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व्यापार किसी की जान से ज्यादा जरूरी नहीं: लिफ्ट और सुरक्षा मानकों पर कलेक्टर सख्त, 1 सप्ताह का अल्टीमेटम

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मुख्य बातें
  • कलेक्टर का सख्त रुख: डॉ. गौरव सिंह ने कहा- सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं, हादसा होने पर ऑपरेटर नहीं, भवन स्वामी जिम्मेदार होंगे।

  • 1 सप्ताह का समय: सभी संस्थानों को एक सप्ताह के भीतर लिफ्ट ऑपरेटिंग सिस्टम दुरुस्त करने और इमरजेंसी नंबर डिस्प्ले करने के निर्देश।

  • कड़ी कार्रवाई की चेतावनी: लिफ्ट बंद होने या समय पर मदद न मिलने की शिकायतों पर होगी सख्त कार्रवाई।

  • संयुक्त टीम करेगी जांच: अल्टीमेटम खत्म होने के बाद पुलिस, नगर निगम, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, होमगार्ड और पावर कंपनी की संयुक्त टीम करेगी भवनों का औचक निरीक्षण।

रायपुर, 26 मई। रायपुर नगर निगम क्षेत्र के बड़े व्यावसायिक भवनों, मल्टीस्टोरी कॉम्प्लेक्स, मॉल्स और अस्पतालों में लिफ्ट सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। मंगलवार को रेडक्रॉस सभागार में आयोजित एक अहम बैठक में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने दोटूक शब्दों में कहा कि व्यापार किसी की जान से ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं है।

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बैठक में लिफ्ट मेंटेनेंस, फिटनेस प्रमाण-पत्र, फायर सिस्टम, पार्किंग और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी संस्थान एक सप्ताह के भीतर अपनी लिफ्टों को दुरुस्त करें और उनमें आपातकालीन नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज करें। इसके बाद विभिन्न विभागों की एक संयुक्त टीम शहर के भवनों का औचक निरीक्षण करेगी।

कचरा निपटान और पार्किंग पर भी निर्देश बैठक में नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने स्पष्ट किया कि बड़े मॉल्स और व्यावसायिक प्रतिष्ठान ‘बल्क वेस्ट जनरेटर’ की श्रेणी में आते हैं। इसलिए उन्हें अपने स्तर पर कचरे के पृथक्करण (Segregation) और निपटान की समुचित व्यवस्था करनी होगी। इसके अलावा आम जनता की सुविधा के लिए पार्किंग नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, एडीएम उमाशंकर बंदे सहित नगर निगम और पुलिस प्रशासन के कई आला अधिकारी मौजूद थे।

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