को मजबूत करने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। उपस्थित कांग्रेसजनों ने अपने अनुभव साझा करते हुए संगठन को अधिक सक्रिय एवं जनसरोकारों से जुड़ा बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में शिवहर प्रभारी श्री दिलीप खिरहर, उपाध्यक्ष श्री वशिष्ठ राउत, सचिव श्री प्रभात रंजन, युवा नेता श्री अभिषेक यादव एवं श्री अमित रंजन, पिपराही प्रखंड अध्यक्ष श्री एम. मुर्तजा, श्री अकरम, श्री विनोद साह, युवा नेता श्री आशुतोष कुमार सिंह, श्री समंस आलम, श्री सैयद अंसारी, श्री संतोष पटेल, श्री अभिषेक पटेल, श्री सहदेव राम, महिला कांग्रेस की श्रीमती आशा कुमारी, कोषाध्यक्ष श्री रघुवीर प्रसाद, महासचिव श्री प्रभात यादव सहित अन्य कांग्रेसजन, कार्यकर्ता एवं विद्यार्थी वर्ग के लोग उपस्थित रहे।

राहुल गांधी के बयान और 1 नवंबर की विपक्षी रैली पर व्यापारियों की चिंता: एक संपूर्ण रिपोर्ट

नई दिल्ली 27/10/2026: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आगामी 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली विपक्षी दलों की रैली और दिल्ली के व्यापारियों की चिंताओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो शेयर करते हुए दिल्ली के व्यापारियों को संबोधित किया और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने व्यापारियों से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहिए कि वो आरोपी नंबर 4 ज्ञानेश कुमार को हटाएं तो विपक्ष का आंदोलन 30 सेकंड में रुक जाएगा। राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर एक वीडियो शेयर करते हुए पोस्ट में दिल्ली के व्यापारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उनकी बात सुन रही है और उनके साथ खड़ी है। व्यापारियों से बोले राहुल- हम आपसे प्यार करते हैं राहुल गांधी ने एक्स पोस्ट में कहा कि ‘कांग्रेस दिल्ली के हर व्यापारी के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि हम आपसे प्यार करते हैं, आपकी बात सुन रहे हैं। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मेट्रो सरकार ने बंद की, सड़कें सरकार ने सील की, राजधानी पर ताला सरकार ने लगाया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि जब वोट ही चोरी हो जाए, तो कुछ भी सुरक्षित नहीं- न आपकी दुकान, न आपकी बचत, न आपके बच्चों का भविष्य।’ ज्ञानेश कुमार को बताया ‘आरोपी नंबर 4’ कांग्रेस सांसद ने व्यापारियों से कहा कि ‘पीएम मोदी से कहिए- आरोपी नंबर 4, ज्ञानेश कुमार को हटाएं, 30 सेकंड में आंदोलन रुक जाएगा।’ कांग्रेस नेता ने हालांकि अपने इस पोस्ट में यह स्पष्ट नहीं किया कि उन्होंने ज्ञानेश कुमार को ‘आरोपी नंबर 4’ किस संदर्भ में कहा है। हालांकि, वह वोट चोरी के खिलाफ अभियान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार पर तीखे हमले बोलते रहे हैं। CTI से जुड़े व्यापारियों ने राहुल गांधी को भेजा था लेटर विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ आगामी एक नवंबर को वोट चोरी के खिलाफ रामलीला मैदान में रैली करने वाला है। इसी को लेकर पिछले दिनों ‘चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री’ (सीटीआई) के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर कहा था कि यह रैली ऐसे समय में हो रही जब त्योहारी सीजन है। जब धनतेरस और दिवाली से पहले व्यापारियों को बड़ी संख्या में ग्राहकों के आने की उम्मीद है। इस दौरान रामलीला मैदान के आसपास रैली से थोक और खुदरा बाजारों पर खरीदारी प्रभावित हो सकती है। ‘एक नवंबर की रैली 10 के बाद करने की अपील’ बृजेश गोयल ने कहा था कि दिल्ली में धनतेरस के आसपास सोना-चांदी, इलेक्ट्रॉनिक, कपड़े, बर्तन, सूखे मेवे, मिठाइयां, वाहन, संपत्ति और उपहार की वस्तुओं जैसे विभिन्न क्षेत्रों में करीब 25,000 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। इस साल धनतेरस छह नवंबर को है। दिवाली आठ नवंबर को मनाई जाएगी और इसके बाद 10 नवंबर को भाई दूज है। व्यापारियों के संगठन का कहना है कि त्योहारों से करीब एक सप्ताह पहले बाजारों में आम तौर पर गतिविधियां बढ़ जाती हैं, ऐसे में रैली का समय व्यापारियों के लिए चिंता का विषय है।

