नवा रायपुर 10 अप्रैल 2026 | छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य शासन ने एक और बड़ा प्रहार किया है। राजनांदगांव के बहुचर्चित ‘सत्यम परिवेश’ कॉलोनी मामले में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (T&CP) के संयुक्त संचालक सूर्यभान सिंह ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
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पूरा मामला: करोड़ों का खेल और नियमों की अनदेखी
यह पूरा विवाद राजनांदगांव स्थित परिवेश आई.एन.सी. (सत्यम परिवेश) कॉलोनी के ले-आउट (अभिन्यास) से जुड़ा है। आरोप है कि पद पर रहते हुए श्री ठाकुर ने कॉलोनी के नक्शे और नियमों में इस तरह हेर-फेर किया जिससे शासन को करोड़ों रुपये की राजस्व हानि हुई।
जांच का शिकंजा: इस मामले की गंभीरता को देखते हुए 20 नवंबर 2025 को एक विशेष जांच समिति बनाई गई थी। समिति की रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि अधिकारी ने सिविल सेवा आचरण नियम 1965 की धज्जियां उड़ाते हुए बिल्डर्स को अनुचित लाभ पहुँचाया।
निलंबन आदेश की मुख्य बातें
आवास एवं पर्यावरण विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के तहत निम्नलिखित कार्रवाई की गई है:
तत्काल प्रभाव से एक्शन: छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के नियम 9 (1) के तहत संयुक्त संचालक को सस्पेंड कर दिया गया है।
मुख्यालय परिवर्तन: निलंबन की अवधि में ठाकुर का मुख्यालय इंद्रावती भवन, नवा रायपुर तय किया गया है।
सख्त पाबंदी: बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के वे मुख्यालय नहीं छोड़ पाएंगे। उन्हें केवल निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) ही देय होगा।
प्रशासनिक संदेश
इस कार्रवाई ने विभाग के भीतर हड़कंप मचा दिया है। शासन ने साफ कर दिया है कि रियल एस्टेट और टाउन प्लानिंग में किसी भी प्रकार की सेटिंग या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवर सचिव शत्रुहन यादव के हस्ताक्षर से जारी यह आदेश प्रदेश के अन्य अधिकारियों के लिए भी एक बड़ी चेतावनी है।
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