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“कोरबा पुलिस का खुलासा: कर्मचारी ने ही रची थी लूट की झूठी कहानी, साढ़े चार लाख के गबन में गिरफ्तार”

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कोरबा 3 अप्रैल 2026। शहर के सीतामणी क्षेत्र में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक कर्मचारी ने दिनदहाड़े साढ़े चार लाख रुपये की लूट की सूचना दी। लेकिन कोरबा पुलिस की सतर्कता और बारीकी से की गई जांच ने चंद घंटों में ही मामले का पासा पलट दिया। जिस कर्मचारी ने सुबह “पीड़ित” बनकर लूट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, शाम होते ही पुलिस ने उसे “आरोपी” के रूप में गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया।

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क्या था मामला ? उरगा निवासी प्रार्थी वरुण नायर ने पुलिस को बताया कि उनके कर्मचारी प्रियंशु देवांगन ने सूचना दी कि 3 अप्रैल 2026 की सुबह लगभग 9:30 से 10:00 बजे के बीच सीतामणी गौ माता चौक के पास उससे लूट हो गई है। कर्मचारी के मुताबिक, वह बीमा नवीनीकरण (Insurance Renewal) की राशि लेकर जा रहा था।

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पुलिस को हुआ संदेह, ऐसे खुला राज घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर कोतवाली पुलिस टीम मौके पर पहुँची। जब पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और कर्मचारी प्रियंशु देवांगन (निवासी जांजगीर) से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसकी बातों में विरोधाभास नजर आया। पुलिस की तकनीकी जांच और मनोवैज्ञानिक पूछताछ के आगे आरोपी ज्यादा देर टिक नहीं सका और उसने कबूल किया कि लूट की पूरी कहानी मनगढ़ंत थी।

खुद की रकम डकारने के लिए रची साजिश आरोपी प्रियंशु ने स्वीकार किया कि उसने बीमा के 4.50 लाख रुपये का स्वयं ही दुरुपयोग (गबन) कर लिया था। इस गबन को छिपाने और मालिक की नजरों में बेगुनाह बनने के लिए उसने लूट का झूठा नाटक रचा था।

कानूनी कार्यवाही कोरबा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 306/2026 धारा 316(5) BNS (आपराधिक विश्वासघात) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि “सजग कोरबा – सतर्क कोरबा” अभियान के तहत भ्रामक सूचना देने वाले और आर्थिक अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।


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