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प्रशासनिक व्यवस्था पर डॉ. रमन सिंह की नाराजगी से छत्तीसगढ़ में सियासी उबाल, साव और बघेल के बीच वार-पलटवार

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रायपुर 1जून : बेमेतरा दौरे के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह द्वारा प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर जाहिर की गई नाराजगी ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।

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उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने डॉ. रमन सिंह के राजनीतिक कद का हवाला देते हुए उनकी बातों को बेहद गंभीर बताया है। रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान साव ने कहा, “डॉ. रमन सिंह केंद्र में मंत्री, तीन बार मुख्यमंत्री और वर्तमान में विधानसभा अध्यक्ष जैसे उच्च पदों पर रहे हैं। वे राज्य के वरिष्ठतम नेताओं में से एक हैं। इसलिए उनकी बातों को न केवल राजनीतिक दलों, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों को भी पूरी गंभीरता से लेना चाहिए।”

दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस स्थिति पर तंज कसने में देर नहीं की। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए सीधे सरकार को आड़े हाथों लिया। बघेल ने लिखा, “डॉक्टर साहब का गुस्सा बता रहा है कि सरकार की सेहत खराब है। लेकिन दिक्कत ये है कि डॉक्टर साहब परहेज मरीज को बताने की बजाय तीमारदार को बता रहे हैं।” इसके साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए यह भी जोड़ा कि विधानसभा अध्यक्ष जिस तरह मुख्यमंत्री के सम्मान की रक्षा कर रहे हैं, वह देखना सुखद है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, डॉ. रमन सिंह के बयान और उस पर आ रही प्रतिक्रियाओं ने यह साफ कर दिया है कि राज्य में प्रशासनिक कामकाज को लेकर उठा यह मामला इतनी आसानी से शांत होने वाला नहीं है। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही पैनी नजरें बनाए हुए हैं।

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