हेल्थकेयर न्यूज 12 सितंबर Urine Flow Issues : उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई बदलाव आते हैं, जिन्हें अक्सर लोग सामान्य मानकर अनदेखा कर देते हैं। इनमें से एक प्रमुख समस्या है (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) पेशाब से जुड़ी परेशानियां। यदि आपको पेशाब करने में समय लग रहा है, धार कमजोर हो गई है या रात में बार-बार टॉयलेट जाना पड़ रहा है, तो इसे केवल उम्र का तकाजा या अधिक पानी पीने का नतीजा मानकर टालना भारी पड़ सकता है।

चिकित्सकों के अनुसार, यदि यह समस्या लगातार बनी हुई है या धीरे-धीरे बढ़ रही है, तो इसके पीछे की सही वजह जानना बेहद जरूरी है।
कमजोर यूरिन फ्लो के मुख्य कारण
सामान्य अवस्था में ब्लैडर की मांसपेशियां सिकुड़ती हैं और मूत्रमार्ग (यूरेथ्रा) के जरिए पेशाब बाहर निकलता है।(आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) इस मार्ग में रुकावट या मांसपेशियों की कमजोरी के कारण यूरिन फ्लो प्रभावित होता है। इसके मुख्य संभावित कारण निम्नलिखित हैं:
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प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ना (BPH): पुरुषों में उम्र के साथ Benign Prostatic Hyperplasia (BPH) होना एक आम बात है। इसमें बिना कैंसर के भी प्रोस्टेट ग्रंथि का आकार बढ़ जाता है, जिससे मूत्रमार्ग पर दबाव पड़ता है। इसके चलते पेशाब शुरू करने में कठिनाई, पतली धार और बार-बार टॉयलेट जाने की समस्या होती है।
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यूरेथ्रल स्ट्रिक्चर (Urethral Stricture): इसमें किसी चोट, संक्रमण या पुरानी मेडिकल प्रक्रिया के कारण मूत्रमार्ग का कोई हिस्सा संकरा हो जाता है, जिससे पेशाब की धार बेहद कमजोर पड़ जाती है।
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संक्रमण और अन्य स्थितियां: यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI), कैफीन का अधिक सेवन, कुछ दवाएं या ब्लैडर से जुड़ी अन्य समस्याएं भी यूरिन पैटर्न में बदलाव ला सकती हैं।
इन लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज
यदि कमजोर यूरिन फ्लो के साथ नीचे दिए गए लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत जांच करानी चाहिए:
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पेशाब करने के लिए जोर लगाना या समय लगना।
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टॉयलेट करने के बाद भी ब्लैडर पूरी तरह खाली न होने का अहसास।
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पेशाब करते समय जलन, तेज दर्द या पेशाब में खून आना।
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पेट के निचले हिस्से में भारीपन या दर्द होना।
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पेशाब से जुड़ी समस्या के साथ बुखार आना।
केवल पानी की कमी समझना सही नहीं
अक्सर लोग यूरिन से जुड़ी हर परेशानी को पानी कम पीने से जोड़ देते हैं। (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) गहरा पीला पेशाब पानी की कमी दर्शा सकता है, लेकिन धार का कमजोर होना या रुक-रुक कर आना केवल निर्जलीकरण (Dehydration) नहीं है।
चिकित्सकों की सलाह है कि बिना डॉक्टरी जांच के खुद से एंटीबायोटिक या प्रोस्टेट की दवाएं शुरू न करें। डॉक्टर स्थिति के अनुसार यूरिन टेस्ट, ब्लड टेस्ट, प्रोस्टेट जांच (PSA) या यूरोफ्लोमेट्री जैसी जांचों के जरिए सही कारण का पता लगाते हैं।
आपातकालीन स्थिति: यदि पेशाब पूरी तरह रुक जाए, यूरिन में खून आए या बुखार के साथ असहनीय दर्द हो, तो बिना समय गंवाए तुरंत यूरोलॉजिस्ट या नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें।







