इजरायल में आम चुनाव: प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के राजनीतिक भविष्य का फैसला आज

इजरायल 27/10/2026: इजरायल में आज (27 अक्टूबर 2026) संसद यानी नेसेट (Knesset) की सभी 120 सीटों के लिए आम चुनाव के तहत मतदान हो रहा है। 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमास के हमलों और उसके बाद शुरू हुए लंबे क्षेत्रीय युद्धों के बाद देश में यह पहला आम चुनाव है। इसे प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के राजनीतिक करियर की सबसे बड़ी और कड़ी परीक्षा माना जा रहा है। 2019 के बाद छठा चुनाव और राजनीतिक परिदृश्य खास बात यह है कि 2019 से 2022 के बीच इजरायल में लगातार राजनीतिक अस्थिरता के कारण पांच बार चुनाव हुए थे। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज हालांकि, इसके बाद की 25वीं नेसेट अपने चार साल का कार्यकाल पूरा करने वाली देश की पहली ऐसी विधायिका बनी, लेकिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाली दक्षिणपंथी सरकार को देश के भीतर भारी विरोध का सामना करना पड़ा। न्यायिक सुधारों के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शनों, गाजा युद्ध और अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स यहूदियों की सैन्य भर्ती छूट जैसे मुद्दों पर देश बंटा हुआ नजर आया है। नेतन्याहू के सामने मुख्य चुनौतियां और प्रतिद्वंद्वी प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (लिकुड पार्टी) एक बार फिर सत्ता बचाने के लिए मैदान में हैं। उनके सामने कई मोर्चों पर कड़ी चुनौती है: भ्रष्टाचार के मुकदमे: नेतन्याहू पर भ्रष्टाचार के मामले चल रहे हैं, और जानकारों का मानना है कि यदि वह सत्ता से बाहर होते हैं, तो उन्हें कानूनी मोर्चों पर और अधिक मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। प्रमुख विपक्षी चेहरा: इस बार मुख्य मुकाबला पूर्व सेना प्रमुख और ‘याशर’ (Yashar) पार्टी के नेता गदी आइजेनकोट (Gadi Eisenkot) से है, जो अपनी साफ-सुथरी छवि और बदलाव के एजेंडे के साथ कैंपेन चला रहे हैं। इसके अलावा नफ्ताली बेनेट और यार लापीड जैसे नेता भी विपक्ष का अहम हिस्सा हैं। बहुमत का आंकड़ा: इजरायली संसद (नेसेट) में सरकार बनाने के लिए किसी भी दल या गठबंधन को 120 में से कम से कम 61 सीटों की आवश्यकता होती है। ओपिनियन पोल्स के मुताबिक, मुकाबला बेहद कांटे का है और किसी भी खेमे को आसानी से स्पष्ट बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है। मतदान समाप्त होने के बाद आने वाले परिणाम तय करेंगे कि इजरायल की सत्ता की कमान एक बार फिर नेतन्याहू के हाथों में रहेगी या देश को कोई नया नेतृत्व मिलेगा।

मुख्य संपादक

मुख्य संपादक: नरेन्द्र मेहता
मुख्य कार्यालय: निर्मला सदन रानीगेट कोरबा
ऑफिस: सी/10, प्रेस कॉम्प्लेक्स टीपी नगर कोरबा

मोबाइल नंबर: +91 +91 94255 40506
ईमेल: info@thekhatiyakhadi.com

Social Media

Live Tv

देश

मैच ग्रुप की नई पहल: टिंडर और हिंज पर स्क्रीनशॉट बंद, सुरक्षा के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन और I4C से हाथ मिलाया

नई दिल्ली / डिजिटल डेस्क 21 अक्टूबर 2026 Match Group India :ऑनलाइन डेटिंग प्लेटफॉर्म्स को उपयोगकर्ताओं—विशेषकर महिलाओं—के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में मैच ग्रुप (Match Group) ने

विदेश

इजरायल में आम चुनाव: प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के राजनीतिक भविष्य का फैसला आज

इजरायल 27/10/2026: इजरायल में आज (27 अक्टूबर 2026) संसद यानी नेसेट (Knesset) की सभी 120 सीटों के लिए आम चुनाव के तहत मतदान हो रहा है। 7 अक्टूबर 2023 को

Chhattisgarh: लोक निर्माण विभाग में इंजीनियरों के ट्रांसफर, देखें कौन कहाँ पदस्थ

रायपुर 27/10/2026📍साय सरकार में तबादला का सिलसिला जारी है । लोक निर्माण विभाग में बड़े पैमाने इंजीनियरों के ट्रांसफर हुए हैं। शासन स्तर पर जारी आदेश के तहत विभाग के

राजनीति

स्मृति ईरानी का छत्तीसगढ़ दौरा: 2028 विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत का लक्ष्य, मंत्रियों और विधायकों को दिए गए खास निर्देश

रायपुर 27/10/26 Mission 2028// भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय महासचिव और छत्तीसगढ़

मनोरंजन

राहुल गांधी के बयान और 1 नवंबर की विपक्षी रैली पर व्यापारियों की चिंता: एक संपूर्ण रिपोर्ट

