कोरबा 9 अगस्त :छत्तीसगढ़ में इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन लगातार आक्रामक होता जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को कोरबा जिला एवं मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में डॉक्टरों ने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रदेशभर के साथी चिकित्सकों के आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया।

खास बात यह है कि कोरबा जिला अस्पताल में वर्तमान में एक भी इंटर्न डॉक्टर पदस्थ नहीं हैं, इसके बावजूद यहाँ के चिकित्सकों ने अपने साथियों के हक में आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना था कि यह संघर्ष किसी एक संस्थान का नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के चिकित्सक समुदाय के आत्मसम्मान की लड़ाई है।
अस्पताल परिसर में गूंजे तीखे नारे
प्रदर्शन के दौरान चिकित्सकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनके मुख्य नारे निम्नलिखित थे:
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“सोलह हजार अपमान है, तीस हजार डिमांड है”
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“पाँच सौ रुपये मजदूरी है, यह हड़ताल जरूरी है”
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“काम हमारा जान बचाना, हक हमारा उचित कमाना”
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“हम डॉक्टर हैं, मजदूर नहीं—यह शोषण हमें मंजूर नहीं”
मुख्य मांग: स्टाइपेंड बढ़ाकर 30,000 रुपये करने की मांग
चिकित्सकों की मुख्य मांग है कि इंटर्न डॉक्टरों का वर्तमान स्टाइपेंड16,000 रुपये से बढ़ाकर न्यूनतम 30,000 रुपये प्रतिमाहकिया जाए।
प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि 24-24 घंटे की कठिन ड्यूटी, इमरजेंसी सेवाओं और मरीजों की प्राथमिक देखभाल जैसी जिम्मेदारियों के एवज में रोजाना 500 रुपये मिलना बेहद अपमानजनक है।
चेतावनी
चिकित्सक समुदाय ने राज्य सरकार से स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों के हित में जल्द से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।








