कोरबा | 15 जनवरी 2026 : जिले के धान उपार्जन केंद्रों में अव्यवस्था और नियमों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के निर्देश पर हुई औचक जांच के बाद तुमान और कोरकोमा केंद्रों में भारी अनियमितताएं पाई गईं, जिसके परिणामस्वरूप दो समिति प्रबंधकों को तत्काल प्रभाव से उनके दायित्वों से पृथक कर दिया गया है।
निरीक्षण में खुली पोल: न स्टेकिंग सही, न हमालों की व्यवस्था
प्रशासनिक टीम ने जब तुमान और कोरकोमा के आदिम जाति सेवा सहकारी समिति केंद्रों का निरीक्षण किया, तो वहां प्रारंभिक व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमराई हुई मिलीं। जांच के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित खामियां पाई गईं:
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नियमों का उल्लंघन: किसानों द्वारा लाए गए धान को सीधे समिति के बारदानों में पलटी कर खरीदी की जा रही थी, जो निर्धारित प्रक्रिया के विरुद्ध है।
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स्टेकिंग में लापरवाही: खरीदे गए धान के बोरों का रख-रखाव (स्टेकिंग) वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से नहीं किया गया था।
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संसाधनों का अभाव: केंद्रों पर हमालों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी, जिससे तौल और उठाव प्रभावित हो रहा था।
प्रबंधकों पर गिरी गाज
शिकायतों की पुष्टि होने के बाद कलेक्टर के निर्देश पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। सहकारी समिति कोरबा के प्रबंधक प्यारेलाल साहू और तुमान समिति के प्रभारी प्रबंधक रंजीत कंवर को उनके प्रबंधकीय पदों से हटा दिया गया है।
कलेक्टर के सख्त निर्देश: किसानों का हित सर्वोपरि
कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी केंद्रों को सख्त हिदायत दी है कि:
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धान की खरीदी केवल निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप ही की जाए।
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किसानों को केंद्र पर किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
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बारदाना प्रबंधन और स्टेकिंग के नियमों का कड़ाई से पालन हो।
इस कार्रवाई से अन्य केंद्रों के प्रबंधकों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसानों के हक और सरकारी नियमों से खिलवाड़ करने वालों पर आगे भी ऐसी ही गाज गिरती रहेगी।








