कोरबा 9 अप्रैल | जिले के गेवरा-दीपका क्षेत्र में इन दिनों रसोई गैस की भारी किल्लत ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। आलम यह है कि गेवरा कंज्यूमर्स कॉपरेटिव कार्यालय के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें और भारी भीड़ लग रही है, जिससे परिसर में हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल है।

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प्रमुख समस्याएँ: क्या है जमीनी हकीकत?
सप्लाई में भारी देरी: स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि 60 दिन (दो महीने) पहले बुकिंग कराने के बावजूद सिलेंडर की डिलीवरी नहीं हो पा रही है।
दैनिक जीवन प्रभावित: समय पर गैस न मिलने से लोगों के घरों में चूल्हे जलना मुश्किल हो गया है, जिससे दैनिक दिनचर्या पूरी तरह अस्त-व्यस्त है।
प्रबंधन पर सवाल: उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता की कमी है। घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलता।
वित्तीय संकट और प्रशासनिक चुनौतियाँ
गैस किल्लत के पीछे एक बड़ा कारण समिति का आंतरिक वित्तीय प्रबंधन बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार:
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लेखा-जोखा में गड़बड़ी: वर्ष 2022 से अब तक समिति का हिसाब-किताब स्पष्ट नहीं है।
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भुगतान में देरी: वित्तीय रिकॉर्ड साफ न होने की वजह से गैस खरीदी के भुगतान में दिक्कतें आ रही हैं, जिसका सीधा असर आपूर्ति पर पड़ रहा है।
नई टीम के सामने बड़ी चुनौती: हाल ही में जानाराम कर्ष ने अध्यक्ष और छाया देवी ने उपाध्यक्ष का पदभार संभाला है। अब यह देखना होगा कि नई टीम इस बिखरी हुई व्यवस्था को कैसे पटरी पर लाती है और आम जनता को इस संकट से कब तक निजात दिला पाती है।
फिलहाल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। यदि जल्द ही आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
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