कोलकाता 25 अप्रैल 2026 : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के चुनावी समर में अब ‘स्वाद’ और ‘सियासत’ का अनोखा मेल देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच जुबानी जंग अब बंगाल के मशहूर स्ट्रीट फूड ‘झालमुरी’ तक पहुँच गई है। कोलकाता में एक रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला और पीएम मोदी के हालिया ‘झालमुरी ब्रेक’ को पूरी तरह से स्क्रिप्टेड करार दिया।
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“झालमुरी घर से आई थी, दुकानदार को बस 10 रुपये दिए”
ममता बनर्जी ने पीएम मोदी के झाड़ग्राम दौरे के उस वीडियो पर सवाल उठाए जो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि एक सुनियोजित ड्रामा था। मुख्यमंत्री ने कहा:
“वहां पहले से ही टीवी कैमरे और सीसीटीवी सुरक्षा के साथ लगाए गए थे। झालमुरी सुरक्षा कारणों से पहले ही घर पर तैयार की गई थी और दुकानदार को बस 10 रुपये थमा दिए गए थे। यह सब सिर्फ दिखावा है।”
उन्होंने भाजपा के ‘चायवाला’ से ‘झालमुरी’ तक के सफर पर तंज कसते हुए कहा कि वे जीतने पर झालमुरी खाने का वादा करते हैं, लेकिन बंगाल की जनता उन्हें “दिल्ली की भेलपुरी” चखाएगी, यानी उन्हें केंद्र की सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी।

पीएम मोदी का पलटवार: “झालमुरी मैंने खाई, पर मिर्च टीएमसी को लगी”
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हमले का करारा जवाब दिया। कृष्णानगर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उनके झालमुरी खाने से टीएमसी खेमे में भारी हलचल मच गई है। पीएम ने चुटकी लेते हुए कहा:
“झालमुरी मैंने खाई, लेकिन उसका तीखापन (झाल) टीएमसी को महसूस हो रहा है। 4 मई को जब बंगाल में भाजपा की जीत होगी, तब न सिर्फ मिठाइयां बंटेंगी बल्कि झालमुरी का भी जश्न मनाया जाएगा।”
ईवीएम और घुसपैठ पर छिड़ी रार
सिर्फ खान-पान ही नहीं, ममता बनर्जी ने चुनाव की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने भाजपा के भारी आत्मविश्वास को देखते हुए पूछा कि क्या EVM में कोई हेराफेरी की गई है? उन्होंने अधिकारियों की नियुक्तियों में भाजपा की पृष्ठभूमि को आधार बनाने का भी आरोप लगाया।
दूसरी ओर, पीएम मोदी ने टीएमसी पर “महाजंगल राज” और घुसपैठियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने मतुआ और नामाशुद्र समुदायों को भरोसा दिलाया कि भाजपा की सरकार आते ही CAA के तहत नागरिकता की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी।
2026 चुनाव का महत्वपूर्ण मोड़
बंगाल में पहले चरण का मतदान (23 अप्रैल) संपन्न हो चुका है और दूसरे चरण की तैयारी जोरों पर है। ममता बनर्जी का “बंगाल की बेटी” वाला कार्ड और पीएम मोदी का “विकास और सुरक्षा” का वादा, दोनों ही दलों के बीच कांटे की टक्कर पैदा कर रहा है। झालमुरी पर शुरू हुई यह बहस अब बंगाल की अस्मिता और दिल्ली की गद्दी तक पहुँच चुकी है।
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