नई दिल्ली 27/10/2026: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आगामी 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली विपक्षी दलों की रैली और दिल्ली के व्यापारियों की चिंताओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो शेयर करते हुए दिल्ली के व्यापारियों को संबोधित किया और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने व्यापारियों से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहिए कि वो आरोपी नंबर 4 ज्ञानेश कुमार को हटाएं तो विपक्ष का आंदोलन 30 सेकंड में रुक जाएगा। राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर एक वीडियो शेयर करते हुए पोस्ट में दिल्ली के व्यापारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उनकी बात सुन रही है और उनके साथ खड़ी है। व्यापारियों से बोले राहुल- हम आपसे प्यार करते हैं राहुल गांधी ने एक्स पोस्ट में कहा कि ‘कांग्रेस दिल्ली के हर व्यापारी के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि हम आपसे प्यार करते हैं, आपकी बात सुन रहे हैं। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मेट्रो सरकार ने बंद की, सड़कें सरकार ने सील की, राजधानी पर ताला सरकार ने लगाया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि जब वोट ही चोरी हो जाए, तो कुछ भी सुरक्षित नहीं- न आपकी दुकान, न आपकी बचत, न आपके बच्चों का भविष्य।’ ज्ञानेश कुमार को बताया ‘आरोपी नंबर 4’ कांग्रेस सांसद ने व्यापारियों से कहा कि ‘पीएम मोदी से कहिए- आरोपी नंबर 4, ज्ञानेश कुमार को हटाएं, 30 सेकंड में आंदोलन रुक जाएगा।’ कांग्रेस नेता ने हालांकि अपने इस पोस्ट में यह स्पष्ट नहीं किया कि उन्होंने ज्ञानेश कुमार को ‘आरोपी नंबर 4’ किस संदर्भ में कहा है। हालांकि, वह वोट चोरी के खिलाफ अभियान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार पर तीखे हमले बोलते रहे हैं। CTI से जुड़े व्यापारियों ने राहुल गांधी को भेजा था लेटर विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ आगामी एक नवंबर को वोट चोरी के खिलाफ रामलीला मैदान में रैली करने वाला है। इसी को लेकर पिछले दिनों ‘चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री’ (सीटीआई) के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर कहा था कि यह रैली ऐसे समय में हो रही जब त्योहारी सीजन है। जब धनतेरस और दिवाली से पहले व्यापारियों को बड़ी संख्या में ग्राहकों के आने की उम्मीद है। इस दौरान रामलीला मैदान के आसपास रैली से थोक और खुदरा बाजारों पर खरीदारी प्रभावित हो सकती है। ‘एक नवंबर की रैली 10 के बाद करने की अपील’ बृजेश गोयल ने कहा था कि दिल्ली में धनतेरस के आसपास सोना-चांदी, इलेक्ट्रॉनिक, कपड़े, बर्तन, सूखे मेवे, मिठाइयां, वाहन, संपत्ति और उपहार की वस्तुओं जैसे विभिन्न क्षेत्रों में करीब 25,000 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। इस साल धनतेरस छह नवंबर को है। दिवाली आठ नवंबर को मनाई जाएगी और इसके बाद 10 नवंबर को भाई दूज है। व्यापारियों के संगठन का कहना है कि त्योहारों से करीब एक सप्ताह पहले बाजारों में आम तौर पर गतिविधियां बढ़ जाती हैं, ऐसे में रैली का समय व्यापारियों के लिए चिंता का विषय है।

स्मृति ईरानी का छत्तीसगढ़ दौरा: 2028 विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत का लक्ष्य, मंत्रियों और विधायकों को दिए गए खास निर्देश

रायपुर 27/10/26 Mission 2028// भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय महासचिव और छत्तीसगढ़ प्रभारी स्मृति ईरानी ने कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश मुख्यालय में दो दिवसीय संगठनात्मक बैठकों का सफल समापन किया। इन बैठकों के दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ में ‘मिशन 2028’ का शंखनाद किया और कार्यकर्ताओं से लेकर मंत्रियों व विधायकों तक को पार्टी की आगामी रणनीति के तहत स्पष्ट निर्देश दिए। ‘मिशन 2028’ और संगठन की मजबूती पर जोर स्मृति ईरानी ने विश्वास जताया कि भाजपा आगामी 2028 के विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ में पूर्ण बहुमत के साथ अपनी सत्ता बरकरार रखेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘मिशन 2028’ केवल एक चुनावी लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह राज्य की पहचान, विकास और सुशासन के प्रति पार्टी की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने जीत का मूलमंत्र दिया और कहा: “चुनाव केवल मतपत्रों या वोटिंग मशीनों से नहीं जीते जाते, बल्कि इसके लिए पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत, जनता के साथ उनका व्यक्तिगत जुड़ाव और मजबूत संगठनात्मक ढांचा जरूरी है।” उन्होंने पार्टी के प्रत्येक कार्यक्रम और योजना को जमीनी स्तर पर बेहद प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया ताकि संगठन बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत हो सके। मंत्रियों और विधायकों के लिए सख्त निर्देश बैठक के दौरान स्मृति ईरानी ने प्रदेश के मंत्रियों और विधायकों को जनहित और संगठन से जुड़े अहम निर्देश दिए: मंत्रियों के लिए निर्देश: सभी मंत्री अपनी विधानसभा सीट के साथ-साथ अपने प्रभार वाले जिलों का भी नियमित और लगातार दौरा करें। विधायकों के लिए निर्देश: सभी विधायक अपने क्षेत्र के आम नागरिकों से निरंतर सीधा संवाद बनाए रखें। जनता के साथ जुड़ाव और मेल-जोल बढ़ाने के लिए उन्होंने दिवाली के आसपास स्नेह भोज (भोज) आयोजित करने के खास निर्देश दिए हैं। प्रदेश अध्यक्ष किरण देव का बयान दो दिनों तक चली इन बैठकों के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी के इस दो दिवसीय प्रवास से पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को अत्यंत महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है। संगठनात्मक दृष्टिकोण से यह बैठकें बेहद अहम रहीं, जिनमें आगामी कार्ययोजना और चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान कुल 12 अलग-अलग श्रेणियों में बैठकें आयोजित की गईं। 📍

