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कोरबा नगर निगम के 16 महीनों में 537 करोड़ के विकास कार्यों की मिली स्वीकृति: महापौर संजू देवी राजपूत ने पत्रकार वार्ता में गिनाईं उपलब्धियां

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कोरबा, 15 जुलाई: पंचवटी विश्राम गृह में आयोजित एक भव्य पत्रकार वार्ता में कोरबा नगर पालिक निगम की महापौर संजू देवी राजपूत ने निगम की नई सरकार के 16 महीने के सफल कार्यकाल का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। पत्रकार वार्ता में नगर निगम कमिश्नर आशुतोष पांडे, वरिष्ठ पार्षद हीरानंद अग्रवाल सहित भाजपा के अधिकांश पार्षद और एल्डरमैन विशेष रूप से उपस्थित थे।

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महापौर संजू देवी राजपूत ने बताया कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री व नगरीय निकाय मंत्री अरुण साव और स्थानीय विधायक व कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन के कुशल मार्गदर्शन में कोरबा का कायाकल्प हो रहा है। उन्होंने प्रशासनिक अमले और पार्षदों के सहयोग की सराहना करते हुए बताया कि पिछले 16 महीनों में नगर निगम के सभी 67 वार्डों में बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने के लिए 537 करोड़ रुपये की लागत से 434 नवीन विकास कार्यों को मंजूरी दी जा चुकी है।

अधोसंरचना एवं सड़कों का कायाकल्प (गौरव पथ और फोरलेन)

शहर में सुगम यातायात और मजबूत सड़कों के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किए जा रहे हैं:

  • नवीन कार्यों की स्थिति: स्वीकृत 434 कार्यों में से 76 कार्य पूरी तरह संपन्न हो चुके हैं, 149 प्रगति पर हैं, और 209 विकास कार्य बहुत जल्द जमीन पर शुरू होने वाले हैं।

  • 15वां वित्त आयोग: सभी 67 वार्डों के बुनियादी विकास के लिए 36 करोड़ रुपये की लागत से 115 कार्यों की स्वीकृति मिली है, जो वर्तमान में टेंडर प्रक्रिया में हैं।

  • मुख्य गौरव पथ का निर्माण: जैन चौक से आईटीआई चौक होते हुए कोसाबाड़ी चौक तक बनने वाले, लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत के मुख्य गौरव पथ का निर्माण इसी माह शुरू हो जाएगा।

  • सड़कों का डामरीकरण: कोसाबाड़ी से घंटाघर और सीएसईबी चौक होते हुए सुनालिया पावर हाउस रोड तक डामरीकरण का टेंडर हो चुका है, जिसका काम बारिश के तुरंत बाद शुरू होगा। इसके अतिरिक्त, डीएमएफ (DMF) मद से 30 करोड़ रुपये की लागत से सभी मुख्य सड़कों के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव अंतिम चरण में है।

  • पुल और फोरलेन परियोजनाएं: 22 करोड़ रुपये की लागत से सुनालिया ओवरब्रिज व पुल से अग्रसेन चौक तक सड़क/पुल निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है। साथ ही सर्वमंगला पुल से राताखार होते हुए दर्री डैम तक फोरलेन सड़क और कोसाबाड़ी से रिसदी चौक तक 36 करोड़ की सड़क प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत आईटीआई चौक रामपुर से बालको चेकपोस्ट रेलवे फाटक तक 36 करोड़ की लागत से एक और गौरव पथ का निर्माण किया जाएगा।

स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन: देश के टॉप-10 शहरों में कोरबा

स्वच्छता के क्षेत्र में कोरबा ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक नई पहचान बनाई है:

  • देश में 8वां स्थान: ‘स्वच्छ सर्वेक्षण 2025’ में कोरबा ने देश के टॉप-10 स्वच्छ शहरों में शामिल होकर 8वीं रैंक हासिल की है।

  • कचरा डंपिंग पॉइंट्स का खात्मा: शहर के पुराने कचरा डंपिंग पॉइंट्स को पूरी तरह समाप्त कर उन्हें आकर्षक ‘मिनी गार्डन’ में बदल दिया गया है।

  • गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड: केवल 20 मिनट के भीतर एक ही बैनर पर 15,500 से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षर कराकर कोरबा ने स्वच्छता शपथ का ‘रेयर-टू-रेयरेस्ट’ वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया।

  • संसाधनों का आधुनिकीकरण: डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के लिए डीएमएफ मद से खरीदे गए 80 इलेक्ट्रॉनिक रिक्शा स्वच्छता दीदियों को सौंपे गए हैं। साथ ही 2 अत्याधुनिक मोबाइल टॉयलेट भी शामिल किए गए हैं। शहर के 55 हजार घरों में गीले और सूखे कचरे के लिए डस्टबिन बांटने की योजना प्रस्तावित है।

  • बायो-गैस संयंत्र एवं सीवरेज ट्रीटमेंट (STP): गीले कचरे के प्रबंधन के लिए नगर निगम, सीजी बायो फ्यूल और गेल इंडिया (GAIL) के बीच एमओयू हुआ है, जिससे बायो गैस बनाई जाएगी। इसके अलावा, हसदेव नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए 165 करोड़ रुपये की लागत से 33 MLD क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जा रहा है, जिसे अगस्त 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इस शोधित जल को ₹7.50 प्रति किलोलीटर की दर से NTPC को बेचा जाएगा, जिसके लिए 211 करोड़ रुपये की लागत से 20 MLD का टर्शरी ट्रीटमेंट प्लांट भी निविदा प्रक्रिया में है। इससे निगम को स्थाई आय होगी।

विद्युत एवं आधुनिक स्ट्रीट लाइट व्यवस्था

शहर के कोने-कोने को रोशन करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य जारी हैं:

  • हाई-कैपेसिटी लाइट और हाईमास्ट: तानसेन चौक से लेकर सीतामणी चौक तक मुख्य मार्गों पर कम क्षमता की लाइटों को हटाकर अधिक क्षमता की स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। घंटाघर ओपन थियेटर, भवानी मंदिर, सर्वमंगला मंदिर और जोड़ा पुल राताखार में हाई मास्ट लाइटें लगाई जा रही हैं।

  • वार्डों के लिए विशेष बजट: सभी 67 वार्डों में 5000 नई स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य प्रगति पर है। इसके साथ ही प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए महापौर निधि से 50 लाख रुपये की अलग से स्वीकृति दी गई है।

  • विद्युत खंभों का विस्तार: विभिन्न मुख्य मार्गों (जैसे सुभाष चौक से पोड़ीबहार, रविशंकर नगर से बीरसामुंडा मार्ग, स्याहीमुड़ी एजुकेशन हब आदि) पर 300 से अधिक नए विद्युत खंभे लगाए जा रहे हैं। दर्री बाजार, रिसदी, बरबसपुर, इमलीछापर और सर्वमंगला चौक के लिए 16 से 30 मीटर तक की हाईमास्ट लाइटों की प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है।

पेयजल व्यवस्था और जल संरक्षण (“मिशन वरुण”)

  • 20 MLD नया जल उपचार संयंत्र: डीएमएफ मद से 32 करोड़ रुपये की लागत से 20 MLD क्षमता के नए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जा रहा है, जो पुराने 6.81 MLD संयंत्र की जगह लेगा। इससे मोतीसागरपारा, इमलीडुग्गू, भिलाईखुर्द, खरमोरा, रूमगरा, कोहड़िया सहित सुदूर बस्तियों की लगभग 58,000 की आबादी को पर्याप्त पेयजल मिलेगा।

  • उच्च जलागार: 15वें वित्त आयोग के तहत ₹8 करोड़ की लागत से पाइपलाइन विस्तार और 3 नए पानी टंकियों (उच्च जलागार) का निर्माण स्वीकृत है।

  • राजस्व वृद्धि व संरक्षण: वर्षों से लंबित जलकर की वसूली और जल संरक्षण के लिए “मिशन वरुण” का सफल संचालन किया जा रहा है। भू-जल स्तर सुधारने के लिए ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत 10 स्थानों पर रिचार्जेबल वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना में कोरबा प्रदेश में अव्वल

