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धान खरीदी में भ्रष्टाचार और ‘दो पैर वाले मूसवा’ के कटाक्ष से गरमाया कोरबा का सियासी पारा

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कोरबा, छत्तीसगढ़ 22 जनवरी 2026। कोरबा सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत ने  जिला कलेक्टर कार्यालय में आयोजित ‘दिशा’ (जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति) की बैठक में शिरकत की। बैठक के उपरांत मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने विकास कार्यों और प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर तीखे प्रहार किए।

‘दिशा’ की बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा

सांसद महंत ने बताया कि बैठक में जनमन योजना और DMF (जिला खनिज संस्थान न्यास) के फंड के सदुपयोग पर विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने कहा:

  • योजनाओं का अनुपात: जनमन योजना में वर्तमान में 70:30 का अनुपात है, जिसकी पूरी जानकारी अभी अपेक्षित है।

  • फंड का उपयोग: जिले में उपलब्ध पर्याप्त DMF राशि का उपयोग स्कूलों के नवीनीकरण और बुनियादी ढांचे के सुधार में किया जाना चाहिए।

  • जल जीवन मिशन: ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की समस्या दूर करने के लिए बोर खनन और पाइपलाइन विस्तार पर जोर दिया गया है।

सांसद ने प्रशासन के प्रति सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा कि बैठक में अधिकारियों से संतोषजनक जवाब मिले हैं और उन्हें उम्मीद है कि वर्तमान कलेक्टर जिले के विकास के लिए बेहतर कार्य करेंगे।

धान खरीदी में गड़बड़ी पर ‘मूसवा’ वाला तंज

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी और स्टॉक में कमी को लेकर पूछे गए सवाल पर सांसद ज्योत्सना महंत ने बेहद तल्ख टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “मेरे संसदीय क्षेत्र में फिलहाल ऐसा मामला सामने नहीं आया है, लेकिन प्रदेश में जब ‘दो पैर वाले मूसवा’ (चूहा) पैदा हो गए हैं, तो वे ही धान खा रहे होंगे।” उन्होंने आगे कहा कि भ्रष्टाचार करने वाले अपनी कोई निशानी तक नहीं छोड़ रहे हैं। करोड़ों रुपये के कथित भ्रष्टाचार पर उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह बताए कि धान कहाँ और कैसे गायब हुआ। महंत ने स्पष्ट किया कि धान खरीदी में हुई गड़बड़ियों का मुद्दा संसद भवन में भी उठाया जाएगा।

वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं की उपस्थिति

इस अवसर पर सांसद के साथ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संयुक्त महामंत्री हरीश परसाई, ग्रामीण जिला अध्यक्ष मनोज चौहान, कटघोरा नगर पालिका अध्यक्ष राज जायसवाल और रामपुर विधायक प्रतिनिधि प्रवीण ओगर सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।