रायपुर 6 सितंबर Congress Politics :छत्तीसगढ़ प्रदेश युवक कांग्रेस चुनाव को लेकर राज्य की राजनीति और कांग्रेस के अंदरूनी गलियारों में हलचल अपने चरम पर पहुंच गई है। राजधानी रायपुर से लेकर दुर्ग-भिलाई तक बैठकों और रणनीतियों का दौर जारी है।(आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) इसी चुनावी माहौल के बीच भिलाई विधायक देवेंद्र यादव का एक नया राजनीतिक रूप देखने को मिला, जिससे पार्टी के भीतर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

शनिवार को दुर्ग में आयोजित ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने पहुंचे नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव का स्वागत विधायक देवेंद्र यादव ने बेहद खास अंदाज में किया। देवेंद्र यादव खुद कार चलाकर दोनों वरिष्ठ नेताओं को लेकर प्रशिक्षण शिविर स्थल तक पहुंचे।
वरिष्ठ नेताओं के संग भोजन और सियासी समर्थन की कवायद
प्रशिक्षण शिविर के समाप्त होने के बाद यह सियासी समीकरण और मजबूत होता दिखा, जब देवेंद्र यादव पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव को अपनी कार से भिलाई स्थित अपने निजी निवास लेकर पहुंचे। वहां सिंहदेव ने यादव के निवास पर भोजन किया और दोनों के बीच लंबी बातचीत हुई। (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) हालांकि, किसी भी नेता ने युवक कांग्रेस चुनाव को लेकर आधिकारिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि देवेंद्र यादव की यह सक्रियता वरिष्ठ नेताओं का आशीर्वाद और नैतिक समर्थन हासिल करने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है।
युवक कांग्रेस चुनाव में दो दिग्गजों के खेमे आमने-सामने
युवक कांग्रेस अध्यक्ष पद का यह चुनाव केवल युवाओं की राजनीति तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसमें प्रदेश कांग्रेस के दो प्रमुख गुट सीधे आमने-सामने आ गए हैं:
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देवेंद्र यादव गुट: भिलाई विधायक देवेंद्र यादव प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए शैलेंद्र बंजारे के पक्ष में खुलकर समर्थन जुटा रहे हैं।
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भूपेश बघेल गुट: दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का खेमा अपने करीबी प्रत्याशी सत्येंद्र चेलक को चुनाव जिताने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है।
आने वाले दिनों में बढ़ सकती है पार्टी की खींचतान
युवक कांग्रेस के इस शक्ति प्रदर्शन और चुनाव परिणाम से पहले जिस तरह से वरिष्ठ नेताओं की घेराबंदी शुरू हो चुकी है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में पार्टी के भीतर अंदरूनी खींचतान और प्रतिस्पर्धा और तेज़ देखने को मिल सकती है। देवेंद्र यादव का दोनों कद्दावर नेताओं को अपनी गाड़ी में बैठाकर खुद ड्राइव करना पार्टी के अंदरखाने में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है।








