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महाराष्ट्र में भाषा विवाद: ऑटो चालकों को मराठी सीखने के लिए 1 साल की मोहलत पर भड़की मनसे, अमित ठाकरे बोले- हिंदी में बात की तो खैर नहीं

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 मुंबई/महाराष्ट्र 29 अगस्त : महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर राजनीतिक घमासान एक बार फिर तेज हो गया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे ने हिंदी भाषी ऑटो-रिक्शा चालकों को लेकर एक विवादित बयान दिया है। अमित ठाकरे ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि अगर कोई ऑटो ड्राइवर यात्रियों से हिंदी में बात करता है या बदतमीजी करता है, तो मनसे कार्यकर्ता उनके खिलाफ सख्त रुख अपनाएंगे और जरूरत पड़ने पर पीटेंगे भी।

महाराष्ट्र सरकार के फैसले पर उठाए सवाल

अमित ठाकरे ने देवेंद्र फडणवीस सरकार द्वारा ऑटो, टैक्सी और कैब चालकों को बेसिक मराठी सीखने के लिए दी गई 1 साल की अतिरिक्त मोहलत पर भी कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने मराठी भाषा की अनिवार्यता की समय सीमा बढ़ाई है। अमित ठाकरे का कहना है कि जब अन्य राज्यों के लोग अपनी क्षेत्रीय भाषा को लेकर बेहद संवेदनशील हैं, तो महाराष्ट्र में मराठी को लेकर ऐसा लचीला रुख क्यों अपनाया जा रहा है।

परिवहन विभाग का मराठी टेस्ट और नोटिस

उल्लेखनीय है कि 22 अगस्त को महाराष्ट्र परिवहन विभाग ने राज्यभर में 5,211 ड्राइवरों के मराठी ज्ञान का परीक्षण किया था। जांच के बाद मानक पर खरे न उतरने वाले 777 ड्राइवरों को नोटिस जारी कर एक महीने के भीतर व्यावहारिक मराठी सीखने की हिदायत दी गई थी। निर्देश न मानने पर लाइसेंस या परमिट रद्द करने की चेतावनी दी गई थी।

हालांकि, ड्राइवरों की उम्र और शैक्षणिक स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बेसिक मराठी सीखने के लिए एक साल का अतिरिक्त समय देने की घोषणा की। सरकार के इसी ढुलमुल रवैये को लेकर अब मनसे और सत्तापक्ष आमने-सामने आ गए हैं।

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