मुख्य बिंदु
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बांकीपुर उपचुनाव परिणाम: प्रशांत किशोर ने 64,151 वोट पाकर भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार को 19,324 वोटों से दी मात।
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भाजपा की तैयारी धरी रह गई: जीत के जश्न के लिए भारी मात्रा में लड्डू तैयार किए गए थे, जो हार के बाद चर्चा का विषय बन गए।
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वायरल ऑडियो: जनशक्ति जनता दल की नेता वीणा मानवी का भाजपा कार्यकर्ता को फोन कर लड्डू गरीबों में बांटने के लिए मांगने का ऑडियो वायरल।
पटना Laddoo Scandal : बिहार के बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे जितने चौंकाने वाले रहे, उससे कहीं ज्यादा दिलचस्प इसके बाद सामने आया एक राजनीतिक किस्सा बन गया है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की शानदार जीत के बाद जहां उनके समर्थकों में जश्न का माहौल है, वहीं भाजपा कार्यालय के लिए बनाए गए ‘जीत के लड्डू’ सोशल मीडिया पर हास्य का सबसे बड़ा केंद्र बन गए हैं।
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इस बीच, जनशक्ति जनता दल की प्रत्याशी रहीं वीणा मानवी का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लोग मजे लेते हुए ‘लड्डू बचाओ अभियान’ या ‘लड्डू कांड’ कह रहे हैं।
‘अंधेरा होने दीजिए, फिर भेजिएगा…’
वायरल ऑडियो क्लिप में वीणा मानवी कथित तौर पर भाजपा कार्यालय के एक कार्यकर्ता को फोन करती नजर आ रही हैं। बातचीत के दौरान वह कहती हैं कि जीत की उम्मीद में जो लड्डू बनवाए गए हैं, वे अब खराब हो जाएंगे। इसलिए उन्हें बर्बाद करने के बजाय गरीबों में बंटवा दिया जाए, ताकि पैसे और मिठाइयां दोनों बच सकें।
बातचीत का सबसे मजेदार मोड़ तब आया जब वीणा मानवी ने लड्डू भेजने का समय तय करते हुए कहा, “अभी नहीं, थोड़ा अंधेरा होने के दीजिए, फिर भेजिएगा।” इसके साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कार्यकर्ता से यह भी कहा कि “बुरा मत मानिए, इस दुख की घड़ी में हम आपके साथ हैं।”
चुनावी हार के बीच हास्य का तड़का
बांकीपुर सीट पर प्रशांत किशोर ने कुल 64,151 वोट हासिल कर भाजपा के नीरज कुमार को 19,324 वोटों से करारी शिकस्त दी। चुनाव में हार-जीत तो चलती रहती है, लेकिन इस ‘लड्डू रेस्क्यू ऑपरेशन’ वाली वायरल कॉल ने राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ ला दी है। यूजर इस बात पर चुटकी ले रहे हैं कि राजनीति में भले ही दल बदल जाएं, लेकिन मीठा बर्बाद नहीं होना चाहिए।
कौन हैं वीणा मानवी?
वीणा मानवी ‘महिला विकास मंच’ की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और बांकीपुर उपचुनाव में जनशक्ति जनता दल के टिकट पर मैदान में थीं। हालांकि, किन्हीं कारणों से उनका नामांकन रद्द हो गया था, जिसके बाद उन्होंने और उनकी पार्टी ने प्रशांत किशोर को समर्थन देने का ऐलान किया था। अब उनकी यह वायरल कॉल चुनाव के बाद शहरभर में चर्चा का सबसे मजेदार विषय बन गई है।
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