रायपुर/कोरबा: छत्तीसगढ़ ठेकेदार संघ के बैनर तले प्रदेशभर के ठेकेदारों ने अपनी मांगों को लेकर रायपुर स्थित ‘नीर भवन’ में जोरदार प्रदर्शन किया। संघ का आरोप है कि भुगतान में अनावश्यक देरी और विभागीय प्रताड़ना के कारण कई ठेकेदार भारी मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं, जिसके चलते आत्महत्या जैसी दुखद घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। ठेकेदारों का कहना है कि ऐसे बदतर हालातों में अब अन्याय के खिलाफ एकजुट होना बेहद जरूरी हो गया है।
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6 जुलाई को सुबह 11 बजे हुए इस प्रदर्शन में कोरबा सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में ठेकेदार पहुंचे। ठेकेदारों ने बताया कि भारी बारिश के बावजूद उनके हौसले डगमगाए नहीं और उन्होंने डटकर अपनी आवाज उठाई। हालांकि, पूर्व सूचना दिए जाने के बावजूद विभाग के मैनेजिंग डायरेक्टर (एमडी) अपने दफ्तर से नदारद मिले और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) मंत्री अरुण साव से भी मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बावजूद, संघ ने विभाग में अपना मांग पत्र (ज्ञापन) सौंप दिया है।
अब जिला स्तर पर मोर्चा खोलने की तैयारी
ठेकेदार संघ ने साफ किया है कि यह आंदोलन ठेकेदारों के अधिकारों की रक्षा, समय पर भुगतान सुनिश्चित करने और विभागीय मनमानी पर रोक लगाने के लिए शुरू किया गया है। राजधानी रायपुर में राज्य स्तरीय प्रदर्शन की सफलता के बाद, अब संघ इस लड़ाई को जिला स्तर पर ले जाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए जल्द ही एक बैठक आयोजित कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।








