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तत्काल टिकट बुकिंग में अब नहीं अटकेगी सांस: रेलवे ला रहा है सुपरफास्ट क्लाउड बेस्ड सिस्टम

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नई दिल्ली 25 अगस्त New PRS System: भारतीय रेलवे अपने लगभग 40 साल पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) को पूरी तरह बदलने जा रहा है। CRIS (सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम्स) के माध्यम से रेलवे एक नया क्लाउड-बेस्ड नेक्स्ट-जनरेशन प्लेटफॉर्म तैयार कर रहा है। इस अपग्रेड का मुख्य उद्देश्य तत्काल बुकिंग और पीक आवर्स के दौरान वेबसाइट और ऐप के क्रैश होने या धीमे होने की समस्या को खत्म करना है।

नए सिस्टम के मुख्य बिंदु

  • कैपेसिटी में 5 गुना बढ़ोतरी: पुराना सिस्टम प्रति मिनट लगभग 32,000 टिकट प्रोसेस करता था, जबकि नया क्लाउड-बेस्ड सिस्टम प्रति मिनट 1,50,000 से अधिक बुकिंग संभाल सकेगा।

  • इंक्वायरी कैपेसिटी में 10 गुना उछाल: सीट उपलब्धता और PNR स्टेटस चेक करने की क्षमता 4 लाख से बढ़कर 40 लाख पूछताछ प्रति मिनट हो जाएगी।

  • क्लाउड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल: नए प्लेटफॉर्म में ‘इलास्टिक स्केलिंग’ का इस्तेमाल हुआ है, जिससे जब भी तत्काल समय (सुबह 10 और 11 बजे) या त्योहारों के दौरान ट्रैफिक बढ़ेगा, सर्वर अपने आप अपनी क्षमता बढ़ा लेगा।

  • बीटा टेस्ट में सफलता: 15 जुलाई 2026 को लॉन्च की गई नई IRCTC वेबसाइट के बीटा वर्जन में शुरुआती 3 मिनटों के भीतर होने वाली तत्काल बुकिंग में 5% से अधिक का सुधार देखा गया है।

  • बॉट और दलालों पर लगाम: सिस्टम की रफ्तार तेज होने से अवैध ऑटोमेटेड बॉट और अनाधिकृत एजेंटों की हेराफेरी पर रोक लगेगी।

यह बदलाव ट्रेनों में सीटों की संख्या नहीं बढ़ाता, बल्कि सीमित सीटों की बुकिंग प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाता है ताकि तकनीकी खामियों के कारण टिकट हाथ से न छूटे।

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