कोरबा 14 जुलाई। साइबर ठगी के विरुद्ध चलाए जा रहे “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के तहत कोरबा साइबर पुलिस ने पीड़ितों को बड़ी राहत प्रदान की है। जिले के 19 साइबर ठगी पीड़ितों के खातों से उड़ाई गई कुल 1,55,440 रुपये की राशि पुलिस की सक्रियता से वापस मिल सकी है।
Advt

त्वरित कार्रवाई से मिली सफलता
पुलिस अधीक्षक कोरबा, सिद्धार्थ तिवारी के नेतृत्व में साइबर पुलिस टीम ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज शिकायतों पर तत्परता से काम किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले और साइबर नोडल अधिकारी नीतिश ठाकुर के मार्गदर्शन में पुलिस ने संबंधित बैंकों और वित्तीय संस्थानों से बेहतर समन्वय स्थापित किया।
पुलिस ने धोखाधड़ी की राशि को तुरंत ‘होल्ड’ कराया, जिससे यह रकम ठगों के पास पहुँचने से बच गई। सभी आवश्यक वैधानिक प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद, MRM पोर्टल के माध्यम से पीड़ितों के बैंक खातों में यह राशि वापस लौटाई गई।
पुलिस की अपील: तुरंत करें संपर्क
साइबर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शेष मामलों में भी होल्ड कराई गई राशि को वापस दिलाने की प्रक्रिया जारी है। कोरबा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर घबराएं नहीं और निम्नलिखित कदम उठाएं:
-
तुरंत डायल करें: साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
-
ऑनलाइन शिकायत: www.cybercrime.gov.in पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करें।
पुलिस ने जोर देते हुए कहा कि समय पर सूचना देना ही धोखाधड़ी की राशि को वापस पाने का सबसे प्रभावी तरीका है। “सतर्क रहें, सुरक्षित रहें” का संदेश देते हुए पुलिस ने साइबर अपराधों से बचाव को ही सर्वोत्तम सुरक्षा कवच बताया है।








