नई दिल्ली Leader Of Opposition : स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान लाल किले पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बैठने की व्यवस्था को लेकर रक्षा मंत्रालय ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। रक्षा सचिव आर. के. सिंह ने बताया कि राहुल गांधी को समारोह का औपचारिक निमंत्रण भेजा जा चुका है और उनकी सीट सरकारी प्रोटोकॉल (‘टेबल ऑफ प्रेफरेंस’) के अनुसार केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों के ठीक बाद तय की जाएगी।
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क्या कहता है सरकारी प्रोटोकॉल?
राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा जारी प्राथमिकता सूची (Warrant of Precedence) के तहत किसी भी राजकीय या औपचारिक समारोह में पदों की वरिष्ठता तय होती है। इस सूची में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का दर्जा केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के बराबर रखा गया है। रक्षा सचिव के अनुसार, इसी संवैधानिक व्यवस्था का पालन करते हुए राहुल गांधी की बैठने की जगह तय की गई है।
पहले भी उठ चुके हैं सीटिंग अरेंजमेंट पर सवाल
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2024 का विवाद: 78वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में राहुल गांधी को 5वीं पंक्ति में बैठाया गया था। तब कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं का अनादर बताते हुए केंद्र सरकार की नीयत पर सवाल खड़े किए थे। हालांकि, मंत्रालय का कहना था कि पेरिस ओलंपिक के पदक विजेताओं को अग्रिम पंक्तियों में जगह देने के कारण यह बदलाव हुआ था।
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2025 की स्थिति: वर्ष 2025 के स्वतंत्रता दिवस के आधिकारिक कार्यक्रम में राहुल गांधी शामिल नहीं हुए थे, जिससे उस दौरान सीटिंग को लेकर कोई नया विवाद नहीं हुआ।
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गणतंत्र दिवस का मुद्दा: कांग्रेस इससे पहले गणतंत्र दिवस समारोह में भी राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पीछे बैठाए जाने पर आपत्ति जता चुकी है।
रक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि राष्ट्रीय समारोहों में सीटों का आवंटन किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति विशेष के आधार पर नहीं, बल्कि पदों की तय संवैधानिक प्राथमिकताओं के अनुसार ही किया जाता है।
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