नई दिल्ली Ministry Of Home Affairs : स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर से ठीक पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भारतीय ध्वज संहिता (Indian Flag Code) का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश जारी किया है। मंत्रालय का मानना है कि आम जनता के साथ-साथ कई सरकारी संस्थानों और एजेंसियों में भी राष्ट्रीय ध्वज फहराने से जुड़े नियमों और प्रावधानों की पर्याप्त जानकारी का अभाव है। इसे ध्यान में रखते हुए गृह मंत्रालय ने राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने के आदेश दिए हैं।

व्यापक प्रचार-प्रसार और जागरूकता पर जोर
गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजे गए अपने संदेश में स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय ध्वज हमारे राष्ट्र के गौरव और अस्मिता का प्रतीक है। इसके प्रति हर नागरिक में सम्मान की भावना और इससे जुड़े नियमों की स्पष्ट समझ होना आवश्यक है। राज्यों से कहा गया है कि वे ध्वज संहिता के नियमों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें ताकि अनजाने में भी तिरंगे का अनादर न हो।
कागज के तिरंगे का इस्तेमाल और निपटान (Disposal)
सांस्कृतिक, राष्ट्रीय और खेल आयोजनों में अक्सर छोटे झंडों का इस्तेमाल किया जाता है। गृह मंत्रालय ने इस संबंध में विशेष निर्देश जारी किए हैं:
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प्लास्टिक के झंडों पर रोक: आयोजनों में केवल कागज से बने राष्ट्रीय ध्वज का ही उपयोग किया जाना चाहिए।
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जमीन पर न फेंकें: कार्यक्रम समाप्त होने के बाद कागज के झंडों को जमीन पर फेंकना या बिखरा हुआ छोड़ना पूरी तरह अनुचित है।
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सम्मानजनक निपटान: उपयोग के बाद इन झंडों का निपटान गोपनीय रूप से और ध्वज संहिता में निर्धारित मर्यादा के अनुसार ही किया जाना चाहिए।
ध्वज संहिता के प्रमुख नियम जिनका पालन अनिवार्य है
गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय ध्वज के उपयोग को लेकर भारतीय ध्वज संहिता के कुछ सबसे महत्वपूर्ण नियमों को रेखांकित किया है:
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एक ही ध्वजदंड पर अन्य झंडा नहीं: तिरंगे को किसी अन्य झंडे या पताका के साथ एक ही पोल (ध्वजदंड) पर नहीं फहराया जा सकता।
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ऊंचाई का नियम: कोई भी अन्य झंडा या प्रतीक, राष्ट्रीय ध्वज से ऊंचा, बराबर या उसके ऊपर नहीं लगाया जा सकता। तिरंगा हमेशा सबसे प्रमुख स्थान पर रहेगा।
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वाहनों पर झंडा लगाने का नियम: ध्वज संहिता के भाग-3 की धारा-9 के अनुसार, केवल संवैधानिक और चिन्हित गणमान्य व्यक्तियों (जैसे राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, न्यायमूर्ति आदि) के वाहनों पर ही राष्ट्रीय ध्वज लगाने की अनुमति है। किसी भी सामान्य नागरिक या अनधिकृत व्यक्ति के वाहन पर तिरंगा लगाना नियम विरुद्ध है।
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क्षतिग्रस्त झंडे का प्रयोग वर्जित: फटा, गंदा या झुका हुआ तिरंगा फहराना ध्वज संहिता का उल्लंघन है।
राष्ट्रीय गौरव बनाए रखने की अपील
गृह मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों से अपील की है कि स्वतंत्रता दिवस और अन्य सभी राष्ट्रीय आयोजनों के दौरान इन दिशानिर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए स्थानीय प्रशासन, पुलिस और शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से आम नागरिकों को जागरूक करने के लिए कदम उठाए जाएं, जिससे हर स्तर पर राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान हो।
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