रायपुर (13 अगस्त 2026): राजधानी रायपुर का पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम 12 अगस्त की शाम देशभक्ति के सुरों से गुंजायमान हो उठा। संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित ‘आजादी की धुन’ समारोह में प्रदेशभर के 100 युवा कलाकारों ने एक साथ विभिन्न वाद्ययंत्रों पर देशभक्ति गीतों की लाइव बैंड प्रस्तुति देकर समां बांध दिया। स्वतंत्रता दिवस के पूर्व संध्या पर आयोजित इस छत्तीसगढ़ के पहले अनूठे संगीत प्रयास में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
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समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘आजादी की धुन’ केवल एक संगीत कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को याद करने का एक सुनहरा अवसर है। यह आयोजन इतिहास के गौरव का स्मरण, वर्तमान के कर्तव्यों का बोध और भविष्य के संकल्प का प्रतीक है।
भाषण के मुख्य बिंदु:
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छत्तीसगढ़ का गौरवशाली इतिहास: मुख्यमंत्री ने अमर शहीद वीर नारायण सिंह और बस्तर के जननायक वीर गुण्डाधुर (भूमकाल आंदोलन) के ऐतिहासिक संघर्षों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।
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संगीत की एकजुटता: उन्होंने रेखांकित किया कि भारतीय स्वाधीनता संग्राम में देशभक्ति गीतों, नारों और कविताओं ने करोड़ों भारतीयों को एकजुट करने का अभूतपूर्व काम किया था।
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विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प: CM साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को दोहराया। उन्होंने युवाओं से ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ काम करने का आह्वान किया ताकि छत्तीसगढ़ देश के विकास में अग्रणी भूमिका निभा सके।
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आगामी त्योहारों की शुभकामनाएं: मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उपस्थित जनों को हरेली पर्व और स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम बधाई दी।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला और स्काउट-गाइड चेयरमैन श्री इंद्रजीत सिंह खालसा सहित कई जनप्रतिनिधि व नागरिक उपस्थित रहे।








