कोरबा 25 अगस्त। सावन के अंतिम सोमवार को कोरबा जिले भर में शिवभक्ति का उत्साह चरम पर रहा। तड़के से ही सभी प्रमुख शिवालय “हर-हर महादेव” और “जय भोलेनाथ” के जयघोषों से गुंजायमान रहे। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की, तो वहीं कांवड़ियों और पैदल यात्रियों का उत्साह देखते ही बन रहा था।

भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक की आस में श्रद्धालु 10 से लेकर 25 किलोमीटर तक की कठिन पैदल यात्रा तय कर मंदिरों में पहुंचे। आस्था का अद्भुत नजारा पाली स्थित प्राचीन महादेव मंदिर में देखने को मिला, जहां कई भक्तों ने कठिन साधना करते हुए जमीन पर दंडवत (लेट-लेटकर) यात्रा कर मंदिर में प्रवेश किया और जलाभिषेक किया।
कनकेश्वर धाम और पाली मंदिर में लगीं लंबी कतारें शहर और आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में शिवभक्त लगभग 20 किलोमीटर पैदल चलकर प्रसिद्ध कनकी स्थित कनकेश्वर धाम पहुंचे। यहां भगवान कनकेश्वर महादेव के दर्शन और पूजन के लिए पूरे दिन श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। यही स्थिति पाली के ऐतिहासिक महादेव मंदिर में भी रही, जहां दूर-दराज से आए भक्तों का तांता दोपहर बाद तक लगा रहा।
आधी रात से ही कांवर लेकर कनकी की ओर निकले शिव भक्त
श्रावण मास के अंतिम सोमवार को भगवान शिव के दर्शन के लिए श्रद्धालु अर्धरात्रि से ही कांवर लेकर घरों से निकलने लगे थे। सर्वमंगला से कनकी तक नहर के किनारे पदयात्रा करते हुए बड़ी संख्या में शिव भक्त आगे बढ़ते दिखाई दिए। श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा रास्ता भक्तिमय नजर आया।
कनकेश्वर धाम में रात से लगी श्रद्धालुओं की कतार
कनकेश्वर धाम में अर्धरात्रि के बाद से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई थी। दूर-दूर से पदयात्रा कर पहुंचे भक्तों ने कतारबद्ध होकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन किए और जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। भक्तों का कहना था कि कनकी तक की यह पदयात्रा उन्हें आत्मिक शांति और अलग तरह की आध्यात्मिक अनुभूति देती है।
सर्वमंगला नदी का बढ़ा जलस्तर, पुलिस रही अलर्ट
सर्वमंगला नदी का जलस्तर बढ़ा होने के कारण श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस भी लगातार सतर्क रही। सर्वमंगला चौकी की पुलिस टीम ने रास्ते में निगरानी बनाए रखी, ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो। पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सेवा में भी योगदान दिया।
जगह-जगह हुआ महाप्रसाद व भंडारे का वितरण अंतिम सोमवार के पावन अवसर पर विभिन्न मंदिर समितियों और सामाजिक संगठनों द्वारा सुबह से लेकर दोपहर बाद तक विशाल भंडारों का आयोजन किया गया। दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने खिचड़ी, खीर-पूड़ी और हलवे का प्रसाद ग्रहण किया।
अनुष्ठान और रुद्राभिषेक से मांगी सुख-समृद्धि सावन माह के दौरान भक्तों ने केवल मंदिरों में ही नहीं, बल्कि अपने घरों में भी विशेष अनुष्ठान किए। पूरे महीने सुख-समृद्धि की कामना के साथ महामृत्युंजय जाप, पार्थिव शिवलिंग निर्माण और दैनिक रुद्राभिषेक जैसे धार्मिक कार्य संपन्न कराए गए।








