प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के ट्रांसपोर्ट नगर सेवा केंद्र में आयोजित हुआ जिला स्तरीय शुभारंभ समारोह
कोरबा: समाज को व्यसनमुक्त और संस्कारित बनाने के उद्देश्य से प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, ट्रांसपोर्ट नगर स्थित विश्व सद्भावना भवन में “दस करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान” का जिला स्तरीय शुभारंभ रविवार को अत्यंत गरिमामय और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। यह राष्ट्रव्यापी अभियान संस्थान की पूर्व मुख्य प्रशासिका डॉ. दादी प्रकाशमणि जी की पुण्य स्मृति में 6 अगस्त से 20 अगस्त तक देश भर में चलाया जा रहा है।
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इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले के विद्यालयों, महाविद्यालयों, शासकीय-निजी संस्थानों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के माध्यम से अधिक से अधिक नागरिकों को नशामुक्ति की शपथ दिलाना है, ताकि एक स्वस्थ, सशक्त और प्रगतिशील राष्ट्र का निर्माण किया जा सके।
मुख्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन और ईश्वरीय स्मृति के साथ किया गया। इस अवसर पर कोरबा के प्रशासनिक अधिकारियों और प्रतिष्ठित नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई:
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मुख्य अतिथि: श्री कुणाल दुदावत (कलेक्टर, कोरबा)
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विशिष्ट अतिथि: श्री प्रतीक जैन (मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत), डॉ. के. सी. देवनाथ (अक्षय हॉस्पिटल), और श्री आदित्य शर्मा (पूर्व शाखा प्रबंधक, एसबीआई)।
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आध्यात्मिक सानिध्य: कोरबा सेवा केंद्र की संचालिका बीके रुक्मिणी दीदी, सह-संचालिका बीके बिंदु दीदी, बीके विद्या दीदी, बीके मधुबाला दीदी सहित बड़ी संख्या में ब्रह्माकुमारी भाई-बहन और शहरवासी मौजूद रहे।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में बीके विरेश भाई ने स्वागत गीत और बीके सूरज भाई ने नशामुक्ति पर आधारित एक अत्यंत प्रेरणादायक गीत प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों में जोश भर दिया।
“नशा परिवार और राष्ट्र के भविष्य के लिए गंभीर खतरा” – कलेक्टर कुणाल दुदावत
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि नशा आज केवल किसी एक व्यक्ति की व्यक्तिगत समस्या नहीं रह गई है, बल्कि यह परिवार, समाज और पूरे राष्ट्र के भविष्य को दीमक की तरह खोखला कर रहा है। नशे के कारण टूटते परिवार, भटकती युवा पीढ़ी और बढ़ते अपराध चिंता का विषय हैं।
उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा चलाए जा रहे इस जनजागरण अभियान की सराहना करते हुए कहा कि जिला प्रशासन इस नेक कार्य में हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा। कलेक्टर ने विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि वे आत्म-अनुशासन और राजयोग मेडिटेशन को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं ताकि वे हर प्रकार के व्यसनों से दूर रह सकें।
जिला पंचायत सीईओ प्रतिक जैन ने अपने विचार रखते हुए कहा कि एक नशामुक्त समाज का निर्माण करना केवल शासन या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। जब समाज और आध्यात्मिक संस्थाएं मिलकर प्रयास करती हैं, तो किसी भी बुराई को जड़ से खत्म किया जा सकता है।
नशे के शारीरिक और मानसिक दुष्परिणाम
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डॉ. के. सी. देवनाथ ने चिकित्सा विज्ञान के दृष्टिकोण से नशे के शारीरिक और मानसिक दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला और उपस्थित जनसमूह को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी।
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श्री आदित्य शर्मा ने बैंकिंग और सामाजिक अनुभव साझा करते हुए कहा कि केवल भौतिक प्रयास से नहीं, बल्कि आत्मबल और आध्यात्मिकता से ही व्यसनों से मुक्ति की वास्तविक शक्ति प्राप्त होती है।
6 से 20 अगस्त तक चलेगा विशेष जनजागरण अभियान
ब्रह्माकुमारी बीके विद्या दीदी ने अभियान की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि आगामी 6 अगस्त से 20 अगस्त तक जिले के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों, औद्योगिक इकाइयों और शासकीय कार्यालयों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से लोगों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई जाएगी। यह केवल नशा छोड़ने का संदेश नहीं है, बल्कि आत्मजागृति और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का एक राष्ट्रव्यापी जन-आंदोलन है।
समारोह के दौरान बीके रुक्मिणी दीदी ने अपने उद्बोधन में कहा कि बाहरी नशों से मुक्ति पाने के साथ-साथ काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार जैसे आंतरिक विकारों पर विजय पाना ही असली नशामुक्ति है। राजयोग साधना व्यक्ति को भीतर से मजबूत और आत्मबल से परिपूर्ण बनाती है।
रथ को दिखाई गई हरी झंडी
कार्यक्रम के अंत में कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बीके विद्या दीदी को कलश भेंट कर सम्मानित किया। इसके पश्चात सभी अतिथियों, अधिकारियों और नागरिकों ने सामूहिक रूप से हाथ उठाकर “नशामुक्त भारत” बनाने की प्रतिज्ञा ली।
तत्पश्चात अतिथियों ने “नशामुक्त भारत अभियान रथ” को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ कोरबा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए गुजरा और नागरिकों को नशामुक्त, स्वस्थ एवं आनंदमय जीवन जीने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का बेहद सफल और प्रभावी संचालन बीके विद्या दीदी ने किया, जबकि अंत में आभार प्रदर्शन बीके मधुबाला दीदी द्वारा किया गया।
प्रमुख बिंदु (At a Glance):
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अभियान की अवधि: 6 अगस्त से 20 अगस्त तक।
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स्मृति: डॉ. दादी प्रकाशमणि जी की पुण्य स्मृति।
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मुख्य आकर्षण: नशामुक्ति रथ यात्रा, राजयोग द्वारा आत्मबल, और सामूहिक प्रतिज्ञा।
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