रायपुर:9अगस्त :आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह रविवार को रायपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार और केंद्र की बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साधा। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने पेसा कानून, पेपर लीक, महिला आरक्षण और यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार को घेरा।

संजय सिंह के मुख्य बयान और आरोप:
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पेसा कानून और आदिवासियों की अनदेखी: संजय सिंह ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में पेसा कानून का मजाक उड़ाया जा रहा है और स्थानीय लोगों का हक मारा जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के आदिवासी होने का जिक्र करते हुए कहा कि, “मुख्यमंत्री आदिवासी समाज से आते हैं, लेकिन उन्हें निर्देश अडानी और मोदी से मिलते हैं।” उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार को ‘केंद्र के इशारे पर नाचने वाली सरकार’ करार दिया।
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पेपर लीक के मामलों पर घेराबंदी: प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक पर चिंता जताते हुए उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2015 से लेकर अब तक देश भर में 148 पेपर लीक के मामले सामने आ चुके हैं। उन्होंने महाराष्ट्र, हरियाणा, उत्तराखंड और झारखंड समेत विभिन्न राज्यों का हवाला देते हुए सरकारों से जवाबदेही तय करने की मांग की।
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UCC और भेदभाव पर नया सुझाव: यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) पर बात करते हुए संजय सिंह ने दो अलग-अलग कमेटियां बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि पहली कमेटी को एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के साथ होने वाले भेदभाव की निगरानी करनी चाहिए, जबकि दूसरी कमेटी को समाज के अन्य वर्गों के मामलों को देखना चाहिए। साथ ही, उन्होंने बीजेपी पर समाज में विभाजन की राजनीति करने का आरोप लगाया।
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संगठन विस्तार पर जोर: रायपुर दौरे के दौरान संजय सिंह ने आम आदमी पार्टी के छत्तीसगढ़ में संगठन विस्तार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पार्टी के पदाधिकारी जिलों का दौरा कर रहे हैं और आने वाले समय में राज्य में पार्टी के जमीनी संगठन को और अधिक मजबूत किया जाएगा।








