कोरबा, 13 अगस्त: छत्तीसगढ़ के लोकजीवन के सबसे बड़े पर्वों में शुमार ‘हरेली’ के अवसर पर हसदेव नदी के तट पर भवानी मंदिर के समीप स्थित छत्तीसगढ़ महतारी मंदिर परिसर में 12 अगस्त को एक भव्य हरेली महोत्सव का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ महतारी संस्कृति संवर्धन सेवा समिति, कोरबा के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में पूरा परिसर छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति के रंगों में रंगा नजर आया। ढोल-नगाड़ों की गूंज, लोकगीतों की मधुरता, गेड़ी की मस्ती और पारंपरिक खेलों के उत्साह ने इस आयोजन को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता का एक जीवंत उत्सव बना दिया।

मुख्य अतिथियों का आत्मीय स्वागत और ‘अरपा पैरी के धार…’ की गूंज
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत मुख्य अतिथि तथा छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल अध्यक्ष के रूप में शामिल हुए। मंदिर परिसर पहुंचने पर दोनों अतिथियों का लोकपरंपरा के अनुरूप ढोल-नगाड़ों, पुष्पहारों और आत्मीय स्वागत के साथ अभिनंदन किया गया। इस दौरान कलाकारों ने छत्तीसगढ़ के राज्यगीत ‘अरपा पैरी के धार…’ की मनमोहक प्रस्तुति दी।
माटी, किसान और लोकजीवन की आत्मा है हरेली: डॉ. चरणदास महंत
मुख्य अतिथि डॉ. चरणदास महंत ने हरेली पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व केवल कृषि उपकरणों की पूजा का अवसर नहीं है, बल्कि यह माटी, किसान, प्रकृति, पशुधन और लोकजीवन के बीच सदियों पुराने संबंधों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी लोकसंस्कृति से है और ऐसे पर्व नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़कर आत्मसम्मान की रक्षा करना सिखाते हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ महतारी मंदिर परिसर में आयोजित इस महोत्सव की सराहना करते हुए समिति के सभी पदाधिकारियों को बधाई दी।

माटी और संस्कृति पर गर्व ही हमारी सबसे बड़ी ताकत: जयसिंह अग्रवाल
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ के सबसे महत्वपूर्ण लोकपर्वों में से एक है, जिसमें कृषि परंपरा, प्रकृति के प्रति सम्मान और सामाजिक एकजुटता का भाव झलकता है। उन्होंने कहा कि किसान और कृषि प्रदेश की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ लोकसंस्कृति की भी मजबूत नींव हैं। उन्होंने आगे कहा कि “जिस समाज को अपनी माटी और संस्कृति पर गर्व होता है, उसकी पहचान को कोई मिटा नहीं सकता।” उन्होंने कोरबा स्थित छत्तीसगढ़ महतारी मंदिर को सांस्कृतिक चेतना का केंद्र बताया।
गेड़ी, फुगड़ी और नरियर फेंक ने बांधा समां
महोत्सव में छत्तीसगढ़ी लोकमंच के सुप्रसिद्ध कलाकार थिरमनदास और उनकी मंडली ने शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इसके साथ ही गेड़ी दौड़, नरियर फेंक और फुगड़ी जैसे पारंपरिक खेलों का भी आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों से लेकर युवाओं और महिलाओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
22 वर्षों से निरंतर जारी है यह सांस्कृतिक सिलसिला
समिति के अध्यक्ष मोहन सिंह प्रधान ने जानकारी दी कि कोरबा में पिछले 22 वर्षों से हरेली पर्व का निरंतर आयोजन किया जा रहा है, जिसमें पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल का महत्वपूर्ण सहयोग रहा है। समिति के महासचिव प्यारे लाल चौधरी ने आयोजन की सफलता के लिए सभी अतिथियों, कलाकारों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में इनकी रही विशेष उपस्थिति
इस भव्य आयोजन में समिति के संरक्षक हरिश्चंद्र निषाद, प्रदेश अध्यक्ष मोहन सिंह प्रधान, महासचिव प्यारेलाल चौधरी, रजनीश निषाद, रामाधार पटेल, आर.के. पाण्डेय, अमृता निषाद, गीता महंत, झल ठाकुर, यू.आर. महिलांगे, दिनेश कुमार केवट, सुरेश कुमार द्विवेदी, दिगंबर लाल कर्स, अधिवक्ता आर.पी. खंडे, पवन जांगड़े, बसंत टंडन, गोपाल दास महंत, नैतिक दास, धनराज निर्मलकर, रामेश्वर दास महंत, देव गवेल, प्रभात सिंह, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष श्रीमती गीता देवी, लता केवट, कुसुम द्विवेदी, लक्ष्मी मानिकपुरी, श्यामबाई महंत, अमृता निषाद, ममता अग्रवाल, ममता कटकवार, प्रदेश कांग्रेस संयुक्त महासचिव हरीश परसाई, पूर्व महापौर राजकिशोर प्रसाद, पूर्व सभापति श्यामसुंदर सोनी, बी.एन. सिंह, शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश कुमार राठौर, कोरबा जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष मनोज चौहान, पालूराम साहू, ए.डी. जोशी, बद्रीकिरण, रवि सिंह चंदेल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस से जुड़े पदाधिकारी, कार्यकर्ता और आम नागरिक मौजूद रहे ।








