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चरणदास महंत का साय सरकार पर करारा हमला: कहा—’बिना सोचे-समझे बयान देते हैं अशिक्षित मंत्री, नक्सलवाद को खत्म मानना जल्दबाजी’

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मनेंद्रगढ़:

छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने प्रदेश की साय सरकार और उसके मंत्रियों की कार्यशैली पर तीखा हमला बोला है। मनेंद्रगढ़ में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने मंत्रियों की योग्यता पर सवाल उठाए और कहा कि सरकार के मंत्री पढ़े-लिखे नहीं हैं, जिसके कारण वे बिना सोचे-समझे बयानबाजी करते हैं।

डॉ. महंत ने जोर देकर कहा कि मंत्रियों को उनके पद और जिम्मेदारी की गंभीरता को समझते हुए सोच-समझकर बयान देना चाहिए।

‘नक्सलवाद केवल संगठन नहीं, एक विचारधारा है’ नक्सलवाद के मुद्दे पर सरकार के दावों को चुनौती देते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि नक्सलवाद को पूरी तरह से समाप्त मान लेना एक बड़ी जल्दबाजी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद केवल एक संगठन नहीं, बल्कि एक सोच और विचारधारा है।

उन्होंने आगे कहा, “नक्सलवाद की विचारधारा निश्चित रूप से कमजोर हुई है, लेकिन यह पूरी तरह खत्म हो गई है, ऐसा मानना सही नहीं है।” डॉ. महंत ने इसे मानसिकता से जुड़ा विषय बताते हुए कहा कि इस सोच को समाप्त करने के लिए निरंतर और दीर्घकालिक प्रयासों की आवश्यकता है।

छत्तीसगढ़ में सियासी पारा चढ़ना तय नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के इस तीखे बयान के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में गरमाहट आ गई है। नक्सलवाद को लेकर सरकार के दावों पर विपक्ष लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए है, वहीं दूसरी ओर सत्ता पक्ष नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई और विकास कार्यों को अपनी बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश कर रहा है। इस बयान के बाद आने वाले दिनों में वार-पलटवार और बहस तेज होने के पूरे आसार हैं।

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