जशपुर 13 जुलाई : छत्तीसगढ़ के जशपुर वनमण्डल के चार अलग-अलग इलाकों (दुलदुला, पत्थलगांव, कांसाबेल और बगीचा) में इन दिनों 32 हाथियों का एक बड़ा दल घूम रहा है। हाथियों की इस भारी मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इंसानों और हाथियों के बीच किसी भी तरह के टकराव को रोकने के लिए विभाग द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है।
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वनमण्डलाधिकारी के मुताबिक, रैपिड रिस्पॉन्स टीम (RRT) और वन विभाग का अमला 24 घंटे हाथियों की लोकेशन पर नजर रख रहा है। जैसे ही हाथियों की स्थिति का पता चलता है, तुरंत आसपास के गांवों में ढोल बजाकर या लाउडस्पीकर (मुनादी) के जरिए लोगों को सावधान कर दिया जाता है।
ग्रामीणों के लिए वन विभाग की जरूरी सलाह:
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जंगल जाने से बचें: लकड़ी, चारा या अन्य किसी भी काम के लिए अकेले जंगल में बिल्कुल न जाएं।
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दूरी बनाकर रखें: हाथियों के नजदीक जाने, उन्हें छेड़ने, उनका पीछा करने या उनके साथ सेल्फी/वीडियो बनाने की कोशिश कतई न करें। यह जानलेवा हो सकता है।
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रात में सतर्कता: रात के समय हाथियों के प्रभाव वाले रास्तों या जंगलों की तरफ अनावश्यक रूप से न निकलें।
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अफवाहों से बचें: किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें, केवल वन विभाग की आधिकारिक खबरों पर ही ध्यान दें।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और वन सुरक्षा समितियों की मदद से लगातार गांवों में सूचनाएं साझा की जा रही हैं। वन विभाग ने अपील की है कि यदि कहीं भी हाथी दिखाई दें, तो तुरंत इसकी जानकारी नजदीकी वनकर्मी या रैपिड रिस्पॉन्स टीम को दें ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।








