कोरबा (छत्तीसगढ़), 15 जुलाई।
एसईसीएल (SECL) गेवरा माइंस के बैकअप ऑफिस में धावा बोलकर लूटपाट करने वाले गिरोह का दीपका पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस सनसनीखेज वारदात में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हालांकि, गिरोह के चार अन्य सदस्य अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
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हथियारों से लैस 10-12 बदमाशों ने बोला था धावा
यह वारदात 7 जुलाई की रात करीब 11 बजे की है। गेवरा माइंस के बैकअप ऑफिस में अचानक 10 से 12 नकाबपोश बदमाश घुस गए। बदमाशों ने वहां ड्यूटी पर तैनात एसईसीएल कर्मचारी जगन्नाथ पटेल को बंधक बनाकर उनका मोबाइल लूट लिया और ऑफिस में रखा कीमती तांबे का केबल वायर समेटने लगे।
विरोध करने पर CISF जवान को पीटा, मोबाइल छीना
लूट का विरोध करने पर बदमाशों ने वहां मौजूद सीआईएसएफ (CISF) के बहादुर जवान मिथुन एम पर हमला कर दिया। उनके साथ बेरहमी से मारपीट करने के बाद बदमाश उनका महंगा सैमसंग एस-22 मोबाइल भी लूटकर फरार हो गए।
सलाखों के पीछे पहुंचे ये 3 आरोपी
दीपका पुलिस ने मामला दर्ज होने के बाद तफ्तीश तेज की और मुखबिरों व तकनीकी साक्ष्यों की मदद से तीन आरोपियों को धरदबोचा:
📍अरुण चौहान उर्फ ददू (उम्र 23 वर्ष, निवासी ग्राम रालिया)📍सरजू प्रसाद चौहान (उम्र 39 वर्ष, निवासी ग्राम रालिया)📍रोहित यादव (उम्र 18 वर्ष, निवासी ग्राम रालिया)
बरामदगी: पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उनकी निशानदेही पर केबल बेचने से मिली नकदी और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्य बरामद कर लिए गए हैं। तीनों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
चार आरोपी अब भी फरार, तलाश जारी
पुलिस के मुताबिक, इस वारदात में शामिल चार अन्य आरोपी—रोशन यादव, भानु विश्वकर्मा, किरण चौहान और भागवत कुशरे—अभी फरार हैं। पुलिस की टीमें उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। साथ ही, लूटे गए मोबाइल फोनों को बरामद करने के प्रयास भी जारी है।








