कोरबा: जिला कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय समन्वय समिति (DLCC) एवं समीक्षा समिति (DLRC) की तिमाही बैठक में कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने बैंकिंग संस्थानों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वरोजगार के इच्छुक युवाओं के ऋण आवेदनों का प्राथमिकता से परीक्षण कर उन्हें जल्द से जल्द स्वीकृत किया जाए, ताकि जिले के युवा आर्थिक रूप से सशक्त हो सकें।
फरवरी 2026 तक का मिला अल्टीमेटम
बैठक के दौरान कलेक्टर ने शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत निर्धारित वार्षिक ऋण लक्ष्यों (GSS) को फरवरी 2026 के अंत तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोरबा एक ‘अस्पिरेशनल जिला’ है और इसके समग्र विकास के लिए किसानों, युवाओं और सूक्ष्म-उद्यमियों को समय पर वित्तीय सहायता मिलना अनिवार्य है।
पीएम सूर्यघर और केसीसी पर विशेष जोर
बैठक में ‘पीएम सूर्यघर योजना’ के तहत प्राप्त आवेदनों को त्वरित स्वीकृति देने पर चर्चा हुई। इसके साथ ही मत्स्य पालन, उद्यानिकी और पशुपालन विभाग की ओर से बैंकों से अनुरोध किया गया कि केसीसी (KCC) ऋण वितरण में तेजी लाई जाए। नाबार्ड के डी.डी.एम. ने जिले में किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के गठन और कृषि निवेश बढ़ाने पर बल दिया।
बीमा दावों का हो त्वरित निपटान
कलेक्टर ने पीएमएसबीवाई (PMSBY) और पीएमजेजेबीवाई (PMJJBY) योजनाओं के तहत लंबित बीमा दावों का निपटारा सहानुभूतिपूर्वक और पारदर्शिता के साथ करने को कहा है, ताकि दिवंगत हितग्राहियों के आश्रितों को समय पर मदद मिल सके। बैठक में आरबीआई के अधिकारियों ने आगामी ‘फाइनेंशियल लिटरेसी वीक’ के माध्यम से नागरिकों को वित्तीय साक्षरता से जोड़ने की रणनीति भी साझा की।
बैठक के मुख्य बिंदु
▪️अध्यक्षता: कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ▪️डेडलाइन: फरवरी 2026 के अंत तक सभी जीएसएस ऋण लक्ष्य पूरे करने होंगे।▪️प्राथमिकता: युवा स्वरोजगार, पीएम सूर्यघर योजना और कृषि ऋण।▪️निर्देश: बीमा दावों का त्वरित और पारदर्शी निपटान।▪️उपस्थिति: जिला पंचायत सीईओ, आरबीआई, नाबार्ड और सभी बैंकों के शाखा प्रबंधक।








