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रिश्तों का कत्ल: 15 साल जेल काटने के बाद फिर ‘जल्लाद’ बना बेटा, पिता-मां समेत 4 को उतारा मौत के घाट!

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जांजगीर चांपा 14 मई : छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले का भवंतरा गांव आज थर्रा उठा। जिस घर में खुशियां होनी चाहिए थी, वहां बिछी थीं अपनों की ही लाशें। पुलिस ने महज कुछ घंटों के भीतर इस चौहरे हत्याकांड (Quadruple Murder) की गुत्थी सुलझा ली है, जिसका सच किसी भी रोंगटे खड़े कर देने वाली फिल्म से कम नहीं है।

अपनों का ही खून: पिता, मां और मासूमों को नहीं बख्शा

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि इस खौफनाक साजिश का मास्टरमाइंड कोई बाहरी नहीं, बल्कि घर का बड़ा बेटा सोना साय कश्यप और उसका बेटा गोलू है। धारदार हथियार से लैस होकर इन दोनों ने मिलकर अपने ही परिवार के चार सदस्यों को बेरहमी से खत्म कर दिया:

  • मेदनी प्रसाद कश्यप (पिता)

  • शांति बाई (मां)

  • पीतांबर कश्यप (नाती)

  • कुमारी मोगरा (नातिन)


खूनी अतीत: बड़े भाई की हत्या कर काट चुका है 15 साल जेल

आरोपी सोना साय का इतिहास खून से सना है। यह पहली बार नहीं है जब उसने अपनों पर वार किया हो। इससे पहले उसने अपने बड़े भाई की हत्या की थी, जिसके जुर्म में वह 15 साल जेल की सजा काट चुका है। जेल से बाहर आने के बाद भी उसकी फितरत नहीं बदली और पैतृक जमीन के लालच ने उसे एक बार फिर ‘अपनों का कातिल’ बना दिया।

वजह: ‘माटी’ के लिए अपनों की बलि

जांच में यह बात साफ हो गई है कि इस कत्लेआम के पीछे पैतृक जमीन और संपत्ति का विवाद था। लंबे समय से चल रही तनातनी ने गुरुवार को हिंसक मोड़ ले लिया। ग्रामीणों के मुताबिक, घर में अक्सर झगड़े होते थे, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि विवाद का अंत इतना भयावह होगा।


कैसे खुला राज?

  • मिस्त्री की नजर: सुबह जब राजमिस्त्री निर्माणाधीन मकान में काम करने पहुंचा, तो वहां का मंजर देखकर उसके होश उड़ गए। चारों तरफ खून फैला था।

  • पुलिस की मुस्तैदी: सूचना मिलते ही डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची।

  • संदेह और कबूलनामा: पुलिस को सोना साय के व्यवहार पर शक हुआ। हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने अपने बेटे गोलू के साथ मिलकर जुर्म करना कबूल कर लिया।

गांव का माहौल: भवंतरा गांव में इस समय सन्नाटा और दहशत है। लोग हैरान हैं कि क्या कोई जमीन के चंद टुकड़ों के लिए अपने बूढ़े माता-पिता और मासूम बच्चों का गला रेत सकता है?

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