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राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर कांग्रेस में हलचल तेज: संगठन को मजबूत करने बूथ स्तर पर बदली जाएगी रणनीति

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रायपुर 17 मई । अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के संभावित छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर प्रदेश कांग्रेस में सियासी हलचल तेज हो गई है। करीब ढाई साल के लंबे अंतराल के बाद राहुल गांधी का जून महीने में छत्तीसगढ़ दौरा प्रस्तावित माना जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल दौरे से ठीक पहले प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) ने संगठन को जमीनी स्तर पर बेहद मजबूत करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी आलाकमान की ओर से प्रदेश के दिग्गज नेताओं से लेकर बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को साफ संदेश दिया गया है कि आगामी महीनों में जमीनी नेटवर्क और संपर्क को दुरुस्त करना ही सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।

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बैठकों का दौर जारी, कमजोर प्रदर्शन वाले क्षेत्रों पर विशेष फोकस

पिछले कुछ दिनों से रायपुर स्थित राजीव भवन (प्रदेश कांग्रेस कार्यालय) में लगातार मैराथन बैठकों का दौर चल रहा है। प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में जिला अध्यक्षों से लेकर ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों को मैदान में सक्रिय रहने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पार्टी इस बार उन विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है, जहां पिछले चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था या जहां हार का सामना करना पड़ा था। इन क्षेत्रों में वोट बैंक को वापस हासिल करने के लिए माइक्रो-प्लानिंग तैयार की जा रही है।


निष्क्रिय कार्यकर्ता हटेंगे, युवाओं को मिलेगी कमान

संगठन को धार देने के लिए कांग्रेस अब कड़े फैसले लेने के मूड में है। वर्तमान में बूथ कमेटियों के कामकाज की गहन समीक्षा शुरू कर दी गई है। जिन क्षेत्रों में कार्यकर्ता लंबे समय से निष्क्रिय हैं या संगठन के कार्यक्रमों में रुचि नहीं ले रहे हैं, उन्हें पद से हटाकर नए और ऊर्जावान चेहरों को जिम्मेदारी सौंपने पर गंभीर मंथन चल रहा है।

पार्टी नेतृत्व की मंशा है कि राहुल गांधी के कदम छत्तीसगढ़ की धरती पर पड़ने से पहले, संगठन की एक अभेद्य और मजबूत तस्वीर धरातल पर नजर आनी चाहिए। शनिवार शाम को रायपुर कार्यालय के बाहर उमड़ी कार्यकर्ताओं, विशेषकर युवा कांग्रेस और छात्र संगठन (NSUI) के पदाधिकारियों की भारी भीड़ इसका सीधा संकेत दे रही थी। कार्यकर्ता हाथों में पोस्टर-बैनर लिए बेहद उत्साहित नजर आए।


ढाई साल बाद आ रहे राहुल, ‘ऊर्जा अभियान’ में बदलेगा दौरा

राजनीतिक गलियारों में चर्चा: राहुल गांधी आखिरी बार सितंबर 2023 में विधानसभा चुनाव प्रचार के सिलसिले में छत्तीसगढ़ आए थे, जहां उन्होंने ताबड़तोड़ जनसभाएं की थीं। अब लगभग ढाई साल बाद 2026 में उनका यह दौरा होने जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस इस बार इस दौरे को महज एक औपचारिक राजनीतिक कार्यक्रम या रैली के रूप में नहीं देख रही है, बल्कि इसे पूरे प्रदेश के कार्यकर्ताओं के लिए एक ‘ऊर्जा अभियान’ (Energy Drive) के रूप में तब्दील करने की तैयारी है।

इस दौरे के जरिए कांग्रेस न केवल अपने पारंपरिक ग्रामीण वोट बैंक में पकड़ को दोबारा मजबूत करना चाहती है, बल्कि नए और युवा मतदाताओं को पार्टी की विचारधारा से जोड़ने के लिए एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक खेलने की रणनीति पर भी काम कर रही है। आने वाले दिनों में इस प्रस्तावित दौरे को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत में पारा और चढ़ना तय माना जा रहा है।

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