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सलाखों के पीछे डाल दें या फांसी दें, गाएंगे केवल दो पद: ‘वंदे मातरम’ विवाद पर बोले कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद

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नई दिल्ली : कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता बीके हरिप्रसाद ने ‘वंदे मातरम’ को लेकर छिड़े विवाद पर अपनी पार्टी का पुरजोर बचाव किया है। उन्होंने भाजपा और केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि चाहे उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया जाए या फांसी पर लटका दिया जाए, कांग्रेस कार्यकर्ता ‘वंदे मातरम’ के केवल दो ही पद गाएंगे। उनका यह बयान सोनिया गांधी पर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रगीत रोकने के लगे आरोपों के बाद आया है।

दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए बीके हरिप्रसाद ने सोनिया गांधी पर लगे सभी आरोपों को खारिज किया और इसे आरएसएस तथा भाजपा की साजिश करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोनिया गांधी को राष्ट्रगीत से कोई आपत्ति नहीं थी, बल्कि उनकी आपत्ति केवल इसके गलत तरीके और शैली में गाए जाने को लेकर थी।

मल्लिकार्जुन खरगे पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए हरिप्रसाद ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष के पैर में समस्या होने के कारण वे ज्यादा देर खड़े नहीं रह सकते थे, इसलिए सोनिया गांधी ने उनके लिए कुर्सी मांगी थी। उन्होंने आरएसएस पर तीखा प्रहार करते हुए सवाल किया कि अपनी प्रार्थना ‘नमस्ते सदा वत्सले’ के बाद आरएसएस ने खुद कितनी बार राष्ट्रगीत या राष्ट्रगान गाया है?

बीके हरिप्रसाद ने जोर देकर कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में आरएसएस और भाजपा की कोई सकारात्मक भूमिका नहीं थी, इसलिए कांग्रेस को उनसे देशभक्ति या राष्ट्रगीत गाने का तरीका सीखने की जरूरत नहीं है।

मुख्य बिंदु

  • दो ही पद गाने का संकल्प: हरिप्रसाद ने साफ किया कि कांग्रेस ‘वंदे मातरम’ के केवल स्वीकृत शुरुआती दो पद ही गाएगी, चाहे इसके लिए कोई भी सजा दी जाए।

  • सोनिया गांधी का बचाव: राष्ट्रगीत का विरोध करने के आरोपों को नकारते हुए कहा कि सोनिया गांधी की आपत्ति केवल गायन की शैली और तरीके को लेकर थी।

  • खरगे की स्थिति पर स्पष्टीकरण: मल्लिकार्जुन खरगे के पैर की तकलीफ के कारण उनके बैठने के लिए कुर्सी मांगी गई थी, जिसे भाजपा मुद्दा बना रही है।

  • आरएसएस पर पलटवार: स्वतंत्रता आंदोलन में आरएसएस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि अंग्रेजों का साथ देने वाले संगठन से देशभक्ति का पाठ सीखने की जरूरत नहीं है।

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