स्मृति ईरानी का छत्तीसगढ़ दौरा: 2028 विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत का लक्ष्य, मंत्रियों और विधायकों को दिए गए खास निर्देश

रायपुर 27/10/26 Mission 2028// भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय महासचिव और छत्तीसगढ़ प्रभारी स्मृति ईरानी ने कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश मुख्यालय में दो दिवसीय संगठनात्मक बैठकों का सफल समापन किया। इन बैठकों के दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ में ‘मिशन 2028’ का शंखनाद किया और कार्यकर्ताओं से लेकर मंत्रियों व विधायकों तक को पार्टी की आगामी रणनीति के तहत स्पष्ट निर्देश दिए। ‘मिशन 2028’ और संगठन की मजबूती पर जोर स्मृति ईरानी ने विश्वास जताया कि भाजपा आगामी 2028 के विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ में पूर्ण बहुमत के साथ अपनी सत्ता बरकरार रखेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘मिशन 2028’ केवल एक चुनावी लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह राज्य की पहचान, विकास और सुशासन के प्रति पार्टी की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने जीत का मूलमंत्र दिया और कहा: “चुनाव केवल मतपत्रों या वोटिंग मशीनों से नहीं जीते जाते, बल्कि इसके लिए पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत, जनता के साथ उनका व्यक्तिगत जुड़ाव और मजबूत संगठनात्मक ढांचा जरूरी है।” उन्होंने पार्टी के प्रत्येक कार्यक्रम और योजना को जमीनी स्तर पर बेहद प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया ताकि संगठन बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत हो सके। मंत्रियों और विधायकों के लिए सख्त निर्देश बैठक के दौरान स्मृति ईरानी ने प्रदेश के मंत्रियों और विधायकों को जनहित और संगठन से जुड़े अहम निर्देश दिए: मंत्रियों के लिए निर्देश: सभी मंत्री अपनी विधानसभा सीट के साथ-साथ अपने प्रभार वाले जिलों का भी नियमित और लगातार दौरा करें। विधायकों के लिए निर्देश: सभी विधायक अपने क्षेत्र के आम नागरिकों से निरंतर सीधा संवाद बनाए रखें। जनता के साथ जुड़ाव और मेल-जोल बढ़ाने के लिए उन्होंने दिवाली के आसपास स्नेह भोज (भोज) आयोजित करने के खास निर्देश दिए हैं। प्रदेश अध्यक्ष किरण देव का बयान दो दिनों तक चली इन बैठकों के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी के इस दो दिवसीय प्रवास से पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को अत्यंत महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है। संगठनात्मक दृष्टिकोण से यह बैठकें बेहद अहम रहीं, जिनमें आगामी कार्ययोजना और चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान कुल 12 अलग-अलग श्रेणियों में बैठकें आयोजित की गईं। 📍

रायपुर: बीजेपी प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के दौरे में सख्त अनुशासन, मंत्रियों को भी गाड़ी और फोन के बिना करनी पड़ी एंट्री

रायपुर 26 अक्टूबर 2026 BJP Office Discipline : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रविवार को बीजेपी प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के दो दिवसीय दौरे के दौरान पार्टी कार्यालय में बेहद सख्त और अनुशासित व्यवस्था देखने को मिली। प्रदेश कार्यालय में सत्ता और संगठन की बैठकों के दौरान कड़े नियमों का पालन कराया गया, जिसके तहत मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को भी विशेष छूट नहीं दी गई। बैठक के दौरान किसी भी मंत्री या वरिष्ठ नेता को अपनी गाड़ियों के साथ प्रदेश कार्यालय के अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली। मुख्य गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड्स ने छत्तीसगढ़ के मंत्री खुशवंत साहेब के काफिले को भी अंदर जाने से रोक दिया। इसके बाद मंत्री को गाड़ी गेट के बाहर छोड़कर पैदल ही प्रदेश कार्यालय के अंदर जाना पड़ा। खुशवंत साहेब के अलावा पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय और वरिष्ठ नेता धरमलाल कौशिक समेत अन्य सभी मंत्रियों व नेताओं के काफिलों को भी गेट के बाहर ही रोक दिया गया। सिर्फ मंत्रियों की गाड़ियों पर ही नहीं, बल्कि सुरक्षा और गोपनीयता के लिहाज से कार्यालय के अंदर प्रवेश करने वाले सभी वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों के मोबाइल फोन भी बाहर ही रखवा लिए गए थे। चुनिंदा लोगों को ही मिली एंट्री और कोर ग्रुप की बैठक स्थगित कार्यालय में चल रही बैठकों को लेकर अनुशासन का दायरा आगंतुकों पर भी सख्ती से लागू किया गया। मीटिंग में केवल उन्हीं कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को प्रवेश दिया गया, जिनके नाम पहले से तय सूची में शामिल थे। सूची में नाम न होने के कारण पार्टी के कई पदाधिकारियों को बिना मीटिंग में शामिल हुए ही वापस लौटना पड़ा। इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी की मुलाकात प्रदेश कार्यालय में हुई। मुलाकात के बाद दोनों नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम ‘मन की बात’ को सुनने के लिए अभनपुर रवाना हुए। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव भी मौजूद नहीं थे और मन की बात सुनने के लिए केवल पूर्व निर्धारित लोगों को ही साथ रखा गया था। वहीं, निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रविवार शाम को होने वाली बीजेपी प्रदेश कोर ग्रुप की बैठक के समय में बदलाव किया गया है। अब यह महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को होगी, जिसमें प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी जमीनी स्तर से फीडबैक लेने के बाद नेताओं के साथ चर्चा करेंगी।