रायपुर: बीजेपी प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के दौरे में सख्त अनुशासन, मंत्रियों को भी गाड़ी और फोन के बिना करनी पड़ी एंट्री

रायपुर 26 अक्टूबर 2026 BJP Office Discipline : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रविवार को बीजेपी प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के दो दिवसीय दौरे के दौरान पार्टी कार्यालय में बेहद सख्त और अनुशासित व्यवस्था देखने को मिली। प्रदेश कार्यालय में सत्ता और संगठन की बैठकों के दौरान कड़े नियमों का पालन कराया गया, जिसके तहत मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को भी विशेष छूट नहीं दी गई। बैठक के दौरान किसी भी मंत्री या वरिष्ठ नेता को अपनी गाड़ियों के साथ प्रदेश कार्यालय के अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली। मुख्य गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड्स ने छत्तीसगढ़ के मंत्री खुशवंत साहेब के काफिले को भी अंदर जाने से रोक दिया। इसके बाद मंत्री को गाड़ी गेट के बाहर छोड़कर पैदल ही प्रदेश कार्यालय के अंदर जाना पड़ा। खुशवंत साहेब के अलावा पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय और वरिष्ठ नेता धरमलाल कौशिक समेत अन्य सभी मंत्रियों व नेताओं के काफिलों को भी गेट के बाहर ही रोक दिया गया। सिर्फ मंत्रियों की गाड़ियों पर ही नहीं, बल्कि सुरक्षा और गोपनीयता के लिहाज से कार्यालय के अंदर प्रवेश करने वाले सभी वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों के मोबाइल फोन भी बाहर ही रखवा लिए गए थे। चुनिंदा लोगों को ही मिली एंट्री और कोर ग्रुप की बैठक स्थगित कार्यालय में चल रही बैठकों को लेकर अनुशासन का दायरा आगंतुकों पर भी सख्ती से लागू किया गया। मीटिंग में केवल उन्हीं कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को प्रवेश दिया गया, जिनके नाम पहले से तय सूची में शामिल थे। सूची में नाम न होने के कारण पार्टी के कई पदाधिकारियों को बिना मीटिंग में शामिल हुए ही वापस लौटना पड़ा। इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी की मुलाकात प्रदेश कार्यालय में हुई। मुलाकात के बाद दोनों नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम ‘मन की बात’ को सुनने के लिए अभनपुर रवाना हुए। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव भी मौजूद नहीं थे और मन की बात सुनने के लिए केवल पूर्व निर्धारित लोगों को ही साथ रखा गया था। वहीं, निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रविवार शाम को होने वाली बीजेपी प्रदेश कोर ग्रुप की बैठक के समय में बदलाव किया गया है। अब यह महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को होगी, जिसमें प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी जमीनी स्तर से फीडबैक लेने के बाद नेताओं के साथ चर्चा करेंगी।

“सनातन और हिंदुत्व अलग-अलग”: शाजापुर में बोले दिग्विजय सिंह- सावरकर ने दिया था हिंदुत्व शब्द, संविधान पर भी उठाए सवाल

शाजापुर (मध्य प्रदेश) 26अक्टूबर 2026 Madhya Pradesh Politics : मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की उज्जैन से अयोध्या तक निकाली जा रही पदयात्रा जब शाजापुर पहुंची, तब उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान हिंदुत्व और सनातन धर्म को लेकर बड़ा बयान दिया। दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह न तो कभी हिंदुत्व के समर्थक थे और न ही आगे कभी रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि सनातन धर्म और हिंदुत्व दो पूरी तरह अलग अवधारणाएं हैं। उन्होंने कहा, “हिंदुत्व का सनातन धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। सनातन धर्म हज़ारों साल पुराना है, जबकि ‘हिंदुत्व’ शब्द वीर सावरकर द्वारा दिया गया था। हमारे सनातन धर्म में कटुता और नफरत के लिए कोई स्थान नहीं है।” “संविधान खतरे में, चुनाव आयोग पर उठाए सवाल” संविधान और मतदान के अधिकारों पर चिंता जताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का संविधान आज खतरे में है। उन्होंने मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पर चुनाव आयोग को घेरते हुए कहा कि संविधान हर भारतीय को मतदान का अधिकार देता है। मतदाता सूची में नाम जोड़ना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है, लेकिन आयोग के पास यह तय करने का अधिकार नहीं है कि कौन भारत का नागरिक है और कौन नहीं। उन्होंने मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि नोट चोरी और वोट चोरी, दोनों मामलों में ज्ञानेश कुमार की भूमिका रही है।

कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के विवादित बयान पर गरमाई सियासत: भूपेश बघेल ने किया बचाव, कहा- ‘इसमें कोई अपमान की बात नहीं’