  • सर्वाधिक आवास स्वीकृति: ‘प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0’ के फेज-2 के तहत कोरबा नगर निगम को 3022 आवासों का लक्ष्य मिला था, जिसके मुकाबले निगम ने रिकॉर्ड समय में 4027 आवासों की स्वीकृति कराकर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है।

  • पीएम स्वनिधि एवं आनंद बाजार: पथ विक्रेताओं के लिए पीएम स्वनिधि योजना के तहत 80% लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। घंटाघर के पास फुटपाथ पर व्यवसाय करने वाले छोटे व्यापारियों को व्यवस्थित करने के लिए बुधवारी बाजार के सामने पक्का मार्केट ‘आनंद बाजार’ विकसित कर दुकानें आवंटित की गई हैं। कोसाबाड़ी में वेंडिंग जोन का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि रविशंकर शुक्ल नगर, दर्री और कोरबा जोन में वेंडिंग जोन प्रस्तावित हैं।

अभिनव नवाचार और जनकल्याणकारी योजनाएं

महापौर ने बताया कि शहर के चहुंमुखी विकास के साथ-साथ जनता से सीधा जुड़ाव बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण नवाचार किए गए हैं:

  • महापौर की पाती और कनेक्ट-टू-कमिश्नर: पेयजल, बिजली और सफाई से जुड़ी जनसमस्याओं का 24 घंटे के भीतर निवारण करने के लिए “महापौर की पाती” और “कनेक्ट-टू-कमिश्नर” जैसी अभिनव योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिसके लिए बकायदा मोबाइल नंबर भी जारी किया गया है।

  • भव्य रामलीला का आयोजन: नागरिकों में नैतिक व सांस्कृतिक मूल्यों के विकास के लिए भव्य रामलीला का आयोजन किया गया, जिसमें जगतगुरु रामभद्राचार्य जी और सीएम विष्णुदेव साय शामिल हुए थे। जनता की मांग पर इस वर्ष भी इसका आयोजन किया जाएगा।

  • मेगा स्वच्छता ड्राइव: 25 जनवरी से 06 मार्च 2025 तथा 25 फरवरी से 11 अप्रैल 2026 तक शहर में लगातार महा-स्वच्छता अभियानों का सफल संचालन किया गया।

  • उद्यानों का सीएसआर (CSR) संधारण: निगम के 5 प्रमुख उद्यानों के रखरखाव की जिम्मेदारी 5 बैंकों को सौंपी गई है, जिससे निगम के पैसों की बचत हो रही है और नागरिकों को निःशुल्क बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। उपेक्षित स्थानों को सुंदर बनाने के लिए ‘क्रिएटिव कॉर्नर’ की शुरुआत की गई है।

  • यातायात चौराहों पर वेटिंग शेड: सिग्नल पर रुकने वाले राहगीरों की सुविधा के लिए चौराहों पर वेटिंग शेड बनाए जा रहे हैं, जिसकी शुरुआत सीएसईबी चौक से हो चुकी है।

  • 40 ई-बसें और अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग स्टेशन: केंद्र सरकार की पीएम ई-बस सेवा के तहत कोरबा को 40 ई-बसों की मंजूरी मिली है। इसके साथ ही, एनसीएपी (NCAP) मद से घंटाघर (स्मृति उद्यान के पास) और सुनालिया चौक मल्टीलेवल पार्किंग में अत्याधुनिक ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं। इन स्टेशनों की खासियत यह है कि यहाँ आम तौर पर 5-6 घंटे में चार्ज होने वाले वाहन महज 30 मिनट में फुल चार्ज हो जाएंगे और एक समय में 5 वाहन चार्ज हो सकेंगे।

महापौर संजू देवी राजपूत ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में ये सभी परियोजनाएं कोरबा को एक स्वच्छ, सुंदर, आधुनिक और आत्मनिर्भर शहर के रूप में स्थापित करेंगी।

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