नई दिल्ली / रांची Jharkhand Students Protest : झारखंड में सरकारी नौकरी भर्ती परीक्षाओं में धांधली और अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन बुधवार को 19वें दिन में प्रवेश कर गया। एक तरफ जहां झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा चरम पर है, वहीं दूसरी ओर इस मुद्दे पर अब राष्ट्रीय स्तर की राजनीति और जुबानी जंग तेज हो गई है।

गोड्डा से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर बेहद तीखा हमला बोला है। दुबे ने राहुल गांधी की तुलना पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना से करते हुए कहा कि वे (राहुल) जिन्ना से भी बदतर नेता साबित हो रहे हैं।
‘राहुल गांधी के रूप में हुआ जिन्ना का दूसरा जन्म’
सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर अपने बयान का वीडियो साझा करते हुए लिखा, “जिन्ना की दूसरी पैदाइश राहुल गांधी जी के रूप में हो गई है।”
संवाददाताओं से बातचीत में दुबे ने आरोप लगाया कि जहां कहीं भी देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन या माहौल बनता है, राहुल गांधी तुरंत वहां अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने पहुंच जाते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश हित के बजाय विदेशी ताकतों और सोरोस (जॉर्ज सोरोस) के एजेंडे पर काम कर रहे हैं।
“अगर छात्रों के हितैषी हैं तो हेमंत सरकार से वापस लें समर्थन”
झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन और पेपर लीक के आरोपों का जिक्र करते हुए भाजपा सांसद ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार और उसकी सहयोगी कांग्रेस को आड़े हाथों लिया।
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CBI जांच से क्यों भाग रही सरकार?: निशिकांत दुबे ने सवाल उठाया कि राज्य सरकार इस पूरे मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने से क्यों कतरा रही है?
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अधिकारियों और सत्ता का गठजोड़: उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षा धांधली का मुख्य आरोपी धर्मेंद्र झारखंड सरकार के ही एक बड़े वरिष्ठ अधिकारी के ठिकाने से पकड़ा गया था।
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हेमंत सोरेन पर निशाना: दुबे ने दावा किया कि निष्पक्ष जांच होने पर सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का नाम सामने आ जाएगा, इसीलिए जांच को रोका जा रहा है।
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कांग्रेस को चुनौती: उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस सचमुच छात्रों और युवाओं के हित में खड़ी है, तो उसे तत्काल प्रभाव से झारखंड की सोरेन सरकार से अपना समर्थन वापस ले लेना चाहिए।
19वें दिन भी सड़कों पर अभ्यर्थी: निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता की मांग
झारखंड के हजारों प्रतियोगी छात्र और अभ्यर्थी पिछले 19 दिनों से लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का मुख्य मांग पत्र निम्नलिखित बिंदुओं पर केंद्रित है:
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निष्पक्ष जांच: JPSC और JSSC की संदिग्ध परीक्षाओं की तुरंत सीबीआई (CBI) से जांच कराई जाए या फिर राज्य के बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की एक स्वतंत्र समिति बनाकर जांच हो।
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परीक्षाएं रद्द हों: जिन परीक्षाओं में पेपर लीक या धांधली के पक्के सबूत मिले हैं, उन्हें तुरंत रद्द कर नए सिरे से पारदर्शी तरीके से आयोजित किया जाए।
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पारदर्शिता कानून: भविष्य की सभी भर्ती प्रक्रियाओं में पूर्ण पारदर्शिता और अभ्यर्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद झारखंड से लेकर दिल्ली तक का सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस और सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की तरफ से भी निशिकांत दुबे के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया आने की संभावना है।
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