रायपुर 26 अक्टूबर 2026:कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पटना में दिए गए एक बयान को लेकर देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। खड़गे ने अपने भाषण के दौरान कहा था कि “मोदी क्या, मोदी का बाप भी जाएगा।” इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा हमला बोलते हुए कांग्रेस पार्टी और खड़गे से सार्वजनिक माफी की मांग की है। वहीं, कांग्रेस पार्टी अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के बचाव में खुलकर मैदान में उतर आई है। दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खड़गे के बयान को पूरी तरह से सामान्य बताया और इसे लेकर किसी भी तरह के अपमान से इनकार किया। “यह सिर्फ बोलने का एक तरीका है” समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए भूपेश बघेल ने कहा, “इसमें अपशब्द जैसी बात क्या है? उस युवक के जरिए मल्लिकार्जुन खड़गे को उकसाया गया और बुलवाया गया। वह भाषण दे रहे थे और भीड़ में से एक आदमी लगातार चिल्ला रहा था।” बघेल ने आगे कहा, “यह तो सिर्फ अपनी बात कहने और बोलने का एक अंदाज है- ‘वो नहीं, उसका देवता भी जाएगा’, और उसी लहजे में ‘उसका बाप भी जाएगा’ कह दिया गया। तो इसे कोई अपमानजनक बात नहीं कहा जा सकता।” भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप भूपेश बघेल ने पलटवार करते हुए भाजपा पर प्रधानमंत्री पद की गरिमा गिराने और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अतीत में दिए गए बयानों को लेकर निशाना साधा। आपत्तिजनक बयानों का जिक्र: बघेल ने कहा कि अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने की शुरुआत हमेशा भाजपा की तरफ से होती है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कभी प्रधानमंत्री पद पर बैठे किसी व्यक्ति ने पहले ऐसी बातें की थीं? पुराने बयानों की याद: उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं और पीएम मोदी द्वारा अतीत में ’50 करोड़ की गर्लफ्रेंड’, ‘जर्सी गाय’ और ‘मंगलसूत्र छीनने’ जैसे बयान दिए गए हैं। भाजपा की चुप्पी पर सवाल: कांग्रेस नेता ने तंज कसते हुए कहा कि जब प्रधानमंत्री इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं, तब भाजपा के लोग चुप क्यों बैठ जाते हैं? यदि उनमें थोड़ी भी नैतिकता है, तो उन्हें पहले पीएम मोदी को ऐसी भाषा का उपयोग करने से रोकना चाहिए था। इस पूरे घटनाक्रम के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है, और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ने के आसार हैं।

छत्तीसगढ़: ढाई-ढाई साल के सीएम फॉर्मूले की चर्चा से कांग्रेस को हुआ नुकसान – टीएस सिंहदेव

बिलासपुर 25/10/2026 : छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव ने शनिवार को बिलासपुर के सिरगिट्टी क्षेत्र में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले कार्यकाल के दौरान ‘ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री’ वाले फॉर्मूले को लेकर लगातार हुई चर्चाओं से पार्टी की छवि और चुनावी संभावनाओं को नुकसान पहुँचा। सिंहदेव ने 2018 के विधानसभा चुनाव को याद करते हुए कहा कि उस समय मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई बहस नहीं थी। पार्टी ने एकजुट होकर चुनाव लड़ा था और जनता ने भी भरपूर समर्थन दिया था। आगामी चुनावों के संदर्भ में उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस को पहले से मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने की आवश्यकता नहीं है; चुनाव जीतने के बाद हाईकमान जिसे योग्य समझेगा, उसे यह जिम्मेदारी दी जाएगी। कार्यकर्ताओं को जमीनी संपर्क की नसीहत पार्टी पदाधिकारियों, मंडल और सेक्टर स्तर के कार्यकर्ताओं से लगातार जनता के बीच रहने का आह्वान करते हुए सिंहदेव ने कहा: नियमित संवाद आवश्यक: केवल चुनाव के समय जनता के पास जाने से गलत संदेश जाता है कि नेता अपने स्वार्थ के लिए आ रहे हैं। सुख-दुख में भागीदारी: नेताओं को बड़े भाषण देकर चले जाने के बजाय आम लोगों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं और सुख-दुख सुनना चाहिए। एसआईआर (SIR) पर जोर: बिल्हा में आयोजित जनसभा के दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं से विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से हटाए गए कांग्रेसी सदस्यों के नाम दोबारा जुड़वाने का प्रयास करने को कहा। सामाजिक बैठकों और जनसभा में बेबाक बोल बिल्हा मंडी परिसर में जनसभा से पूर्व सरगांव बस स्टैंड पर सिंहदेव का भव्य स्वागत किया गया, जिसके बाद उन्होंने साहू भवन में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि देश में धर्म के नाम पर नफरत फैलाने की कोशिश की जा रही है और भगवान राम के नाम पर लोगों की धार्मिक भावनाओं का राजनीतिक इस्तेमाल तुरंत रुकना चाहिए।

