बिलासपुर 13 जुलाई । छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। सरकंडा थाना क्षेत्र स्थित बाल संप्रेक्षण गृह में तैनात एक चौकीदार की हाथ-पैर बांधकर बेरहमी से हत्या कर दी गई है। इस वारदात को अंजाम देने का आरोप वहां रह रहे चार नाबालिग बालकों (बाल अपचारियों) पर लगा है, जो घटना के बाद से ही मौके से फरार हैं।
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हाथ-पैर बांधे, मुंह में ठूंसा गमछा
मिली जानकारी के अनुसार, मृतक चौकीदार की पहचान 40 वर्षीय नरेंद्र कुमार खांडे के रूप में हुई है। नरेंद्र तखतपुर क्षेत्र के अरईबंद गांव के निवासी थे और पिछले करीब एक साल से इस बाल संप्रेक्षण गृह में अपनी सेवाएं दे रहे थे।
सोमवार रात करीब 11 बजे चारों बाल अपचारियों ने पहले नरेंद्र के साथ मारपीट की। इसके बाद उनके हाथ-पैर बांध दिए गए। आरोप है कि नाबालिगों ने चौकीदार का गला दबाया और मुंह में गमछा ठूंस दिया, जिससे दम घुटने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद चारों आरोपी वहां से भाग निकले।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस दिल दहला देने वाली घटना ने बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। जिस संस्थान पर कानून से संघर्षरत बच्चों की निगरानी, सुरक्षा और उनके सुधार की जिम्मेदारी होती है, वहां इस तरह की हिंसक वारदात होना और आरोपियों का आसानी से भाग जाना सुरक्षा इंतजामों पर बड़े गंभीर सवाल खड़े करता है।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही सरकंडा थाना पुलिस और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस का बयान: “मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच की जा रही है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। फरार चारों नाबालिगों की तलाश के लिए पुलिस टीमों को तैनात कर दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हत्या की वास्तविक वजह और घटनाक्रम की पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।”
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