महासमुंद: अंबिकापुर और बिलासपुर के बाद अब महासमुंद जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां के बरोण्डा बाजार स्थित शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह से सोमवार तड़के करीब 3 बजे 8 अपचारी बालक खिड़की की ग्रिल तोड़कर फरार हो गए।
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इन बालकों पर चोरी, आबकारी अधिनियम, गांजा परिवहन और दुष्कर्म जैसे गंभीर मामले दर्ज थे, जिनके तहत इन्हें किशोर न्याय प्रक्रिया के अंतर्गत संप्रेक्षण गृह में रखा गया था।
घटना से जुड़े मुख्य बिंदु:
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कुल संख्या: घटना के समय संप्रेक्षण गृह में कुल 27 अपचारी बालक मौजूद थे, जिनमें से 8 फरार हो गए।
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फरार बालकों का गृहग्राम: फरार हुए बालकों में महासमुंद के 3, ओडिशा के कालाहांडी के 2, तथा गरियाबंद (फिंगेश्वर), बलौदाबाजार-भाटापारा और धमतरी (कुरूद) के 1-1 बालक शामिल हैं।
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समय: पुलिस की रात्रि गश्त रात करीब ढाई बजे समाप्त हुई थी, जिसके कुछ ही समय बाद तड़के लगभग 3 बजे इस घटना को अंजाम दिया गया।
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प्रशासनिक कार्रवाई: घटना की सूचना मिलते ही संप्रेक्षण गृह की अधीक्षिका अपर्णा श्रीवास्तव ने तुरंत कोतवाली थाना पुलिस को इसकी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में ताबड़तोड़ सर्च अभियान शुरू कर दिया है।
राज्य में बढ़ रही ऐसी घटनाएं:
बाल संप्रेक्षण गृहों से बच्चों के फरार होने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले राज्य के अन्य जिलों में भी इस तरह की गंभीर घटनाएं सामने आ चुकी हैं:
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अंबिकापुर: जुलाई माह में 13 और जून माह में 11 अपचारी बालक खिड़की-दरवाजे तोड़कर फरार हुए थे।
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बिलासपुर: जुलाई माह में ‘प्लेस ऑफ सेफ्टी’ में बंद 4 अपचारी बंदियों ने एक सुरक्षा गार्ड की गला दबाकर हत्या कर दी थी और फरार हो गए थे। कोरबा में अपचारी बालक फरार हुए थे।
फिलहाल, महासमुंद पुलिस फरार बालकों की तलाश में जुटी हुई है और सरहदी इलाकों में भी चौकसी बढ़ा दी गई है।