टेक्नोलॉजी

क्या AI खत्म कर देगा पारंपरिक बैंकिंग? शेखर कपूर के सवाल पर छिड़ी नई बहस

नई दिल्ली 16 अक्टूबर 2026 Artificial Intelligence : आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बैंकिंग सेक्टर के कामकाज और कारोबार को पूरी तरह से बदल सकता है। मशहूर फिल्म निर्माता शेखर कपूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर एक विचारोत्तेजक पोस्ट शेयर करते हुए सवाल उठाया है—“अगर एआई खुद लोगों के पैसे संभालने, निवेश के बेहतर विकल्प खोजने और अधिक ब्याज दिलाने का काम करने लगे, तो फिर पारंपरिक बैंकों की जरूरत ही क्यों पड़ेगी?” शेखर कपूर की इस पोस्ट ने इंटरनेट पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि एआई बैंकिंग उद्योग को बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है, वहीं अन्य का कहना है कि बैंक बंद नहीं होंगे, बल्कि उनका काम करने का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा। Advt बैंकों की कमाई पर कैसे पड़ेगा असर? शेखर कपूर के अनुसार, बैंक जमाकर्ताओं के पैसे को कर्ज या निवेश में लगाकर बड़ी कमाई करते हैं और उसके बदले ग्राहकों को बहुत कम ब्याज देते हैं। बैंकों का मुनाफा उन ग्राहकों से भी होता है, जो आलस या झंझट के कारण बेहतर ब्याज दरों की तलाश में अपना पैसा दूसरी जगह ट्रांसफर नहीं करते। लेकिन अगर AI एजेंट हर रात ग्राहक के फंड के लिए खुद ही सबसे ज्यादा ब्याज देने वाले विकल्प खोजने लगें, तो ग्राहकों को खुद मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। ऐसे में बैंक ग्राहकों को कम ब्याज दर देकर पहले की तरह आसानी से मुनाफा नहीं कमा सकेंगे। क्या AI पूरी तरह से बैंकों की जगह ले सकता है? बहस में शामिल कई विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ एआई बैंकिंग का विकल्प नहीं बन सकता। सुरक्षा और जिम्मेदारी: लिंक्डइन यूजर अनय महिमकर ने लिखा कि एआई वित्तीय फैसले लेने में मदद तो कर सकता है, लेकिन कर्ज देना, जोखिम उठाना, सरकारी नियमों (Compliance) का पालन करना और भरोसा कायम रखना बैंकों की प्राथमिक जिम्मेदारी रहेगी। सटीक लोन प्रक्रिया: विशेषज्ञ कृष्णा लक्मसानी का कहना है कि एआई ग्राहकों की आमदनी और खर्चों का विश्लेषण करके उधार देने वालों और लेने वालों के बीच सीधा संपर्क बना सकता है। इससे बिचौलियों का असर कम होगा और एआई एजेंट ग्राहकों की ओर से बेहतर ब्याज दरों के लिए बातचीत (Negotiation) भी कर सकेंगे। बैंकों का भविष्य: क्या होंगी नई चुनौतियां? विशेषज्ञों का मानना है कि पैसों की सुरक्षा, डिजिटल पेमेंट और सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए बैंकों की प्रासंगिकता बनी रहेगी। हालाँकि, बैंकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती ग्राहकों को अपने साथ बनाए रखने की होगी। जो बैंक नई तकनीक, बेहतर ब्याज दरें और एआई-आधारित सेवाएं अपनाएंगे, वे ही भविष्य की बैंकिंग रेस में आगे टिक पाएंगे। 📍