टेक्नोलॉजी

क्या AI खत्म कर देगा पारंपरिक बैंकिंग? शेखर कपूर के सवाल पर छिड़ी नई बहस

नई दिल्ली 16 अक्टूबर 2026 Artificial Intelligence : आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बैंकिंग सेक्टर के कामकाज और कारोबार को पूरी तरह से बदल सकता है। मशहूर फिल्म निर्माता शेखर कपूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर एक विचारोत्तेजक पोस्ट शेयर करते हुए सवाल उठाया है—“अगर एआई खुद लोगों के पैसे संभालने, निवेश के बेहतर विकल्प खोजने और अधिक ब्याज दिलाने का काम करने लगे, तो फिर पारंपरिक बैंकों की जरूरत ही क्यों पड़ेगी?” शेखर कपूर की इस पोस्ट ने इंटरनेट पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि एआई बैंकिंग उद्योग को बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है, वहीं अन्य का कहना है कि बैंक बंद नहीं होंगे, बल्कि उनका काम करने का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा। Advt बैंकों की कमाई पर कैसे पड़ेगा असर? शेखर कपूर के अनुसार, बैंक जमाकर्ताओं के पैसे को कर्ज या निवेश में लगाकर बड़ी कमाई करते हैं और उसके बदले ग्राहकों को बहुत कम ब्याज देते हैं। बैंकों का मुनाफा उन ग्राहकों से भी होता है, जो आलस या झंझट के कारण बेहतर ब्याज दरों की तलाश में अपना पैसा दूसरी जगह ट्रांसफर नहीं करते। लेकिन अगर AI एजेंट हर रात ग्राहक के फंड के लिए खुद ही सबसे ज्यादा ब्याज देने वाले विकल्प खोजने लगें, तो ग्राहकों को खुद मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। ऐसे में बैंक ग्राहकों को कम ब्याज दर देकर पहले की तरह आसानी से मुनाफा नहीं कमा सकेंगे। क्या AI पूरी तरह से बैंकों की जगह ले सकता है? बहस में शामिल कई विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ एआई बैंकिंग का विकल्प नहीं बन सकता। सुरक्षा और जिम्मेदारी: लिंक्डइन यूजर अनय महिमकर ने लिखा कि एआई वित्तीय फैसले लेने में मदद तो कर सकता है, लेकिन कर्ज देना, जोखिम उठाना, सरकारी नियमों (Compliance) का पालन करना और भरोसा कायम रखना बैंकों की प्राथमिक जिम्मेदारी रहेगी। सटीक लोन प्रक्रिया: विशेषज्ञ कृष्णा लक्मसानी का कहना है कि एआई ग्राहकों की आमदनी और खर्चों का विश्लेषण करके उधार देने वालों और लेने वालों के बीच सीधा संपर्क बना सकता है। इससे बिचौलियों का असर कम होगा और एआई एजेंट ग्राहकों की ओर से बेहतर ब्याज दरों के लिए बातचीत (Negotiation) भी कर सकेंगे। बैंकों का भविष्य: क्या होंगी नई चुनौतियां? विशेषज्ञों का मानना है कि पैसों की सुरक्षा, डिजिटल पेमेंट और सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए बैंकों की प्रासंगिकता बनी रहेगी। हालाँकि, बैंकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती ग्राहकों को अपने साथ बनाए रखने की होगी। जो बैंक नई तकनीक, बेहतर ब्याज दरें और एआई-आधारित सेवाएं अपनाएंगे, वे ही भविष्य की बैंकिंग रेस में आगे टिक पाएंगे। 📍

व्यापार

राहुल गांधी के बयान और 1 नवंबर की विपक्षी रैली पर व्यापारियों की चिंता: एक संपूर्ण रिपोर्ट

नई दिल्ली 27/10/2026: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आगामी 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली विपक्षी दलों की रैली और दिल्ली के व्यापारियों की चिंताओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो शेयर करते हुए दिल्ली के व्यापारियों को संबोधित किया और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने व्यापारियों से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहिए कि वो आरोपी नंबर 4 ज्ञानेश कुमार को हटाएं तो विपक्ष का आंदोलन 30 सेकंड में रुक जाएगा। राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर एक वीडियो शेयर करते हुए पोस्ट में दिल्ली के व्यापारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उनकी बात सुन रही है और उनके साथ खड़ी है। व्यापारियों से बोले राहुल- हम आपसे प्यार करते हैं राहुल गांधी ने एक्स पोस्ट में कहा कि ‘कांग्रेस दिल्ली के हर व्यापारी के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि हम आपसे प्यार करते हैं, आपकी बात सुन रहे हैं। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मेट्रो सरकार ने बंद की, सड़कें सरकार ने सील की, राजधानी पर ताला सरकार ने लगाया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि जब वोट ही चोरी हो जाए, तो कुछ भी सुरक्षित नहीं- न आपकी दुकान, न आपकी बचत, न आपके बच्चों का भविष्य।’ ज्ञानेश कुमार को बताया ‘आरोपी नंबर 4’ कांग्रेस सांसद ने व्यापारियों से कहा कि ‘पीएम मोदी से कहिए- आरोपी नंबर 4, ज्ञानेश कुमार को हटाएं, 30 सेकंड में आंदोलन रुक जाएगा।’ कांग्रेस नेता ने हालांकि अपने इस पोस्ट में यह स्पष्ट नहीं किया कि उन्होंने ज्ञानेश कुमार को ‘आरोपी नंबर 4’ किस संदर्भ में कहा है। हालांकि, वह वोट चोरी के खिलाफ अभियान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार पर तीखे हमले बोलते रहे हैं। CTI से जुड़े व्यापारियों ने राहुल गांधी को भेजा था लेटर विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ आगामी एक नवंबर को वोट चोरी के खिलाफ रामलीला मैदान में रैली करने वाला है। इसी को लेकर पिछले दिनों ‘चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री’ (सीटीआई) के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर कहा था कि यह रैली ऐसे समय में हो रही जब त्योहारी सीजन है। जब धनतेरस और दिवाली से पहले व्यापारियों को बड़ी संख्या में ग्राहकों के आने की उम्मीद है। इस दौरान रामलीला मैदान के आसपास रैली से थोक और खुदरा बाजारों पर खरीदारी प्रभावित हो सकती है। ‘एक नवंबर की रैली 10 के बाद करने की अपील’ बृजेश गोयल ने कहा था कि दिल्ली में धनतेरस के आसपास सोना-चांदी, इलेक्ट्रॉनिक, कपड़े, बर्तन, सूखे मेवे, मिठाइयां, वाहन, संपत्ति और उपहार की वस्तुओं जैसे विभिन्न क्षेत्रों में करीब 25,000 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। इस साल धनतेरस छह नवंबर को है। दिवाली आठ नवंबर को मनाई जाएगी और इसके बाद 10 नवंबर को भाई दूज है। व्यापारियों के संगठन का कहना है कि त्योहारों से करीब एक सप्ताह पहले बाजारों में आम तौर पर गतिविधियां बढ़ जाती हैं, ऐसे में रैली का समय व्यापारियों के लिए चिंता का विषय है।

