कोरबा 12 सितंबर Chhattisgarh Power Employees : पुरानी पेंशन योजना (OPS) को पुनः लागू करने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ के विद्युत कर्मचारियों और अधिकारियों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। ‘विद्युत अधिकारी-कर्मचारी पुरानी पेंशन अधिकार मंच’ के बैनर तले शुक्रवार को कोरबा पश्चिम उत्पादन संयंत्र सहित प्रदेश के सभी आठ वितरण-पारेषण रीजन और तीनों उत्पादन संयंत्रों में विद्युत कर्मियों ने एक साथ एकजुट होकर उग्र प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने “ओपीएस हमारा अधिकार है” और “पुरानी पेंशन लागू करो” के बुलंद नारों के साथ प्रबंधन की हीलाहवाली के खिलाफ सख्त रोष जताया।

प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन, 5 अक्टूबर को रायपुर में बड़े आंदोलन का ऐलान
शुक्रवार शाम साढ़े पांच बजे अतिरिक्त मुख्य अभियंता (टीएंडएसएस) एम.के. गुप्ता को कंपनी अध्यक्ष के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन सौंपने के दौरान के.एन.बी. राव, बसुदेव राम भगत, महेंद्र साहू, राम इकबाल सिंह, अनिल द्विवेदी, डॉ. श्वेतांबरी महंता, गायत्री महिलांगे, डॉ. रेणु कौशिक, अनिता सिंह और सुप्रिया रानी कर्ण समेत 500 से अधिक कर्मचारी उपस्थित रहे।
आंदोलन की आगे की रणनीति के अनुसार, अब राज्य के सभी मंत्रियों, विधायकों और सांसदों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके पश्चात 5 अक्टूबर को प्रदेशभर के बिजली कर्मी राजधानी रायपुर स्थित विद्युत कंपनी मुख्यालय में एक दिवसीय विशाल प्रदर्शन एवं आमसभा में शामिल होंगे, जहां से आगामी उग्र आंदोलन का बिगुल फूंका जाएगा।
एकजुट हुए सभी प्रमुख संगठन
इस ऐतिहासिक आंदोलन को सफल बनाने के लिए विद्युत क्षेत्र के विभिन्न संगठनों ने एक साझा मंच तैयार किया है। इस अधिकार मंच में अभियंता संघ, पत्रोपाधि अभियंता संघ, फेडरेशन-1, भारतीय मजदूर संघ, जनता यूनियन, अधिकारी-कर्मचारी आरक्षित वर्ग संघ, फेडरेशन-56, ऑफिसर एसोसिएशन, तकनीकी कर्मचारी एकता यूनियन, डॉक्टर एसोसिएशन, तकनीकी कर्मचारी संघ और कार्यालयीन कर्मचारी संघ पूरी एकजुटता और ताकत के साथ मैदान में उतर चुके हैं।








