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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: तीन अधिवक्ताओं को वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा दिया गया

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Big decision of Chhattisgarh High Court: Three advocates were given the status of senior advocate

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने अधिवक्ता अधिनियम, 1961 और सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के तहत तीन अधिवक्ताओं को वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया है। इन अधिवक्ताओं में अशोक कुमार वर्मा, मनोज विष्णनाथ परांजपे और सुनील ओटवानी शामिल हैं। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू मानी गई है।

क्या है वरिष्ठ अधिवक्ता की भूमिका?

वरिष्ठ अधिवक्ता अमित सोनी के अनुसार, वरिष्ठ अधिवक्ता की मान्यता केवल प्रतीकात्मक नहीं होती, बल्कि यह उत्कृष्ट वकालत, दीर्घ अनुभव और नैतिक मानदंडों की सार्वजनिक स्वीकृति होती है। इससे अधिवक्ताओं को अदालत में विशेषाधिकार प्राप्त होते हैं और न्यायिक प्रक्रिया की गुणवत्ता भी सुदृढ़ होती है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?

यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बार में उत्कृष्ट विधिक क्षमता और प्रतिष्ठित सेवा को मान्यता देता है। उच्च न्यायालय की फुल कोर्ट द्वारा विधिक मापदंडों, पेशेवर साख और विधि क्षेत्र में योगदान के आधार पर इन नामों को अनुमोदन प्रदान किया गया है ¹।