रायपुर 5 अगस्त Elephant Tusk Smuggling : वन विभाग ने संगठित वन्यजीव तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में हाथीदांत तस्करी के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से तीन हाथीदांत (जबड़े) बरामद किए गए हैं, जिन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
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वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देश और वन मंडलाधिकारी श्री आलोक वाजपेयी के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। 3 अगस्त 2026 को वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (भोपाल), राज्य उड़न दस्ता रायपुर और बलरामपुर वनमंडल की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर रामानुजगंज स्थित ‘आमंत्रण धर्मशाला’ के कमरा नंबर 205 में छापेमारी की।
तलाशी के दौरान एक बैग से हाथी के जबड़े के तीन हाथीदांत जब्त किए गए। मौके से गिरफ्तार आरोपियों की पहचान झारखंड के पलामू निवासी संतोष कुमार विश्वकर्मा (42 वर्ष), तथा बलरामपुर-रामानुजगंज के अजय कुमार गुप्ता (49 वर्ष) और सतेन्द्र कुमार (50 वर्ष) के रूप में हुई है।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
चूंकि भारतीय जंगली हाथी ‘वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972’ की अनुसूची-1 के तहत संरक्षित अति संवेदनशील वन्य प्राणी है, इसलिए इस मामले को बेहद गंभीर वन अपराध माना गया है। विभाग ने सभी आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, रामानुजगंज की अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। रामानुजगंज वन परिक्षेत्राधिकारी ने बताया कि तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश के लिए आगे की जांच जारी है।