स्मृति ईरानी का छत्तीसगढ़ दौरा: 2028 विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत का लक्ष्य, मंत्रियों और विधायकों को दिए गए खास निर्देश

रायपुर 27/10/26 Mission 2028// भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय महासचिव और छत्तीसगढ़ प्रभारी स्मृति ईरानी ने कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश मुख्यालय में दो दिवसीय संगठनात्मक बैठकों का सफल समापन किया। इन बैठकों के दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ में ‘मिशन 2028’ का शंखनाद किया और कार्यकर्ताओं से लेकर मंत्रियों व विधायकों तक को पार्टी की आगामी रणनीति के तहत स्पष्ट निर्देश दिए। ‘मिशन 2028’ और संगठन की मजबूती पर जोर स्मृति ईरानी ने विश्वास जताया कि भाजपा आगामी 2028 के विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ में पूर्ण बहुमत के साथ अपनी सत्ता बरकरार रखेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘मिशन 2028’ केवल एक चुनावी लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह राज्य की पहचान, विकास और सुशासन के प्रति पार्टी की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने जीत का मूलमंत्र दिया और कहा: “चुनाव केवल मतपत्रों या वोटिंग मशीनों से नहीं जीते जाते, बल्कि इसके लिए पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत, जनता के साथ उनका व्यक्तिगत जुड़ाव और मजबूत संगठनात्मक ढांचा जरूरी है।” उन्होंने पार्टी के प्रत्येक कार्यक्रम और योजना को जमीनी स्तर पर बेहद प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया ताकि संगठन बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत हो सके। मंत्रियों और विधायकों के लिए सख्त निर्देश बैठक के दौरान स्मृति ईरानी ने प्रदेश के मंत्रियों और विधायकों को जनहित और संगठन से जुड़े अहम निर्देश दिए: मंत्रियों के लिए निर्देश: सभी मंत्री अपनी विधानसभा सीट के साथ-साथ अपने प्रभार वाले जिलों का भी नियमित और लगातार दौरा करें। विधायकों के लिए निर्देश: सभी विधायक अपने क्षेत्र के आम नागरिकों से निरंतर सीधा संवाद बनाए रखें। जनता के साथ जुड़ाव और मेल-जोल बढ़ाने के लिए उन्होंने दिवाली के आसपास स्नेह भोज (भोज) आयोजित करने के खास निर्देश दिए हैं। प्रदेश अध्यक्ष किरण देव का बयान दो दिनों तक चली इन बैठकों के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी के इस दो दिवसीय प्रवास से पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को अत्यंत महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है। संगठनात्मक दृष्टिकोण से यह बैठकें बेहद अहम रहीं, जिनमें आगामी कार्ययोजना और चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान कुल 12 अलग-अलग श्रेणियों में बैठकें आयोजित की गईं। 📍

रायपुर: बीजेपी प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के दौरे में सख्त अनुशासन, मंत्रियों को भी गाड़ी और फोन के बिना करनी पड़ी एंट्री

रायपुर 26 अक्टूबर 2026 BJP Office Discipline : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रविवार को बीजेपी प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के दो दिवसीय दौरे के दौरान पार्टी कार्यालय में बेहद सख्त और अनुशासित व्यवस्था देखने को मिली। प्रदेश कार्यालय में सत्ता और संगठन की बैठकों के दौरान कड़े नियमों का पालन कराया गया, जिसके तहत मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को भी विशेष छूट नहीं दी गई। बैठक के दौरान किसी भी मंत्री या वरिष्ठ नेता को अपनी गाड़ियों के साथ प्रदेश कार्यालय के अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली। मुख्य गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड्स ने छत्तीसगढ़ के मंत्री खुशवंत साहेब के काफिले को भी अंदर जाने से रोक दिया। इसके बाद मंत्री को गाड़ी गेट के बाहर छोड़कर पैदल ही प्रदेश कार्यालय के अंदर जाना पड़ा। खुशवंत साहेब के अलावा पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय और वरिष्ठ नेता धरमलाल कौशिक समेत अन्य सभी मंत्रियों व नेताओं के काफिलों को भी गेट के बाहर ही रोक दिया गया। सिर्फ मंत्रियों की गाड़ियों पर ही नहीं, बल्कि सुरक्षा और गोपनीयता के लिहाज से कार्यालय के अंदर प्रवेश करने वाले सभी वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों के मोबाइल फोन भी बाहर ही रखवा लिए गए थे। चुनिंदा लोगों को ही मिली एंट्री और कोर ग्रुप की बैठक स्थगित कार्यालय में चल रही बैठकों को लेकर अनुशासन का दायरा आगंतुकों पर भी सख्ती से लागू किया गया। मीटिंग में केवल उन्हीं कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को प्रवेश दिया गया, जिनके नाम पहले से तय सूची में शामिल थे। सूची में नाम न होने के कारण पार्टी के कई पदाधिकारियों को बिना मीटिंग में शामिल हुए ही वापस लौटना पड़ा। इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी की मुलाकात प्रदेश कार्यालय में हुई। मुलाकात के बाद दोनों नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम ‘मन की बात’ को सुनने के लिए अभनपुर रवाना हुए। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव भी मौजूद नहीं थे और मन की बात सुनने के लिए केवल पूर्व निर्धारित लोगों को ही साथ रखा गया था। वहीं, निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रविवार शाम को होने वाली बीजेपी प्रदेश कोर ग्रुप की बैठक के समय में बदलाव किया गया है। अब यह महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को होगी, जिसमें प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी जमीनी स्तर से फीडबैक लेने के बाद नेताओं के साथ चर्चा करेंगी।