व्यापार

UP MLC Election Results: वाराणसी-आगरा में झटका, गोरखपुर में फंसा पेंच; नतीजों से BJP की चिंता बढ़ी

लखनऊ 29/10/2026 UP Politics : उत्तर प्रदेश में विधान परिषद (MLC) की 11 शिक्षक और स्नातक सीटों पर आए नतीजों व रुझानों ने प्रदेश की सियासत में हलचल तेज कर दी है। आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले आए इन नतीजों में बीजेपी को अपनी पारंपरिक सीटों पर कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ा है। अब तक सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, बीजेपी 5 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है और 1 सीट पर बढ़त बनाए हुए है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) 2 सीटों पर जीत हासिल कर चुकी है और 3 अन्य सीटों पर आगे चल रही है। कुल मिलाकर नतीजों का यह आंकड़ा 2020 के चुनाव जैसा ही नजर आ रहा है, जहाँ बीजेपी की सीटों की संख्या में कोई इजाफा नहीं हो सका है, जबकि सपा को फायदा होता दिख रहा है। वाराणसी और आगरा में फिर लगा झटका वाराणसी और आगरा की शिक्षक सीटों पर बीजेपी को एक बार फिर हार का मुंह देखना पड़ा है। 2020 में भी ये सीटें पार्टी के हाथ से निकल गई थीं। इस बार इन सीटों को वापस हासिल करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभाओं से लेकर मंत्रियों और विधायकों की पूरी फौज मैदान में उतारी गई थी, लेकिन शिक्षकों का भरोसा जीतने में सपा उम्मीदवार ही कामयाब रहे। झांसी और लखनऊ में सपा को बढ़त स्नातक सीटों की बात करें तो झांसी और लखनऊ में बीजेपी पिछड़ती नजर आ रही है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज लखनऊ स्नातक सीट पर 2020 में बीजेपी ने परचम लहराया था, लेकिन इस बार सपा उम्मीदवार ने मजबूत पकड़ बना ली है। दोनों ही सीटों पर बीजेपी के सांसदों और मंत्रियों के सघन चुनाव प्रचार के बावजूद सपा की लीड बरकरार है। सीएम योगी के गढ़ गोरखपुर में कांटे की टक्कर सबसे दिलचस्प और चौंकाने वाला मुकाबला गोरखपुर शिक्षक सीट पर देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र में बीजेपी के उम्मीदवार ध्रुव त्रिपाठी और निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव के बीच बेहद करीबी मुकाबला चल रहा है। बीजेपी यहाँ केवल कुछ वोटों के मामूली अंतर से आगे है। इस सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी के कड़े रुख ने बीजेपी खेमे में तनाव बढ़ा दिया है। 2027 के चुनाव से पहले बीजेपी के लिए सबक 11 सीटों का यह चुनाव राज्य के लगभग 72 जिलों को कवर करता है। बीजेपी ने अपनी पूरी संगठनात्मक ताकत इस चुनाव में झोंक दी थी। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज हालांकि सीटों के गणित के लिहाज से बीजेपी का आंकड़ा 6 पर ही टिकता दिख रहा है, लेकिन भारी-भरकम प्रचार के बावजूद सीटें न बढ़ा पाना और वाराणसी-गोरखपुर जैसे क्षेत्रों में संघर्ष करना, पार्टी के लिए एक बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। 📍

कर्नाटक MLC चुनाव: कांग्रेस का ‘सूपड़ा साफ’, NDA गठबंधन ने चारों सीटों पर फहराया परचम

