बड़ी बातें:
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नई राजनीतिक पार्टी: ‘इश्क करो पार्टी’ (IKP)।
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संस्थापक: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मार्कंडेय काटजू।
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बड़ा ऑफर: टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को पार्टी में शामिल होने का खुला न्योता।
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विवाद: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और उसके संस्थापक अभिजीत दीपके की तीखी आलोचना।
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नई दिल्ली 10 जून। देश की राजनीति में इन दिनों अजीबो-गरीब और अनोखे नाम वाली पार्टियों की एंट्री सुर्खियां बटोर रही है। सोशल मीडिया पर चर्चित ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के बाद अब सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने एक नई राजनीतिक पार्टी का ऐलान कर सबको चौंका दिया है। इस पार्टी का नाम रखा गया है— ‘इश्क करो पार्टी’ (Ishq Karo Party – IKP)। जस्टिस काटजू का दावा है कि यह कोई मज़ाक नहीं, बल्कि देश की गंभीर समस्याओं से निपटने का एक बेहद गंभीर प्रयास है।
वैलेंटाइन डे का मज़ाक नहीं, जन-क्रांति का जरिया है ‘इश्क’
जस्टिस काटजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर इस संबंध में एक विस्तृत पोस्ट साझा की। उन्होंने साफ किया कि लोग इस पार्टी के नाम को सिर्फ लड़कों और लड़कियों के बीच रोमांस को बढ़ावा देने वाला कोई ‘वैलेंटाइन डे’ टाइप मज़ाक न समझें। यह एक पूरी तरह से गलतफहमी होगी।
काटजू के अनुसार, भारत में गरीबी, बेरोजगारी और बच्चों में कुपोषण जैसी बुनियादी समस्याएं तभी खत्म हो सकती हैं जब लोगों के बीच ‘एकता’ हो। उन्होंने कहा:
“हमें जाति, धर्म, भाषा या नस्ल के भेदभाव के बिना अपने देश के सभी लोगों के प्रति प्रेम (इश्क) रखना होगा। जब जनता एकजुट होगी, तभी आधुनिक सोच वाले नेताओं के नेतृत्व में एक शक्तिशाली जनसंघर्ष खड़ा किया जा सकता है, जो देश को दयनीय स्थिति से मुक्ति दिलाएगा।”
उन्होंने वर्तमान राजनेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वे सत्ता के लालच में डूबे हैं और उन्हें जनता की कोई परवाह नहीं है। ‘इश्क करो पार्टी’ (IKP) का मुख्य मकसद इसी राजनीतिक बुराई से लड़ना है।
महुआ मोइत्रा को दिया पार्टी में आने का ऑफर
जस्टिस काटजू ने अपनी इस नई मुहिम को और मजबूत बनाने के लिए तृणमूल कांग्रेस (TMC) की तेजतर्रार सांसद महुआ मोइत्रा को भी अपनी पार्टी ‘इश्क करो पार्टी’ में शामिल होने का खुला प्रस्ताव दे दिया है।
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर भड़के काटजू, संस्थापक को कहा ‘मूर्ख’
काटजू ने अपने फेसबुक पोस्ट के जरिए हाल ही में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर चर्चा में आई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और उसके संस्थापक अभिजीत दीपके पर जमकर भड़ास निकाली। गौरतलब है कि सीजेपी के प्रमुख अभिजीत दीपके राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NEET परीक्षा की धांधलियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
इस मांग पर तंज कसते हुए जस्टिस काटजू ने कहा:
“अभिजीत दीपके के मूर्ख होने का प्रमाण इसी बात से मिल जाता है कि उनकी प्रमुख मांग शिक्षा मंत्री का इस्तीफा है। अगर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दे भी देते हैं, तो उनकी जगह कोई दूसरा मंत्री आ जाएगा। इससे व्यवस्था में क्या फर्क पड़ने वाला है?”
काटजू का मानना है कि मंत्रियों के बदलने से जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नहीं आता, बल्कि पूरी व्यवस्था और जनता की सोच को बदलने की जरूरत है।







