कोरबा, 18 जुलाई। कभी देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘NEET’ की तैयारी के लिए कोरबा के होनहारों को कोटा या बिलासपुर जैसे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। लेकिन अब वक्त बदल चुका है। स्थानीय स्तर पर सही मार्गदर्शन और विश्वस्तरीय शैक्षणिक माहौल मिलने से छोटे शहरों और ग्रामीण अंचलों की प्रतिभाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर सफलता का परचम लहराया है।
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हाल ही में घोषित NEET-UG 2026 के परिणामों में Physics Wallah (PW) विद्यापीठ एवं पाठशाला, कोरबा के विद्यार्थियों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए जिले को गौरवान्वित किया है। संस्थान की छात्रा अराध्या अग्रवाल ने 614 अंकों के साथ ऑल इंडिया रैंक (AIR) 6261 हासिल कर कोरबा जिला टॉपर बनने का गौरव प्राप्त किया है।

10 छात्रों को सरकारी मेडिकल कॉलेज मिलने की प्रबल संभावना
शिक्षा विशेषज्ञों और पिछले वर्षों के कटऑफ विश्लेषण के अनुसार, संस्थान के लगभग 10 विद्यार्थियों का चयन विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेजों में होना तय माना जा रहा है। वहीं, जिला टॉपर अराध्या अग्रवाल के AIIMS देवघर या AIIMS मदुरै जैसे देश के शीर्ष चिकित्सा संस्थानों में प्रवेश की मजबूत संभावना है।
संस्थान के टॉप परफॉर्मर्स:
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अराध्या अग्रवाल: 614 अंक (जिला टॉपर)
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प्रणय कुमार साहू: 576 अंक
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सोहम गोयल: 557 अंक
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हर्ष श्रीवास: 536 अंक (बोर्ड में 92% और NEET में भी सफलता)
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नजमा बानो: 528 अंक
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अखिल रंजन यादव: 515 अंक
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अमित यादव: 472 अंक (Re-NEET में 200 अंकों का सुधार)
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दीपेश कुमार: 466 अंक
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ममता सिंह: 392 अंक
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युवराज सिंह खुरसेंगा: 361 अंक
सफलता उत्सव: टॉपर्स ने साझा किए अपने ‘सफलता के मंत्र’
इस ऐतिहासिक कामयाबी के बाद संस्थान में ‘सफलता उत्सव एवं प्रतिभा सम्मान समारोह’ का आयोजन किया गया। मंच से सफल छात्र-छात्राओं ने अपनी यात्रा और संघर्ष के अनुभव साझा किए:
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कंसिस्टेंसी ही कुंजी है: टॉपर अराध्या अग्रवाल ने कहा, “अगर आपने डॉक्टर बनने का लक्ष्य चुन लिया है, तो पूरे साल बिना रुके लड़ते रहिए। Just Keep Fighting, करते-करते हो जाता है।”
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कमजोरी को बनाया ताकत: प्रणव कुमार यादव ने बताया कि 100 से अधिक मॉक टेस्ट देकर उन्होंने अपने सबसे कमजोर विषय (फिजिक्स) को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया।
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शुरुआती असफलताओं से न डरें: अखिल रंजन और दीपेश कुमार ने साझा किया कि शुरुआती टेस्ट में कम नंबर आने पर भी उन्होंने टेस्ट देना बंद नहीं किया, बल्कि अपनी गलतियों का ईमानदारी से विश्लेषण किया।
संस्थान के अकादमिक हेड अतुल सिंह ने इस सफलता का फॉर्मूला बताते हुए कहा कि 100% क्लास अटेंडेंस, 100% टेस्ट पार्टिसिपेशन और हर गलती का बारीक विश्लेषण ही इन बच्चों की सफलता का मुख्य आधार है।
“पहाड़ी कोरबा और बिरहोर जनजाति के बच्चे भी पहुँचेंगे AIIMS” – डॉ. पवन सिंह
समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. पवन सिंह (अध्यक्ष, जिला पंचायत कोरबा) ने विद्यार्थियों व अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि यह परिणाम कोरबा की बदलती शैक्षणिक तस्वीर का प्रमाण है।
उन्होंने विशेष रूप से जिले के वनांचल और विशेष पिछड़ी जनजातियों (PVTG) का जिक्र करते हुए कहा:
“कोरबा एक आदिवासी बहुल जिला है। यहाँ राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले ‘पहाड़ी कोरबा’ और ‘बिरहोर’ जनजाति के बच्चों में भी अपार क्षमता है। अगर उन्हें स्थानीय स्तर पर ऐसा ही गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन और संसाधन मिले, तो वे दिन दूर नहीं जब वनांचल के बच्चे भी AIIMS और IIT जैसे संस्थानों में अपनी जगह बनाएंगे। यह परिणाम कोरबा में एक नए शैक्षणिक युग की शुरुआत है।”
यह आयोजन केवल एक कोचिंग संस्थान का रिजल्ट नहीं, बल्कि इस बात का जीवंत सबूत है कि सही दिशा और निरंतर प्रयास से प्रतिभाएं किसी भी भौगोलिक सीमा को लांघकर राष्ट्रीय पटल पर चमक सकती हैं।