बेंगलुरु 29/10/2026 Karnataka MLC Elections: कर्नाटक विधान परिषद (MLC) की चार सीटों पर हुए चुनावों में राज्य की सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस इस चुनाव में अपना खाता तक नहीं खोल पाई, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (सेक्युलर) यानी JD(S) के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने चारों सीटों पर शानदार जीत हासिल की है। 23 अक्टूबर को हुए इस चुनाव को BJP और JD(S) गठबंधन के बीच तालमेल की बड़ी परीक्षा के रूप में देखा जा रहा था, जिसमें यह गठबंधन 100 प्रतिशत सफलता के साथ खरा उतरा है। शिक्षकों और स्नातकों के बीच NDA का दबदबा चुनाव परिणामों से साफ हो गया है कि कांग्रेस पार्टी शिक्षकों और स्नातकों के वर्ग में अपना विश्वास बनाने में नाकाम रही। NDA गठबंधन ने चारों क्षेत्रों में एकतरफा बढ़त बनाई: उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: BJP उम्मीदवार शशील जी. नमोशी ने कांग्रेस के शरणप्पा मत्तूर को मात देकर अपनी पांचवीं जीत दर्ज की। उल्लेखनीय है कि यह क्षेत्र (कलबुर्गी) कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का गृह क्षेत्र है। दक्षिण-पूर्व स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: BJP के के.एम. सुरेश ने कांग्रेस के उम्मीदवार शशि हुलिकुंटे मुट्ट को पराजित किया। पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: BJP के एस.वी. संकानूर ने कांग्रेस के मोहन लिम्बिकाई को शिकस्त दी। बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: NDA के सहयोगी दल JD(S) ने इस सीट पर कब्जा जमाया। राजनीतिक प्रभाव यद्यपि इन नतीजों से कर्नाटक की सत्ताधारी कांग्रेस सरकार की स्थिरता पर कोई सीधा संकट नहीं आएगा, लेकिन विपक्ष को 2023 में सत्ता में आई कांग्रेस सरकार को घेरने और हमलावर होने का नया राजनीतिक हथियार मिल गया है। विधान परिषद का गणित 75 सदस्यों वाली कर्नाटक विधान परिषद में वर्तमान स्थिति इस प्रकार है: कांग्रेस: 38 BJP: 24 JD(S): 6 निर्दलीय: 1 सभापति: 1 मनोनीत सीटें (खाली): 5

पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने शिवहर में की बैठक: बूथ स्तर तक सक्रियता और ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान पर जोर

शिवहर बिहार 27/10/2026: जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में शिवहर जिला कांग्रेस कार्यालय में “वोट बचाओ–देश बचाओ” अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिला कांग्रेस नेता अफरोज आलम के नेतृत्व में हुई इस बैठक में छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व कैबिनेट मंत्री और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के पर्यवेक्षक जयसिंह अग्रवाल विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में मतदाता अधिकारों की रक्षा, बूथ स्तर पर संगठन की मजबूती और आगामी चुनावों को लेकर चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए श्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि मतदाता सूची में प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सुरक्षित रहना लोकतंत्र की विश्वसनीयता और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। मतदाता सूची से किसी पात्र व्यक्ति का नाम हटने अथवा नाम दर्ज नहीं होने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तथ्यों का सत्यापन करना और नियमानुसार उसका समाधान सुनिश्चित करने के लिए प्रयास करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी तथा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में चलाया जा रहा “वोट बचाओ–देश बचाओ” अभियान तभी प्रभावी होगा, जब पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बूथ स्तर तक पहुंचकर जिम्मेदारी के साथ काम करेंगे। कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाता सूची की जांच करने, प्रभावित मतदाताओं से संपर्क स्थापित करने तथा पात्र मतदाताओं को निर्धारित निर्वाचन प्रक्रिया के तहत आवश्यक आवेदन प्रस्तुत करने में सहायता देने की जरूरत है। श्री अग्रवाल ने जिला कांग्रेस कमेटी, शिवहर को अभियान के प्रभावी संचालन के लिए चेकलिस्ट एवं निर्धारित प्रारूप उपलब्ध कराया। उन्होंने निर्देश दिया कि इनका वितरण संबंधित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के बीच किया जाए, ताकि मतदाता सूची से संबंधित शिकायतों का व्यवस्थित संकलन, सत्यापन और नियमित समीक्षा की जा सके। उन्होंने जोर दिया कि अभियान को केवल औपचारिक कार्यक्रम न बनाकर जमीनी स्तर पर परिणामोन्मुख गतिविधि के रूप में संचालित किया जाना चाहिए। बैठक के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिहार में गठबंधन के अंतर्गत विधानसभा चुनावों में सीटों के बंटवारे को लेकर अपनी चिंताएं भी व्यक्त कीं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि बार-बार चुनावों में गठबंधन के अन्य घटक दलों को अधिक सीटें दिए जाने तथा कांग्रेस के संभावित उम्मीदवारों एवं समर्पित कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं को पर्याप्त महत्व नहीं मिलने से संगठन के भीतर उपेक्षा और निराशा की भावना उत्पन्न होती है। उन्होंने आग्रह किया कि गठबंधन संबंधी निर्णयों में कांग्रेस की जमीनी स्थिति, स्थानीय नेताओं के योगदान और कार्यकर्ताओं की भावनाओं को उचित महत्व दिया जाना चाहिए। इस पर श्री जयसिंह अग्रवाल ने उपस्थित कांग्रेसजनों की भावनाओं को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि “आप सभी की भावनाओं का सम्मान करते हुए आपकी बातों एवं चिंताओं को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाया जाएगा।” उन्होंने कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं और संगठनात्मक सुझावों को उचित मंच तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया। बैठक में शिवहर जिले में कांग्रेस संगठन की वर्तमान स्थिति, जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता, जनसंपर्क बढ़ाने तथा संगठनात्मक समन्वय को मजबूत करने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। उपस्थित कांग्रेसजनों ने अपने अनुभव साझा करते हुए संगठन को अधिक सक्रिय एवं जनसरोकारों से जुड़ा बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में शिवहर प्रभारी श्री दिलीप खिरहर, उपाध्यक्ष श्री वशिष्ठ राउत, सचिव श्री प्रभात रंजन, युवा नेता श्री अभिषेक यादव एवं श्री अमित रंजन, पिपराही प्रखंड अध्यक्ष श्री एम. मुर्तजा, श्री अकरम, श्री विनोद साह, युवा नेता श्री आशुतोष कुमार सिंह, श्री समंस आलम, श्री सैयद अंसारी, श्री संतोष पटेल, श्री अभिषेक पटेल, श्री सहदेव राम, महिला कांग्रेस की श्रीमती आशा कुमारी, कोषाध्यक्ष श्री रघुवीर प्रसाद, महासचिव श्री प्रभात यादव सहित अन्य कांग्रेसजन, कार्यकर्ता एवं विद्यार्थी वर्ग के लोग उपस्थित रहे।