“सनातन और हिंदुत्व अलग-अलग”: शाजापुर में बोले दिग्विजय सिंह- सावरकर ने दिया था हिंदुत्व शब्द, संविधान पर भी उठाए सवाल

शाजापुर (मध्य प्रदेश) 26अक्टूबर 2026 Madhya Pradesh Politics : मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की उज्जैन से अयोध्या तक निकाली जा रही पदयात्रा जब शाजापुर पहुंची, तब उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान हिंदुत्व और सनातन धर्म को लेकर बड़ा बयान दिया। दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह न तो कभी हिंदुत्व के समर्थक थे और न ही आगे कभी रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि सनातन धर्म और हिंदुत्व दो पूरी तरह अलग अवधारणाएं हैं। उन्होंने कहा, “हिंदुत्व का सनातन धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। सनातन धर्म हज़ारों साल पुराना है, जबकि ‘हिंदुत्व’ शब्द वीर सावरकर द्वारा दिया गया था। हमारे सनातन धर्म में कटुता और नफरत के लिए कोई स्थान नहीं है।” “संविधान खतरे में, चुनाव आयोग पर उठाए सवाल” संविधान और मतदान के अधिकारों पर चिंता जताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का संविधान आज खतरे में है। उन्होंने मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पर चुनाव आयोग को घेरते हुए कहा कि संविधान हर भारतीय को मतदान का अधिकार देता है। मतदाता सूची में नाम जोड़ना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है, लेकिन आयोग के पास यह तय करने का अधिकार नहीं है कि कौन भारत का नागरिक है और कौन नहीं। उन्होंने मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि नोट चोरी और वोट चोरी, दोनों मामलों में ज्ञानेश कुमार की भूमिका रही है।

कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के विवादित बयान पर गरमाई सियासत: भूपेश बघेल ने किया बचाव, कहा- ‘इसमें कोई अपमान की बात नहीं’

रायपुर 26 अक्टूबर 2026:कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पटना में दिए गए एक बयान को लेकर देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। खड़गे ने अपने भाषण के दौरान कहा था कि “मोदी क्या, मोदी का बाप भी जाएगा।” इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा हमला बोलते हुए कांग्रेस पार्टी और खड़गे से सार्वजनिक माफी की मांग की है। वहीं, कांग्रेस पार्टी अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के बचाव में खुलकर मैदान में उतर आई है। दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खड़गे के बयान को पूरी तरह से सामान्य बताया और इसे लेकर किसी भी तरह के अपमान से इनकार किया। “यह सिर्फ बोलने का एक तरीका है” समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए भूपेश बघेल ने कहा, “इसमें अपशब्द जैसी बात क्या है? उस युवक के जरिए मल्लिकार्जुन खड़गे को उकसाया गया और बुलवाया गया। वह भाषण दे रहे थे और भीड़ में से एक आदमी लगातार चिल्ला रहा था।” बघेल ने आगे कहा, “यह तो सिर्फ अपनी बात कहने और बोलने का एक अंदाज है- ‘वो नहीं, उसका देवता भी जाएगा’, और उसी लहजे में ‘उसका बाप भी जाएगा’ कह दिया गया। तो इसे कोई अपमानजनक बात नहीं कहा जा सकता।” भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप भूपेश बघेल ने पलटवार करते हुए भाजपा पर प्रधानमंत्री पद की गरिमा गिराने और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अतीत में दिए गए बयानों को लेकर निशाना साधा। आपत्तिजनक बयानों का जिक्र: बघेल ने कहा कि अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने की शुरुआत हमेशा भाजपा की तरफ से होती है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कभी प्रधानमंत्री पद पर बैठे किसी व्यक्ति ने पहले ऐसी बातें की थीं? पुराने बयानों की याद: उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं और पीएम मोदी द्वारा अतीत में ’50 करोड़ की गर्लफ्रेंड’, ‘जर्सी गाय’ और ‘मंगलसूत्र छीनने’ जैसे बयान दिए गए हैं। भाजपा की चुप्पी पर सवाल: कांग्रेस नेता ने तंज कसते हुए कहा कि जब प्रधानमंत्री इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं, तब भाजपा के लोग चुप क्यों बैठ जाते हैं? यदि उनमें थोड़ी भी नैतिकता है, तो उन्हें पहले पीएम मोदी को ऐसी भाषा का उपयोग करने से रोकना चाहिए था। इस पूरे घटनाक्रम के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है, और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ने के आसार हैं।

छत्तीसगढ़: ढाई-ढाई साल के सीएम फॉर्मूले की चर्चा से कांग्रेस को हुआ नुकसान – टीएस सिंहदेव

