कटघोरा/पोड़ी उपरोड़ा (कोरबा): Chhattisgarh के कोरबा जिले से एक मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत अमलडीहा में एक बेवा (विधवा) बुजुर्ग महिला और उसकी नाबालिग बेटी को बेघर करने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। पीड़िता ने गांव के ही एक दर्जन से अधिक रसूखदार लोगों पर बलपूर्वक झोपड़ी तोड़ने, गाली-गलौज करने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए कटघोरा थाने में न्याय की गुहार लगाई है।
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क्या है पूरा मामला?
पीड़िता चंदन बाई लंबे समय से ग्राम अमलडीहा में अपने पैतृक शासकीय कब्जे की भूमि पर एक छोटी सी झोपड़ी बनाकर अपनी नाबालिग बेटी के साथ रह रही थी। इसी भूमि पर खेती-किसानी कर वह किसी तरह अपने परिवार का जीवन यापन कर रही है। पीड़िता के अनुसार, 29 जून 2026 को गांव के ही कुछ असामाजिक तत्वों और ग्रामीणों ने एकजुट होकर उसकी जमीन पर कब्जा करने और उसे वहां से बेदखल करने की नीयत से हमला बोल दिया।
इन लोगों पर लगा है गंभीर आरोप
पीड़िता ने कटघोरा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए गांव के निम्नलिखित लोगों को नामजद किया है:
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रमशीला पटेल, कीर्तिसाय पटेल, हीरादास महंत, पहारिन पटेल।
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परसहीन महंत, रमला बाई कंवर, अंजू पटेल, राम विलास पटेल।
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भैरोतलहीन, फोरबहिन, अनसुइया कंवर, सुकरिता यादव।
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फुलेश्वरी बाई, संताबाई पटेल और अमरीका साय।
पीड़िता का बयान:
“29 जून को इन सभी लोगों ने जबरन और बलपूर्वक मेरी झोपड़ी को ढहा दिया। जब मैंने इसका विरोध किया, तो उन्होंने मेरे साथ अभद्रता और अश्लीलता की हदें पार कर दीं। गंदी-गंदी गालियां दी गईं और जान से मारने की धमकी देते हुए मुझे व मेरी मासूम बेटी को घर से बेदखल कर दिया।”
पुलिसिया कार्रवाई और न्याय की उम्मीद
बेघर हो चुकी बुजुर्ग पीड़िता अपनी नाबालिग बेटी के साथ न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कटघोरा थाना पुलिस ने पीड़िता का शिकायत आवेदन स्वीकार कर लिया है। पुलिस प्रशासन की ओर से पीड़िता को उचित जांच का आश्वासन दिया गया है और कहा गया है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस बेसहारा विधवा महिला और उसकी बेटी को कब तक न्याय दिला पाता है और दबंगों पर क्या कार्रवाई होती है।