राहुल गांधी के बयान और 1 नवंबर की विपक्षी रैली पर व्यापारियों की चिंता: एक संपूर्ण रिपोर्ट

नई दिल्ली 27/10/2026: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आगामी 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली विपक्षी दलों की रैली और दिल्ली के व्यापारियों की चिंताओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो शेयर करते हुए दिल्ली के व्यापारियों को संबोधित किया और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने व्यापारियों से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहिए कि वो आरोपी नंबर 4 ज्ञानेश कुमार को हटाएं तो विपक्ष का आंदोलन 30 सेकंड में रुक जाएगा। राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर एक वीडियो शेयर करते हुए पोस्ट में दिल्ली के व्यापारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उनकी बात सुन रही है और उनके साथ खड़ी है। व्यापारियों से बोले राहुल- हम आपसे प्यार करते हैं राहुल गांधी ने एक्स पोस्ट में कहा कि ‘कांग्रेस दिल्ली के हर व्यापारी के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि हम आपसे प्यार करते हैं, आपकी बात सुन रहे हैं। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मेट्रो सरकार ने बंद की, सड़कें सरकार ने सील की, राजधानी पर ताला सरकार ने लगाया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि जब वोट ही चोरी हो जाए, तो कुछ भी सुरक्षित नहीं- न आपकी दुकान, न आपकी बचत, न आपके बच्चों का भविष्य।’ ज्ञानेश कुमार को बताया ‘आरोपी नंबर 4’ कांग्रेस सांसद ने व्यापारियों से कहा कि ‘पीएम मोदी से कहिए- आरोपी नंबर 4, ज्ञानेश कुमार को हटाएं, 30 सेकंड में आंदोलन रुक जाएगा।’ कांग्रेस नेता ने हालांकि अपने इस पोस्ट में यह स्पष्ट नहीं किया कि उन्होंने ज्ञानेश कुमार को ‘आरोपी नंबर 4’ किस संदर्भ में कहा है। हालांकि, वह वोट चोरी के खिलाफ अभियान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार पर तीखे हमले बोलते रहे हैं। CTI से जुड़े व्यापारियों ने राहुल गांधी को भेजा था लेटर विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ आगामी एक नवंबर को वोट चोरी के खिलाफ रामलीला मैदान में रैली करने वाला है। इसी को लेकर पिछले दिनों ‘चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री’ (सीटीआई) के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर कहा था कि यह रैली ऐसे समय में हो रही जब त्योहारी सीजन है। जब धनतेरस और दिवाली से पहले व्यापारियों को बड़ी संख्या में ग्राहकों के आने की उम्मीद है। इस दौरान रामलीला मैदान के आसपास रैली से थोक और खुदरा बाजारों पर खरीदारी प्रभावित हो सकती है। ‘एक नवंबर की रैली 10 के बाद करने की अपील’ बृजेश गोयल ने कहा था कि दिल्ली में धनतेरस के आसपास सोना-चांदी, इलेक्ट्रॉनिक, कपड़े, बर्तन, सूखे मेवे, मिठाइयां, वाहन, संपत्ति और उपहार की वस्तुओं जैसे विभिन्न क्षेत्रों में करीब 25,000 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। इस साल धनतेरस छह नवंबर को है। दिवाली आठ नवंबर को मनाई जाएगी और इसके बाद 10 नवंबर को भाई दूज है। व्यापारियों के संगठन का कहना है कि त्योहारों से करीब एक सप्ताह पहले बाजारों में आम तौर पर गतिविधियां बढ़ जाती हैं, ऐसे में रैली का समय व्यापारियों के लिए चिंता का विषय है।

