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Home » बस्तर » अबूझमाड़ में बदला हवाओं का रुख: हिंसा छोड़ मुख्यधारा में लौटीं बहनों ने DRG जवानों की कलाई पर बांधी राखी, दिया शांति का संदेश

अबूझमाड़ में बदला हवाओं का रुख: हिंसा छोड़ मुख्यधारा में लौटीं बहनों ने DRG जवानों की कलाई पर बांधी राखी, दिया शांति का संदेश

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रायपुर/नारायणपुर 29 अगस्त: बस्तर के अबूझमाड़ क्षेत्र में हिंसा की जगह अब शांति और विश्वास की नई हवा बहने लगी है। कभी बंदूक के साये में जीने वाली और अब आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ चुकी पूर्व महिला माओवादियों ने रक्षाबंधन के अवसर पर सुरक्षा बलों के साथ आत्मीय रिश्ता कायम किया। नारायणपुर स्थित डीआरजी (DRG) परिसर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में बहनों ने जवानों और पुलिस अधिकारियों की कलाई पर रक्षा-सूत्र बांधकर शांति, सुरक्षा और मानवीय संवेदनाओं का संदेश दिया।

इस भावुक अवसर पर आत्मसमर्पित बहनों ने नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अक्षय साबद्रा, अजय कुमार, ऐश्वर्य चंद्राकर सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को राखी बांधी। जो लोग कभी भय और संघर्ष के माहौल में जीवन बिता रहे थे, वे आज पुलिस प्रशासन के साथ एक परिवार की तरह खुशियां बांटते नजर आए।

पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल ने इस मौके पर कहा कि रक्षाबंधन केवल एक त्यौहार नहीं, बल्कि आपस में विश्वास और सुरक्षा का संकल्प है। मुख्यधारा में लौटे नागरिकों को समाज में सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर देना और उनके भीतर सुरक्षा की भावना को मजबूत करना पुलिस व समाज दोनों का दायित्व है।

डीआरजी परिसर का यह दृश्य इस बात का प्रमाण है कि हिंसा और बंदूक की राह से कहीं अधिक ताकतवर संवाद, विश्वास और अपनत्व की डोर होती है। नारायणपुर में मनाया गया यह पर्व उम्मीद जगाता है कि अबूझमाड़ अब भय और संघर्ष के दौर से निकलकर शांति, भाईचारे और विकास के एक नए युग में कदम रख चुका है।

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