कोरबा 14 जुलाई । जमनीपाली स्थित नवजीवन हॉस्पिटल में संचालित आउटसोर्स पैथोलॉजी लैब (अपेक्स पैथोलॉजी लैब) की कार्यप्रणाली विवादों के घेरे में आ गई है। कोरबा निवासी राकेश कैवर्त ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को एक लिखित शिकायत सौंपकर इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
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शिकायत की प्रतिलिपि एनटीपीसी (NTPC) कोरबा के महाप्रबंधक और नवजीवन हॉस्पिटल प्रबंधन को भी सूचनार्थ भेजी गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह मामला सीधे तौर पर मरीजों की सुरक्षा और उनके स्वास्थ्य से जुड़ा है, इसलिए इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
जांच के दायरे में ये 4 गंभीर बिंदु:
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नियमित पैथोलॉजिस्ट की अनुपस्थिति की आशंका: शिकायत में आरोप लगाया गया है कि लैब में नियमित रूप से कोई योग्य पैथोलॉजिस्ट चिकित्सक उपस्थित नहीं रहते हैं। अधिकांश जांच रिपोर्ट तकनीशियनों (Technicians) द्वारा ही तैयार किए जाने की आशंका जताई गई है। स्वास्थ्य विभाग से मौके पर जाकर यह स्पष्ट करने की मांग की गई है कि रिपोर्ट प्रमाणीकरण की प्रक्रिया नियमानुसार हो रही है या नहीं।
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थायरॉइड जांच मशीन की कार्यशीलता पर संशय: आवेदन के अनुसार, लैब में थायरॉइड जांच के लिए आवश्यक मशीन के चालू न होने की जानकारी मिली है। यदि यह सच है, तो स्वास्थ्य विभाग यह साफ करे कि मरीजों की थायरॉइड जांच किस स्थान से और किस प्रक्रिया के तहत कराई जा रही है।
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डॉक्टर के नाम और हस्ताक्षरों का सत्यापन: शिकायतकर्ता ने उल्लेख किया है कि जांच रिपोर्टों पर डॉ. माईकल कुजूर का नाम और हस्ताक्षर अंकित होते हैं। यदि वे किसी अन्य संस्थान में कार्यरत हैं, तो यह सत्यापित किया जाना जरूरी है कि क्या वे नियमानुसार खुद इन रिपोर्टों का परीक्षण व प्रमाणीकरण कर रहे हैं या उनके नाम का गलत उपयोग हो रहा है।
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लाइसेंस और बायोमेडिकल नियमों की अनदेखी: राकेश कैवर्त ने मांग की है कि जांच के दौरान लैब के वैधानिक मानकों, आवश्यक पंजीकरण, क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट और बायोमेडिकल वेस्ट (कचरा प्रबंधन) नियमों के पालन की भी गहन पड़ताल की जाए।
⚖️ नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता ने CMHO से अनुरोध किया है कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही या स्वास्थ्य विभाग के नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित संस्था और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाए ताकि मरीजों के जीवन के साथ कोई खिलवाड़ न हो।
इस शिकायत और मामले के संबंध में फिलहाल अस्पताल प्रबंधन या संबंधित पैथोलॉजी लैब के अधिकारियों से संपर्क नहीं हो सका है, उनका पक्ष आते ही खबर में शामिल किया जाएगा।