स्मृति ईरानी का छत्तीसगढ़ दौरा: 2028 विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत का लक्ष्य, मंत्रियों और विधायकों को दिए गए खास निर्देश

रायपुर 27/10/26 Mission 2028// भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय महासचिव और छत्तीसगढ़ प्रभारी स्मृति ईरानी ने कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश मुख्यालय में दो दिवसीय संगठनात्मक बैठकों का सफल समापन किया। इन बैठकों के दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ में ‘मिशन 2028’ का शंखनाद किया और कार्यकर्ताओं से लेकर मंत्रियों व विधायकों तक को पार्टी की आगामी रणनीति के तहत स्पष्ट निर्देश दिए। ‘मिशन 2028’ और संगठन की मजबूती पर जोर स्मृति ईरानी ने विश्वास जताया कि भाजपा आगामी 2028 के विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ में पूर्ण बहुमत के साथ अपनी सत्ता बरकरार रखेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘मिशन 2028’ केवल एक चुनावी लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह राज्य की पहचान, विकास और सुशासन के प्रति पार्टी की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने जीत का मूलमंत्र दिया और कहा: “चुनाव केवल मतपत्रों या वोटिंग मशीनों से नहीं जीते जाते, बल्कि इसके लिए पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत, जनता के साथ उनका व्यक्तिगत जुड़ाव और मजबूत संगठनात्मक ढांचा जरूरी है।” उन्होंने पार्टी के प्रत्येक कार्यक्रम और योजना को जमीनी स्तर पर बेहद प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया ताकि संगठन बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत हो सके। मंत्रियों और विधायकों के लिए सख्त निर्देश बैठक के दौरान स्मृति ईरानी ने प्रदेश के मंत्रियों और विधायकों को जनहित और संगठन से जुड़े अहम निर्देश दिए: मंत्रियों के लिए निर्देश: सभी मंत्री अपनी विधानसभा सीट के साथ-साथ अपने प्रभार वाले जिलों का भी नियमित और लगातार दौरा करें। विधायकों के लिए निर्देश: सभी विधायक अपने क्षेत्र के आम नागरिकों से निरंतर सीधा संवाद बनाए रखें। जनता के साथ जुड़ाव और मेल-जोल बढ़ाने के लिए उन्होंने दिवाली के आसपास स्नेह भोज (भोज) आयोजित करने के खास निर्देश दिए हैं। प्रदेश अध्यक्ष किरण देव का बयान दो दिनों तक चली इन बैठकों के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी के इस दो दिवसीय प्रवास से पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को अत्यंत महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है। संगठनात्मक दृष्टिकोण से यह बैठकें बेहद अहम रहीं, जिनमें आगामी कार्ययोजना और चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान कुल 12 अलग-अलग श्रेणियों में बैठकें आयोजित की गईं। 📍

रायपुर: बीजेपी प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के दौरे में सख्त अनुशासन, मंत्रियों को भी गाड़ी और फोन के बिना करनी पड़ी एंट्री

रायपुर 26 अक्टूबर 2026 BJP Office Discipline : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रविवार को बीजेपी प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के दो दिवसीय दौरे के दौरान पार्टी कार्यालय में बेहद सख्त और अनुशासित व्यवस्था देखने को मिली। प्रदेश कार्यालय में सत्ता और संगठन की बैठकों के दौरान कड़े नियमों का पालन कराया गया, जिसके तहत मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को भी विशेष छूट नहीं दी गई। बैठक के दौरान किसी भी मंत्री या वरिष्ठ नेता को अपनी गाड़ियों के साथ प्रदेश कार्यालय के अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली। मुख्य गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड्स ने छत्तीसगढ़ के मंत्री खुशवंत साहेब के काफिले को भी अंदर जाने से रोक दिया। इसके बाद मंत्री को गाड़ी गेट के बाहर छोड़कर पैदल ही प्रदेश कार्यालय के अंदर जाना पड़ा। खुशवंत साहेब के अलावा पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय और वरिष्ठ नेता धरमलाल कौशिक समेत अन्य सभी मंत्रियों व नेताओं के काफिलों को भी गेट के बाहर ही रोक दिया गया। सिर्फ मंत्रियों की गाड़ियों पर ही नहीं, बल्कि सुरक्षा और गोपनीयता के लिहाज से कार्यालय के अंदर प्रवेश करने वाले सभी वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों के मोबाइल फोन भी बाहर ही रखवा लिए गए थे। चुनिंदा लोगों को ही मिली एंट्री और कोर ग्रुप की बैठक स्थगित कार्यालय में चल रही बैठकों को लेकर अनुशासन का दायरा आगंतुकों पर भी सख्ती से लागू किया गया। मीटिंग में केवल उन्हीं कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को प्रवेश दिया गया, जिनके नाम पहले से तय सूची में शामिल थे। सूची में नाम न होने के कारण पार्टी के कई पदाधिकारियों को बिना मीटिंग में शामिल हुए ही वापस लौटना पड़ा। इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी की मुलाकात प्रदेश कार्यालय में हुई। मुलाकात के बाद दोनों नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम ‘मन की बात’ को सुनने के लिए अभनपुर रवाना हुए। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव भी मौजूद नहीं थे और मन की बात सुनने के लिए केवल पूर्व निर्धारित लोगों को ही साथ रखा गया था। वहीं, निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रविवार शाम को होने वाली बीजेपी प्रदेश कोर ग्रुप की बैठक के समय में बदलाव किया गया है। अब यह महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को होगी, जिसमें प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी जमीनी स्तर से फीडबैक लेने के बाद नेताओं के साथ चर्चा करेंगी।

