सूरजपुर के प्रेमनगर क्षेत्र में दिल दहला देने वाला हादसा; सड़क से उठाकर घर लाई गई थी बैटरी
अंबिकापुर (छत्तीसगढ़), 02 जून: सूरजपुर जिले के प्रेमनगर क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। सड़क पर फेंकी गई एक खराब मोबाइल फोन की बैटरी से खेलना एक मासूम बच्चे के लिए काल बन गया। खेल-खेल में अचानक बैटरी में हुए जोरदार विस्फोट (ब्लास्ट) के कारण गंभीर रूप से झुलसे एक वर्षीय मासूम ने अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस हादसे के बाद से पीड़ित परिवार और पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।
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सड़क पर मिली बैटरी से खेल रहा था मासूम
मिली जानकारी के अनुसार, यह दुखद घटना प्रेमनगर थाना क्षेत्र के ग्राम बरमपुर की है। मृतक बच्चे के पिता महेंद्र कुमार ने बताया कि उनका बड़ा बेटा सड़क पर पड़ी एक खराब मोबाइल बैटरी को खिलौना समझकर घर ले आया था। घर के आंगन में उनका सबसे छोटा, एक साल का मासूम बेटा उस बैटरी के साथ खेल रहा था। इसी दौरान अचानक बैटरी में एक जोरदार धमाका हुआ।
धमाके की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मासूम का चेहरा, हाथ और पैर बुरी तरह झुलस गए।
अस्पताल दर अस्पताल रेफर, पर नहीं बच सकी जान
घटना के तुरंत बाद बदहवास परिजन बच्चे को लेकर स्थानीय प्रेमनगर स्वास्थ्य केंद्र भागे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे सूरजपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में भी हालत नाजुक बनी रही, जिसके बाद डॉक्टरों ने उसे तुरंत अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया। यहां डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे मासूम ने दम तोड़ दिया।
महेंद्र कुमार के पांच बच्चों में यह मृतक बच्चा सबसे छोटा और सबका लाडला था। इस हादसे ने एक बार फिर इलेक्ट्रॉनिक कचरे (E-Waste) को लापरवाही से फेंकने के खतरों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एक जरूरी अपील (सावधानी ही सुरक्षा है):
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कभी भी पुरानी या फूली हुई मोबाइल बैटरी को खुले में या सड़क पर न फेंकें।
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बच्चों को किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, पुरानी बैटरी या चार्जर से दूर रखें।
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लिथियम-आयन बैटरी दबाव, गर्मी या डैमेज होने पर बम की तरह फट सकती है।








