रायपुर 3 अगस्त Bureaucracy Vs Politicians : छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमित कटारिया एक बार फिर बड़े विवाद और सुर्खियों में आ गए हैं। इस बार उन पर रायपुर के सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल से फोन पर अपमानजनक भाषा में बात करने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले ने प्रशासनिक गलियारों से लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।
Advt

क्या है पूरा मामला?
-
कॉल और विवाद: 20 मई को रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल और आईएएस अमित कटारिया के बीच फोन पर बातचीत हुई थी।
-
अपमानजनक आरोप: आरोप है कि बातचीत के दौरान अधिकारी ने बेहद रुखे और अभद्र लहजे में बात करते हुए यहां तक कह दिया कि ‘जो करना है कर लो।’
-
लोकसभा अध्यक्ष तक पहुंची शिकायत: घटना से आहत होकर बीजेपी सांसद ने इसकी शिकायत सीधे लोकसभा अध्यक्ष से की है।
-
कार्रवाई की सुगबुगाहट: सांसद की शिकायत का संज्ञान लेते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय (DoPT) से इस पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की सांसद की वकालत
इस पूरे प्रकरण में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राजनीतिक सीमाओं से परे जाकर भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल का खुला समर्थन किया है।
भूपेश बघेल ने बयान देते हुए कहा:
“बृजमोहन अग्रवाल से हमारी वैचारिक असहमतियां हो सकती हैं, लेकिन वे जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि और देश की सबसे बड़ी पंचायत लोकसभा के सदस्य हैं। उनके साथ किसी प्रशासनिक अधिकारी का ऐसा बर्ताव यह दर्शाता है कि प्रदेश की कमान दिल्ली और नागपुर के हाथों में है। ऐसे अधिकारियों को जनता के कामों से कोई मतलब नहीं है।”
बघेल ने आगे कहा कि बृजमोहन अग्रवाल का लंबा राजनीतिक अनुभव है और उन्हें अधिकारियों से निपटना अच्छी तरह आता है। यह घटना सिर्फ एक सांसद का नहीं, बल्कि उन तमाम मतदाताओं का अपमान है जिन्होंने उन्हें चुनकर भेजा है।
कौन हैं IAS अमित कटारिया?
-
बैच और कैडर: अमित कटारिया 2004 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर के सीनियर आईएएस अधिकारी हैं।
-
पृष्ठभूमि: उनका जन्म हरियाणा के गुरुग्राम में हुआ था। उन्होंने IIT दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक किया है और यूपीएससी परीक्षा में 18वीं रैंक हासिल की थी।
-
वर्तमान पद: वर्तमान में वह स्वास्थ्य सचिव के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
पहले भी इन वजहों से चर्चा में रहे हैं अमित कटारिया
-
काला चश्मा विवाद (2015): जब अमित कटारिया बस्तर के कलेक्टर थे, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के दौरान उन्होंने प्रोटोकॉल तोड़कर धूप के चश्मे (काला चश्मा) में पीएम का स्वागत किया था, जो काफी राष्ट्रीय चर्चा का विषय बना था।
-
सिर्फ 1 रुपये सैलरी: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, देश सेवा का हवाला देते हुए उन्होंने सांकेतिक रूप से मात्र 1 रुपये सैलरी लेने का फैसला किया था, जिसके चलते वह काफी लोकप्रिय हुए थे।
-
पारिवारिक पृष्ठभूमि: कम वेतन चर्चा के बावजूद वह देश के सबसे अमीर आईएएस अधिकारियों में गिने जाते हैं। उनका परिवार रियल एस्टेट के कारोबार से जुड़ा है और दिल्ली-NCR में उनकी बड़ी संपत्तियां हैं। उनकी पत्नी अस्मिता हांडा कमर्शियल पायलट हैं।