बिलासपुर 25/10/2026 : छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव ने शनिवार को बिलासपुर के सिरगिट्टी क्षेत्र में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले कार्यकाल के दौरान ‘ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री’ वाले फॉर्मूले को लेकर लगातार हुई चर्चाओं से पार्टी की छवि और चुनावी संभावनाओं को नुकसान पहुँचा। सिंहदेव ने 2018 के विधानसभा चुनाव को याद करते हुए कहा कि उस समय मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई बहस नहीं थी। पार्टी ने एकजुट होकर चुनाव लड़ा था और जनता ने भी भरपूर समर्थन दिया था। आगामी चुनावों के संदर्भ में उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस को पहले से मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने की आवश्यकता नहीं है; चुनाव जीतने के बाद हाईकमान जिसे योग्य समझेगा, उसे यह जिम्मेदारी दी जाएगी। कार्यकर्ताओं को जमीनी संपर्क की नसीहत पार्टी पदाधिकारियों, मंडल और सेक्टर स्तर के कार्यकर्ताओं से लगातार जनता के बीच रहने का आह्वान करते हुए सिंहदेव ने कहा: नियमित संवाद आवश्यक: केवल चुनाव के समय जनता के पास जाने से गलत संदेश जाता है कि नेता अपने स्वार्थ के लिए आ रहे हैं। सुख-दुख में भागीदारी: नेताओं को बड़े भाषण देकर चले जाने के बजाय आम लोगों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं और सुख-दुख सुनना चाहिए। एसआईआर (SIR) पर जोर: बिल्हा में आयोजित जनसभा के दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं से विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से हटाए गए कांग्रेसी सदस्यों के नाम दोबारा जुड़वाने का प्रयास करने को कहा। सामाजिक बैठकों और जनसभा में बेबाक बोल बिल्हा मंडी परिसर में जनसभा से पूर्व सरगांव बस स्टैंड पर सिंहदेव का भव्य स्वागत किया गया, जिसके बाद उन्होंने साहू भवन में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि देश में धर्म के नाम पर नफरत फैलाने की कोशिश की जा रही है और भगवान राम के नाम पर लोगों की धार्मिक भावनाओं का राजनीतिक इस्तेमाल तुरंत रुकना चाहिए।

धर्म

चारधाम यात्रा 2026: श्रद्धालुओं का ऐतिहासिक रिकॉर्ड, 60 लाख से अधिक भक्तों ने किए दर्शन

देहरादून 23 अक्टूबर 2026 Char Dham Yatra 2026 : उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस वर्ष अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुकी है। हिमालयी तीर्थस्थलों के दर्शन के लिए इस सीजन में आस्था का जनसैलाब उमड़ा, जिसने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में अब तक 60 लाख (6 मिलियन) से अधिक तीर्थयात्री चारों पवित्र धामों—बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री—के दर्शन कर चुके हैं। बद्रीनाथ धाम शीर्ष पर, केदारनाथ दूसरे स्थान पर प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष श्रद्धालुओं की पहली पसंद बद्रीनाथ धाम रहा, जहाँ सबसे अधिक 20,69,866 तीर्थयात्री पहुँचे। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज वहीं, केदारनाथ धाम 17,75,059 श्रद्धालुओं की उपस्थिति के साथ दूसरे स्थान पर रहा। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2023 में 56 लाख और वर्ष 2024 में 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे, जबकि इस बार यह संख्या 60 लाख के पार पहुँच गई है। 16 नवंबर को कपाट बंद होने के साथ समाप्त होगा ग्रीष्मकालीन चरण 19 अप्रैल 2026 को शुरू हुई यह पवित्र यात्रा आगामी 16 नवंबर को बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही शीतकाल के लिए विश्राम लेगी। हालांकि, इसके बाद शीतकालीन चारधाम यात्रा का शुभारंभ होगा। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि प्रशासन शीतकालीन यात्रा की तैयारियों पर मुस्तैदी से काम कर रहा है। माँ गंगा के मुखबा और माँ यमुना के खरसाली स्थित शीतकालीन निवासों पर विराजमान होने के बाद भक्त वहाँ दर्शन कर सकेंगे। इसी तरह केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद उखीमठ में श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन जारी रख सकेंगे। मानसून और आपदा की चुनौतियों के बीच सुगम संचालन इस वर्ष मानसून के दौरान प्राकृतिक आपदाओं की चुनौतियाँ सामने आईं, लेकिन राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के त्वरित प्रयासों से यात्रा को सुरक्षित रूप से जारी रखा गया। श्रद्धालुओं के लिए मार्गों पर स्वास्थ्य, सुरक्षा, यातायात और आपातकालीन सुविधाओं को मुस्तैद किया गया था। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा: “60 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन उत्तराखंड की पवित्रता और लोगों की अटूट आस्था को दर्शाता है। राज्य सरकार हर श्रद्धालु की यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।”

मां बम्लेश्वरी के भक्तों के लिए बड़ी खबर: डोंगरगढ़ नवरात्रि मेले में 1100 जवानों का पहरा, पदयात्रियों को मिलेंगे 20 हजार रेडियम स्टिकर, जानें सुरक्षा और ट्रैफिक का पूरा प्लान

रायपुर/राजनांदगांव 11 अक्टूबर 2025 Dongargarh Navratri Mela:  शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर

रामदेव पीर जयंती पर भव्य समारोह: गुजराती समाज की नवीन कार्यकारिणी का हुआ शपथ ग्रहण, कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन ने की 20 लाख की घोषणा

समारोह में कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन,जिला भाजपाध्यक्ष गोपाल मोदी एवं निगम सभापति

advertisement box

शेयर बाजार

Weather

राशिफल

खेल

जीवन शैली

शिक्षा