कोरबा | जिला प्रशासन ने ग्राम पंचायत गिधौरी की शासकीय उचित मूल्य दुकान के संचालन में बड़ी धांधली पकड़े जाने के बाद सख्त कार्रवाई की है। राशन वितरण में अनियमितता और स्टॉक में भारी हेराफेरी पाए जाने पर ‘चन्द्राकर खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उपभोक्ता सेवा सहकारी समिति’ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
जांच में खुली पोल: गायब मिला सरकारी राशन
वार्षिक सत्यापन 2025 के दौरान जब अधिकारियों ने स्टॉक का मिलान किया, तो आंकड़े चौंकाने वाले थे। दुकान से 143.71 क्विंटल चावल और 13.47 क्विंटल नमक कम पाया गया। यह सीधे तौर पर गरीबों के हक के अनाज की अफरा-तफरी और कालाबाजारी का मामला है।
नोटिस का नहीं दिया जवाब, जनदर्शन में भी खुली पोल
प्रशासन ने इस गड़बड़ी पर समिति के अध्यक्ष, प्रबंधक और विक्रेता को दो बार कारण बताओ नोटिस जारी किया था, लेकिन उनकी ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। इसी बीच, 05 जनवरी को कलेक्टर जनदर्शन में ग्रामीणों ने राशन न मिलने की लिखित शिकायत की, जिसकी जांच में आरोप सही पाए गए।
वैकल्पिक व्यवस्था: अब नोनबिर्रा में मिलेगा राशन
हितग्राहियों को परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन ने अस्थायी व्यवस्था की है:
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संबद्ध दुकान: ग्राम पंचायत नोनबिर्रा की उचित मूल्य दुकान (आई.डी. 552002034)।
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संचालक: गणेश खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उपभोक्ता सेवा सहकारी समिति।
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गिधौरी के सभी कार्डधारक अब प्रकरण के निराकरण तक नोनबिर्रा दुकान से अपना राशन प्राप्त कर सकेंगे।
अधिकारी का कथन: “सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की स्वेच्छाचारिता और नियमों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गरीबों के राशन का गबन करने वालों पर आगे भी ऐसी ही कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।”








