समाज शर्मसार, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
सीधी 11 सितंबर Sidhi Patwari Viral Video। मध्य प्रदेश के सीधी जिले से प्रशासनिक अमले की घोर संवेदनहीनता, पद के अहंकार और अमानवीय व्यवहार का एक अत्यंत शर्मनाक मामला सामने आया है। सीधी जिले के ग्राम पंचायत माटा के हल्का क्षेत्र में तैनात एक पटवारी का वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है। इस वीडियो में सरकारी तंत्र का अहंकार और एक लाचार बुजुर्ग की बेबसी साफ तौर पर नजर आ रही है, जहां नीलेश नामक पटवारी ने नाला पार करने के लिए एक बुजुर्ग ग्रामीण की पीठ पर ‘घोड़े’ की तरह सवार दिख रहा है।

इस पूरे वाकये का वीडियो सामने आते ही इलाके में हड़कंप मच गया है और जनमानस में भारी आक्रोश की लहर दौड़ गई है।
सरकारी रोब और बेबस बुजुर्ग: क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो में नजर आ रहा अधिकारी ग्राम पंचायत माटा हल्का में पदस्थ पटवारी नीलेश है। पटवारी अपने शासकीय या निजी कार्य के सिलसिले में क्षेत्र के भ्रमण पर निकला था। रास्ते में पानी और कीचड़ से भरा एक नाला पड़ा। नियमानुसार और सामान्य मानवीय शिष्टाचार के तहत पटवारी को खुद नाला पार करना चाहिए था, लेकिन पद के नशे में चूर इस कर्मचारी ने जूते और कपड़े खराब होने से बचाने के लिए गांव के ही एक बुजुर्ग ललबा केवट को अपना साधन बना लिया।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पटवारी नीलेश बुजुर्ग ललबा केवट की पीठ पर सवार हो जाता है और वह असहाय बुजुर्ग मजबूरीवश पटवारी का वजन सहते हुए उसे अपनी पीठ पर लादकर नाला पार कराता है।
समाज शर्मसार, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
उम्र के उस पड़ाव पर जहां बुजुर्गों को सम्मान और सहारा मिलना चाहिए, वहां एक जिम्मेदार प्रशासनिक कर्मचारी द्वारा बुजुर्ग के साथ ऐसा अमर्यादित और अपमानजनक बर्ताव देखकर स्थानीय लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।
स्थानीय निवासियों और ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल ललबा केवट का व्यक्तिगत अपमान नहीं है, बल्कि यह पूरी प्रशासनिक व्यवस्था और मानवीय मूल्यों का चीरहरण है। एक तरफ जहां सरकार गरीबों और बुजुर्गों के सम्मान की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ जमीन पर तैनात ऐसे अफसर अपनी धौंस जमाकर गरीब और लाचार लोगों का शोषण कर रहे हैं।
कड़ी कार्रवाई और निलंबन की मांग
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे संवेदनहीन पटवारी नीलेश के खिलाफ तत्काल प्रभाव से सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए, उसे निलंबित किया जाए और कानूनी कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में कोई भी सरकारी कर्मचारी अपनी शक्ति का ऐसा दुरुपयोग न कर सके।