धर्म

चारधाम यात्रा 2026: श्रद्धालुओं का ऐतिहासिक रिकॉर्ड, 60 लाख से अधिक भक्तों ने किए दर्शन

देहरादून 23 अक्टूबर 2026 Char Dham Yatra 2026 : उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस वर्ष अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुकी है। हिमालयी तीर्थस्थलों के दर्शन के लिए इस सीजन में आस्था का जनसैलाब उमड़ा, जिसने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में अब तक 60 लाख (6 मिलियन) से अधिक तीर्थयात्री चारों पवित्र धामों—बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री—के दर्शन कर चुके हैं। बद्रीनाथ धाम शीर्ष पर, केदारनाथ दूसरे स्थान पर प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष श्रद्धालुओं की पहली पसंद बद्रीनाथ धाम रहा, जहाँ सबसे अधिक 20,69,866 तीर्थयात्री पहुँचे। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज वहीं, केदारनाथ धाम 17,75,059 श्रद्धालुओं की उपस्थिति के साथ दूसरे स्थान पर रहा। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2023 में 56 लाख और वर्ष 2024 में 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे, जबकि इस बार यह संख्या 60 लाख के पार पहुँच गई है। 16 नवंबर को कपाट बंद होने के साथ समाप्त होगा ग्रीष्मकालीन चरण 19 अप्रैल 2026 को शुरू हुई यह पवित्र यात्रा आगामी 16 नवंबर को बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही शीतकाल के लिए विश्राम लेगी। हालांकि, इसके बाद शीतकालीन चारधाम यात्रा का शुभारंभ होगा। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि प्रशासन शीतकालीन यात्रा की तैयारियों पर मुस्तैदी से काम कर रहा है। माँ गंगा के मुखबा और माँ यमुना के खरसाली स्थित शीतकालीन निवासों पर विराजमान होने के बाद भक्त वहाँ दर्शन कर सकेंगे। इसी तरह केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद उखीमठ में श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन जारी रख सकेंगे। मानसून और आपदा की चुनौतियों के बीच सुगम संचालन इस वर्ष मानसून के दौरान प्राकृतिक आपदाओं की चुनौतियाँ सामने आईं, लेकिन राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के त्वरित प्रयासों से यात्रा को सुरक्षित रूप से जारी रखा गया। श्रद्धालुओं के लिए मार्गों पर स्वास्थ्य, सुरक्षा, यातायात और आपातकालीन सुविधाओं को मुस्तैद किया गया था। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा: “60 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन उत्तराखंड की पवित्रता और लोगों की अटूट आस्था को दर्शाता है। राज्य सरकार हर श्रद्धालु की यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।”

मां बम्लेश्वरी के भक्तों के लिए बड़ी खबर: डोंगरगढ़ नवरात्रि मेले में 1100 जवानों का पहरा, पदयात्रियों को मिलेंगे 20 हजार रेडियम स्टिकर, जानें सुरक्षा और ट्रैफिक का पूरा प्लान

रायपुर/राजनांदगांव 11 अक्टूबर 2025 Dongargarh Navratri Mela:  शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर

रामदेव पीर जयंती पर भव्य समारोह: गुजराती समाज की नवीन कार्यकारिणी का हुआ शपथ ग्रहण, कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन ने की 20 लाख की घोषणा

समारोह में कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन,जिला भाजपाध्यक्ष गोपाल मोदी एवं निगम सभापति

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