कोरबा छत्तीसगढ़ : डिजिटल युग की चुनौतियों के बीच पारंपरिक पत्रकारिता और उससे जुड़े रोजगार को बचाने के लिए छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। जिले के सभी सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और कॉलेजों में दैनिक समाचार पत्रों की उपलब्धता अनिवार्य करने की मांग को लेकर संघ ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।
बौद्धिक विकास के लिए अखबार जरूरी
कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में संघ ने तर्क दिया कि अखबार केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि ज्ञान का सबसे विश्वसनीय स्रोत हैं। स्थानीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय घटनाओं तक की सटीक जानकारी विद्यार्थियों के सामान्य ज्ञान और बौद्धिक विकास के लिए अनिवार्य है। साथ ही, शासकीय कार्यालयों में अखबारों की मौजूदगी से अधिकारी और कर्मचारी समसामयिक विषयों और सरकारी नीतियों से अपडेट रह सकेंगे।
वितरकों के सामने रोजी-रोटी का संकट
संघ ने ज्ञापन में वितरकों की आर्थिक स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की है। डिजिटल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के कारण अखबारों के प्रसार में कमी आई है, जिसका सीधा असर उन हजारों परिवारों पर पड़ा है जो सुबह-सुबह घर-घर अखबार पहुँचाकर अपनी जीविका चलाते हैं।
संघ की प्रमुख मांगें:
जिले के सभी शासकीय कार्यालयों में कम से कम दो दैनिक समाचार पत्र मंगवाए जाएं।
स्कूलों और कॉलेजों के पुस्तकालयों में छात्रों के लिए अखबारों की अनिवार्यता संबंधी आदेश जारी हों।
अखबार वितरण से जुड़े लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार सुरक्षा दी जाए।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष विपेन्द्र कुमार साहू, सचिव जय सिंह नेताम, कोषाध्यक्ष लक्ष्मी राठौर, संयोजक तपेश्वर राठौर एवं राय सिंह सहित संघ के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।








